Saturday, April 18, 2015

अच्छे लगते इस कदर खुदा की कसम,
किसी की लगे न नजर खुदा की कसम।
तुम कहां रहता किधर तुझसे क्या पूछे,
मेरे दिल में है तेरा घर खुदा की कसम 
मेरे बारे में कोई भी बात नही करता,
महफ़िल में तेरा ज़िकर खुदा की कसम।
तुझको देख के आइना भी शर्मा जाये,
ये तुझको तो नही ख़बर खुदा की कसम।
राहे इश्क पे सम्भल सम्भल के चलना,
बड़ी ही मुश्किल है डगर खुदा की कसम।
तेरे महल चौबारे वहां इक उजड़ी बस्ती,
मुफ्लिश रैना"रहता उधर खुदा की कसम। रैना"

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