साथ मेरे ही रहता है,
सुनता कुछ न कहता है,
इतना तो है पता मुझे,
मेरा दुःख वो सहता है।
करता कोई कसूर नही,
जुदाई उसे मंजूर नही,
जो भी उसका हो जाता,
उससे जाता दूर नही।
नाम उसका हर रोज ले,
उसे अपने अंदर खोज ले,
जीवन सफल हो जाये,
रैना"मौज ले फिर मौज ले। रैना"
इन अदाओं का दीवाना कौन न होगा,
विश्वामित्र की क्या मजाल जो पानी मांग जाये। रैना"
इक तेरे ही हुस्न के चर्चे है,
सरे शहर में जलजला सा आया है। रैना"
सुनता कुछ न कहता है,
इतना तो है पता मुझे,
मेरा दुःख वो सहता है।
करता कोई कसूर नही,
जुदाई उसे मंजूर नही,
जो भी उसका हो जाता,
उससे जाता दूर नही।
नाम उसका हर रोज ले,
उसे अपने अंदर खोज ले,
जीवन सफल हो जाये,
रैना"मौज ले फिर मौज ले। रैना"
इन अदाओं का दीवाना कौन न होगा,
विश्वामित्र की क्या मजाल जो पानी मांग जाये। रैना"
इक तेरे ही हुस्न के चर्चे है,
सरे शहर में जलजला सा आया है। रैना"
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