Thursday, December 31, 2015


नववर्ष की शुभकामनायें
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ नये वर्ष में कुछ तो कमाल करना,
अपने बच्चों का हर संभव ख्याल करना।
वर्ष 2016 में आबाद हो सबका गुलशन,
हर घर में माँ खुशियों की धमाल करना।
हर किसी के पंखों को देना उड़ान ऊंची,
हल हर किसी के मन का सवाल करना।
इक अरसे से जिन्हे दरकार तेरी रहमत,
बख्शना उनको माँ उन्हें खुशहाल करना।
रैना"जैसे जी रहे मुद्द्त से तंगहाली में,
माँ इस वर्ष उन्हें भक्ति से मालामाल करना। रैना"
सुप्रभात जी-----------------जय जय माँ

ख्वाब हमने देखना छोड़ा,
तेरे बारे सोचना छोड़ा।
हम खता पे है खता करते,
जब से तूने टोकना छोड़ा।
हर घड़ी अब भटकता रहता,
दिल को हमने रोकना छोड़ा।
हम गली से तेरी गुजरे पर,
अब कुत्तों ने भौंकना छोड़ा।

साल भर इंतजार तेरा मगर तुम नही आये,देखना 2016 भी ऐसे ही न बीत जाये,
दम हर आहट पे निकला हम उठ उठ के दौड़े,
दरिया के जैसे आंसू याद में तेरी हैं बहाये।
इश्क की आग ने देखो जलाया तन बदन मेरा,
मेरे बारे नही सोचा अंगारें और हैं दहकाये।
है अभी आस तो इतनी न मेरा विश्वास टूटा है,
तेज आंधी से बचा कर के दीप हमने हैं जलाये।
यही मांगे दुआ अब तो तेरा आबाद गुलशन हो,
महके कली 2016 में तेरी बिगड़ी संवर जाये। रैना"
जिकर करना नही अब तो पुराने साल का यारों,
नया ये साल कहता है नया कुछ कर दिखाना है,
करेंगे दूर नफ़रत को मुहब्बत को बसायेंगे,
मिटे मन से अंधेरा दीप मन में अब जलाना है।
वतन का नाम हो ऊंचा यही चाहत तमन्ना है,
शहीदों ने कभी देखा वो सपना ही सजाना है।
चले हम नेक रस्ते पर हमारी आस्था पक्की,
सही ये देश में अब राम का ही राज लाना है।
कभी रैना"नही होती अगर मन में उजाला हो,
करो उसकी इबादत तुम अगर भव पार जाना है। रैना"

Wednesday, December 30, 2015

दोस्तों नये साल के उपलक्ष्य में

नये इस साल की सबको बधाई हो मेरे यारों,
ख़ुशी सबके लिये उसने सजाई हो मेरे यारों।
मिले बिछुड़े पुराने यार उल्फ़त की बहे गंगा,
कहीं हो जश्न शादी का सगाई हो मेरे यारों।
खत्म हो दौर मन्दी का मिटे चिन्ता परेशानी,
दुकानें चल पड़े अच्छी कमाई हो मेरे यारों।
रहे भूखा न कोई भी नया ये साल हो ऐसा,
दुखी मुफ़्लिस मरीजों की दवाई हो मेरे यारों।
करे रैना"गुजारिश दे सभी को दान भक्ती का,
भली माँ बाप की सेवा भलाई हो मेरे यारो। रैना"


माँ वैष्णो की जय जय जय
वैष्णो माँ की किरपा से हुआ रोशन जहाँ सारा,
ये महके खूब ही जलवें हसीन अदभुत है नजारा,
माँ के दरबार जो आये मिले उसके मन को शांति,
ख्वाहिश होती है पूरी चमके किस्मत का सितारा।रैना"
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ

हमें अब तुम नही मिलते 

Tuesday, December 29, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
मिले मन को अति शांति वैष्णो के दरबार में,
दिवाने भक्त भजन गाते डूबे हैं माँ के प्यार में,
न मुश्किल कोई परेशानी चढ़ाई चढ़ रहे सारे,
भला तीर्थ माँ का मन्दिर इस सारे संसार में।रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ  





