नही कोई भी दर वैष्णो माँ के दरबार जैसा,
जहां में प्यार नही मिलता माँ के प्यार जैसा।
भक्तों जल्दी चले आओ माँ खोल खजाने बैठी है,
कोई चिंता मत करना माँ बिगड़ी बनाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ ---------------------
माँ को बच्चों का रहे इंतजार बहुत,
वैष्णो बच्चों से करती प्यार बहुत,
माँ को प्यार बहुत एतबार बहुत,
तभी कर दिये भव से पार बहुत,
तेरी भी झोली भर देगी माँ भाग्य जगाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ --------------------
रैना"दुखी रहता क्यों परेशान है तू,
माँ की रहमत से क्यों अनजान है तू,
अनजान है तू परेशान है तू,
माँ से दूर बैठ बड़ा ही नादान है तू,
श्रदा से माँ से कर विनती वैष्णो दुखड़े मिटाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ -----------------रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ
जहां में प्यार नही मिलता माँ के प्यार जैसा।
भक्तों जल्दी चले आओ माँ खोल खजाने बैठी है,
कोई चिंता मत करना माँ बिगड़ी बनाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ ---------------------
माँ को बच्चों का रहे इंतजार बहुत,
वैष्णो बच्चों से करती प्यार बहुत,
माँ को प्यार बहुत एतबार बहुत,
तभी कर दिये भव से पार बहुत,
तेरी भी झोली भर देगी माँ भाग्य जगाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ --------------------
रैना"दुखी रहता क्यों परेशान है तू,
माँ की रहमत से क्यों अनजान है तू,
अनजान है तू परेशान है तू,
माँ से दूर बैठ बड़ा ही नादान है तू,
श्रदा से माँ से कर विनती वैष्णो दुखड़े मिटाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ -----------------रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ
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