चाहे हम पढ़ लिख कर भी बेरोजगार बैठे है,
पर भारत माँ तेरे लिए मरने को तैयार बैठे है,
किसी की क्या मजाल जो तुम्हारी तरफ देखे,
माँ तेरे दीवाने दो दो हाथ करने को बेकरार बैठे है। रैना"
पर भारत माँ तेरे लिए मरने को तैयार बैठे है,
किसी की क्या मजाल जो तुम्हारी तरफ देखे,
माँ तेरे दीवाने दो दो हाथ करने को बेकरार बैठे है। रैना"
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