अब हर किसी को हसीं सूरत चाहिये,
सुर्खी सफेद माटी की सी मूरत चाहिये,
अपना अन्दाज कुछ अलग है दोस्तों,
चेहरा नही हमें दिल खूबसूरत चाहिये। रैना"
सुर्खी सफेद माटी की सी मूरत चाहिये,
अपना अन्दाज कुछ अलग है दोस्तों,
चेहरा नही हमें दिल खूबसूरत चाहिये। रैना"
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