Wednesday, September 30, 2015

बहाना कोई बना ले माँ दर्श दिखा इक बार,
मैं जन्मों का प्यासा हूं प्यास बुझा इक बार,
मुझे खबर है माता मैं तेरी राह नही चलता,
रैना"पे ये कर कृपा अपनी राह चला इक बार। रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ














खुद पे ही शिकंजा कसना सीख लिया हमने,
रोते हुए खिल खिल हंसना सीख लिया हमने। रैना"

लबों पे तो हंसी सजा के रखते हैं,
गम को कांछ में दबा के रखते हैं।  रैना"

काना मोहे रंग दे तोरे रंग में,
मोहे अब रहना तोरे संग में। रैना"
प्रतिभा मंच फ़िलबदीह कार्यक्रम

1222    1222   122 2   1222
किये वादें हमें अक्सर निभाने याद रहते हैं,
लगे ऐसा तुझे हरदम बहाने याद रहते हैं।
कभी भूला नही करते मिले जो इश्क सौगातें,
जो गुज़रे हैं रंजूरी में जमाने याद रहते है।
चढ़ी परवान मोहब्बत को आसां भूलते जाना,
हुई बरबाद उल्फ़त के फ़साने याद रहते है।
न कोई याद ही करता कभी बरबाद शहरों को,
यहां आबाद गुलशन के तराने याद रहते हैं।
कभी मन की नही माने परेशानी तभी होती,
उसे पीड़ा न जिसको दिन पुराने याद रहते हैं।
चले रैना"यहां कोई न अपना दर्द समझेगा,
न भूले हम कभी अपने ठिकाने याद रहते है। रैना"

Tuesday, September 29, 2015


वैष्णो महारानी की जय
हर तरफ जो देखो तो वैष्णो  माँ का ही नजारा है,
इस दर से भक्तों को मिल जाता सच्चा सहारा है,
हो के शेर सवार माता झट दौड़ी दौड़ी आ जाती है,
भक्त ध्यानु ने जब माँ को सच्चे मन से पुकारा है। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ 

Monday, September 28, 2015

मन्जूर तेरी हर इक फरियाद हो,
तेरे ख्वाबों का शहर आबाद हो,
तेरे लिये मांग रहे हम यही दुआ,
तुझे जन्म दिन मुबारखबाद हो। रैना"

सबकुछ कलम के नाम कर जायेंगे,
अल्फ़ाज़ खोजते खोजते मर जायेंगे,
हमें पता हम वहां भी यही कुछ करेंगे,
जब इस घर को छोड़ उस घर जायेंगे। रैना"

काश फिर से वो गुजरा जमाना आ जाये,
लोगों को दोस्त का फर्ज निभाना आ जाये,
दौड़ गले लगा ले आसुअन से पैर धोये,
कृष्ण के महल में जब सुदामा आ जाये।रैना"



युवा दोस्तों के लिए खास

मंजिल पाने को खूब पसीना बहाया जाये,
हुस्न से नही हुनर से नाम कमाया जाये,
इस जमाने की भीड़ में गुम हो जाओगे,
बेहतर हो कुछ अलग कर दिखाया जाये। रैना"
वैष्णो रानी जग कल्याणी दवारे तेरे आये हम,
मन में श्रदा भव लेकर माँ तेरे गुण गाये हम,
माँ मेरी तू सुनती नाही और कहां जाये हम,
हर तरफ है घोर अँधेरा अब बहुत घबराये हम। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------- jai jai maa 
वैसे तो अब हम देश के राजनीतज्ञों को तो,
दूर से ही राम राम करते हैं,
लेकिन मोदी जी माँ के प्रति आप की श्रदा देख,
आप को प्रणाम करते हैं। रैना" 

Sunday, September 27, 2015

काश वैष्णो माता आगामी नवरात्रों में मेरे घर आये,
बदल जाये मेरी दुनिया मेरा भाग्य फिर संवर जाये,
अब तो कटी है अपनी घोर अंधकार वीराने में यारों,
गुजारिश है मेरे माँ वैष्णो तू मेरी जिंदगी महकाये। रैना"



काश जल्दी से तेरा आना होता
लौट कर फिर देर से जाना होता।
खूब दिल की बात तो कर लेते हम,
खुश हो खाये गर ज़हर खाना होता।
दीन दुनिया से उसे क्या लेना है,
हाल अपने से जो बेगाना होता।
वो खफ़ा तो बाग़ होता वीराना,
है चमन उसने ही महकाना होता।
कैद परिंदे गर उड़े तो कैसे यारों,
लौट कर तो फिर वहीं आना होता।
गर जमाना मान ले तो है अच्छा, 
सुख दे करआराम सुख पाना होता।
रैन को हरपल तलब है सुबह की,
देखते कब दूर अन्धेरा होता।रैना"









Saturday, September 26, 2015

दोस्तों सन्डे स्पोशल आप के लिए खास 
खैर मांगे खुशियों का कारवां दे दे,  
गम दे तो गर जमाने से जुदा दे दे।
सांस लेना दुश्वार हुआ तेरे शहर में,
मेरे हिस्से में कुछ ताजा हवा दे दे।
छोड़ दुनिया मैं चुप निकल जाऊ,
बेसहारा के मन की इक दुआ दे दे।
मौत के आसार बन जायेगे देखो,
वक़्त से मुझको डेंगू की दवा दे दे।
मुन्सिफ़ तू मैं सजायफ्ता मुज़रिम,
कर रहम मेरे हक में फैसला दे दे।
इश्क की आग लगी होता दर्द बहुत,
सुन तबीबो मुझको कोई दवा दे दे।
रात दिन भटक रहा मुसाफिर रैना"
चैन मिल जायेगा मुझको कजा दे दे। रैना"

इन्सान दगेबाज मुहब्बत न करे
है कोन भला सा जो सियासत न करे। रैना"

हमें तलब है माँ तेरे दीदार की,
होती नही बरखा तेरे प्यार की,
चिन्ता में अब जान मेरी डरी,
गुजर न जाये ऋतू ये बहार की। रैना"
 फ़िलबदीह 115
26 सितम्बर 2015
चल दिये वो लूट कर के प्यार से,
नैन छलके चोट गहरी मार से।
सोचते थे हम मिलेगा ही सिला,
अब गिला शिकवा करे क्या यार से।
हाल होगे ठीक अब भी आस है,
छोड़ जग को बैठे हम तैयार से।
दूर तक उड़ता धुंआ है ख्याल का,
ख्वाब अक्सर कर रहे तकरार से।
है जवानी ढल रही सी ही लगे,
चेहरें अब लग रहे बीमार से।
बुजुर्गों का तो यही उपचार है,
बोलना हंस के जरा बस प्यार से।
काश रैना"से कभी तो वो मिले,
बात वो हम भी करे दिलदार से। रैना"


कठिन परस्थितियों मुश्किल राहों पे आगे बढ़ना पड़ेगा,
देश को आगे बढ़ाने के लिए निसंदेह त्याग करना पड़ेगा।
कुर्सियां अक्सर चम्मचों चापलूसों को मिला करती है,
चन्द्र शेखर आजाद को तो देश के खातिर मरना पड़ेगा। रैना"

