Tuesday, June 30, 2015


                       ग़ज़ल

याद तेरी बावफ़ा क्यों तुम वफ़ा करते नही,
दोस्ती का हक़ भला क्यों तुम अदा करते नही।
तुम तबीबो थे मिरे किस बात पे रूठे सनम,
दर्द से हम मर रहे क्यों तुम दवा करते नही।
मांगते हैं खैर तेरी तू सलामत हो सदा,
बददुआ हम दे तुझे हरगिज खता करते नही।
जां मिरी हो तुम कभी होता मुझे एहसास है,
फिर भला क्यों तुम हमें खुल के मिला करते नही।
काश रैना" हम कभी तन्हा मिले कुछ चैन से,
फूल किस्मत के कभी हर दिन खिला करते नही। रैना"



याद तेरी से भला अब मैं शिकायत क्या करू,
तू नही है पास मेरे मैं शरारत क्या करू। 
टूटते दिल देख कर ही डर बहुत लगता मुझे,
हौसला है टूटता कायम न हिम्मत क्या करू। 
देखता मैं ख्वाब पर कोई हुआ है सच नही,
है जमाने बेवफा फिर मैं लियाकत क्या करू। 
राख मेरी जब उड़ी सबने हवा दी जोर से,
दोस्तों का खेल था अब मैं सयानत क्या करू। 
छोड़ रैना"इस शहर को घर वहां अपना बना,
वो खफा हमसे न मिलती है इजाजत क्या करू।रैना" 

Monday, June 29, 2015

बाजे ढोल नगाड़े,माँ वैष्णो के दर पे,
भक्त लगाये जयकारे,माँ वैष्णो के दर पे।
जयकारा वैष्णो महारानी का ------बोलो सच्चे दरबार की जय ---
माँ ने बुलाया तो हम भी दर आ गये,
मनचाहा फल देखो हम भी है पा गये,
जागे भाग्य हमारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे --------------
जीवन में मस्त बहार है देखो आ गई,
नाम का जाम पिया मस्ती है छा गई,
खिले मन में फूल न्यारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे -------------
जल्दी आ रैना"अब देर किस बात की,
बारी आ गई तेरी माँ से मुलाकात की,
तेरे कट जाये दुखड़े सारे,माँ वैष्णो के दर पे।
भक्त लगाये जयकारे ----------रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ






उसे कबूल आप की हर फरियाद हो,
आप के ख्वाबों का शहर आबाद हो,
आप के लिये मंगाते हम यही दुआ,
आप को जन्म दिन मुबारखबाद हो। रैना"

Sunday, June 28, 2015

माँ के खुले दरबार,
आ के देखो इक बार,
यहां खुले है भंडार,
माँ का बरसे है प्यार।
माँ वैष्णो रानी को इंतजार तेरी है,
क्यों देरी कैसे देरी किसलिए देरी है।
किसलिए देरी भक्ता किसलिए देरी है।
किसलिए देरी है -------------------
गुफा में बैठी है हो के तैयार माँ,
शिद्दत से भक्तों का करती इंतजार माँ ,
तू ही माँ से करे हेराफेरी है।
क्यों देरी कैसी देरी किसलिए देरी है।
किसलिए देरी है --------------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ  
तमन्ना है यही मेरी टूट के प्यार करना है,मुझे वीरान गुलशन को गुले गुलजार करना है।
गुले गुलजार करना है।
साथ मेरे रहता है हरदम फिर भी क्यों न बोले है,
मुख से सरका ले चिलमन तेरा दीदार करना है।
तेरा दीदार करना है।
मुझे ये खबर है इतनी ये दिल तेरे दम से धड़के है,
तीर तेरी नज़रों का जाना दिल से आर पार करना है।
दिल से आर पार करना है।
हालत हो मीरा के जैसी गाऊ मैं गीत मस्ती में,
साफ़ कर मन के मंदिर को तेरा इंतजार करना है
तेरा इंतजार करना है।
तेरे इस शहर के लोगों  को फरेब अब अच्छा लगता है,
खुद आ दे नहसियत कोई इन्हें भी पार करना है।
इन्हें भी पार करना है।
कोई कहे मस्जिद में बैठा कोई कहे रहता मंदिर में,
रैना"कहे खोज के मन में जीवन को बहार करना है।
जीवन को बहार करना है। ----------रैना"

नदी का वजूद नही किनारे बिना,
यूं मेरा वजूद नही तुम्हारे बिना।
हुस्ने सूरज से दिन होता रोशन,
रात का वजूद नही सितारे बिना।
हम तेरे दम से ले रहे हैं सांसे,
तुम बसर कर लो गे हमारे बिना।
दूर मंजिल राह बड़ी मुश्किल है,
टूट के बिखर जाये सहारे बिना।
रैना"मीरा मिलन को तड़फ रही,
पल गुजरे न श्याम प्यारे बिना।रैना"

Saturday, June 27, 2015

मेरी माँ वैष्णो रानी जी,
मेरी माँ जग कल्याणी जी,
भक्तों की बिगड़ी संवार दे,
 हे माँ भक्तों की बिगड़ी ------
दुःख अपना कहते हैं,
तेरे चरणों में बैठे हैं,
माँ भव से पार उतार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
तेरा दर माँ प्यारा है,दुनिया से न्यारा है,
हमको भी अपना माँ प्यार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
माँ मेरी छाई उदासी है,आँख दर्शन को प्यासी है,
दर्शन मुझे इक बार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ----------
मतलबी जग को  जाना है,रैना"हुआ तेरा दीवाना है,
इक बार माँ मेरी दीदार दे।
हे माँ भक्तों की बिगड़ी ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

मापनी 
1222 1222 1222 12222

गिला मुझको यही तुझसे वफ़ा करता नही कोई,
करे दावा किसी खातिर यहां मरता नही कोई। 
बड़ी ही दूर मंजिल है ठिकाना मिल नही सकता,
यही तो बात है सच्ची सही चलता नही कोई। 
नही अब रात की बातें चढ़े दिन वारदातें हो,
सभी को भूख पैसे की अभी डरता नही कोई। 
कहे सब दोष दिल का करे मन की सदा अपनी,
कभी दिल पे हकूमत राज क्यों करता नही कोई। 
चलो रैना चले घर को गुजारा अब यहां मुश्किल,
मिलेगे दुःख परेशानी अमन मिलता नही कोई। रैना" 
ऐसे तो हमें खूब मिले,पर्दानशीं का मिलना बाक़ी है,
आबाद हो चमने जिंदगी,गुले दिल का खिलना बाकी है।
सीने पे जो लगे हैं जख़्म,कही नासूर न बन जाये,
उल्फ़त के उस धागे से,इन जख्मों का सिलना बाकी है।



हमको राज छुपाने नही आते,
उनको राज बताने नही आते।
वो बात बात पे बहाना बना देते,
हमको बहाने बनाने नही आते।
किसी ओर के लिये सजाये कैसे,
दिल के दाग मिटाने नही आते।
कहने को इंसानों की बस्ती है,
पर डूबते को बचाने नही आते।
रैना"वो इस क़द्र रूठे है हमसे,
अर्थी को कंधा लगाने नही आते। रैना"






Thursday, June 25, 2015

हो रही जय जय कार दोस्तों फेसबुक पे,
माँ के भक्त बेशुमार दोस्तों फेसबुक पे। 
उसको हम पे तरस न आया,
मांगा अमृत जहर थमाया।
अपनी भी हिम्मत है यारों,
हमने तोहफ़ा न ठुकराया।
जो किस्मत में वो ही मिलता,
हमने दिल को ये समझाया।
जिसको भूले मुद्दत गुजरी,
रात फिर वो सपने में आया।
झूठा वहम क्यों पाला रैना"
कुछ न अपना सब है पराया।  रैना"
मेरी विनती करो स्वीकार वैष्णो माता जी,
मुझे बख्शो अपना प्यार वैष्णो माता जी।
मेरी विनती करो -----------------
आदि शक्ति माँ जग कल्याणी,
तेरी महिमा माँ किसे न जानी,
भक्तों पे करत उपकार वैष्णो माता जी।
मेरी विनती करो ----------------
भक्त है तेरा माँ गम का मारा,
रैना"को माँ बस तेरा ही सहारा,
अब कर दो मेरा उद्धार वैष्णो माता जी।
मेरी विनती करो -----------रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ

