Saturday, April 11, 2015

jhopdi


दोस्तों दिल लगा कर पढ़ना अच्छा लगे कमेंट्स करना वरना नही

देख हालत देश की भारत माँ रो पड़ी,
झूठे के महल बने सच्चे की झोपड़ी।
शहीद हुये जेल गये कई फांसी पे चढ़े,
वो मसीहा बन गये जो शैतान खोपड़ी।
शराफत बैठी रो रही इम्तहान में फेल है,
कामयाब हो गई शातिर चातुर लोमड़ी।
डिग्री लिये हाथ में मजबूर युवा घूमते,
पैसे जिसकी जेब में मिले उसे नौकरी।
बेअदबी है हो रही दहेज की बलि चढ़े,
ऐसे हालात में फिर कैसे बचेगी छोकरी।
भारतीय नारी का अब भी बदतर हाल है,
गोदी में बाल लिये सिर पर रखी टौकरी।
महंगाई के दौर में इन्सां है परेशान बड़ा,
दुखों का पहाड़ रैना"जिन्दगी है दो घड़ी। रैना"
  

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