दिल के करीब लगते हो।
मेरे नसीब लगते हो।
तुम हो हसीन सब कहते,
दिलकश हबीब लगते हो।
अपने लिये कभी सोचो,
खुद के रक़ीब लगते हो।
दिल का इलाज तू कर दे,
तुम तो तबीब लगते हो।
रैना"तुझे कहे क्या हम,
इन्सां अजीब लगते हो।रैना"
रात सपनों में आते हो मेरे,
दिन में भी कभी मिला करो,
तुम फूल हो सब ये कहते,
कभी देख के हम को खिला करो। रैना"
मेरे नसीब लगते हो।
तुम हो हसीन सब कहते,
दिलकश हबीब लगते हो।
अपने लिये कभी सोचो,
खुद के रक़ीब लगते हो।
दिल का इलाज तू कर दे,
तुम तो तबीब लगते हो।
रैना"तुझे कहे क्या हम,
इन्सां अजीब लगते हो।रैना"
रात सपनों में आते हो मेरे,
दिन में भी कभी मिला करो,
तुम फूल हो सब ये कहते,
कभी देख के हम को खिला करो। रैना"
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