Friday, September 25, 2015

मेरी माता वैष्णो रानी मेरा कल्याण कर दो,
तेरे दर का भिखारी हूं माँ मेरी झोली भर दो,
और कुछ न मांगू माँ तूने सब कुछ बख्शा है,
स्वीकार करो अर्ज मेरी मुझे भक्ति का वर दो। रैना"
हवा का झोंका आया पतंग????
बहुत ऊँची चढ़ गई,
अफ़सोस बिना डोर के है, ?????
उसका गिरना निश्चित है। रैना"

Wednesday, September 23, 2015

जयकारा माँ वैष्णो रानी का ---प्रेम से बोलो जय माता की,
माँ वैष्णो रानी तेरी अजब कहानी,
तूने अपने भक्तों की पीड़ा है जानी,
अब  दुःख हमारा भी तू दूर कर दे माता,
तेरे दर आये भिखारी झोली भर दे माता।
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ 
क्यों दिल में दर्द छुपा रखते हो,
लब पे मुस्कान सजा रखते हो।
हरगिज आसान नही ये उल्फ़त,
क्यों कर में जाम उठा रखते हो।
बंद दरवाजें न खुलेंगे दिल के,
क्यों बेजा शोर मचा रखते हो।
मतलब को यार बने है सारे,
क्यों सिर पे यार चढ़ा रखते हो।

हंसते हो साफ़ पता चलता है,
क्यों मन में आग दबा रखते हो। 
आशिक़ बरबाद हुये हैं अक्सर,
रैना"क्यों तार मिला रखते हो। 



ये पैगाम तो खास आया है,

दर्द दिल के पास आया है।

क्यों दिल में दर्द छुपा रखते हो,
लब पे मुस्कान सजा रखते हो।
हरगिज आसान नही ये उल्फ़त,
क्यों कर में जाम उठा रखते हो।
बंद दरवाजें न खुलेंगे दिल के,
क्यों बेजा शोर मचा रखते हो।
मतलब को यार बने है सारे,
क्यों सिर पे यार चढ़ा रखते हो।

क्यों घर में आग लगा रखते हो। 



तुझ सा कोई मिलता नही है,
मन का गुल खिलता नही है।
आंखे बंद कर  सोचा करे हैं,
तुझ सा कोई दिखता नही है।
चुप से चश्मे बहने लगे हैं,
गम का सूरज ढलता नही है।
किसको कह दे हमनवा सा,
संग कोई भी चलता नही है।
रैना"का है बदरंग नसीबा,
इक मुद्दत से बदला नही है।

  

Tuesday, September 22, 2015

उनके सितम सहते रहे चुपचाप,
लेकिन जब उन्होंने कान उदेड़े,
तो चीख निकल आई। रैना"
वैष्णो महारानी की जय 
वैष्णो के दरबार में जब से,सिर झुकाना रास आ गया,
हर सुख चैन आराम देखो ,खुद चल के पास आ गया,
कभी ऐसा वक्त था जब,खुद पे भी भरोसा नही था मुझे,
वैष्णो की कृपा से बदला मंजर,खुद पे विश्वास आ गया।रैना"
सुप्रभात जी ------------------------jai jai maa    
मैं तो काली रैन हूं चाँद का मत ज़िकर करो,
वो ठिकाना दूर है आज ही तुम फ़िकर करो।
जानते हो सब मगर क्यों न विश्वास

जान मुश्किल में पड़े तुम इधर मत उधर करो। 

काश मुझसे तुझे मुहब्बत होती,
फिर मुकम्मल मेरी इबादत होती।

छोड़ कर तन्हा नही जाना,
हो गया दिल तेरा दीवाना।
मौत मेरी जिन्दगी तू है,
बन न जाये गम का अफ़साना।
भूल मत जाना कभी मुझको,
हाल से बेहाल मस्ताना।
याद रहेगा जब तलक जिन्दा,
फूल सा तेरा वो मुस्काना।
जुल्फ़ है काली घटा बादल,
नैन तेरे जैसे मैख़ाना।
कब तलक अब गम सहे रैना"
बेहतर हो उसका मर जाना। रैना"

Monday, September 21, 2015




न जाने क्यों वो हमसे बात नही करते,
कभी खुल कर वो मुलाकात नही करते,
बंजर धरती तड़फे दो बूंदों के लिये ही,
बहारे बरखा में भी बरसात नही करते। रैना"

रहम रहने दे मुझे दीवाना कर दे,
मुझे अपने हाल से बेगाना कर दे,
शमा बन के तू जली मुद्दतों से,
कर्म कर मुझको परवाना कर दे। रैना"


बेवजह दिन रात जला न कर,
अन्धेरी राहों पे यूं चला न कर,
हो बहुत मुश्किल उस शहर में,
बख्श खुद को तो छला न कर। रैना"


बेशक रैना"मेरा हरपल इस कलम के नाम हो गया है,
लफ्जों के सागर में गोतें लगाना मेरा काम हो गया है। रैना"

जयकारा वैष्णो महारानी का --बोलो सच्चे दरबार की जय

अपने बच्चों को गमगीन दांस्ता नही देते,
वैष्णो मेरी माँ अब गम हमें रास्ता नही देते,
अब तो जीना भी हो गया मुश्किल मरना,
वरना हम इस कदर कभी वास्ता नही देते। रैना"
सुप्रभात जी ----------------   जय जय माँ 
हाथ तुझसे मिलाना होगा,
वर्ना मुश्किल निभाना होगा।

फर्ज तो कुछ निभाना होगा।
हम मिलेंगे तुझे तन्हाई में,
घर तिरे तो हमें आना होगा।

देख लें क्या बहाना होगा।

राज कुछ आप को बताने हैं साहब,
देश के हाल ही सुनाने हैं साहब।
अब भली है नही सियासत मेहरबां,
लूटने देश के खजाने हैं साहब। 
खत्म कर दे अभी परेशानी सारी,
सो रहे बस युवा जगाने है साहब।
मानता ही नही चलाये है गोली,
पाक को हाथ अब दिखाने हैं साहब।
है छुपा पास में मगर चुप ही रहता,
दर्द दिल के उसे सुनाने हैं साहब।
मौत की बात तू करें अक्सर  रैना"
जीने के लाख ही बहाने हैं साहब। रैना"
दोस्तों काफी दिनों बाद आप के लिए खास पेशकश

दिल में कुछ दर्द रहने दे तो अच्छा,
आंखों से पानी बहने दे तो अच्छा।
वरना घुटन महसूस होगी दिलबर,
दिल की बात कहने दे तो अच्छा।
तपने के बाद ही निखरता सोना,
आषाढ़ की गर्मी सहने दे तो अच्छा।
आखिर कब तक यूं झांकते रहेंगे,
बीच की दीवार ढहने दे तो अच्छा।
वैसे वो जमाने के काबिल नही,
रैना"को जहर पीने दे तो अच्छा। रैना"
मेरे बारे में कोई ज्यादा न सोचे,
मैं अकेला काफ़ी हूं रोने के लिये। रैना"


