देश के खातिर मिल झुल कर हमें आगे बढ़ना चाहिये,
देश के हित में हम सब को कुछ तो करना चाहिये।
बेशक हमको अपने खातिर कुछ कर दिखाना चाहिये,
पर मातृ भूमि का कर्ज है हम पर कर्ज चुकाना चाहिये।
देश को तोड़ने वाली ताकतों को यहां से मार भगाना है,
देश को जोड़ने वाली ताकतों को हंस के गले लगाना है।
मिल झूल कर करेंगे कोशिश,कोशिश हल हो जायेगी,
खुश हो कर मेरी भारत माता मंगल गीत फिर गायेगी। रैना"
देश के हित में हम सब को कुछ तो करना चाहिये।
बेशक हमको अपने खातिर कुछ कर दिखाना चाहिये,
पर मातृ भूमि का कर्ज है हम पर कर्ज चुकाना चाहिये।
देश को तोड़ने वाली ताकतों को यहां से मार भगाना है,
देश को जोड़ने वाली ताकतों को हंस के गले लगाना है।
मिल झूल कर करेंगे कोशिश,कोशिश हल हो जायेगी,
खुश हो कर मेरी भारत माता मंगल गीत फिर गायेगी। रैना"
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