rajindersharmaraina
Tuesday, July 14, 2015
असूल ही बन गए अपने दुश्मन,
वर्ना हम भी किसी मंत्री के पी ए होते। रैना"
नींद आती ही नही,सोचता हूं जागता ही रहूं,
हाथ में कलम लेकर लफ्जों के पीछे भागता रहूं। रैना"
आराम करना मेरी किस्मत में नही,
फिर परेशान होना तो आम बात हो गई। रैना"
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment