कदमों में फिर तो जमाना आ गया।
उस पर तो हर कोई होगा ही फ़िदा,
काम कर जिसको दिखाना आ गया।
मायूस वो तो कभी होगा न उदास
जिसे खुद औरों को हंसाना आ गया।
इस दौर में उसे मिलती कामयाबी,
जिसको शिकार फसाना आ गया।
रैना की जिन्दगी तो फटा सा ढोल है,
मजबूरी में उसे भी बजाना आ गया। रैना"
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