Wednesday, July 8, 2015

विनती सुन माँ वैष्णो रानी,
तेरे दर पे भिखारी आ गये,
मुद्दत से हम भटका किये,
अब हम भी रस्ता पा गये।
तेरे दर पे भिखारी --------
सिर्फ करना है दीदार तेरा,
अखियों को इन्तजार तेरा, 
हम आस लगाये बैठे हैं माँ,
कब बरसेगा माँ प्यार तेरा,
तेरे दर पे तेरी कृपा से माँ,
देखो मस्त नजारे छा गये।
तेरे दर पे भिखारी -------
ये घर न अपना घर लगता,
बड़ा मुश्किल सफर लगता,
तेरी कृपा से तो यहां कट रही,
सोच आगे की बड़ा डर लगता,
करो रहमत तेरी वैष्णो रानी,
रैना"तेरे संग प्रीत लगा गये।
तेरे दर पे भिखारी -----रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ





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