काश तेरे घर अपना भी आना होता,
तुझसे मिलने का कोई बहाना होता।
इक तुम मझको अपना कह देते,
फिर तो मेरे कदमों में जमाना होता।
मिल जाता गर मुझको सहारा तेरा,
फिर तो जीवन हसीन तराना होता।
उसकी महफ़िल में रुतबा पाने को,
भला कुछ कर के हैं दिखाना होता।
सरल कर लेता आगे की कठिन राहें
 काश रैना"भी इतना सयाना होता।

Wednesday, June 24, 2015

मेरी जिंदगी में ख़ुशी शुमार नही,
बदनसीब से किसी को प्यार नही।
मेहनत में कसर न छोड़ी हमने,
सफ़ीना फिर भी हुआ पार नही।
अपने हाथों पे फ़क़त भरोसा है,
सिर झुकाना हमें स्वीकार नही।
उससे शिकवा यही शिकायत है,
अपने जीवन में आई बहार नही।
रैना"को गम यही तो परेशानी है,
पर्दानशीं का होता दीदार नही।  रैना"



माँ वैष्णो रानी तेरी जय जय कार,
जय जय कार तेरी जय जय कार,
तेरी लीला अपरम्पार।
माँ वैष्णो रानी तेरी जय--------
बीच गुफा में माँ आसन तेरा,
लक्ष्मी काली सरस्वती का डेरा,
भक्तों में बांटे प्यार।
माँ वैष्णो रानी तेरी जय --------
लाखों भक्त दर्शन को आये,
आकर अपनी बिगड़ी बनाये,
हो भव सागर से पार।
माँ वैष्णो रानी तेरी जय -------
माँ रैना"भी तेरा भक्त दीवाना,
मांगे माँ तेरा नाम खजाना,
विनती करो माँ स्वीकार।
माँ वैष्णो रानी तेरी जय ----रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 

Tuesday, June 23, 2015

बेशक तुझे चिंता है माँ सारे जमाने की,
कभी निकालो फुरसत मेरे घर आने की,
किस कदर हम है मुश्किल परेशानी में,
आ के देखो हालत अपने भक्त दीवाने की। 

हे माँ मेरी वैष्णो माता तुम जग की महारानी हो,
दुःख हरणी माँ सुख करनी अम्बे जग कल्याणी हो,
हम भी तेरे बच्चे हैं माँ इतना तो एतबार करो,
रख लो अपने कदमों में प्यार करो हमें प्यार करो।

तेरे भक्त दीवाने मुश्किल में मुश्किल दूर हटा दो माँ,
भक्तों के दुखड़े हर सकती हो तेरा जलवा दिखा दो माँ,
बुझने लगा वो दीपक फिर मन में आश जगा दो माँ,
रैना"मांगे चरणों की भक्ति इस काम में हमें लगा दो माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ

122 122 122 12


तेरी याद दुश्मन मेरी बन गई,
कभी 
हमें गम नही अब सजा दीजिये,
हमारी खता है क़ज़ा दीजिये। 
यही आरजू तू कभी 
ख्वाहिशों का कोई अंत नही हो सके तो रोकिये,
बेहतर होगा ये  कुछ अपने बारे भी सोचिये।
अच्छे से तुम जानते हो क्या बुरा है क्या भला,
सेहतमंद रहना है तो भटके कदमों को टोकिये।
बेवफ़ा ये दौर है नीयत नीति की बात नही,
धोखा गर दे हमनवा हरगिज न कभी चौंकिये।
ऊंची दुकान पे तो मिलता फ़ीका पकवान है,
कुछ भी अब खरीदिये उल्ट पलट कर देखिये।
रैना"सो कर काट ली दिन भर करी ठिठोलियां,
कैसे कटेगी आगे की जरा इस बारे भी सोचिये। रैना"


मरने का बहाना नही,जीने की गुस्ताख़ी करते हैं लोग,
वैसे तो आना निश्चित फिर भी मौत से डरते हैं लोग।
दिल तो अपना टूट गया टुकड़ो का बिखरना बाकी है,




Monday, June 22, 2015

क्यों हम से नाराज है माता,
ये बता क्या राज है माता,
थे जितने सहारे टूट गए,
बनता न कोई काज है माता।
तू दुखड़े हरने वाली है, पर हम पे उपकार नही करती,
तुझे सारे ही बच्चें प्यारे हैं,तू हम से प्यार नही करती।
तू हम से प्यार  -----------माँ हम से ----------------
हरपल सुबह शाम माता,मैं तेरा ही ध्यान लगाता हूं,
बैठ के चरणों में मां,मैं तुझे अपना ही दुःख सुनाता हूं,
पर मेरी विनती वैष्णो रानी क्यों स्वीकार नही करती।
तू हम से प्यार-----------माँ हम से -----------रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ  
तेरे घर का पता तो मिलता नही,
इक तू है किसी को बताता नही,
हम आये तो आये फिर कैसे आये,
उस रास्ते पे चलना तो आता नही। रैना"
तेरी यादों के साये में जीने की आदत हो गई है,
तेरे साथ गुजरे हर लम्हे से मोहब्बत हो गई है,
तू रहनुमा मेरा तुझे मैं भला कैसे भूल जाऊ,
क्या करू मजबूरी तेरी याद मेरी जरूरत हो गई है। रैना" 
तेरे में बारे सोचता रहता हूं,
मैं दिल को टोकता रहता हूं।
राजे दिल कही खुल न जाये,
आंसुओ को रोकता रहता हूं।
मैं आहट सुन के कदमों की,
यूं अक्सर चौंकता रहता हूं।
मैं कुत्ता हूं इक तेरी गली का,
देख गैर को भौंकता रहता हूं।
आतिशे इश्क की भठ्ठी में,
रैना"जान झौंकता रहता हूं। रैना" 


मैं तो काली काली रैना दिन का इन्तजार मुझे,
मुद्दत से मैं तड़फ रही मिला न मेरा प्यार मुझे।
मेरे आने के बाद ही शुरू हो जाती गुस्ताखियां,
मैं सुध बुध सी खोई रहती हर खता स्वीकार मुझे।
बड़े ही अवारा हो लिये तेरे इस शहर के लोग भी,
अपनी खता छुपाने को कर देते है लाचार मुझे।
कभी तो थी मेरी किस्मत मैं चैन से रहती थी,
आतिशे इश्क में जलती न नसीब हुई बहार मुझे। रैना"

Sunday, June 21, 2015

माँ मेरी वैष्णो रानी,
सुन ले मेरी दर्द कहानी,
पहुंच किनारे कश्ती डूबे,
मेरी पीर न तूने जानी।

वैष्णो माँ दर्श दिखा दो,
जन्मों की प्यास बुझा दो,
गर जो ऐसा न कर पाओ तो,
माँ मेरी हस्ती मिटा दो।

माँ मेरी तेरा सहारा,
बैरी बना जग ये सारा,
तन्हा बैठा रोता रहता,
रैना"माँ भक्त तुम्हारा।
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 
माँ बाप को समर्पित
कभी कभी मैं खुद को बड़ा खुशनसीब पाता हूं,
जब मैं माँ बाप के छोटे छोटे झगड़े निपटाता हूं।
पिता जी कहते तेरी माँ मुझे आंखे दिखाती है,
बहुत कहने पर भी मुझे मेरी छड़ी न पकड़ाती है।
माँ कहती तेरा बाप मुझे अक्सर चिला के बोले है,
कुछ बुरा भला ही कहते जब भी मुख खोले है।
मैं कहता देखो जी मैं दोनों को कुछ न कह पाउगा,
यदि दोबारा लड़ाई की फिर मिलने नही आउगा।
इतना सुन कर दोनों का पारा नीचे आ जाता है,
हम नही लड़ेंगे दोनों का एक साथ जवाब आता है।
एहसास होता मेरे माँ बाप मुझे मिलने को तरसते है,
मुझसे मिलने के लिए ही लड़ने का नाटक करते है।
रैना"माँ बाप अक्सर बच्चों की जुदाई का गम सहते है,
बच्चों की याद में उनके नैना हरपल नम ही रहते है। रैना"


