Tuesday, July 7, 2015

वैष्णो माँ तेरे चरणों में,हमारा उद्धार होना है,
करो मंजूर माँ अर्जी,हमें भव पार होना है।
करो मंजूर माँ -----------------------
कहने को उजाला है, वैसे तो गुप अन्धेरा है,
करो नजरे इनायत माँ,तभी होना सवेरा है,
मिलेगा तब किनारा जब,तेरा उपकार होना है।
करो मंजूर माँ -------------------------
चार दिन की जिंदगी, दो दिन की ही बाकी है,
पिला दे नाम का अमृत,मेरी माँ तू ही साकी है,
 इस वीरान गुलशन को,गुले गुलजार होना है।
करो मंजूर माँ --------------------------रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ

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