मैं तुझ पे फ़िदा हो गया,
खुद ही खुद में खो गया।
तेरी बाहों में आ के लगा,
मां की गोद में सो गया।
सावन में बरसा बादल,
सारा ही गम को धो गया।
मन उसके गीत गाने लगा,
मैं तो मैं से जुदा हो गया।
रैना जिंदगी क्या जान ले,
क्यों राहों में कांटें बो गया।रैना"
खुद ही खुद में खो गया।
तेरी बाहों में आ के लगा,
मां की गोद में सो गया।
सावन में बरसा बादल,
सारा ही गम को धो गया।
मन उसके गीत गाने लगा,
मैं तो मैं से जुदा हो गया।
रैना जिंदगी क्या जान ले,
क्यों राहों में कांटें बो गया।रैना"
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