मेरी माँ वैष्णो रानी जी ये फरियाद हमारी है,
हम पे क्यों नही होती माँ जी कृपा तुम्हारी है।
हम भटकते रहते है माँ तुम गौर नही करती,
तेरी नजरें इनायत क्यों हमारी ओर नही करती।
हम जन्मों के प्यासे तुम प्यार का सागर माँ,
रैना"पे कर दो रहमत तेरी आओ मेरे घर माँ।
माँ इतना कर्म कर दो हम दुनिया को भुला देंगे,
तेरी ये प्यारी सी मूर्त आँखों दिल में बसा लेगे।
मन मंदिर सजाया है अब माँ देर नही करना,
इक तेरा सहारा है माँ मेरी अंधेर नही करना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ
हम पे क्यों नही होती माँ जी कृपा तुम्हारी है।
हम भटकते रहते है माँ तुम गौर नही करती,
तेरी नजरें इनायत क्यों हमारी ओर नही करती।
हम जन्मों के प्यासे तुम प्यार का सागर माँ,
रैना"पे कर दो रहमत तेरी आओ मेरे घर माँ।
माँ इतना कर्म कर दो हम दुनिया को भुला देंगे,
तेरी ये प्यारी सी मूर्त आँखों दिल में बसा लेगे।
मन मंदिर सजाया है अब माँ देर नही करना,
इक तेरा सहारा है माँ मेरी अंधेर नही करना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ
No comments:
Post a Comment