अपने पापा को समर्पित
मिटाते ही रहे मेरे जीवन के अंधेरे,
निःसंदेह खुदा का रूप हैं पापा मेरे।
जिंदगी के हर रंग में ढलना सिखाया,
खुद जले और मुझे चलना सिखाया।
अपने कई काम वो न जरूरी करते,
लेकिन मेरी हर ख्वाहिश पूरी करते।
ठंडी गर्म हवा से बचा के रखा है मुझे,
अपने सीने से लगा के रखा है मुझे।
सूरज ने कभी न मुझको जलाया है,
क्योकि मेरे सिर पे शज़र की छाया है।
रैना"ने जीवन को महका लिया है,
अपने पापा को  दोस्त बना लिया है। रैना"

Saturday, June 20, 2015

शहीदे आजम भगत सिंह के शान में
भगत सिंह चैन से तू कब सो रहा होगा,
देश की हालत देख फूट फूट रो रहा होगा।
तू देखता हर कोई खुद को ही करता तृप्त है,
देश का मसीहा ही अब भ्रष्टाचार में लिप्त है।
देश भक्ति का तो बेवजह मचा हुआ शोर है,
अब यहाँ हर किसी की कुर्सी तक ही दौड़ है।
अफ़सोस देश का हर तीसरा मसीहा दागी है,
अब काले अंग्रेजों के हाथ में देश की चाबी है।
भगत सिंह जी साथियों सहित लौट के आओ,
भारत माँ को काले अंग्रेजों से मुक्त करवाओ।रैना"
अफ़सोस उससे हमें ये गिला,
किस्मत ने हर कदम पर धोखा दिया है। रैना"


मुझे जमाने से जुदा न बनाओ यारो,
इंसान ही रहने दे खुदा न बनाओ यारो। रैना"

बेशक उसने मेरे साथ मजाक किया है,
सबकुछ मेरे पास पर कुछ भी नही है। रैना"

मैंने दिल को बहुत संभाला है,
लेकिन अब दिल के छाले फूटने लगे हैं। रैना"

दर्द से तो अपना समझौता है,
पर किस्मत बीच में दीवार बन गई है। रैना"

बेशक कामयाबी के लिए मेहनत बहुत जरूरी है,
लेकिन किस्मत के बिना मेहनत आधी अधूरी है। रैना"

काश तेरी यादें ?????
रेत की तरह दिल के हाथों से फिसल जाती। रैना"

खैर वो किस्मत वाले है जो सोते है,
इस बदनसीब को सारी रात नींद नही आती। रैना"

मरने की जिद्द छोड़ दे,जीने की कोई बात कर,
गम से किनारा करले तू ,हंसी की बरसात कर।
कदमों को न रुकने दे,नज़र मंजिल पे रखना,
दिल का क्या बहक जाये,काबू में जज्बात कर।
पर्दे में बैठा कोई,प्यार के गीत ही गाता है,
वो ही तेरा अपना है,उससे ही तू मुलाकात कर।
मंजिल तेरी दूर बहुत,वक्त गुजार न मस्ती में,
दिन की तलाश कर रैना",बेजा न यहां रात कर। रैना"
भक्तों जय माता दी। आओ भक्तो माँ वैष्णो से विनती करे
सुन माँ वैष्णो सुन ले जरा,
भक्त तेरे द्वारे खड़ा।
मन है परेशान बहुत,
मचा घमासान बहुत।
माँ सपने टूट गये,
माँ अपने रूठ गये।
हाल से बेहाल हुये,
बादशाह कंगाल हुये।
गमों ने आ घेर लिया,
ख़ुशी ने मुंहु फेर लिया।
मन को एहसास बहुत,
माँ तेरा विश्वास बहुत।

माँ वैष्णो मेरा उद्धार करो,
विनती स्वीकार करो।
माँ अपना बना लो मुझे,
माँ चरणों से लगा लो मुझे।
भले बुरे को पहचानती हो,
मेरे दुःख माँ जानती हो।
अब मेरा इंसाफ करो,
खता मेरी माफ़ करो।
ये जलवा तो दिखा ही दे माँ,
रोते रैना"को हंसा ही दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ



तुझसे मिलने का कोई बहाना नही मिलता,
तुम रहते हो कहां ढूंढे ठिकाना नही मिलता,
तेरी कृपा से ही मिलता है नाम का खजाना,
बदकिस्मतों को ऐसा खजाना नही मिलता।रैना"
दोस्तों आप के लिए नही मेरे लिए है
काम कोई जब चले नही मरने का बने इरादा जी,
ओढ़ लो नकली बाणा बन जाओ फिर बाबा जी।
कानों में कुंडल गले में माला नगों से भरी उंगलियां,
माथे पे लम्बा तिलक सजे नंगा रखे तन आधा जी।
मोटे मोटे पैसे वाले पांच सात शिष्य बना लेना,
खुद चाहे अमल मत करना नसीहतें देना ज्यादा जी।
हाई प्रोफाइ बाबा के पास आई फोन होना जरूरी है,
तन्हा चाहे रम पीना जनता के सामने पीना माजा जी।
इस शहर में सारे रोगी हैं बीमारों का इलाज भी करना,
फिर तो तूती बोलेगी माल खाने को मिले खूब ताजा जी।
रैना"भी थक हार गया कुछ ऐसी ही प्लान करने लगा,

सूफी तो हम हो लिये अब बन जाते ढोंगी बाबा जी। रैना"
दोस्तों आप के लिए नही मेरे लिए है

काम कोई जब चले नही मरने का बने इरादा जी,
ओढ़ लो नकली बाणा बन जाओ फिर बाबा जी।
कानों में कुंडल गले में माला नगों से भरी ऊँगली,
माथे पे लम्बा तिलक सजे नंगा रखे तन आधा जी।
मोटे मोटे पैसे वाले पांच सात शिष्य बना लेना,
खुद चाहे अमल न करना नसीहतें देना ज्यादा जी।
हाई प्रोफाइ बाबा के पास आई फोन होना जरूरी है,
तन्हा रम चाहे पीना जनता के सामने पीना माजा जी।
इस शहर में सारे रोगी बीमारों का इलाज भी करना,
फिर तो तूती बोलेगी माल खाने को मिले खूब ताजा जी।
रैना"भी थक हार गया कुछ ऐसी ही प्लान करने लगा,
सूफी तो हम हो लिये अब बन जाते फरेबी बाबा जी। रैना"



खुद से बेपनाह मोहब्बत हो गई है,
जामे नाम पीने की आदत हो गई है,
हर महफ़िल में उसके नाम के चर्चे,
"रैना"की कुछ ऐसी सुहबत हो गई है। रैना"

Thursday, June 18, 2015

रूठा करते हैं बच्चें पर हम से माँ रूठी है,
इक आस बची थी बाकी वो भी अब टूटी है,
किस पे भरोसा हम विश्वास करले मईया,
ये दुनिया सारी मतलब की फरेबी झूठी है।
ऐसा तो कभी होता नही माँ रूठे बच्चों से,
अपना साथ हुआ ऐसा किस्मत जब फूटी है।
माँ वैष्णो महारानी रैना"पे कर नजरे कर्म,
फिर से माँ आबाद कर जो दुनिया मेरी लूटी है। रैना"

Wednesday, June 17, 2015

इक दो दिन की बात नही ताउम्र साथ निभाना है,संग में रहते साथी दुश्मन ने साथ ले कर जाना है। रैना"

पर्दानशीं नाराज है तू,होती आंखो से बरसात बहुत,
दिन तो जैसे तैसे कट जाये,दुःख देती है रात बहुत।
तेरे दीद की हसरत है,पर तुझको फुरसत न मिलती,
चिलमन हटा दे मेरे सनम,बहके हैं जज़बात बहुत।
मैं मैं को मैंने मार लिया,दिल तेरे कदमों में रख छोड़ा,
मिल कर तुझसे मेरे सजन,मैंने करने सवालात बहुत।
तेरे शहर के लोगों ने,जीने का अन्दाज बदल लिया,
हकीकत में कुछ नही करते,रैना करते हैं बात बहुत। रैना"

