पान सुपारी ध्वजा नारियल,
हाथों में फूलों के हार माँ वैष्णो,
भक्त खड़े हैं तेरे द्वार माँ वैष्णो,
माँ से बच्चे कुछ ओर न मांगे,
दर्शन दो इक बार माँ वैष्णो।
भक्त खड़े हैं --------------
जग कल्याणी हो माँ वरदानी,
भक्तों की तूने ही पीरा है जानी,
ये भी करो उपकार माँ वैष्णो।
दर्शन दो इक ------------
भक्त खड़े हैं -----------
सुन लो मईया तुम अर्ज हमारी,
भक्त दीवाने बैठे शरण तिहारी,
विनती करो स्वीकार माँ वैष्णो।
दर्शन दो इक ----------
भक्त खड़े हैं --------------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ
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