समझा राजे जिंदगी मतलबी जमाना है,
उससे मोहब्बत है जिससे कुछ पाना है ,
रैना"दूर बहुत मंजिल घनघोर अन्धेरा है ,
माँ का जप करके मन में दीप जलाना है।
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ
देर बाद सही लेकिन हमने ये जाना है,
तुझसे मिलने का इबादत ही बहाना है,
तेरे कदमों में खुद को किया अर्पित,
नजरे कर्म कर दो रैना"तेरा दिवाना है। । रैना"
उससे मोहब्बत है जिससे कुछ पाना है ,
रैना"दूर बहुत मंजिल घनघोर अन्धेरा है ,
माँ का जप करके मन में दीप जलाना है।
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ
देर बाद सही लेकिन हमने ये जाना है,
तुझसे मिलने का इबादत ही बहाना है,
तेरे कदमों में खुद को किया अर्पित,
नजरे कर्म कर दो रैना"तेरा दिवाना है। । रैना"
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