है सारा जहाँ तेरा,
फिर भी न कोई घर है,
क्या खूब अन्दाज,
बेघर तू बड़ा जादूगर है,रैना"

सूरज ने ली जब अंगड़ाई,
किरणों ने चादर सरकाई,
पंछी उड़ने गाने लगे जब,
गुलशन में खुश्बू महकाई।
तेरी याद आई,याद तेरी आई। 
कानों में बजती शहनाई।
मुझको लगता है तू आई।
चोटें जिसने भी हैं खाई।
उसके हिस्से में तन्हाई।
तेरी याद आई,याद तेरी आई। रैना"

Sunday, September 20, 2015

नैन प्यासे,तेरे दिलाशे,
आखिर ये कब तक चलते रहेंगे,
 इश्क की आग में जलते रहेंगे। 
इश्क की -----------------
तू पास एहसास,यही बात खास,
सागर किनारे बैठे बुझी न प्यास,
दूर है मंजिल लम्बा रास्ता,
गिर गिर के हम सम्भलते रहेंगे।
इश्क की ----------------
पास के हो के दूरी,तेरी क्या मजबूरी,
हमें आगे की फ़िक्र,करनी बात जरूरी,
विधि का विधान यही परवान,
चढ़ते सूरज हम ढलते रहेंगे।
इश्क की ------------------
हम राह से भटके,सूली पे है लटके,
कैसे खुद को संवारे,आईने से चटके,
आतिशे इश्क में तो जानो,
पत्थर भी तो पिघलते रहेंगे।
इश्क की ----------------------
चिलमन सरका दे,मुखड़ा दिखा दे,
हम खुद को भूले,दीवाना बना दे,
रैना"की गुजारिश कर लो कबूल,
वर्ना हम चोला बदलते रहेंगे।
इश्क की ---------------रैना"


सामने बैठ के बात कर,हम तिरे तू मुलाकात कर।
छोड़ दे तू हमें हाल पे,
नैन से अब न बरसात कर।रैना"
झूठ मत बोलना पाप है,
दिन चढ़े अब न तू रात कर।
रैन काली कटेगी नही,
तोड़  शुभरात कर।


Saturday, September 19, 2015

2  1  2  2    2  1  2  2    2  1  2  2    2  1  2
आम हो या ख़ास कोई बात करता जाम की,
जिन्दगी बेचैन भटके आरजू है दाम की।
रात काली होने वाली है खबर उसको भली,

बेचता अल्ला कहीं बोली लगाये राम की।  


जयकारा वैष्णो महारानी का,बोलो सच्चे दरबार की जय
खफा हमसे मेरी माता ,न बिगड़ी बात बनती है
करो मिल के दुआ यारों,मिरी भी बात मानें माँ। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ

 
बेशक दिल्ली में अब डेंगू का जोर है,
नेताओं ने फिर मचा रखा खूब शोर है,
सुना वो शोर से  ही मच्छर भगायेंगे,
दिल्ली को डेंगू के डंक से बचायेंगे।
वैसे इस शोर ने अपना रंग दिखाया है,
नेताओं ने चीन,पाक को दूर भगाया है। रैना"

तू जो चाहेगी वैष्णो माता बेशक वो ही होना है,
मेरी चाहत फूलों की मिला काँटों का बिछोना है,
मुझसे क्या गलती हुई माँ किस कारण रुष्ट हुई,
हंसना हो गया मुश्किल आया हिस्से में रोना है। रैना"
शुभ संध्य ---------------------------जय जय माँ 

Friday, September 18, 2015

वैष्णो रानी शेरावाली तेरे अंदाज निराले है,
तू भक्तों को माता  मेरी भव पार निकाले है,


की खता दिल लगा के देख लिया,
दर्द अपना बना के देख लिया।
मानते ही नही वो बात मेरी
दिलरुबा को मना के देख लिया।
मौत आई न यूं जतन तो किया,
ज़हर कल रात खा के देख लिया।
बात बनती नही कहे तो किसे,
राज उनको बता के देख लिया।
क्यों नसीबा मेरे उठे ही नही,
अलबत्ता यूं जगा के देख लिया।
खूब बदली हुये मिजाज तिरे,
घर नया भी बसा के देख लिया।
काश रैना"मेरा हिसाब करे,
प्यार में सब लुटा के देख लिया। रैना"





मैं नही मैं नही मैं नही,
तू यही तू यही तू यही,
मैं नही मैं नही -------
तेरा रुतबा बड़ा,तेरा जलवा बड़ा,
जिधर देखू जहां तक जाये नज़र,
मुझे दिखता तू हर तरफ है खड़ा,
है रहमत तेरी है इनायत तेरी,
अपने बच्चों से खूब मुहब्बत तेरी।
तूने छोड़ी न कोई कमी।
मैं नही मैं नही -------------



याद तेरी जान की दुश्मन बनी,
दिल नही अब मानता खुद से ठनी।
हाथ की उलझी लकीरें देखते,
हम बनेंगे क्या नसीबों के धनी।
हम किसी से क्या लड़ेगे किसलिये
चल रही खुद से अभी जब तनतनी।
जा रहे है हमनवा ही छोड़ कर,
मौत ही आ जाये जो इस से भली।
आंख मेरी नम हुई है दिल जला,
बात तेरी बज्म में जब भी चली।
दिल हुआ बेताब मिलने के लिये,
मन के घर रैना"मची है खलबली। रैना"




Thursday, September 17, 2015

मिट्टी उसकी हवा उसकी,
संग है चलती दुआ उसकी,
मैं मैं तू मत करे रैना,
तेरा क्या हर अदा उसकी। रैना"


जय कारा वैष्णो महारानी का बोलो सच्चे दरबार की जय
मेरी माँ गर हो इनायत तेरी,
करे फिर हम भी इबादत तेरी,
मेरे जीवन का चमन तब महके,
मिले गर माता मुहब्बत तेरी। रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ 
सूरज ने ली जब अंगड़ाई,
किरणों ने चादर सरकाई,
पंछी उड़ने गाने लगते,
गुलशन में खुश्बू महकाई।
कानों में बजती शहनाई।
मुझको लगता है तू आई।
चोटें जिसने भी हैं खाई।
मेरे हिस्से में तन्हाई।



Wednesday, September 16, 2015


जयकारा वैष्णो महारानी का --बोलो सच्चे दरबार की जय
करो कृपा मेरी माता नही भटके मेरा मन,
करे तौबा बुरे कर्मों से नही अटके मेरा मन,
मुझे इतनी खबर माता अगर तेरी हो कृपा,
कमी पूरी करेगी तू नही चटके मेरा मन। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ



हम बड़े खुश्क मिजाज है,यूं कह सकते बेलिहाज है,
तभी कोई कवि अपने गिरोह में शामिल नही करता। रैना"

बेवकूफ रैना"तो यूं ही कलम घिसाता है,
कवियों की श्रेंणी उसका नाम न आता है,
आजकल उच्च श्रेणी कवि वो कहलाता है,
रैना"जो बेहतर ढंग से रचनायें चुराता है।
फिर चतुराई से उसमें अपना नाम टेप कर,
रचना सीना तान कर मंच पे पढ़ जाता है।   रैना"



