Wednesday, July 29, 2015

हमें अपने दिल से मत जुदा करना,
फ़क़त दोस्ती का फर्ज अदा करना।
हम दिन रात हरपल मांगे खैर तेरी,
हो फुरसत हमारे लिये दुआ करना। 
तपती लू ने जलाया तन मन मेरा,
तू कभी मेरी तरफ ठंडी हवा करना।
हम फकीरों का क्या जंगल में मंगल,
हमारी बज्म में आ खूब मजा करना।
इश्क मिजाजी में गम ही गम मिलते,
इश्क हकीकी कर उससे मिला करना।
यहां वहां आराम ही आराम मिलेगा,
तू भूल कर न किसी से दग़ा करना।
बनते काम भी बिगड़ जाया करते है,
भाग्य का खेल उसे न गिला करना।
रैना"मत छोड़ना धर्म के रास्ते को,
तेरा फर्ज है हर हाल में भला करना। रैना"


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