दोस्तों के लिए कुछ खास
बैठ तन्हा सोचना क्यों किसलिये आना हुआ,
जो मुसाफिर जा रहे हैं किस शहर जाना हुआ।
जिन्दगी तुझको मिली है क्यों भला ये किसलिये,
जान कर अनजान बनता खुद से बेगाना हुआ।
होश अपनी खो गया है देख दुनिया की चमक,
दुःख तुझे जो दे रहे तू उसका दीवाना हुआ।
तेरे हिस्से में अंधेरे ही रहेंगे जान ले,
मतलबी है वो शमा तू जिसका परवाना हुआ।
दूर तक तू देख ले काली अंधेरी रात है,
रिन्द मस्ती में रहे प्यारा तो मयखाना हुआ।
आज के इस दौर में उसकी पतंग ऊँची चढ़ी,
हैं फरेबी जो बड़ा शैतान हो माना हुआ।
रैन रैना"होने लगी कुछ तो चिंता कर ले अभी,
जान मुश्किल में पड़ेगी जब वहां जाना हुआ। रैना"


टूट कर गिरते सितारें ये हमें समझाते हैं,
गौर करना जिन्दगी में दिन बुरे भी आते हैं।
फूल खिलते रंग अनेकों वो चमन महकाते हैं,
वक्त की जब मार पड़ती वो भी मुरझा जाते हैं।
टूट कर बिखरें पत्तें हो कर दुखी फरमाते हैं,
आंधियों से जो लड़े वो ठोकरें भी खाते हैं। 
मिट्टी कहती मिट्टी से काये गुमां तू करती है,
तेरा मेरा साथ बाकी झूठे रिश्ते नाते हैं। 
रैना इतना जान ले तू फरिश्तें जब आते हैं,
बांधते रस्सी क़िसी की पालकी ले जाते हैं।रैना"

Monday, December 28, 2015

वैष्णो माँ की जय जय कार
मेरी माँ वैष्णो  माँ मेरी जां मेरी जां,
मेहरबां मेहरबां मेरी माँ मेहरबां।
मेरी माँ मेरी -----------------
जो दर पे आये सवाली,वो लौटे न खाली,
खाली भर दे झोली,माँ की अदा निराली,
करे रोशन जहाँ,मेरी माँ मेरी माँ।
मेरी माँ मेरी माँ ------------------"रैना"



दोस्तों दोस्तों देखना
बेवफ़ा इस जमाने से दिल अब लगाना नही,
यार से बिन मिले लौट के हम को जाना नही।
जी रहे लोग खुद को जिंदा मार कर अब यहां,
लाश हमने कंधों पे तो हरगिज उठाना नही।
इस कदर हैं परेशान अब लोग इस ढाणी के,
जी रहे लोग मरने का मिलता बहाना नही।
फ़क़त उपहास ही तय उड़ाये जहाँ वाले अब,
बात दिल की कभी भी किसी को बताना नही।
दर्द आहें मिले अश्क दस्तूर है इश्क का,
रैन तू नैन हरगिज किसी से लड़ाना नही।   रैना"

Sunday, December 27, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
यही हसरत मेरी माता तेरा दीदार हो जाये,
मेरा वीरान ये गुलशन गुले गुलजार हो जाये,
करू हरपल तेरा गुणगान मेरी माँ वैष्णो रानी,
मेरी टूटी हुई कश्ती भी भव से पार हो जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ  
देश वासियों के नाम ये पैगाम
हम हिंदुस्तानी यही पहचान अपनी,
कम होने नही देते कभी शान अपनी।
इंसाफ की राह चलते पीछे नही हटते,
हमको प्यारी नही होती जान अपनी।
प्राण जाये पर वचन नही जाने देते,
पलटने देते न कभी जुबान अपनी।
आँधियों से टकराना हमारी फितरत,
हम मिटने देते न कभी आन अपनी।
अनेकता में एकता यही अंदाज अपना,
देश के लिये कर दे जां कुर्बान अपनी।
रैना"कहता सुन ले वरना पछतायेगा,
बंद करदे आतंकवाद की दुकान अपनी। रैना"


