अपने वतन से हरगिज न धोखा कीजिये,
ये मिट्टी माँ तुम्हारी जरा सोचा कीजिये,
बलिदान वीरों ने दे कर तोड़ी हैं वो बेड़ियां,
जो गद्दारी माँ से करते उनको रोका कीजिये।
रहती सदा शिकायत क्या देश ने दिया है,
है तेरी क्या कुर्बानी इसका मौका कीजिये।
आज के माडर्न बच्चें हो लिये बड़े सयाने,
इसमें भलाई अपनी बेजा न टोका कीजिये।
रैना"रोना छोड़ो गर पा नी तुझको मंजिल,
मेहनत की आग में खुद को झौंका कीजिये। रैना"
ये मिट्टी माँ तुम्हारी जरा सोचा कीजिये,
बलिदान वीरों ने दे कर तोड़ी हैं वो बेड़ियां,
जो गद्दारी माँ से करते उनको रोका कीजिये।
रहती सदा शिकायत क्या देश ने दिया है,
है तेरी क्या कुर्बानी इसका मौका कीजिये।
आज के माडर्न बच्चें हो लिये बड़े सयाने,
इसमें भलाई अपनी बेजा न टोका कीजिये।
रैना"रोना छोड़ो गर पा नी तुझको मंजिल,
मेहनत की आग में खुद को झौंका कीजिये। रैना"
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