Tuesday, July 14, 2015




नसीबों से गिला मुझको,कभी राहें कभी मंजिल नही मिलती,
परेशानी यही अफ़सोस मुरझाई कली दिल की नही खिलती।
बताये क्या कभी दिन भी कभी रातें करें शिकवा गिला मुझसे,
बड़ी मुश्किल जले तन मन करे तो क्या न गम की शाम है ढलती। रैना"


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