Sunday, April 19, 2015

कविता तुम खुद कविता जैसी,
तेरे हुस्न की महकी खुशबू ऐसी।
शेर कविता ग़ज़ल ने जादू किया,
सब को तेरा दीवाना बना दिया।
तेरे चाहने वाले बेशुमार हो गये,
ग्रुप में दीवाने आठ हजार हो गये।
ये ग्रुप इसलिये बन गया खास है,
सिर्फ जोशी जी का विशेष प्रयास है। रैना" 

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