Friday, July 17, 2015

मातृ भूमि का कर्ज जो भूल जाया करते है,
जीवन भर वो खुद से मुंह छुपाया करते है,
भारत माँ के दीवाने तो गीत गाया करते है,
देख फांसी को मस्ताने मुस्कराया करते है। रैना"


मजबूरी है मैं विदेश चला जाऊगा,
लेकिन भारत माँ तुझे न भुलाऊगा,
मेरी आंखों में तो सजा रहेगा तिरंगा,
माँ तेरे गीत वन्दे मातरम गाऊगा। रैना"

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