Saturday, July 11, 2015

जो देश की रक्षा के खातिर अपने प्राण लुटाते हैं,
निसंदेह ऐसे वीर जवान जन्नत में पूजे जाते है।
रैना तू भी मां के आगे अपना समर्पण कर दे,
जो भी करता काम भारत मां के अर्पण कर दे। रैना"

दिन दिहाड़े अत्यचार होते देखा है,
मसीहा को गहरी नींद सोते देखा है।
हाल से बेहाल परेशान दुखी लाचार,
मैंने भारत माता को रोते देखा है। रैना"


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