तेरी कमी नही है,पर बदनसीब हम हैं,
छेड़े मुझे जमाना,इन्सां अजीब हम हैं।
तुझसे गिला यही है,हमसे खफा खफा हो,
मिलते कभी नही हो,रहते करीब हम हैं।
हर दिल फ़िदा तुझी पे,जलवें हसीन तेरे,
धनवान तुम बड़े हो,लेकिन गरीब हम हैं।
तेरी अदा कयामत,छोड़े असर गज़ब का,
एहसास हम करे ये,तेरे हबीब हम हैं।
अफसोस है यही तो,खुद को नही तलाशा,
दुश्मन नही हमारा,अपने रकीब हम हैं।
रैना जरा संभल के,है बेइलाज उल्फत,
पूछो यहां किसी से,कहते तबीब हम हैं। रैना
छेड़े मुझे जमाना,इन्सां अजीब हम हैं।
तुझसे गिला यही है,हमसे खफा खफा हो,
मिलते कभी नही हो,रहते करीब हम हैं।
हर दिल फ़िदा तुझी पे,जलवें हसीन तेरे,
धनवान तुम बड़े हो,लेकिन गरीब हम हैं।
तेरी अदा कयामत,छोड़े असर गज़ब का,
एहसास हम करे ये,तेरे हबीब हम हैं।
अफसोस है यही तो,खुद को नही तलाशा,
दुश्मन नही हमारा,अपने रकीब हम हैं।
रैना जरा संभल के,है बेइलाज उल्फत,
पूछो यहां किसी से,कहते तबीब हम हैं। रैना
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