वीरान गुलशन को गुलजार कर ले,
जिंदगी अपनी है इसे प्यार कर ले।
जन्मों से मझदार में अटका हुआ,
मिली मोहलत सफीना पार कर ले।
वो दिलो जान से फ़िदा है तुझ पे,
तू भी मोहब्बत का इज़हार कर ले।
छोड़ दे तू बेवजह हवा में उड़ना,
जान हकीकत खता स्वीकार कर ले।
रैना"फिर न रहे दुःख कोई परेशानी,
फ़क़त साजन से आंखें चार कर ले। रैना"
जिंदगी अपनी है इसे प्यार कर ले।
जन्मों से मझदार में अटका हुआ,
मिली मोहलत सफीना पार कर ले।
वो दिलो जान से फ़िदा है तुझ पे,
तू भी मोहब्बत का इज़हार कर ले।
छोड़ दे तू बेवजह हवा में उड़ना,
जान हकीकत खता स्वीकार कर ले।
रैना"फिर न रहे दुःख कोई परेशानी,
फ़क़त साजन से आंखें चार कर ले। रैना"
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