नाम तेरे  करी ख़ुशी अपनी,
दे मुझे आंख की नमी अपनी।

जाम पीना बनी नही आदत,
हैं नशे में यही कमी अपनी।
चल दिये छोड़ कर अकेला ही,
सांस अब तक नही थमी अपनी।
क्यों पलट के नही देखा उसने,
यूं जवानी नही ढली अपनी।
रात भर कौन खूब रोया है,
आंख तब ही नही लगी अपनी।
हम दगा तो कभी नही करते,
फिर भला क्यों नही जमी अपनी।
सोचना इसलिये जरूरी है,
जिन्दगी तो कटे भली अपनी।
क्यों खफ़ा हो दुखी बता रैना"
बात किससे नही बनी अपनी। रैना"

Tuesday, September 15, 2015

मेरी माँ वैष्णो माता तेरा अंदाज निराला है,
तेरे दम से सारी दुनिया में फैला उजाला है,
तेरी कृपा से ध्यानु की बिगड़ी संवर जाती,
लेकिन मेरी माता तूने रैना"को न संभाला है। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ



Monday, September 14, 2015

लगते इन्सां भले भले से,
पर दिल के है जले जले से,
उनकी कोई खता नही है,
वो कारतूस हैं चले चले से। रैना"


जयकारा वैष्णो महारानी का बोलो सच्चे दरबार की जय
करो किरपा मेरी माता तेरा दीदार हो जाये,
नईया मेरे जीवन की अभी भव पार हो जाये,
हुआ मिश्किल सबर करना लगे है डर परेशानी,
करो मुझ पे इनायत माँ मुझे एतबार हो जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ


बड़ा मुश्किल फर्ज रिश्तों के अदा करना,
जिग़र के टुकड़े बड़ा मुश्किल खुद से जुदा करना।


मुझे अब तो हिचकी भी नही आती,
लगता तू अब मुझे याद नही करता। रैना"

जिंदगी के सफर में तू हमसफ़र नही,
अब ये सफर हरगिज सफर नही। रैना"

उसकी मर्जी जब चाहे बुला ले,
अपना तो सामान तैयार है। रैना"

गिला तुझसे ये रहेगा जरूर,
आखिर हम में क्या कमी थी। रैना"

मरीजे दिल के लिये उपहार है फेसबुक,
जब नींद न आये बैठ जाओ खोल कर। रैना"

फेसबुक के सहारे कलम है चलाते,
कोई सुने अलबत्ता न सुने दिल की बात सुनाते तो हैं। रैना"






वैसी दुनिया हरगिज नाहीं,जैसी हमको दिखती है,
रंग बिरंगी बड़ी बदरंगी,स्वार्थ जहां वही टिकती है।
चोर उच्चकें मौज करे है कैसा समय अब आया है,
झूठ मुनाफे का सौदा है सच की तो मंदी पिटती है।
बेटी बचाओ मुहिम चली है अजन्मी न मारे कोई,
दहेज की बली चढ़ती फिर क्यों कोठे पे बिकती है।
देश की जनता भोली भाली बहकाने से बहक जाये,
सपनों के जो महल दिखावे उसको कुर्सी मिलती है।
मर्द पढ़े अक्सर जुमला ये नारी घर की लक्ष्मी है,
हालत देखो बदतर बेचारी कई पाटों में पिसती है।
अंधे पीसे कुत्ते खाये अब कोई न किसी को रोके है,
दुनिया भेड़ चल पड़े पीछे मजबूत लाठी जिसकी है।
रैना"जिंदगी रास न आई चलो अपने घर को चलते,
पी मिलन को तरसे आंखे प्यास न मन की मिटती है।" रैना"





Sunday, September 13, 2015

मुझे जानने के लिए सिर्फ इतना  कीजियेगा,
फेसबुक पे मेरी रचनायें गौर से पढ़ लीजियेगा,
मेरी इक इक रचना बेबाक खुल के बोल देती है,
मेरे वो सारे राज सजिदगी से ही खोल देती है। रैना"


हम है हिंदुस्तानी,
हिंदी जान हमारी है,
हिंदी शान हमारी है,
गर्व करो हिंदी पे,
हिंदी पहचान हमारी है।रैना"
हिंदी दिवस की बधाई हो जय जय 

मेरी माँ तेरी नयामत कम नही है,
खुश रहे है आंख मेरी नम नही है,
दीद की हसरत जवां है देर मत कर,
और कोई तो मुझे माँ गम नही है। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ

मेरे मन के घर में कौन रहता है,
वो अक्सर हरपल मौन रहता है।
मेरी उससे कभी बात न होती है,
रुबरू होकर मुलाकात न होती है।
मिलन मेरा मन बेकरार रहता है,
वो भी मिलने को तैयार रहता है।
उलझन में उलझा थकावट बहुत है,
उससे मिलने में रूकावट बहुत है।
खुद को उसके काबिल न बनाता,
फिर भी उसको मिलना चहाता।
इन तिलों में बिलकुल न तेल है,
मुश्किल उससे होना अपना मेल है।
सुन रैना"खुद से तो इन्साफ कर,
अपना मन रगड़ रगड़ के साफ कर।
तभी साजन को तुझ पे एतबार होगा,
साजन को फिर सजनी से प्यार होगा। रैना"
दोस्तों चलते चलते आप के लिए खास 

इक नया ही फ़ल्सफ़ा लिख दे,
मेरे हक में फैसला लिख दे।
हम इबादत ही करे अब तो,
मेरे हिस्से में दुआ लिख दे।
मौत से दो हाथ करेंगे हम,
सुन तबीबो तू दवा लिख दे।
हम नही उफ़ भी करे तौबा,
मेरे हिस्से में क़ज़ा लिख दे।
पेश मुज़रिम है अदालत में,
तू मुंसिफ कोई सजा लिख दे।
मौत से पहले मरे "रैना"
बावफा को बेवफ़ा लिख दे। रैना"@


इक नया ही फ़ल्सफ़ा लिख दे,
मेरे हक में फैसला लिख दे।
हम इबादत ही करे अब तो,
मेरे हिस्से में दुआ लिख दे।
मौत से दो हाथ करेंगे हम,
सुन तबीबो तू दवा लिख दे।
हम नही उफ़ भी करे तौबा,
मेरे हिस्से में क़ज़ा लिख दे।
पेश मुज़रिम है अदालत में,
तू मुंसिफ कोई सजा लिख दे।
मौत से पहले मरे "रैना"
बावफा को बेवफ़ा लिख दे। रैना"

