बिन पानी मछली से अक्सर तड़फते हैं,
याद में खो जाते नैन बादल से बरसते हैं,
इक तुम हो राजे दिल भी कहते ही नही,
मुद्दत से वो सुनने को मेरे कान तरसते है।रैना"
क्या तुम्हारे दिल में दर्द होता है,
बता दो न तुम्हे किसने रोका है,
हर किसी से न कहना राजे दिल,
जान लेना ये दुनिया तो धोखा है। रैना"
पि मिलन की आस में तडफत है दिन रैन,
मन मरुस्थल में भटके इक भी पल न चैन,
इक भी पल न चैन बात कछ्छू समझ न आवे,
बंसीधर घनश्याम से मोहे अब कौन मिलावे। रैना"
याद में खो जाते नैन बादल से बरसते हैं,
इक तुम हो राजे दिल भी कहते ही नही,
मुद्दत से वो सुनने को मेरे कान तरसते है।रैना"
क्या तुम्हारे दिल में दर्द होता है,
बता दो न तुम्हे किसने रोका है,
हर किसी से न कहना राजे दिल,
जान लेना ये दुनिया तो धोखा है। रैना"
पि मिलन की आस में तडफत है दिन रैन,
मन मरुस्थल में भटके इक भी पल न चैन,
इक भी पल न चैन बात कछ्छू समझ न आवे,
बंसीधर घनश्याम से मोहे अब कौन मिलावे। रैना"
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