जिसे हम भी कहे अपना नही कोई जमाने में,
बड़ा मुश्किल हुआ जीना परिन्दा कैद खाने में,
शमा तो रात भर जलती न कोई दर्द को समझे,
मजा उसको भी आये है लगे हमको सताने में।
अपनी किस्मत के तो बंद है सारे ही दरवाजें,
खोलता न कोई उनको मैं देता रहता आवाजें,
बेशक उसकी भी खता है मेरा भी कसूर हुआ,
उसने दिल मेरा तोड़ दिया मैंने तोड़ दिये वादें।
आज के इंसानों में तो मैं भी शामिल हो गया,
सिर पैर रख कर हम भी फिरते हैं भागे भागे।
सोने को अब रात में नींद की गोली लेनी पड़ती,
वरना रात भर रहते हम आधे सोये आधे जागे।
मतलब के इस दौर में मोहब्बत है नीलाम हुई,
दो खुड जमीन के खातिर टूटते प्यार के धागे।
मेहनत करने वाले तो मकसद में कामयाब हुये,
किस्मत को कोसते रह गये रैना"जैसे अभागे। रैना"
बड़ा मुश्किल हुआ जीना परिन्दा कैद खाने में,
शमा तो रात भर जलती न कोई दर्द को समझे,
मजा उसको भी आये है लगे हमको सताने में।
अपनी किस्मत के तो बंद है सारे ही दरवाजें,
खोलता न कोई उनको मैं देता रहता आवाजें,
बेशक उसकी भी खता है मेरा भी कसूर हुआ,
उसने दिल मेरा तोड़ दिया मैंने तोड़ दिये वादें।
आज के इंसानों में तो मैं भी शामिल हो गया,
सिर पैर रख कर हम भी फिरते हैं भागे भागे।
सोने को अब रात में नींद की गोली लेनी पड़ती,
वरना रात भर रहते हम आधे सोये आधे जागे।
मतलब के इस दौर में मोहब्बत है नीलाम हुई,
दो खुड जमीन के खातिर टूटते प्यार के धागे।
मेहनत करने वाले तो मकसद में कामयाब हुये,
किस्मत को कोसते रह गये रैना"जैसे अभागे। रैना"
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