Saturday, September 12, 2015

हास्य व्यंग्य नसीहत के साथ
कोशिश कर तू भी दिलचस्प किस्सा हो जाये,
उसके खेल का तू इक अहम हिस्सा हो जाये,
सुर्ख़ियों में रहने का प्रयास तो करना ही पड़ेगा,
कोई फर्क नही राखी सावंत या मिक्का हो जाये।रैना" 
लाज मेरी भी रख ले जैसे ध्यानु की राखी,
पिला दे नाम का प्याला मेरी माँ तू है साकी,
नही कोई ओर हसरत मेरी माँ यही तमन्ना,
कट जाये तेरी इबादत में मेरी जो बची बाकी। रैना"
वैसे तो होते हैं सभी माँ से प्यार के दिन,
लेकिन देती है दर्शन माँ रविवार के दिन।
जयकारा वैष्णो महारानी का ---बोलो सच्चे दरबार की जय
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ
जमाने से जुदा सी लगती हो,
अता करती वफ़ा सी लगती हो।
तराशा है खुदा ने फुरसत में,
फकीरों की दुआ सी लगती हो।
महक बिखरे जिधर से गुजरे है,
बहारों की हवा सी लगती हो।
चढ़ी मस्ती नही खुद पे काबू,
नजारों की अदा सी लगती हो।
बहुत अच्छी लगे तस्वीरों में,
कहे आशिक फ़िजा सी लगती हो।
तबीबो से गिला शिकवा "रैना"
मर्ज तुम ही दवा सी लगती हो। रैना"


दोस्तों भला ये जो हिंदी के लिये ज्यादा शोर मचाते हैं,
जरा ये पता करो कितनों के बच्चे हिंदी स्कूल में जाते हैं,
ये भी कड़वा सच है जिसे हजम करना अति मुश्किल है,
ऐसे हिंदी प्रेमी प्रात सुप्रभात नही गुड मॉर्निग फरमाते हैं।
क्योकि इन के प्यारे बच्चे अंग्रेजी स्कूल में जो जाते है,
अध्यापक उन्हें हिंदी में नही अंग्रेजी में इंटेलिजेंट बनाते है।
वैसे इन बच्चों के अभिभावक हिंदी के लिए जोर लगाते है,
दूसरों के बच्चों को हिंदी स्कूल में अवश्य भिजवाते है,
मंचों पर हिंदी का गुणगान करते चम्मचागिरी में माहिर,
तभी तो हिंदी प्रेमी का सर्वोत्तम इनाम हथिया ले जाते है।
गर ऐसा होता रहा मातृभाषा हिंदी कोने में सिसकती रह जाएगी,,
अंग्रेजी शहरों को कब्जे में कर के फिर गाँव में भी चली आएगी। रैना" 
नसीबों से यही शिकवा गिला मुझको,
जिसे चाहा नही अक्सर मिला मुझको,
तबीबो से शिकायत है यही कहते,
नही आये कभी देने दवा मुझको।
मेरी फितरत इबादत में लगे रहना,
नही चाहत मिले कोई सिला मुझको।
भला जिसका किया हमने यही सच है,
पड़ा मौका दिया उसने दगा मुझको।
फ़िदा तुझ पे मिरा ये दिल उड़ा जाये,
नही आती समझ ये क्या हुआ मुझको।
कहानी अब बने कोई यही हसरत,
मिले रैना"हसीं दोस्त खुदा मुझको। रैना"


खर्च कर दिये लाखों करोड़ फिर भी मकसद से दूरी है,
देश में खुलेआम धड़ल्ले से चल रही बाल मजदूरी है,
भाषण देते नेता हर इक का पढ़ना लिखना जरूरी है,
लेकिन ये नही देखते गरीब बच्चों की क्या मजबूरी है। रैना"

Friday, September 11, 2015

बेशक गौरें अब हिंदी पढ़ने में ध्यान लगाते है,
लेकिन काले अंग्रेज हिंदी बोलने से शर्माते है।
अफ़सोस इस बात का दुःख भी होता बहुत,
हिंदी के सारे पुरस्कार उन्ही के हिस्से आते है। रैना"




है तेरे दरबार का रुतबा कुछ अलग न्यारा माँ
दुखियों को सुख मिलता बेसहारों को सहारा माँ,
सुना दीन दुखियों की रक्षा को दौड़ी चली आती,
क्यों इतनी देर कर दी है जब रैना"ने पुकारा माँ। रैना"
जयकारा वैष्णो रानी का ---बोलो सच्चे दरबार की जय
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ

क्यों खफा है बता खता क्या है,
मेरे बारे तुझे पता क्या है।

लफ्जों को ढूंढ़ कर कागज पे उतार लो,
वरना खोने के बाद मिलते नही है। रैना"

लफ्ज़ पिरोने के बाद लिखने में देर नही करता,
क्योकि मेरी मैमोरी चिप में जगह नही बची। रैना"

हिन्दी इसलिये तो पतन की और जाने लगी है,
क्योकि भारतीयों को अंग्रेजी पसंद आने लगी है,
हिन्दी पढ़ने बोलने से अब बहुत शरमाने लगे है,
बच्चों को प्रवेश अंग्रेजी स्कूल में दिलवाने लगे है।
भारत के माथे से बिंदी हटा बिंदा लगा दिया है,
तभी माँ को मम और पापा को डैड बना दिया है।
भारतीय नारी हैलो बोलती मुंह घोल करती है,
 फड़ी वाले से अंग्रेजी में सब्जी का मोल करती है।
सब्जी वाला कहता ताज़ी सब्जी मोर लीजियेगा,
मैम साहिब रूपये वन ट्वेंटी बस ओर दीजियेगा।
बेचारी हिंदी का खुलता इस तरह ढोल का पोल है,
प्रधानमंत्री अकेला के करे सारी दुनिया गोल है।
हिन्दुस्तानियों हिन्दी के हाल पे तरस खाओ,
हिंदी सीखने के बाद अंग्रेजी का ध्यान लगाओ।
वरना सब किया धरा एकदम शून्य बेकार है,
अंतरात्मा से बोले हम सब को हिंदी से प्यार है। रैना"


Thursday, September 10, 2015


मुझे बेजार मत करना फ़क़त तेरा सहारा है,
बिना तेरे मिरे हमदम नही अपना गुजारा है।
अभी तो सांस लेना भी हुआ मुश्किल परेशानी,
धुँआ उठता चिरागों से नही रोशन दवारा है।
चमन तेरा सजा हरदम करे तारीफ हर कोई,
जवां मौसम हवा महकी हसीं दिलकश नजारा है।
नही मिलता मुहब्बत में सिला अब तो वफ़ा का भी,
पलक झपके करे धोखा बना जो यार प्यारा है।
नसीबों ने दिया सबकुछ कमी फिर भी बनी रहती,
यही सोचा करे रैना"नही चमका सितारा है। रैना"

कर्म करती मिरी माता सुनो बिगड़ी बना देती,
कली मुरझा गई हो जो उसे भी माँ खिला देती,
फर्क करती नही माता गले सबको लगाती है,
दुःखो का नाश करती माँ नसीबों को जगा देती।
 एक बार बोलो दो बार बोलो,
शांति मिलेगी सौ बार बोलो,
बोलो जयकारा वैष्णो रानी का,----बोलो सच्चे दरबार की जय,
मेरी माँ जग कल्याणी का ------बोलो जय जय माँ ----रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ

