Tuesday, April 14, 2015

खुदा की देन उल्फ़त होती,
यूं न किसी से मुहब्बत होती,
दिल अपना रोल अदा करता,
सिर्फ आँखों की न शरारत होती। रैना"

तेरा मेरा कोई वास्ता न रहा,
तेरे दिल से मेरा रास्ता न रहा,
अब चैन से कट जायेगा सफर,
होने वाला कोई हादसा न रहा। रैना"

हाल मेरा पूछते क्यों नही,
मेरे बारे सोचते क्यों नही,
ख्वाब में क्यों तंग करते,
खुद को तुम रोकते क्यों नही। रैना"

बोलते नही हमारी खता क्या है,
ये बताओ तुम्हारी रजा क्या है,
गर हमसे कोई हो गई गल्ती,
उस गल्ती की रैना"सजा क्या है। रैना"

लिख दिया तेरा नाम दिल पे,
तेरी मर्जी ?????
सम्भालना या तोड़ देना,
हमें क्या लेना। रैना"

वो दिल क्या जो वफ़ा न करे,
फर्ज दोस्ती का अदा न करे,
जान दे दे हँसते हँसते जीतू,
दोस्त से कभी दगा न करे। जीतू "

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