Saturday, December 26, 2015

वैष्णो माँ की ऐ जय जय
इबादत मैं करू दिन रात रहमत तुम करो माता,
जले मन में चिरागां हाथ सिर पे तो धरो माता,
भिखारी तेरे दर के हम हमें खाली न लौटाना,
दे दे माँ दान भक्ती का मेरी झोली भरो माता। रैना"
सुप्रभात जी ------------------- जय जय माँ 
यूं लोग तो हमें हरदम मिलते है,
अपने मिजाज से पर कम मिलते हैं।
हालात ही बुरे अब तो दुनिया के,
कुछ फासला रखे से हम मिलते हैं।
हैं पूछते परेशां हैरां आशिक,
क्यों इश्क में सदा ही गम मिलते हैं।
मिलती ख़ुशी नसीबा जिनके अच्छे, 
यूं बदनसीब नैना नम मिलते है।
ये दिल भला बचे कैसे बिन उलझे,
जब जुल्फ में बड़े ही खम मिलते हैं।
रैना"मरे भला क्यों किसके खातिर,
अब लोग इस शहर के बेदम मिलते हैं। रैना"


Friday, December 25, 2015

मोदी जी आप का चर्चा तो हम आम करते है,
लेकिन अब आप की दलेरी को सलाम करते है।
आप ने भारत के बुझदिल नेताओं को चौंकाया है,
पकिस्तान को उसके घर जाकर सब समझाया है।
भारत के हिस्से में अब कुछ तो खास आया है,
विश्व को भारत की ताकत का एहसास करवाया है।
मोदी जी बुझदिल ही आप के विरोध में खिलाफ है,
ये सिद्ध हो गया मोदी दिलदार की नीयत साफ है।
आज का इन्सान तो बहती धारा के साथ बहता है,
लेकिन " रैना"हमेशा से दिलदारों के साथ रहता है। रैना"



वैष्णो माँ की जय जय जय
करो रोशन मेरे मन को अंधेरा है घना छाया,
गुजारिश है यही माता दुखी मन मेरा घबराया,
नजर आता नही कोई जिसे अपना कहेंगे हम,
किनारा कर जहाँ से अब परेशां तेरे दर आया। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ
दोस्तों इक बार पढ़ना जरूर

किसी की क्यों सुने कोई सभी को है पड़ी अपनी,
हमें भी है नही चिन्ता नज़र उससे लड़ी अपनी।
बिना रहमत से उसकी तो इनायत हो नही सकती,
सनम ने कर दी है किरपा पतंग ऊंची चढ़ी अपनी।
नसीबों का असर होता मिले जो आम को मन्जिल,
नज़र तो वक़्त की सीधी तभी अच्छी घड़ी अपनी।
कभी भी गांव में मेरे नही होती लड़ाई है,
करे है प्यार की बारिस लगे बोली खड़ी अपनी।
नही रैना"कभी सोचा अभी तो शाम ढलनी है,
करी जब सोच आगे की बहुत ही जां डरी अपनी। रैना"

Thursday, December 24, 2015





सदन में अब मसीहा के तमाशे रोज होते हैं,
नये हर दिन ठगी के तो खुलाशे रोज होते हैं।
वतन की सोचते कम ही लगी अपनी ही रहती है,
मरे जनता मसीहा के दिलाशे रोज होते है।
जवां है खूब महंगाई नही खर्चे चले घर के,
घरों में अब जरा देखो धमाके रोज होते है।
नही बुझती लबों की तिश्नगी हर पल जवां रहती,
दिवाने रिन्द बेपरवाह तो प्यासे रोज होते हैं।
हुई "रैना"लगी चिन्ता अंधेरा है घना छाया,
कभी तू सोचता इतनी उजाले रोज होते हैं। रैना"


