Tuesday, July 14, 2015

कभी हमारी तरफ वैष्णो कर्म की नजर कर दो,
भिखरी हैं तेरे दर के खाली हमारी झोली भर दो।
मांगते हम नही तुझसे माँ सोना चांदी हीरे मोती,
जले मेरे मन में वैष्णो माँ तेरे नाम की ज्योति।
अंधेरा न रहे कही खोल दो माँ मन के दरवाजें,
करू हरपल तेरी भक्ति माँ मेरे नेक हैं  इराधे।
न ठुकराओ अर्ज मेरी वैष्णो माँ स्वीकार कर लो,
हम तेरे ही बच्चें हैं माँ अपने बच्चों से प्यार कर लो।
 देख माँ रैना"की हालत टूट कर बिखरने ही वाला है,
हम से तुम खफा हो माँ बंद मेरी किस्मत का ताला है।
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ

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