Wednesday, April 1, 2015

माँ मेहर तू करती है,
खाली झोली भरती है,
अब मेरी भी सुन ले माँ,
मोहे भक्ति का वर दे माँ।
चहुं और अँधेरा है,
यह कोई न मेरा है। 
मुझसे भी प्यार करो,
मोहे भव से पार करो। 
मेरी कश्ती टूटी है,
मेरी किस्मत फूटी है। 
तुम रहमत करती हो ,
किस्मत बदलती हो। 
अपनों से गिला मुझको,
बस धोखा मिला मुझको। 
दिल टूटा हमारा है ,
माँ तेरा सहारा है। 
अर्ज मेरी स्वीकार करो,
बच्चे से प्यार करो। 
माँ मेरी न इंकार करो,
जन्मों का सुधार करो। 
बस इतना कर दो माँ,
भक्ति का वर दे माँ। 
सुप्रभात जी ---जय जय माँ

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