वैष्णो माता तेरी जय जय कार
मेरी माता मुझे तेरे सहारे की जरूरत है,
करो माँ कर्म मुझ पे अब मिली मुश्किल से फुरसत है,
करू गुणगान मैं तेरा लगाऊ ध्यान मैं तेरा,
तेरी किरपा हुई मुझ पे करी तुझ से मुहब्बत है। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ


काश तुझको ये खबर हो तू आया क्यों किसलिये,
जिस्म हमने खूबसूरत है पाया क्यों किसलिये,
तेरा मक़सद क्या पता तू जान कर अनजान है,
पूछ ले माँ से कभी तो तू जाया क्यों किसलिये। रैना" 

Monday, December 21, 2015

जनहित में जारी
जले थे जो कभी मन में दीप वो बुझा दिये हमने,
चमच्चें याद रहे हमको शहीद भुला दिये हमने,
जिनका पेट नही भरता अपने खातिर ही रोते है,
ये गलती हमारी है ऐसे मसीहा बना दिये हमने। रैना"
वैष्णो माँ तेरी जय जय कार
तेरी रहमत हुई किरपा जो महका है चमन मेरा,
मिटी चिन्ता न दुःख कोई हुआ साथी अमन मेरा,
मेरी माता किया तूने कर्म मुझ पे यही सच है,
सजे है ख़्वाब मेरे अब जमीं मेरी गगन मेरा। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ 
बिन तेरे भी हम जी लेंगे,
जहरे जिंदगी को पी लेंगे।
जख्म दिल पे जो लगे हैं,
वक़्त के धागे से सी लेंगे। रैना"
आज फिर रो रो कर कहती है निर्भय की आत्मा,
तूने क्यों मुझे जन्म दिया भारत में परमात्मा।
अफ़सोस मरने के बाद भी मेरा दिल तोड़ दिया है,
खूंखार अपराधी को बच्चा समझ छोड़ दिया है।
उस बच्चे ने मेरे जीवन का सर्वनाश किया है,
कानून कहता बच्चे ने जुर्म न ये खास किया है।
खैर कानून ने तो अपने हिसाब से फैसला लेना,
हे भगवान भारत में लड़की को जन्म मत देना। रैना"
हैं तरसती आंखे तेरे दीदार को,
आये नही अब चैन दिल बेजार को,
अफ़सोस तू है बेखबर हम है दुखी,
अब ठेस सी लगती मेरे एतबार को। रैना"

 

Friday, December 18, 2015


बुरा न मानो सर्दी है
देखो कुछ लोगों की सलेक्शन राइट हो गई,
उन्हें पैदल चलना था उनकी फ़्लाइट हो गई,
भ्रष्टाचार के विरोधी अब भ्रष्टाचार के साथ,
खांसी मफ़रल गायब पेन्ट खूब टाइट हो गई। रैना"


Monday, December 14, 2015

वतन की बात जब चलती थोड़ा मुरझा जाते है,
विदेश की बात जब चलती तो मुस्करा जाते है,
कमी कोई न भारत में सिर्फ व्यवस्था ठीक नही,
हम सब खुद को व्यवस्था का हिस्सा बना जाते है। रैना" 
वैष्णो माँ की जय जय
गर तू चाहे तो तस्वीर बदल दे माँ,
बेबस दुखी की तकदीर बदल दे माँ,
तेरी कृपा से कुछ भी असंभव नही,
विधि की लिखी तहरीर बदल दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ



जब नज़र तेरी निशानी आएगी,
याद मुझको वो कहानी आएगी।
बाग़ का माली यही हैं सोचता,
क्या कभी गुल पे जवानी आएगी।
लौट कर आये बहारें जब कभी,
फिर हवा में वो रवानी आएगी।
इश्क आसान तो हरगिज नही,
याद तुझको तेरी नानी आएगी। रैना"