दोस्तों के नाम इक ग़ज़ल
तेरे शहर में भटके हैं हम,हमें न सच्चा प्यार मिला,
मतलब को ही पास आये,अपना जो भी यार मिला।
देखे बहुत खिलते चेहरे, पर अन्दर से सब टूटे हैं,
कहने को जन्मों का बंधन,हर रिश्ता तार तार मिला।
सुन अज़ल तेरा सहारा है, कोशिश कर हम मिल जाये,
कई बार तुझको बुलाया है,हर बार हमें इन्कार मिला।
हादसें दिल के साथ हुये,टूटे शुक्र है बिखरे नही,
रैना"उसने भी तो रुलाया है,जिससे भी एतबार मिला। रैना" 
मेरी माँ तुम क्यों हो चुप बैठी,
कुछ न कहती क्यों नही कहती,
मैंने जान लिया पहचान लिया,
माँ हरपल तुम मेरे साथ रहती।रैना"

माँ वैष्णो तुझसे है प्यार बहुत,
तुझ पे है माँ मेरी एतबार बहुत,
माँ सामने मेरे तुम आ भी जाओ,
हमें तेरा है माँ इन्तजार बहुत।रैना"

मेरे मन में बना लो माँ मंदिर तेरा,
दूर हो जायेगा जन्मों का अन्धेरा,
रोम रोम से जय जय माँ गूंजेगा,
अन्धेरा चीर के प्रकट होगा सवेरा। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ


मैं गिरते का तू सहारा हो जा,
डूबती कश्ती का किनारा हो जा,
मेरी गुजारिश सुन लख़्ते जिगर,
पर्दानशी तू मेरा प्यारा हो जा।  रैना"

Tuesday, June 16, 2015

क्यों किसलिए नाराज हो मेरी माता,
क्यों हो गई बेलिहाज हो मेरी माता।
क्यों किसलिए नाराज ------------
कोई भी बिगड़ी बात बनती नही है,
रुक गई गाड़ी जैसे चलती नही है,
बेसुरे हो गये सारे साज हो मेरी माता।
क्यों किसलिए नाराज------------
चारो तरफ छाया घना अंधेरा है माँ,
वैष्णो माँ एक सहारा बस तेरा है माँ,
रैना"का करो कुछ लिहाज हो मेरी माता।
क्यों किसलिए नाराज ---------रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

जिधर देखो नजर आते हैं बन्द दरवाजें,
सुनाई देती हैं घुटी घुटी दर्द भरी आवाजें।
इस बस्ती का कुछ ऐसा है अन्दाज यारों,
लोगों ने बदल लिया अपना मिजाज यारों। रैना"

Monday, June 15, 2015

मेरी भारत माता परेशान बहुत है,
देख बच्चों की हरकत हैरान बहुत है,
धर्म जाति के नाम से होते हैं झगड़े,
भारतवासी नासमझ नादान बहुत है। रैना"
मेरी माँ तुझे यहीं कहना है,
तेरे कदमों में मुझे रहना है,
मेरी अर्ज माँ स्वीकार करो,
दर आया हूं न इन्कार करो,
मेरी आशा पूरी कर दो माँ,
मेरी खाली झोली भर दो माँ।
यहां मेरा कोई सहारा नही,
नजर आता मुझे किनारा नही।
माँ बच्चे का दर्द मिटा सकती,
रोते को है चुप करा सकती।
फिर किस बात की माँ देरी है,
तेरे हाथ में माँ डोर मेरी है।
रैना" पे हो जाये माँ उपकार तेरा,
बच्चा मांग रहा है माँ प्यार तेरा। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ

डूबते सूरज को देख याद आया,
इक दिन हमने भी डूब जाना है। रैना"
जहां भी बैठती मेरा ही जिकर करती,
मेरी माँ मेरा बहुत ही फ़िकर करती,
माँ की जितनी तारीफ करू मैं कम है,
गम सहे चुप रहे बड़ा ही सबर करती। रैना"
जिंदगी मजबूर होती गई,
खुद से ही दूर होती गई,
कदम कदम पे परेशानी,
गम से यूं चूर होती गई। रैना" 
साँझा रेडियो बड़ा ही कमाल है,
सुनने वालो का यही ख्याल है।
साँझा रेडियो ---------------
ज्ञानवर्दक,मनोरंजन भरपूर है,
सुनते ही टेंशन हो जाती दूर है,
यमुनानगर में मचाई धमाल है।
साँझा रेडियो ---------------
मनमोहन जी का सफल प्रयास है,
राहुल जी का भी योगदान खास है,
सुधीर की मेहनत से आया जमाल है।
साँझा रेडियो ---------------रैना"


माँ की दुआ का ऐसा असर होता है,
बच्चा हर आफत से बेखबर होता है,
जिस घर में माँ बाप की सेवा होती,
मन्दिर से भी बढ़ कर वो घर होता है। रैना"

कहने को होशियार तू नादां बेख़बर है,
तेरी हर हरकत पे तो उसकी नज़र है,
पग पग पे उलझी जाती है ये जिन्दगी,
निसंदेह चुनौतीपूर्ण जीवन का सफर है। रैना"

Sunday, June 14, 2015

इक मुद्दत से हम जुदा हुये,
हम आम जन तुम खुदा हुये।
अब पी से मिलन कब होगा,
क्या मिलने का सबब होगा।
ये चमत्कार अब कब होगा,
जब सामने मेरा  रब होगा।
जब चिलमन सनम हटायेगा,
चेहरा शर्म से लाल हो जायेगा।  
फिर मन का मयूरा नाचेगा,
पी जन्मों का बंधन काटेगा।
बाग़ वीराना महक जाये,
कोयल मिलन के गीत गाये।
उस दिन का है इंतजार मुझे,
सिर्फ तेरे करने है दीदार मुझे।
पर्दानशीं पर्दा  हटा लो तुम,
सामने आ गले से लगा लो तुम।
यही हसरत तमन्ना अरमान मेरा,
रैना"के सामने बैठे भगवान मेरा। रैना"

आंखें उससे दो चार तो कर,
सच्चे मन से प्यार तो कर,
वो दुःख पीड़ा सब हर लेगा,
उस पे तू एतबार तो कर। रैना"

न उसकी तरफ से देरी है,
ये कमी तो सिर्फ तेरी है।
तू काये का गुमान करे,
जिस्म मिट्टी की ढेरी है।
तू  उलझा मोह माया में,
जान आफ़त ने घेरी है।
ये माया ठगनी ठगती है,
क्यों सोचे तेरी न मेरी है। रैना"

 माँ वैष्णो रानी की जय बोलो,
माँ जग कल्याणी की जय बोलो,
जय बोलो जय बोलो -----
जय बोलो मन के दवारे खोलो।
माँ वैष्णो ----------------
बैठी पहाड़ों पे हुक्म चलाती है,
अपने भक्तों की बिगड़ी बनाती है,
दुर्गा महारानी की जय बोलो।
माँ वैष्णो --------------
आ दर माँ के खाली झोली भरो,
दीन दुखिया की मन से सेवा करो,
रैना"अम्बे भवानी की जय बोलो।
 माँ वैष्णो ---------------रैना "
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ 

Saturday, June 13, 2015

ढूंढता रहता है उसमें खामियां अक्सर,
तू उसकी रहमतें ओ नवाज़िशें तो देख। रैना"


मिट्टी के पुतले को नाज बहुत है,
कहने को फुरसत नही काज बहुत है,
देखो तो किस कदर बहक गया है,
कल की फ़िक्र न कहे आज बहुत है।
पल भर भी मन को सकूं न मिलता,
यूं महफ़िल में बजता साज बहुत है।
अपने गिरेबान में तो झंकता नही,
दूसरों पे इसको तो एतराज बहुत है।
हमदर्दी का दिखावा तमाम ही करते,
पर रोते को रुलाने का रिवाज बहुत है।
बहाना तो पहले था आंसू छलकाने का,
अब तो महंगा हो गया प्याज बहुत है।
रैना"अब तू जरा सम्भल के ही रहना,
इन्सान ने भी बदला अन्दाज बहुत है। रैना"
  
