Tuesday, July 28, 2015

तेरे इश्क में अब जलना चाहता है,
ये फूल दिल का खिलना चाहता है,
पर्दानशीं बाहर आओ चिलमन से,
रैना"इक बार तुझे मिलना चाहता है। रैना"


दुनिया से बहुत दूर घोंसला बनाना चाहता है,
इस पिंजरे को छोड़ कर पंछी जाना चाहता है। रैना"

मुझे तेरी तलाश है तुझे मेरी खबर नही,
मैं अब क्या करू दिल को होता सबर नही। रैना"

आइना देख कर मुस्करा हूं मैं,
क्यों इतना भूल गया ये उसका का घर है। रैना"


No comments:

Post a Comment