Tuesday, April 14, 2015





एक दिन प्रात ही प्रात मेरी बीवी सतावें असमान पर चढ़ गेई,

मुझसे मुखातिव हो कर एक शेर जड़ गेई.

कहने लगी वाह मेरी किस्मत,मुझे तो बस यही गम है,

जहा मेरी नाव डूबी, वहा पानी बहुत कम है.

इतना सुन कर मै दहाड़ा, चिल्लाया,मगर बेलन का ख्याल  करके 

आगे से एक शेर ही सुनाया.

वैसे तो अपना कोई सानी नही है,

लेकिन जहां अपनी नाव डूबी,वहां पानी नही है. 

इतना सुन पहले तो मेरी बीवी घबराई,
फिर मेरे पास आई,
बोली ?????????
ये बताओ आप ने बिना पानी के नाव कैसे डुबाई.
आगे से मैंने कहा ??????
जिस देश में हो घोटालों का बोलबाला,
झूठे का मुँहू सफेद सच्चे का मुँहू काला।
जहां हर तरफ सिर्फ पैसे का खेल हो,
बेईमान छूटे ईमानदार को होती जेल हो।
जहां देर से चलती रेल हो,
जो मेल हो वो भी बेमेल हो।
जहां पढ़ा लिखा मतलब के लिए अनपढ़ के पैरों में माथा टेकता हो,
नेता सदन में बैठा सो रहा या फ़िल्में देखता हो।
जहां माँ इंसाफ के लिए लड़ती हो,
और बेटी पेट में ही मरती हो।
वहां क्या नही हो सकता।
यहां तो घोटाले ही बड़े हैं,
तुम एक छोटी सी किश्ती की बात करती हो,
देश में तो बड़े बड़े जहाज बिना पानी डूबे खड़े है।
इस लिए शोर न मचा,
चार दिन की जिंदगी हंस खेल के बिता।
वरना पछताएगी, रो रो के गाये गी।
छोड़ गये बालम हाय अकेला छोड़ गये.रैना"

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