Saturday, December 12, 2015

जय माँ वैष्णो
मेरी मईया के दरबार,बरसे माँ का प्यार,
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों।
बैठी गुफ़ा में आसान सजाये,
भक्तों को अपने गले से लगाये,
यहां खुशियां मिले आपार।
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 
इस दिल को बेकरार किसी ने नहीं किया ⛳
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जीवन को खुश बहार किसी ने नही किया,
क्यों खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
दावा करे तमाम मुलाकात उस से की,
दीदार सच में यार किसी ने नही किया।
बेशक उसे हमेश लगन चाह सी रही,
अफ़सोस इन्तजार किसी ने नही किया।
है झूठ पसंद लोग मुहब्बत करे नही,
आबाद वो संसार किसी ने नही किया।
कब शाम हो हसीन किसी को खबर नही,
दिल इश्क का बिमार किसी ने नही किया।
है झूठ के महल बनाते सभी यहां,
भव आजतक तो पार किसी ने नही किया। रैना"




फकीरों पे नही कुछ दुआ के सिवा,
न कोई चाह होती हवा के सिवा।
बुरा कहना किसी को गवारा नही,
नजर कुछ भी न आये खुदा के सिवा। रैना"





Friday, December 11, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ जी करो काबिल तेरा गुणगान कर ले हम,
बने जीवन खरा मोती तेरा कुछ ध्यान कर ले हम,
कटे मुश्किल मिटे दुखड़े तेरी किरपा से हो सम्भव,
तेरी रहमत की हो वर्षा पूरे अरमान कर ले हम। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ

Thursday, December 10, 2015


इस दिल को बेकरार किसी ने नहीं किया ⛳
बहर👎👎👎👎👎

🌟🌟 221 2121 1221 212 🌟🌟
जीवन को खुश बहार किसी ने नही किया,
क्यों खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
आबाद है तमाम 


देश के खातिर करेगा जो काम नेक सा,
सब अदब से ही लिया करे फिर नाम नेक सा,
सब वतन के वास्ते कुछ कर ले जरूर ही,
कर भला तो हो भला ये पैगाम नेक सा। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरे सहारे के लिये,
भटके किनारे के लिये,
माँ कर्म क्यों करती नही,
तरसे नजारे के लिये।
सुप्रभात जी --जय जय माँ 

दोस्तों ये पढ़ना सब की बात

जहां देखा जिधर देखा,
फ़क़त तेरा असर देखा।
नही कोई फ़िकर चिन्ता,
इंसां को बेखबर देखा।
नही है चैन पल भर भी,
परेशां हर बशर देखा।
ठिकाना है नही कोई,
फकीरों का न घर देखा।
सभी हद पार करते अब,
न उसका ख़ौफ़ डर देखा।
किसी की याद आ जाती
पुराना जब शज़र देखा।
सही हमने बहुत पीड़ा,
न तूने क्यों इधर देखा।
करे रैना'गुजारिश ये,
दिखा तेरा न दर देखा। रैना"







गर वफ़ा न सही तू जफ़ा कर दे,
नब्ज़ देख मेरी तू दवा कर दे। 
आग इश्क की बुझती हुई लगती,
छोड़ जिद्द तू कुछ तो हवा कर दे। 
काश दर्द मेरा तुम समझ सकते,
फर्ज दोस्ती का तो अदा कर दे। 
मेरा घर न रहा पास तेरे तो,
रूह से तू मुझे अब जुदा कर दे। 
बेपनाह मुहब्बत करी तुझ से,
हंस के देख मुझे तू फ़ना कर दे। 
आज रीनू""गिला भी नही करती,
हम मरेंगे यही बस दुआ कर दे। रैना'