हाल से बेहाल अनबुझे सवाल के जैसे,
अपने हाल सरकारी हस्पताल के जैसे।
अपने हिस्से में तो आते फकत आंसू,
हम तो निशानी ए यार रुमाल के जैसे।
किसी ने लगाई ही नही हमारी कीमत,
हम कबाड़ में खरीदे गये माल के जैसे।
गीते जिन्दगी भला सुर में गा ले कैसे,
है बेवजन बेबहर बेसुरी ताल के जैसे।
सोचा करते संग उनके खेलेंगे होली,
मिलेंगे उनसे हम तो गुलाल के जैसे।
अफ़सोस खुद की खरीद फरोख्त करे है,
"रैना"के हाल कोठे के दलाल के जैसे। "रैना"



Wednesday, September 9, 2015

रजा तेरी अदा तेरी हमें मन्जूर हैं माता,
तेरा जलवा इनायत भी हुई भरपूर हैं माता,
रहे तू पास में मेरे कभी क्यों कुछ न बोले है,
इसी कारण दुखी हरपल बड़े मजबूर हैं माता। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ 
अपनी नज़रों से यूं दूर न कर,
मर मर जीने को मजबूर न कर।
दिल तो शीशा तूने तोड़ दिया,
कुछ रहने दे इसको चूर न कर।
रख ले कदमों में गुमनाम हमें,
चाहे बस्ती में मशहूर न कर।
तुझसे मिलने की तब बात बने,
मेरे मन को तू बेनूर न कर।
हम तेरे खातिर बेजार रहे,
रैना"को ऐसे मगरूर न कर। 

Tuesday, September 8, 2015

कहां तेरा ठिकाना हैं,
मुझे किस राह आना है।
कर्म मुझ पे करेगा तू,
किसी ने क्या बताना है।
मुझे मिलता नही रस्ता,
सुना है दूर जाना है।
भरोसा है नही मुझको,
बड़ा जालिम जमाना है।
मुझे आगे की चिन्ता है,
यहां पल बीत जाना है।
तुझे मिलने की हसरत है,
बता वो क्या बहाना है।
ढ़ले जब शाम रैना" की,
मिलन का गीत गाना है। रैना"

नही भूली मुझे गुजरे जमाने की वो रातें,
भली महकी जवां सपनें सजाने की वो रातें,
नही शिकवा यही सोचे बने वो बात बिगड़ी,
अभी लौटे वही हंसने हंसाने की वो रातें। रीनू"
तेरे दर के भिखारी हैं कर्म फिर भी नही करती,
मेरी माँ तुम खफा हो क्यों कभी झोली नही भरती,
परेशानी है बड़ी मुश्किल भला जाये कहां जाये,
बिना तेरे मेरी माता कभी बिगड़ी नही बनती। रैना"
कली का वजूद न रहता खिलने के बाद,मिटे जाये शमा की हस्ती जलने के बाद।
सही में मैं सूरज निकला कुछ देर के लिये,
मुझे कोई याद न करे रैना" ढलने के बाद। रैना"
मुझे गम ने सताया है नही अब नींद आंखों में,
बड़ी मुश्किल घड़ी आई जले दिल खूब रातों में।
नही आता नजर कोई जिसे दिल की कहे अपनी,
इनायत कौन कर देगा बसा है झूठ बातों में।
चले जाते नही रुकता कभी कोई बहाने से,
यही दस्तूर जग का है बचे सुनसान हाथों में।
नही तूने करी चिन्ता कटेगी रात मुश्किल में,
कुआं खाली बचा गम ही तलाशे खाक खातों में।
कहर बरपा शहर दिल का नही कायम रहा हमसे,
कमी अपनी रही कोई बगावत आज सांसों में।
हवा चलती धुआ उठता जले दिल का घरौंदा है,
कमी रैना"नसीबों की हुये शामिल निराशों में। रैना"

Monday, September 7, 2015

यही हसरत तमन्ना माँ तेरा दीदार करना है,
मुझे वीरान गुलशन को गुले गुलजार करना है,
करो किरपा मेरी माता मेरी बिगड़ी संवर जाये,
न भटकेंगे कहीं रैना"तुझे माँ प्यार करना है। रैना"

हास्य व्यंग्य मात्र दिल बहलाने के लिए
अन्यथा न ले
ये मत कहना पुराना मकान है,
जिस्म है बूढ़ा पर दिल जवान है।
लोगों ने वैसे मेरी खिली उड़ाई है,
बत्तीसी मेरी अब दोबारा आई है।
मैं हूं सत्तर का वो चालीस साल की,
क्यों नही कहते जोड़ी कमाल की।
मीडिया के हाथ कुछ न आया है,
हम नेता तभी ऐसा कर दिखाया है।
तब हमें होता बहुत भारी गम है,
लोग कहे देश में लड़कियां कम है।
हालात तो न ऐसा कुछ बता रहे हैं,
हम बुढ़ापे में दोबारा शादी करवा रहे है।
अब मीडियावाली भी हमारे गेल है,
सच मीडिया भी हमारे सामने फेल है।रैना"




दोस्तों ये गीत खास आप के लिए फुर्सत मिले तो पढ़ना जरूर
                 गीत
वर्ना फैसला लिख देंगे हम तेरी तकदीर का,
भूल के भी मत करना तू जिक्र कश्मीर का।
भूल के भी मत करना तू -----------------
चारो दिशाओं में अपनी छाप छोड़ता है,
भारतीयों की रगों में कश्मीर दौड़ता है,
कश्मीर तो अभिन्न अंग भारत के शरीर का।
भूल के भी मत करना तू -----------------
सबकुछ सामने हमने कुछ न छुपाया है,
कश्मीर भारत का ताज सरमाया है,
इक इक लफ्ज कहता लिखी तहरीर का।
भूल के भी मत करना तू -----------------
भोले शिव शम्भू का कश्मीर घर है,
पीर पैगम्बरों का भी यहीं पे दर है,
दुश्मन बना है तू कुदरत की जगीर का।
भूल के भी मत करना तू -----------------
छोड़ दे चलानी अब निर्दोषों पे गोलियां,
कश्मीर में मत खेल खून की होलियां,
लगेगा श्राप किसी ओलिया फ़क़ीर का।
भूल के भी मत करना तू -----------रैना"-

वो पास हैं मेरे फिर भी उसको न पा सके हैं,
हम बदनसीब खुद को न अपना बना सके हैं।
ख़्वाब देखना फ़ितरत हमने कसर न छोड़ी,
अफ़सोस तो यही न कोई ख्वाब सजा सके हैं।
इश्क है इबादत सोचा हम भी करेंगे बन्दगी,
परवाना हम बने न पास शमा के जा सके हैं।
साहिल पे डूबे कश्ती भाग्य कहे या मेहनत,
जाग के काटे रातें,पर न नसीब जगा सके हैं।
बिस्मिल हुआ है दिल ये हासिल फकत रोना,
हाले दिल सुनाये न सीना चीर दिखा सके हैं। "रैना"

Sunday, September 6, 2015

जिसकी तलाश में हम भटकते रहे,वो पास था मेरे उसको पा न सके,
गैरों को गले से लगाया दौड़ दौड़ कर,अपनों को अपना बना न सके।
ख्वाब देखना तो सबका मिजाज है,मैंने भी कसर कोई छोड़ी ही नही,
अफ़सोस हमको यही तो मलाल है,ख्वाब कोई हम क्यों सजा न सके।
यूं दस्ताने इश्क हमने पढ़ी है बहुत,सोचा भी बहुत करेंगे हम बन्दगी,
परवाना बनने की हिम्मत न हुई,शमा के करीब भी हम जा न सके। 
मेरी माता तेरे जैसा नही कोई जमाने में,
करो किरपा मिटे चिन्ता पड़े हम कैद खाने में,
सुनो मेरी अरज इतनी न हो कोई परेशानी,
मेरी गुजरे बची बाकी सिर्फ तुझको मनाने में। रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 

