Thursday, July 23, 2015

सुनो मेरी मां वैष्णो रानी,तेरी कृपा न होती है,
मां मन चाहे तेरे दर्शन,हां बरबस आंखें रोती है।
सुनो मेरी मां ---------------
तुम दिन में रात कर देती,मां जलवें अजब दिखाती हो,
अपने प्यारे भक्तों को मां,चरणों से तुम लगाती हो,
मेरे बारे मां तू न सोचे,तभी मेरी आंख भर आती है।
सुनो मेरी मां ----------------
रैना" तेरा भक्त दीवाना मां,रहमत की वर्षा कर दे मां,
कटी अब तक वीराने में,खुशियों से झोली भर दे मां,
माफ कर दो मेरी गल्ती,मां बच्चों से गल्ती तो होती है।
सुनो मेरी मां-----------------रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 

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