दर्द दिल के कोने में छुपा के रखा,
हंसी को है होठों पे सजा के रखा।
ख्वाब देखने तो छोड़ दिये हमने,
ख्वाबों ने हम को सता के रखा।
दिल टूटते ही लोग बनते शराबी,
हमने मय से खुद को बचा के रखा।
हिम्मत से ही मिलती है मंजिल,
मैंने आस का दीप जला के रखा।
मेरे साथ लोगों ने धोखा किया है,
फिर भी सबको अपना बना के रखा ,
रैना"ने उस यार को पाने के खातिर,
दिल इश्क की आग में जला के रखा। रैना"
हंसी को है होठों पे सजा के रखा।
ख्वाब देखने तो छोड़ दिये हमने,
ख्वाबों ने हम को सता के रखा।
दिल टूटते ही लोग बनते शराबी,
हमने मय से खुद को बचा के रखा।
हिम्मत से ही मिलती है मंजिल,
मैंने आस का दीप जला के रखा।
मेरे साथ लोगों ने धोखा किया है,
फिर भी सबको अपना बना के रखा ,
रैना"ने उस यार को पाने के खातिर,
दिल इश्क की आग में जला के रखा। रैना"
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