++फ़िलबदीह - 95 - (06 सितम्बर 2015)++
हटा परदा दिखा जलवा कभी तू,
पता मुझको नही माने अभी तू,
नही हिम्मत मिरी शिकवा करू जो,
गधा हूं मैं तिरे दर का नबी तू। "रैना"

नसीबों को तकाजा है तभी हम
गिला करते नही उनसे कभी हम,
कभी बदल जाये यकीं है,
लगे है
लकीरें हाथ की देखे अभी हम,

Saturday, September 5, 2015

मेरी बदकिस्मती देखिये????
सबकुछ मेरे पास फिर भी कुछ नही है। रैना"


नेता हमारा है ये दावा न कीजिये,
माल पीने वाले चार छः ही होते। हैं रैना"

सिर झुकाने की अपनी फ़ितरत न हुई,
वैसे कामयाब होना मुश्किल नही है। रैना"

लोग हमारे बारे गलत धारणा बना लेते है,
क्योकि हम ईंट का जवाब पत्थर से देते है। रैना"

आज किसी को न खोम्चा चाहिये,
चम्मचे को सिर्फ चम्मचा चाहिये। रैना"

सो जाओ सपनों में खो जाओ,
ऐसा कोई सपना देखो,
जिसे पूरा कर जिंदगी हसीन हो जाये। रैना"







दोस्तों संडे स्पेशल
क्या करे राह में गढ्ढे ही बड़े हैं,
फिर भी देख हम तेरे साथ खड़े हैं। 
मन की कड़वाहट मिटाते लेकिन,
हर तरफ नीम पर करेले चढ़े हैं।
ये मत सोच नेता कुछ करते नही,
सदन में अपने वेतन के लिये अड़े है।
बेटा बीवी के साथ चला तीर्थ करने,
बूढ़े माँ बाप घर में बीमार पड़े हैं।
लूटपाट बलात्कार आम बात है,
पुलिस कहती वैसे पहरे तो कड़े हैं।
रैना"चोर उच्चकों की चांदी हो गई,
ईमानदार वफादार सिर झुकाये खड़े हैं। रैना"

जय माँ वैष्णो,
जयकारा वैष्णो महारानी का,
बोलो सच्चे दरबार की जय।
इक बार माँ के दर पे सच्चे मन से आ तो सही,
दिल का दर्द आ के माँ को प्यार से सुना तो सही,
निसंदेह चैन मिलेगा जिंदगी की सूरत बदल जाये,
प्रेम से इक बार वैष्णो का जयकारा लगा तो सही। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 





सुन कभी दरद मिरा पीर मिटा कर जाते,
इश्क की आग मची आग बुझा कर जाते,
पास रह दूर रहे  समझ नही कुछ आये,
मान ले अरज मिरी शक्ल दिखा कर जाते। रैना"

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई हो,
 अरे मुरली वाले,जल्दी से आ जा,
दुनिया धर्म से हटती जा रही है,
पैसे के दीवाने,खुद से अनजाने,
आस्था मन में घटती जा रही है।
अरे मुरली वाले --------------------------
मन्दिरों में जाते दान भी हैं करते,
पर सबसे पहले अपना नाम है धरते,
उजले कपड़ों वाले,मन के हैं काले,
पैसे की खुमारी सब पे चढ़ती जा रही है।  रैना"

Friday, September 4, 2015

दुःख मुश्किल हो परेशानी भक्ता बोल जयकारा,
भक्ता बोल जयकारा माँ को लगता है प्यारा।
माँ को लगता प्यारा तुझे मिलेगा सहारा।
मिलेगा सहारा होगा पार उतारा।
बोलो सच्चे दरबार की, जय
बोलो वैष्णो महारानी की जय।
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ

क्या मुझे भी कभी किनारा मिलेगा,
डूबते को तिनके का सहारा मिलेगा।
अब तलक तो मतलबी लोग मिले हैं,
क्या हमें कोई निस्वार्थ प्यारा मिलेगा।
जिंदगी गाती रही ग़मगीन तरानें ही,
क्या मेरे हिस्से का नजारा मिलेगा।
हम भरोसा करते हैं तुझ पर प्यारे,
क्या हमें भी साथ तुम्हारा मिलेगा।
हो सके तो बिगड़ी संवार ले तू रैना"
ये हीरा जन्म फिर न दुबारा मिलेगा। रैना"
मेरे बारे तू इतना सोचा न कर,
दरवाजे से छुप छुप देखा न कर,
मैं इंसान बदल जाना फितरत में,
तू खुद से इस कद्र धोखा न कर।
स्वछता अभियान में हाथ बंटा ले,
घर का कचरा गली में फेंका न कर।
अजब गजब हादसें होते शहर में,
ये सब देख तू बेवजह चौंका न कर।
रैना"अपना घर स्वच्छ साफ कर ले,
रहने दे दूसरे के घर का मौका न कर। रैना"
ढूंढा किया तुझको खुद को ही खो बैठे,
इतनी खबर तो होगी हम तेरे हो बैठे।
तुझसे रखी दूरी दिल हुआ बिस्मिल,
पास आ के तेरे दाग दिल के धो बैठे।
बेवफा हैं हम तो न वफ़ा करनी आई,
कर याद तेरी वफायें हम तो रो बैठे।
गर तुम न मिलते तो हम डूब जाते,
साहिल लगा सफीना चैन से सो बैठे।
हसरत यही तमन्ना पर्दा हटा रुख से,
रैना"को माफ़ कर भार गम का ढो बैठे। रैना"

Thursday, September 3, 2015

 वैष्णो रानी माँ,शेरोवाली माँ,तेरे दम से चलता जहाँ,
मांगे भक्त तेरा दीदार दे,प्यार की नदिया कर दो रवां।
बच्चें तेरे विनती करते माँ,और भला हम जाये कहां।
वैष्णो रानी माँ -----------------------------
ये जग की रीत,माँ बच्चों की प्रीत,कोई न मिटा पायेगा,
माँ की शरण में आये जो जीवन की बगिया महकायेगा,
सच्चे मन से तुम देखो जहां,माँ अम्बे रानी बैठी वहां।
वैष्णो रानी माँ --------------------------------
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ



उल्फ़त में नसीब है तन्हाई,रो रो के गुजारा करते हैं,
वो दर्दे दिल सुनते नही,हम जिनको पुकारा करते हैं।
चलता न जोर नसीबों पे,जो लिख छोड़ा वो मिलता है,
काटे कुछ वीराने में,कुछ बहारों का नजारा करते हैं।
दोस्त मेरे इतने अच्छे,मेरी ख़ुशी न उनको गवारा है,
सुख में मेरे साथ चले,दुःख मिलते किनारा करते हैं।
मेरे हमदम प्यारे साथी ने,दिल का घर है तोड़ दिया,
पर मेरा दिल न माने,उनकी आरती उतारा करते हैं।
हाये रैना"वो भी रूठ गया,किसी और पे न भरोसा है,
बेशर्म है हम मरते नही,वो रोज कत्ल हमारा करते है। रैना"


