Sunday, April 19, 2015

हम व्यवस्था सूधारने के लिए जोर तो लगाते हैं,
क्या करे तीन में से पांच चम्मचें निकल जाते हैं,
जो काले अंग्रेजों से मिल कर फिर कहर ढाते है,
1947 से पहले  के दिन फिर से याद कराते हैं। रैना"


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