Monday, July 13, 2015

वैष्णो माँ का दर प्यारा,
सारे जग से न्यारा,
यहां भक्तों को माँ का सहारा मिलता,
जो भटके हैं उनको किनारा मिलता।
जो भटके हैं ---------------------
बीच गुफा में है बैठी,
चरणों में गंगा बहती,
भक्तों की माँ दीवानी,
देख हंसती ही रहती,
करो दर्शन मस्त नजारा मिलता।
जो भटके हैं --------------------
रैना"क्या है मजबूरी,
रखी माँ से है दूरी,
फिर अंधेरे में भटके ,
रह जाये जिंदगी अधूरी,
 ये जन्म न फिर से दोबारा मिलता।
जो भटके है ------------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

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