पानी तो हर हाल में रवां होगा,
अरमां तो हर हाल में जवां होगा,
दर्दे दिल की एहमियत तब होगी,
जैसा दर्द यहां वैसा दर्द वहां होगा। रैना"
तुम चाहो मेरी माँ तभी तकदीर बदल जाये,
तकदीर बदल जाये मेरी तस्वीर बदल जाये,
तूम चाहो तो रात को दिन भी कर सकती हो,
ब्रह्मा जी लिखी हुई सारी तहरीर बदल जाये।रैना"

माँ वैष्णो महारानी जीने का न कोई बहाना है,
सब को पैसे से है मतलब अपना या बेगाना है,
तेरा दास हूं मैं सेवक सब ही बन्द हैं दरवाजे,
मैंने जान लिया माँ तेरे चरणों में ही ठिकाना है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ


Friday, June 12, 2015

मुझ में हो मुझसे ही किनारा क्यों है,
बीच का पर्दा आप को गवारा क्यों है,
हम कभी सोचते है तन्हा तेरे बारे में,
तुझे देखा नही फिर हमें प्यारा क्यों है। रैना"
नए उभरते गायकों के लिए इक सुनहरी मौका है यदि कोई गायक गीत,ग़ज़ल,भजन,सूफी गीत गाना चाहता है एवं किसी नामी कंपनी से सीडी निकलवाना चाहता है तो वह निसंकोच सम्पर्क करे, 09416076914 
तेरी रहमत का है असर माता,
जो महक रहा है मेरा घर माता,
यही अर्ज मेरी फरियाद मईया,
बनाये रखना ऐसे ही नज़र माता। रैना"

टूटी कश्ती दूर किनारा है,
माँ वैष्णो तेरा ही सहारा है,
गर माँ तू हम से रूठ गई,
फिर मुश्किल होना गुजारा है। रैना"

माँ अपने चरणों से मुझको लगाये रखना,
अपनी रहमत की नजर माँ बनाये रखना,
हमने सम्भाल के रखी है मईया यही पूंजी,
मेरी इज्जत को वैष्णो माँ बचाये रखना। रैना"  
हम चाह कर भी उन्हें भूला नही पाये,
ओर किसी को अपना बना नही पाये।
हर अक्श में उसका अक्श देखा कीये,
आंखों में किसी ओर को सजा नही पाये। रैना"


बेशक अब खुद से दूर बहुत है,
आज का इन्सां मजबूर बहुत है,
उसे भी रात भर नींद न आती,
जो शहर में  मशहूर बहुत है।रैना"
पर निकलते ही उड़ने लगते,
नादाँ इन्सां में फितूर बहुत है ,

तू बेवजह ही मौत का जिक्र न कर, उसने आना उसका तो फ़िक्र न कर। मुस्तक़िल सी बात कहना सीख ले, बेहतर होगा इधर की तू उधर न कर। चाहे बेहिचक छोड़ दे तू दामन मेरा, यूं मेरे रकीबों की तरफ नजर न कर। जमीं पे ही गिरते है ऊंचा उड़ने वाले, तू देख चमकती मिट्टी को फ़ख़्र न कर रैना"जिन्दगी का क्या कब ठहर जाये, खुद को खुद से तो ऐसे बेखबर न कर। रैना"
इस घर की चिंता छोड़ दे,उस घर बारे भी सोचा कर,
यहां तेरा अपना कोई नही,तू बेजा न खुद से धोखा कर।रैना"

नीमरोज है अभी तो अकड़  होगी,
शाम होने दो गर्दन खुद झुक जायेगी। रैना"
नीमरोज़ =दोपहर 
तू बेवजह मौत का जिक्र न कर,
उसने आना उसका फ़िक्र न कर।
सीख ले तू मुस्तक़िल बात कहना,
बेहतर होगा इधर की उधर न कर।
चाहे बेहिचक छोड़ दे तू दामन मेरा,
यूं मेरे रकीबों की तरफ नजर न कर।
जमीं पे ही गिरते है ऊंचा उड़ने वाले,
 यूं देख चमकती मिट्टी फ़ख़्र न कर
रैना"जिन्दगी का क्या कब ठहर जाये,
तू खुद को खुद से तो बेखबर न कर।  रैना" 

Thursday, June 11, 2015

सुन मेरी फरियाद माँ,सुन मेरी फरियाद माँ
किस्मत रूठी आशा टूटी हो रहे बरबाद माँ।
सुन मेरी फरियाद माँ -------------------
अपने होने लगे पराये,बनते काम बिगड़ते जाये,
मईया तेरा ही सहारा,अपना दुखड़ा किसे सुनाये,
हम भी हैं तेरे बच्चें,कर ख्वाबों का शहर आबाद माँ।
सुन ले मेरी फरियाद माँ ---------------------
वैष्णो माँ कर दो मेहरबानी,दूर करो माँ मेरी परेशानी,
रैना"पे गम का पहाड़ टूटा,माफ़ करो माँ खता नादानी,
कर दे माँ रहमत की वर्षा,मन हो जाये दिलशाद माँ।
सुन ले मेरी फरियाद माँ ------------------रैना"
सुप्रभात माँ --------------------जय जय माँ 
हमराज से दिल का राज छुपाया नही करते,
जो तुम्हें चाहते हो उन्हें सताया नही करते।
जीवन भर औलाद की खैर मांगा करते हैं,
माँ बाप का त्याग कभी भुलाया नही करते।
प्यार से भी जरूरी कई काम इस जमाने में,
अपनी ख़ुशी को किसी को रुलाना नही करते।
बुझा सको तो बुझाने की तुम कोशिश करना,
लेकिन किसी के घर आग लगाया नही करते।
रैना"लिखी को कभी भी टाला नही जा सकता,
गम आये तो बेजा दिल को जलाया नही करते। रैना"



Wednesday, June 10, 2015

मोदी जी एक कमाल ओर कर के दिखाओ,
देश सेवा करते जिन फौजियों के कोर्ट मार्सल हुये है,
उन्हें वापिस डयूटी पर बुलवाओ,
क्योंकि फ़ौज में भी चम्मचों की भरमार है,
जो देश के लिए सिर पर कफ़न बांधते,
उनको ही देश से सच्चा प्यार है। रैना"
कर दिया है आप ने कमाल मोदी जी,
चाहे 15 लाख खाते में नही आये,
फिर भी हम हो गये मालामाल मोदी जी,
आप ने तिरंगे को बहुत ऊँचा फहराया है,
आप ने भारतीय सेना का मान बढ़ाया है,
हिम्मत कर के एक नया इतिहास लिख सब को चौंकाया है,
तभी सेना ने दूसरे देश में जा आतंकियों को मार गिराया है।
देशवासियों की इच्छा है रोज रोज का खून खराबा मिटाओ,
अब वक्त आ गया पकिस्तान को भी कड़ा सबक सिखाओ।
बेशर्मी की हद है बेशर्म दूसरे का दुःख दर्द नही जाना करते,
ये सच है लातों के भूत कभी बातों से तो नही माना करते। रैना"
कैद परिंदे को मोती चुगा पाला कीजिये,
मताए दिल को बाखूबी संभाला कीजिये,
जीवन के बाद हैं घोर अन्धेरी राहें "रैना"
मन का दीप जला कर उजाला कीजिये। रैना"
अब ओर न सता माता,
उलझी डोर सुलझा माता,
मैं रहता हूं परेशानी में,
परेशानी को दूर हटा माता।

विफ़ल हो रहे प्रयास मेरे,
कोई साधन नही पास मेरे,
मैं घबरा गया वैष्णो माता,
रुक रुक चलते हैं सांस मेरे।

माँ तुम चाहो तो दुःख कट जाये,
गम की बदली भी माँ छट जाये,
मन के आँगन में बहार आ जाये,
मेरी किस्मत भी पलट जाये।

