Wednesday, April 15, 2015

नरेश चन्द्र जोशी जी शान में

 हम को दिया मान सम्मान सत्कार जोशी जी,
भूलना मुश्किल आप का ये उपकार जोशी जी।
फूल खिलें हैं लाखों फिर भी वीरान है ये गुलशन,
आप ही ला सकते हो जीवन में बहार जोशी जी।
लिखना हुई इबादत लिखते गुजरी ये जिन्दगी,
हमें कलम से मोहब्बत सच्चा प्यार जोशी जी।
मतलब है तभी तो फ़िदा हम दिलो जान से,
ये आप भी जानते मतलबी है संसार जोशी जी।
रैना"को बचाना मायूसी उदासी के बुरे दौर से,
आप कर लेना विनती अर्ज स्वीकार जोशी जी। रैना"

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