Saturday, July 11, 2015

फिर जला है दिल का मेरे आशियाना दोस्तो****
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
मापनी है------ 2122 2122 2122 212


काश मिलने का बने कोई बहाना दोस्तों,
गुनगुना सके 

No comments:

Post a Comment