आज मेरा इम्तहान है माता,
फ़क़त तेरा ही ध्यान है माता,
गर मैं पास हो गया परीक्षा में,
फिर रैना"तुझ पे कुर्बान है माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ


तुम हक़ीक़त में बंदगी हो मेरी,
चलती सांसें जिन्दगी हो मेरी।रैना"
मैं ढलती शाम हूं मेरे बारे सोचा न करो,
फकीरों का रास्ता इस कद्र रोका न करो।
राहे उल्फ़त तो तलवार की धार के जैसी,
देख गम की बरसात तुम चौंका न करो।
अपने घर को झाड़ पोंछ कर साफ करना,
किसी के घर का कभी भी मौका न करो।
मस्त जिन्दगी जीने का इक आसान मंत्र ,
भूल कर भी किसी के साथ धोखा न करो।
छोटी छोटी बात का बुरा मान जाते हैं लोग,
मनमर्जी करने दो रैना"तुम टोका न करो। रैना"
फूलों के जैसे महकना मेरी फितरत है,
हर हाल में मुस्कराना मेरी आदत है,
खुले दिल वालो का स्वागत करते हम,
चुनांचे ऐसे लोगों से ही मोहब्बत है। रैना"

कौन कमबख्त किसी को भूलना चाहता,
ये मजबूरी कुछ से कुछ करवा देती है।रैना"

ये खिलने की अदा बनाये रखे,
आप की सेहत दरुस्त रहेगी,
कुछ मरीज ठीक हो जायेगे। रैना"

फूलों से खुशबू चुराने का हुनर है ये,
प्यार की गंगा बहाओ महकने लगोगे। रैना"

Tuesday, June 9, 2015



समझौता हालात से करना पड़ता है,
जीने के लिये तो मरना पड़ता है। 
चिन्ता फ़िक्र है मईया तुझे जमाने की,
कभी फुरसत निकालो मेरे घर आने की,
हम इक मुद्दत से आस लगाये बैठे हैं,
अपने घर को तेरा मंदिर बनाये बैठे है।
माँ वैष्णो महारानी अब ओर न देर करो,
मेरे घर में आकर माता रानी सवेर करो।
मैं अपनी माँ को पलकों पर ही बैठा लुगा,
बीच घर में मईया तेरा आसन सजा दुगा।
माँ दुःख तकलीफ़ कोई परेशानी न आने दुगा,
माँ इक बार आ जाओ फिर लौट के न जाने दुगा।
चाहे आज नही तो माँ दो चार दिन बाद सुन ले,
अपने सेवक रैना" की माँ मेरी फरियाद सुन ले। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ

जब पी से होगी मुलाकात,
बनेगी तभी बात,
वरना हम तो भटकेगे,
वहां पूछेगा न कोई जात,
पी मिलन की आस में नैना तरसे हैं,
दर्द होता दिल में तो छम छम बरसे हैं,
पर्दा हटा के सनम आओ अब सामने,
जिस्म के संग मेरी रूह भी तड़फे हैं। रैना" 



दोस्तों आप को कुछ सुनाना चाहता हूं आप भी गुनगुनाये

तुम आंखों से दूर जाओ,पर न दिल से दूर करना,
हम जिंदा है तेरे दम से,न मरने को मजबूर करना।
तुम जवां हंसी खूबसूरत,कुछ ओर फरियाद करेंगे,
जन्मों का अपना बंधन,न कोई अर्जी मंजूर करना।
बेशक देख के आइना मिट्टी,खुद पे गुमान करती,
कही तुम भी न बहक जाना न दिल मगरूर करना।
है इश्क लाइलाज बीमारी जो बच के रहे तो अच्छा,
गर उससे लगन लगे तो इश्क हकीकी जरूर करना।
है मजबूरियों का मौसम तंगहाली पे चढ़ी जवानी,
रैना"सह लेना तू मुश्किल,न मन को चूर करना। रैना"





टूटा मेरा दिल बिखरना बाक़ी है,
जनाज़ा-ए-गम निकलना बाकी है।
महफ़िल में अन्धेरे गूंजने लगेंगे,
फ़क़त शमा का पिघलना बाकी है। रैना"

आयेगा बड़ा ही स्वाद,
जब खाओगे योगा के बाद,
मैगी श्री राम देव की। रैना"
लिखी तहरीर बदली नही जा सकती,
फिर भी कोशिश कर रहे हैं लोग। रैना"

मन के अन्धेरे समुन्दर में मोती है अनेक,
हम जानते फिर भी कभी तलाश नही करते।रैना"

अक्सर अल्फाजों के हार बनाते रहते हैं,
हम पागलों का क्या कलम घिसाते रहते है। रैना"
ज़हर तो ग़िज़ा है आशिक दीवानों की,
कबूतर उड़े कैसे आसमान कदमों में रखते है। रैना"

एहसास होता जब तुम ख्वाबों में आओगे,
लम्बी तान कर फिर हम सोते रहते है। रैना"

कैद हैं हम मिट्टी की हवेली में,
फिर भी खुद को आजाद कहते हैं। रैना"

बदल रहा तू अपनी फितरत को,
वो देख रहा तेरी इस हरकत को,
आज नही तो कल पछताना पड़े,
रैना"बदल ले तू अपनी आदत को। रैना"

हवेली को कर तू ऐसा आबाद,
जर्रे जर्रे से तेरे प्यार की खुशबू महके। रैना"

मेरी बरबादी का जश्न मना लेना,
अज़ल आये जल्दी ये दुआ देना। रैना"


Monday, June 8, 2015

राह-ए-उल्फ़त पे चलना बड़ा ही मुश्किल होता है,
डूब जाती तभी कश्ती पास जब साहिल होता है।

माँ साचा तेरा नाम,जपु सुबह और शाम,मिटे चिन्ता सारी,मिले मन को आराम।
माँ वैष्णो महारानी,बड़ा प्यारा तेरा धाम।
जो श्रदा से दर आये,बने बिगड़े सारे काम।
दुःख जन्मों के काटे,पी लो नाम का जाम।
माँ के चरणों से जोड़,वर्ना ये जीवन हराम।
रैना"सच्ची ये कमाई,मिले नाम का दाम। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ  
नेस्ले की मैगी बैन हुई तो मत घबराओ,
21 जून से??????????
योग के साथ बाबा राम देव की मैगी खाओ,
शान से स्वदेशी कहलाओ। रैना"


मैंने कुछ ज्यादा कमाया नही है,
लेकिन खुद को गिराया नही है। 

Sunday, June 7, 2015

तन्हाई में तेरी यादों से गुफ्तगू होती,
चर्चा का विषय सनम फकत तू होती,
आज के दोस्त मौसमी फूलों के जैसे,
जो मौसम बदलते ही नजर नही आते,
जब तक मतलब तब तक साथ रहते,
मतलब निकला बेदर्द  रंग बदल जाते। रैना"


जय माँ अम्बे
तेरी रहमत की दरकार मुझे,
फकत चाहिये तेरा प्यार मुझे,
माँ वैष्णो और कोई चाहत नही,
मेरी माँ दर्शन दे इक बार मुझे।रैना"

दुनिया को जड़ से मैंने जाना माँ,
हर कोई गाये मतलबी तराना माँ,
छोड़ इस दुनिया का दामन रैना"
फ़क़त हो गया है तेरा दीवाना माँ।रैना"

माँ मुझे ओर मजबूर न कर,
तेरे चरणों से मुझे दूर न कर,
मुझे वर दे अपनी भक्ति का,
इस दीपक  को बेनूर न कर।रैना'
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ




खता न किसी का ये कसूर है,
होना जो मालिक को मन्जूर है।
क्या होना कब है कहाँ होना,
उसकी मोहर तो लगती जरूर है। रैना"
जगत सच्चाई