Wednesday, December 9, 2015


दोस्तों की नज़र
ज्यादा किसी को कम है,
यूं हर किसी को गम है।
चाहे हंसे है लब ये,
हर आँख गीली नम है।
कोई मिला तो रोये,
ये दर्द जुदा हमदम है।
बच्चे पढ़े तो अच्छा,
अब हाथ में क्यों बम है।
जिनको नही कुछ लेना,
बेशर्म रैना"हम है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माता कर्म मुझे पे हुआ तेरा न्यारा है,
रहा गम न फ़िक्र कोई मिला तेरा सहारा है,
तेरे दीदार की हसरत करो ये भी कमी पूरी,
हमें वो देखना माँ मेरी दिलकश नजारा है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 

दोस्तों सुबह सुबह आप की नज़र

फकीरों में हमें शामिल कर दिया,
दुआओं ने ही इस काबिल कर दिया।
हसीं जलवें करें हैं बेहाल दिल,
अदाओं ने हमें पागल कर दिया।
सहे है तीर तुझको क्या पता,
निगाहों ने हमें बिस्मिल कर दिया।
नही था होश मदहोशी में रहे,
जमाने ने हमें कामिल कर दिया।
नज़र तेरी कभी होगी इस तरफ,
बयां हमने सभी दाखिल कर दिया। रैना"
बिस्मिल=घायल
कामिल =होशियार


चौबीस राजपूत को समर्पित

कबीले तारीफ़ है सत्कार चौबीस का,
न भूलेंगे हम कभी प्यार चौबीस का।
मेजर अमित व मलिक बेमिसाल है,
कर्नल पूरी लाजवाब सरदार चौबीस का।
जवान ओ जेसीओ यूनिट की शान है,
एस एम त्रिलोकी दिलदार चौबीस का।
बलिदानी से हरगिज न कभी पीछे हटेंगे,
यही तो है भारत देश से करार चौबीस का।
रैना"मांगता दुआ मालिक से हरपल यही,
खुशियों से महकता रहे संसार चौबीस का। रैना"

Monday, December 7, 2015

तबीयत मेरी हरी करदे,
सजा से मुझे बरी करदे।
अभी तो खोटा सिक्का,

वैष्णो रानी माँ की जय जय जय 
वैष्णो मईया के दरबार में तुझे सबकुछ मिल जायेगा,मुरझाया फूल तेरे मन का भला फिर से खिल जायेगा ,
तुझे करना यही इतना माँ के चरणों से प्रीत लगा रैना"
तेरे मन में उजाला हो नाम का वो दीपक जल जायेगा। रैना"
सुप्रभात जी -------------------------------जय जय माँ 
दोस्तों देखना आप को पसंद आई के नही
तूने हमें अक्सर रुलाया बहुत है,
ये दर्द हमने भी छुपाया बहुत है।
है बेवफा या बावफ़ा तू बता दे,
कातिल अदा ने दिल सताया बहुत है।
सीरत नही अब लोग देखे सूरत,
इन्सान ने खुद को गिराया बहुत है।
खिदमत करें माँ बाप की फर्ज ये है,
माँ बाप ने तो दुःख उठाया बहुत है।
है आदमी ही गल्त जो सो रहा है,
आवाज़ दे उसने जगाया बहुत है।
रैना"भला तुझसे गिला क्यों करेगा,
मुश्किल घड़ी तूने हंसाया बहुत है। रैना"

Sunday, December 6, 2015

सफ़ाई घर की करो पहले,
गली फिर साफ कर लेना ,
इक पैगाम दोस्तों आप के नाम
सफाई इसलिये जरूरी बचेगी जान अपनी ही,
गली हो साफ मोहल्ले की बढ़ेगी शान अपनी ही,
साफ मन को कर लो तुम ये रस्ता है भलाई का,
बेहतर हो यही अच्छा रखो अब ध्यान सफाई का। रैना"
वैष्णो माता तेरी जय जय कार
यही फरियाद है माता करो उद्धार बच्चों का,
बिना तेरे नही लगता सफ़ीना पार बच्चों का,
गुजारिश वैष्णो माता करो दुःख दूर मेरी माँ,
करो रहमत सुखी होगा भला संसार बच्चों का। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ 
रफ़्ता रफ़्ता सूरज तो ढल रहा है,
हल्का सा कुछ दिल में जल रहा है।
छोड़ी हमने चाहत जुस्तजू भी,
अरमां मिलने का क्यों पल रहा है।
तू कैसे जानेगा ये बता तो,
दिल के घर में अब क्या चल रहा है।
उस घर में कुछ हलचल सी लगे है,
लगता कोई कपड़े बदल रहा है।