  

तू रंग बदलना छोड़ दे गिरगट हैं परेशान बहुत,
गीदड़ लोमड़ी देख के तुझको हो रहे हैरान बहुत।
टोपी तिलक लगाये माहिर खिलाड़ी प्रवचनों के,
भारत देश में बन गये देखों स्वभू भगवान बहुत।
कपड़ों की कोई बात नही आंखों में न शर्म रही,
ऊँची ऊँची दुकानों का अब फीका पकवान बहुत।
मानुष की हरकत देख जानवर भी शर्मा जाये,
हवसी कामी क्रोधी अब बन गया शैतान बहुत।
भाई भतीजे वाद ने अब गुणवत्ता पे डाका डाला,
हाथों में डिग्रियां लिये भटक रहे गुणवान बहुत।
बुजुर्गों की सेवा करनी अब बहू बेटे ने छोड़ दी है,
वैसे सतसंग में जाये करे गुरु का ध्यान बहुत।
देश धर्म की ठेकेदारी अख़बारों में होती मशहूरी,
ढोंगी निपट फरेबी की अब चलती दूकान बहुत।
जिंदगी चार दिनों की थी दो दिन बचे है बाकी,
रैना"उससे जोड़े ले तारें वर्ना दुखी हो जान बहुत।रैना"

तेरी सूरत दिल में बसायी हुई,
जीवन की बगिया महकाई हुई। 
मन से मन की मिल गई तारें, गजब की मस्ती है छायी हुई।
खुशनुमा मौसम मस्त बहारें,, हर रात चाँदनी नहायी हुई। कानों में गूँजते वस्ल तराने, यूं मधुर रागिनी सी गायी हुई। चाँद से हसीं हैं दिलबर मेरा अब घड़ी मिलन की आयी हुई। रीनू"जीवन निसार इक तुझ पे, फ़क़त नाम की लौ लगायी हुई। रीनू"

Wednesday, September 2, 2015

पन्नों में दबे सूखे हुये उस गुलाब में कैद है,
जीवन के कुछ हसीन पल किताब में कैद हैं,
वो जहां भी होगे अच्छे से ही होगे लेकिन,
रैना"बदनसीब तो आजकल शराब में कैद हैं। रैना"
वैष्णो रानी का दवारा,जय जय माँ,
सारे जग से है न्यारा,जय जय माँ,
जन्मों के बन्धन हैं कट जाते,
यहां मिलता है सहारा,जय जय माँ।
मेरी माँ का दवारा ----------------
बीच गुफ़ा में माँ बैठी,जय जय माँ,
चरणों में गंगा बहती,जय जय माँ,
भक्तों खाली झोली भर लो,
भक्तों से माँ कहती,जय जय माँ।
देखो अजब नजारा,जय जय माँ
मेरी माँ का दवारा -----------
सुप्रभात जी --------जय जय माँ  


यूं आंखों में नमी नमी सी है,
दिल में बर्फ जमी जमी सी है।
सब कुछ पा लिया है लेकिन,
फिर भी कुछ कमी कमी सी है।
आये थे हंसने खातिर लेकिन,
यहां फ़क़त गमी गमी सी है।
मतलब मोह माया यही सब,
दुनिया इसमें रमी रमी सी है।
आखिरी वक्त अब चले आओ,
सांस रैना"की थमी थमी सी है। रैना"



ये लिबास तो बदलना होगा,
अपने घर को चलना होगा।
हम से खफा हैं अपने बेगाने,
चुप कूचे से निकलना होगा। 
जीवन भर हम जले है लेकिन,
जले को फिर से जलना होगा।
क्या करे कोई विधान उसका,
चढ़े सूरज को तो ढलना होगा।
जीवन की राहों पे हैं फिसलन,
हर कदम पे  सम्भलना होगा। 
 रैना"महफ़िल रोशन करने को,
 जल जल के पिघलना होगा। रैना"  

Tuesday, September 1, 2015

मैं तेरे काबिल नही हो सकता,
तू मुझे हासिल नही हो सकता।
मेरा भटकना निश्चित है इतना,
तू मेरा साहिल नही हो सकता।
मुझे भी प्रमोशन मिलता लेकिन,
मैं कभी जाहिल नही हो सकता।
तू मुझे लाख गम दे दे फिर भी,
मैं तेरा कातिल नही हो सकता।
मैं ने मुझे कहीं का नही छोड़ा,
मैं कहीं शामिल नही हो सकता।
इसी हाल में जीना पड़ेगा रैना"
तू कभी कामिल नही हो सकता। रैना"
कामिल =होशियार

माँ तेरे बिना तो गुजारा नही,
डूबते का और कोई सहारा नही,
इक बार माँ तेरी झलक दिखा दो,
मेरी आंखों ने देखा नजारा नही।
मेरी माँ ----मेरी माँ ---------
माँ बैठी गुफा में प्यारी लागे है,
सारे जग से अलग न्यारी लागे है,
माँ कृपा ये तुम्हारी लागे है,
जो महकी हुई ये क्यारी लागे है,
माँ वैष्णो तुझ सा कोई प्यारा नही।
मेरी माँ ------मेरी माँ ------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ


वादा कर के मुकर मत जाना,
मोदी की तरह, हां हां हां ----
हम भी भूख हड़ताल पे बैठ जायेगे ??????
भूतपूर्व सैनिकों की तरह। जय हिन्द। रैना"
बुझने दे शोलों को हवा न कर,
रहने दे मेरे लिये दुआ न कर।
हो लिया बेवफा ये शहर सारा,
तू भी अब फर्ज अता न कर।
उसके दीद की हसरत बाकी है,
मरने दे अब मेरी दवा न कर।
कर जतन किसी को सकूं मिले,
दिल दुखाने की तू खता न कर।
ख्वाबों की बस्ती बसती नही है,
तू रहने दे अरमान जवां न कर।
बुरा करने की तू मत सोचना,
चाहे कभी किसी का भला न कर।
किसे क्या मिले मुकद्दर में लिखा,
रैना"उसका रुतबा देख जला न कर।रैना"
दोस्तों की नजर एक रचना
टूटी छत के जैसे टपकती मेरी आंखें,
क्यों न समझती मेरा दर्द तेरी आंखें।
इक मुद्दत से बैठे फ़क़त इंतजार तेरी,
क्या हुई गुस्ताख़ी क्यों तूने फेरी आंखें।
अश्कों की बाढ़ आई रोके भी न रुकती,
यादों ने आ के आज फिर से छेड़ी आंखें।
तेरी आंखों सा नशा नही देखा किसी में,
मेरी आंखों ने यूं देख ली बहुतेरी आंखें।
रैना"गुमां न कर तू कुछ उससे भी डर,
बुझे दीपक हो जाये मिट्टी की ढेरी आंखें। रैना"