किसी को अपने जैसा बनाने की कोशिश मत कर,
गर अपना बेटा भी होगा तो लात मरेगा,
लात मारने की हिम्मत न जुटा पाया तो,
मौका लगते ही मतलबफरोस बात मरेगा।
क्योंकि इंसान के दिल के किसी कोने मे शैतान भी रहता है,
शैतान कभी खुद को हरगिज न छोटा कहता है।
फिर आजकल तो हर इंसान के मन में चोर है,
अधिकतर की आँख कहीं ओर तो दिल कहीं ओर है। रैना" 
दास्ता ए-दिल कहना चाहते हैं,
आप के दिल में रहना चाहते हैं,
इक साहिल के हम दो मुसफ़िर,
साथ साथ मिल के बहना चाहते हैं। रैना"

चलो किसी कोने से दुआ आयेगी,
खिड़कियां खुली रहेगी हवा आयेगी। रैना"




बदरंग हो गई तस्वीर मेरी,
दर्दो गम आंसू जगीर मेरी।
मेहनत में कसर नही छोड़ी,
दगा दे गई है तकदीर मेरी। 
मैं तोड़ता रहा गया पत्थर,
खेड़ों ने लूट ली है हीर मेरी।
जंग दुश्मनों से लडु तो कैसे,
जंग खा गई है शमशीर मेरी।
मेरे मालिक इतना तो बता दे,
कैसे बदलेगी ये तहरीर मेरी।
रैना"अब तो ऐसा ही लगता है,
मौत के साये में घटे पीर मेरी। रैना"

दिलकश अदाओं ने सारे शहर में कोहराम मचा रखा है,
आशिकों को दीवाना मस्ताना हाल से बेगाना बना रखा है।रैना"


हिन्दुस्तान हमारा है,दुनिया से न्यारा है,
जो देश को करे प्यार वो हमको प्यारा है,
जो खाये यहां का गुण गाये किसी ओर के,
रैना"ऐसा गद्दार हमको हरगिज न गवारा है। रैना"
ये जो हुआ हो रहा होना सब काम तेरा है,
तू कितना फिरागे दिल फिर भी नाम मेरा है,
तेरी हर अदा के मायने ओ लाखों मतलब है,
ढलती हुई शाम क्या खूब चढ़ता सवेरा है।रैना"   

Saturday, June 6, 2015

मंजिल की राह पे मुझे चलाते क्यों नही,
तुम अपने घर का पता बताते क्यों नही,
बेशक हसीं खूबसूरत हो तुम मेरे अपने,
फिर चेहरे से चिलमन हटाते क्यों नही।रैना"

वैष्णो माँ के दर पे निरंतर रहमत बरस रही,
सिर्फ बदकिस्मत जिन्दगी ही तरस रही।
जो बदकिस्मत भी माँ के दर आ जाता है,
बदल जाता मुकद्दर मनोवांछित फल पाता है।
खुश रहता माँ का भक्त कभी परेशान नही होता,
उसका कभी कोई भी अधूरा अरमान नही होता।
रैना"तू भी माँ वैष्णो के चरणों से प्यार कर ले,
अपनी जिन्दगी को मस्त गुले गुलजार कर ले। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ 
जहां भी बैठती मेरा ज़िकर करती हैं,
मेरी माँ मेरा बहुत ही फ़िकर करती है। 
 तू हमारा हो के भी हमारा नही है,
ये अन्दाज हमको गवारा नही है।
चिलमन में रहना कहां से सीखा,
मेरी आंखों ने देखा नजारा नही है।
हम जी रहे अनाथ बच्चे के जैसे,
तेरे सिवा कोई भी सहारा नही है।
दिलो जां फ़िदा है फ़क़त तुझ पे,
हमें तो कोई और प्यारा नही है।
तू बन जा पतवार मेरी कश्ती का,
रैना"फिर तो दूर किनारा नही है। रैना" 

Friday, June 5, 2015


माँ वैष्णो रानी तेरे दर सा कोई दर नही है,
इंद्र की नगरी देवताओं का ऐसा घर नही है,
माँ मेरी मेहरों वाली सिर्फ तेरे दर्शन कर के,
रैना"बच्चों  के मन में रहता कोई डर नही है। रैना"

कबूल कर मेरी फरियाद माता,
तेरे चरणों में कर आबाद माता,
बाकी बची तो चैन से कट जाये,
जिंदगी हो चुकी बेस्वाद माता।रैना"

माँ जो तुम चाहो तो हमें संभाल सकती हो,
भंवर से बाहर हमको भी निकाल सकती हो,
इधर उधर बेवजह जो हम भटक रहे माता,
हमें सही रास्ते पे माँ मेरी डाल सकती हो। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ






मस्जिद में मिले न मंदिर में,
वो मिलता मन के अंदर में,
खोज कर उसकी खोज करले,
मौज कर छुट्टी की मौज करले।
मौज कर छुट्टी की ------------
मस्जिद में तो मचा हुआ शोर है,
मंदिर में भी घंटियों का जोर है,
पागलों के जैसे तू भटक रहा है,
समझ ले झूठा फरेबी ये दौर है।
मिले न तलाश चाहे रोज करले।
मौज कर छुट्टी की -----------  रैना"
पांच तत्व का ये पुतला फिर तू काये इतराये,
टूट कर चूर हो जाये जो लोहे से तू टकराये। 
दर्द से रिश्ता पुराना है।

हमने हर हाल में मुस्कराना है,
दर्द से अपना रिश्ता पुराना है,
जीने की तो चाहत नही अपनी,
अफ़सोस मरने का न बहाना है। 
क्या करे गाना हुआ मुश्किल,
जीवन इक गमगीन तराना है।
हम है फालतू सामान के जैसे,
जिसे जल्दी ही घर से हटाना है।
मर्जे इश्क का इलाज नही कोई,
पर रफ्ता रफ्ता मौत ने आना है।
रैना" को मंजिल मिल गई होती,
अफ़सोस दीवार बना जमाना है। रैना"


पर्यावरण दिवस पे खास

धरती माँ की शान हैं पौधें,
सब जीवों की जान हैं पौधें।
अपना सब न्यौछावर करते,
अति कृपालू दयावान है पौधें।
लगाते कम हैं काटते ज्यादा,
इसलिये तो परेशान हैं पौधें।
साथ रहे दुःख सुख के साथी,
सच मानो भगवान हैं पौधें।
पर्यावरण को स्वच्छ रखते,
रैना"निःसंदेह महान हैं पौधें। रैना"

युवाओं के लिए खास
चाहे जितना भी कमाओ,
जैसा मर्जी पहनो खाओ,
पर याद रखना अपना ये फर्ज निभाना है,
सिर पे चढ़ा मातृ भूमि का कर्ज चुकाना है।
कर्ज चुकाना है भारत माँ का कर्ज चुकाना है।
कर्ज चुकाना है भारत माँ का --------------
खूब ही पंख लगाओ अपने अरमानों को,
जज्बा पैदा करो तोड़ने का चट्टानों को,
मेहनत करके हमने ऊँचा रुतबा पाना है।
कर्ज चुकाना है भारत माँ का -------------
नजरे उम्मीद से देखे सबको  एहसास है,
भावी पीढ़ी से भारत माँ को बहुत आस है,
नौजवानों ने ही देश का भार उठाना है।
कर्ज चुकाना है भारत माँ का --------रैना"

Thursday, June 4, 2015

दस्तूरे जमाना तो निभाना होगा,
हमें छोड़ कर आप को जाना होगा।
लेकिन हमारी यादें सम्भाले रखना,
दिल में मोहब्बत के उजाले रखना। 
हमारी गुजारिश आप बाकमाल रहे,
आप जहां रहे हमेशा खुशहाल रहे।
हरपल मन आप का ख़ुशी से झूमे,
सफलता हरदम आप के पांव चूमे।
अपने साथ यादों का खजाना ले जा,
तोहफा- ए-प्यार का नजराना ले जा। 
आप ख़ुशी के साथ यहां से विदा होना,
इल्तजा जोशी के दिल से न जुदा होना। जोशी"