दोस्तों इक और लिखी ग़ज़ल आप के लिये

हाथ छूटा अफ़सोस मिलने से पहले,
ख़्वाब टूटा है आँख खुलने से पहले।
बाग़ के मेहरबान कुछ सोच तो कर,
टूट जाती हैं कलियां खिलने से पहले।
रात की चिन्ता तो बहुत ही फ़िकर है,
खूब रोती है शाम ढलने से पहले।
फिर कभी तुझको दर्द होता न दुःख ही,
सोच लेता गर गल्त करने से पहले।
रैन" तैयारी कर वहां हैं ठिकाना,
बांध ले तोशा घर को चलने से पहले। रैना"





सफ़ीना टूट कर बिखरा किनारा मिल नही सकता,
किसे हम हमसफर कह दे सहारा मिल नही सकता।
बड़ा मुश्किल हुआ जीना नही कोई भरोसा है,
करे जो बात दम वाली वो प्यारा मिल नही सकता।
रहे बेताब दिल मेरा किसी की याद आती है,
कभी जो यार अपना था हमारा मिल नही सकता।
खड़े तैनात सीमा पर जवानों की बड़ी हिम्मत,
बिना उनके हमें हरगिज नजारा मिल नही सकता।
वफ़ा की बात जब चलती ज़िकर तेरा सभी करते,
बिना तेरे अंधेरे में उजारा मिल नही सकता।
नसीबा भी परेशां है भला अब खोल दरवाजें,
कहीं डूबे बिना तेरे शिकारा मिल नही सकता। रैना"


                                     राजेन्द्र शर्मा "रैना"
                                      बराड़ा (अम्बाला )
                                     94160 76914


Saturday, December 5, 2015

बुरा वक़्त अब चल रहा है किसी पे न विश्वास कर,
कटे जिन्दगी चैन से तब 
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ तेरे दर से न कभी कोई लौटा खाली है,
फिर क्यों एक मुद्दत से परेशान खड़ा सवाली है,
मेरा भी दुःख दूर कर दो सुनो अब वैष्णो माता,
भिखारी हम तेरे दर के तू सारे जग की वाली है।रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ 

जब चांदनी ने ली अंगड़ाई होगी,
इन फूलों ने फिजा महकाई होगी,
तब मस्ती में बैठ मेरे मालिक ने,
ये खूबसूरत जोड़ी बनाई होगी। रैना"
देश भारत का ज़िकर अब बहुत है,
यूं नजर सबकी इधरअब  बहुत है,
अब रकीबों की तबीयत बुरी है,
देश की मुझको फ़िकर अब बहुत है। रैना"

Friday, December 4, 2015

दोस्तों के लिय खास
कोई गिला नही जो तू मिला नही,
अफ़सोस हो रहा गुल क्यों खिला नही।
है बेवफा जहाँ मतलब से प्यार है,
मिलता यहां वफ़ा का भी सिला नही।
देखो शहर में क्या ऊँचे महल बने,
इनमें बदन जले ताजा हवा नही।
गर साफ़ मन नही कैसे मिले तुझे,
उससे मिले तू क्या खुद से मिला नही।
कल रात मर गया वो आदमी बड़ा,
उसकी मजल के संग कोई चला नही।
रैना"यही गिला खुद के नसीब से,
उसने मुझे ख़ुशी का संग दिया नही। रैना"








