Friday, April 17, 2015

यूं गुजरे जाती जिन्दगानी ऐसी, पढ़े दुनिया लिख दे कहानी ऐसी। वर्ना उम्र भर छुप छुप के रोना है, कर न देना कोई नादानी ऐसी। दो दिन की मुकाम हासिल कर ले, लौट के न आये फिर जवानी ऐसी। वैसे हम तो कब थे इसके काबिल, उसने फिर भी करी मेहरबानी ऐसी। बाद तेरे भी जिक्र हो महफ़िल में, छोड़े जा रैना" कोई निशानी ऐसी। रैना"
09416076914

रात भर रोने की सजा मत देना, जान ले लेना पर दगा मत देना। मौत होती है आखिरी मंजिल, तू मुझे जीने की दुआ मत देना। बुझ चुके इश्क के दहके शॉलें, ठंडी राख को अब हवा मत देना। दर्द दिल का अब सहना मुश्किल, मेरे मौला मुझको कजा मत देना। रैना" की गुजरे इबादत में बाकी, तू आतिशे इश्क बुझा मत देना।रैना" 09416076914

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