तुम न जानो मुहब्बत क्या है,
दिल लगाने की जरूरत क्या है,
साफ़ मन का घर किया हमने,
है तभी ये जाना इबादत क्या है।रैना" 
किसी को फुरसत नही अब न सीरत देखते है,
फेसबुक का अंदाज है ये सिर्फ सूरत देखते है,
आशिकों में होड़ लगी लूट लो हुस्न की बस्ती,
सब के सब जल्दी में हैं कोई न महूर्त देखते हैं। रैना"
मेरी माँ  भवन,
वैष्णो रानी का भवन है प्यारा प्यारा,
यहां भक्तों को मिलता सहारा सहारा,
मेरी माँ के भवन की क्या तारीफ करे,
यहां बरपा है अजब  नजारा नजारा।
वैष्णो रानी का भवन -------------
बीच गुफा में डेरा लगाया है,
बजरंगी पहरेदार बैठाया है,
जो दर सच्चे मन आया है,
उसने मन चाहा फल पाया है ,
माँ वैष्णो रानी दौड़ी चली आती,
रैना"भक्तों ने जब भी पुकारा पुकारा।
वैष्णो रानी का भवन ----------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ 
देश की भावी पीढ़ी को समर्पित

जीवन में ये रंग भरना बाकी है,
देश के लिये कुछ करना बाकी है।
देश के लिये अभी -------------
देश की भावी पीढ़ी सपनें सजा रही,
अपने अरमानों को पंख लगा रही,
निसंदेह इनका आगे बढ़ना बाकी है।
देश के लिये अभी ---------------
जात धर्म क्षेत्र की ये  दीवारें तोड़ कर,
नये सिरे से समीक्षा इनको जोड़ कर,
सिर्फ देश प्रेम का पाठ पढ़ना बाकी है।
देश के लिये अभी -----------------
मिल के करे प्रयास रैना" छट जायेगी,
सुबह की पहली किरण नजर आयेगी,
देश के गद्दारों से अभी लड़ना बाकी है।
देश के लिये अभी ----------रैना"



इंकलाबी हो गये

देखो तो हम भी शराबी हो गये,
आंखों से पीने के आदी हो गये।
जामे नाम पीते मस्ती में रहते,
अन्दाज अपने नवाबी हो गये।
असूल की राह पे चलने लगे हैं,
लोग कहे तुम तो बागी हो गये।
मीरा के जैसी तान जो छेड़ी तो,
कहता जमाना बैरागी हो गये।
गाये तो कैसे गीत,कोई सुर में,
बेसुरे चालबाज़ साजी हो गये।
भारत माता रोये छुप छुप के,
देश के मसीहा भी दागी हो गये। 
देश का हाल देख दिल है दुखी,
इसलिये रैना"इंकलाबी हो गये। रैना"



नफ़रत को इतनी तव्वजो न दीजिये,
मोहब्बत को पर्दे से रुसवा न कीजिये।
प्यार में सब कुछ जायज होता है। रैना"

 पैसे के सामने अब कुछ न टिक रहा है,
तन मन सहित सब कुछ ही बिक रहा है,
लोग अब समझदार अति भारी हो गये हैं,
अनपढ़ नेता भी अब व्यापारी हो गये हैं। रैना"

Tuesday, June 2, 2015

मेरे लिये तेरे पास फुरसत नही है,
इन्तजार की मेरी आदत नही है।
अच्छा होता इस बार ही मिलते,
बार बार मिलती मोहलत नही है।
तेरे सिवा ओर कोई चाहे हमको,
इतनी अच्छी मेरी सूरत नही है।
हर महफ़िल में सिर्फ तेरी चर्चा,
अपनी शहर में शोहरत नही है।
तेरे शहर में हर शै मिल जाती है,
फ़क़त मिलती मोहब्बत नही है।
इस कद्र रैना"का दिल न तोड़ता,
लगता तुझको मेरी जरूरत नही है। रैना"
वैष्णो रानी माँ मेरी सुन मेरे घर कब आयेगी,
मैं दुखी परेशान बहुत दुःख दर्द कब मिटायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------
मुझे खबर तुझे न फुर्सत पर दो पल निकालो माता,
तेरी इन्तजार में बैठे हैं हमारे घर पैर तो डालो माता,
वीरान सी मेरी ये बगिया खुशबू से फिर महकायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ----------------------
हम तेरी रजा में राजी पर तेरे दीद की तलब हसरत है,
रैना"को कुछ भी न चाहिये पानी नाम तेरे की दौलत है,
जीवन का क्या कब ठहर जाये और कितनी देर लगायेगी।
मेरा दुखड़ा कब मिटायेगी ------------------------रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ

सूफी गीत
हम से खफा  हो किस कारण आ सामने बैठ के बात तो कर,
पलकें बिछायें बैठे हैं अब तू हम से मुलाक़ात तो कर।
आ समाने बैठ के बात तो कर -------------------------
तरस रहे हैं नैना बरस रहे पर तुझको मेरा ख्याल नही,
साथ मेरे तू रहता सजन पर फिर भी पूछा हाल नही,
मिलन की हसरत हुई है जवां शुभ दिन ईद की रात तो कर।
आ समाने बैठ के बात तो कर -------------------------
तेरे दीद की हसरत हरपल पर तुझको मोहलत नही मिलती,
मैंने ढूंढ लिये शो रूम बहुत पर नाम की दौलत नही मिलती,
कट जाये बन्धन जन्मों के तू नाम मेरे ऐसी सौगात तो कर।
आ समाने बैठ के बात तो कर ---------------------रैना"
गर गलत जो करना काम चिंता न कीजिये,
राजनीति या धर्म का दामन थाम लीजिये,
बने जो राजनेता झूठे भाषण कर लो तैयार ,
बाबा जी बनो तो थोक में आशीर्वाद दीजिये। रैना"
 इल्तजा मेरी स्वीकार कीजिये,
हमें बस अपना आशीर्वाद दीजिये। रैना"

Monday, June 1, 2015

आंखें में सपना सजने लगा है,
कोई मुझे अच्छा लगने लगा है।
उसका हसीन मासूम सा चेहरा,
मुझको निरन्तर ठगने लगा है।
मदहोशी का आलम कुछ ऐसा,
नाग इश्क का डसने लगा है।
पी मिलन की हसरत जवां है,
गीत मिलन का बजने लगा है।
पास रह के भी रख ली है दूरी,
जमाना मुझ पे हंसने लगा है।
रैना"के मन में है तेरा ठिकाना
तू कहीं और ही बसने लगा है। रैना"
चलते चलते सुबह की सलाम कर लू,
थक गया हूं अब कुछ आराम कर लू।रैना"

दो चार दोस्त बना के रखना,
कोई कहीं भी साथ छोड़ सकता है,
तोड़ सकता दिल कही ऒर जोड़ सकता है.
अब मतलब से सब को मोहब्बत हो गई है,
थूक कर चाटना  इंसान की आदत हो गई है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 
अब कोई नया ही कानून बनाना पड़ेगा,
शहर को इन हादसों से तो बचाना पड़ेगा। रैना"

खायेगे यहां का जो गुण वहां के गायेंगे,
निश्चय ही इक दिन वो पार चले जायेंगे,
चले जायेगे तो ये उनके लिये है बेहतर,
वर्ना देशवासी उन्हें मार मार कर भगायेंगे।रैना"

आज रात ???????
उसे सपने में जरूर देखना,
जो तुम्हे हरपल देखता है। रैना"
गुड नाईट जी -------जय जय माँ 
दोस्तों आप के लिए चलते चलते

अभी अभी जवान हुई उल्फ़त है,
इक बार तुझे देखने की हसरत है।
मुझे खबर चिलमन न ह्टाओगे,
अभी सुर्खरू न मेरी मोहब्बत है।

तेरे जलवें जो इतने हसीन हुये,
ये एहसास तू बहुत खूबसूरत है।
हम दिलो जां से फ़िदा है तुझ पे,
रैना"ने करनी फ़क़त इबादत है। रैना"
समारोह - 34 (1 और 2 जून = सोमवार / मंगलवार ) छंद मुक्त आयोजन में समारोह
 अध्यक्ष आदरणीया DrAnita Jain जी को निवेदित है

निसंदेह जैसे के तकदीर को बदला नही जा सकता,
ऐसे ही भारत से कश्मीर को बदला नही जा सकता,
बुझदिलों जान लो कश्मीर भारत का सिर ओ ताज है,
खुदा की लिखी इस तहरीर को बदला नही जा सकता। रैना"