कस्तूरी के मृग सा भटकू दिल पर जोर चलता नही,
सुना वो मेरे पास रहता अफ़सोस मुझे मिलता नही।
वो भंवरा है तलाश उसे हरपल मरकन्द की रहती,
ये तेरी ही खता है रैना" तू फूल बन के खिलता नही।रैना"
सुना वो मेरे पास रहता अफ़सोस मुझे मिलता नही।
वो भंवरा है तलाश उसे हरपल मरकन्द की रहती,
ये तेरी ही खता है रैना" तू फूल बन के खिलता नही।रैना"
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