तुम शज़र थे हम तेरी छाया को तरसेंगे,
तेरी कमी का एहसास होगा नैना बरसेंगे,
तेरी दिखाई राह पे चल रहे हजारो लाखों,
पथपर्दशक नही होगा पथिक तो भटकेंगे।रैना"
तेरी कमी का एहसास होगा नैना बरसेंगे,
तेरी दिखाई राह पे चल रहे हजारो लाखों,
पथपर्दशक नही होगा पथिक तो भटकेंगे।रैना"
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