वैष्णो माँ की जय जय जय जय
वैष्णो माँ का सुंदर दरबार,हो रही जय जय कार,
माँ भक्तो में बांटे है प्यार,हो रही जय जय कार।
हो रही जय जय कार-----------------------
इक बार जो भी माँ के दर पे आ गया,
नाम की दौलत खजाना वो पा गया,
माँ वैष्णो करे उपकार।
हो रही जय जय कार---------------
रैना"माँ की किरपा से दुःख हुआ दूर है,
जीवन में आ गया अलग सा सरूर है,
कश्ती हो जाये भव से पार।
हो रही जय जय कार ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
भौंकते कुत्तो को हरगिज न रोकिये,
यदि कोई मजबूरी हो तो रोटी डालिये,
गर फिर भी न बात बने तो बोटी डालिये। रैना"

दोस्तों देखना पसंद आई के नही

भीड़ से चाहे खुद को  दूर रखा करो,
साथ में चार दोस्त जरूर रखा करो।
लूट जाये सब मगर फिर भी फ़िक्र नही,
बात में कशिश चेहरे पे नूर रखा करो।
जो शहर में न जाने कोई बात ही नही,
कूचे में अपने खुद को मशहूर रखा करो।
आइना देख कर ही इन्सान बहकता,
पाल के न दिल में तुम फितूर रखा करो।
बेस्वाद जीना भला क्या रैना"ये जीना,
हो अलग अन्दाज सा कुछ सरूर रखा करो। रैना"

Thursday, December 3, 2015

जय माँ वैष्णो रानी की
हम ढूंढते है जीवन में बहार मेरी माँ,
कब मिलेगा हमको तेरा प्यार मेरी माँ,
मुद्दत से है हमें तेरा इन्तजार मेरी माँ,
कश्ती अटकी है बीच मझदार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 

Wednesday, December 2, 2015

वैष्णो माँ तेरी जय जय जय
बरसे तेरा प्यार माँ जय जय,
दिल को मेरे करार माँ जय जय
मेरा करो उद्धार माँ जय जय,
करने तेरे दीदार माँ जय जय,
मुझ पे करो उपकार माँ जय जय,
दुनिया की सरकार माँ जय जय
,कर देती भव पार माँ जय जय,
दर्श को आये दवार माँ जय जय,
आओ गुफा से बाहर माँ जय जय ,
झलक दिखा इक बार माँ जय जय ,
माँ जय जय जय माँ जय जय जय। रैना"
सुप्रभात जी---------जय जय माँ 
दोस्तों पढ़ कर देखना कैसी लगी रचना

नारें तो बस नारें हैं तू नारों पे न जा,
चार दिन की बहारें है बहारों पे न जा।
पानी के जैसे हर रंग में ढलना सीख ले,
टूट कर फना हो होगा सितारों पे न जा।
दिवारों के कान होते ये अक्सर कहते लोग,
अपनों से चौकन्ना रह दिवारों पे न जा।
धरती अब तक वीरों से न खाली मेरे यार,
देश भक्तों की गिनती कर गद्दारों पे न जा।
कौम की खिदमत करने वाले होते दो चार,
बात वफ़ा की करने अब हजारों पे न जा।
हारे हैं जो दिल की बाजी क्या देंगे सकून,
हंस हंस के रुला दें ग़मगुसारों पे न जा।
लगन लगी रैना"को उसको पाने की इच्छा,
पकड़ ले उसका दामन यूं गवारों पे  न जा। रैना"
करारी घूप में भी लुटन का डर लगे है,
करू मैं रात का चर्चा संभव ही नही है।
बहुत ही दर्द मिलता है शहर की गली में,
तबीबों वो बने जिनको अनूभव ही नही है।
शहर पत्थर के करते बात फूलों की अक्सर,
मरे है मौत सब अपनी मगर शव नही है।
पड़ेगा तैरना सब को यही बात सच्ची,


राजेन्द्र शर्मा "रैना" / 94160 76914

हुये हैं हादसें कितने भला कैसे कहेंगे हम,
मिला है दर्द तन्हाई उसे हंस के सहेंगे हम।
हवा ठण्डी सी जब चलती दबा वो दर्द है उठता,
बहे आंखो से यूं आंसू लगे उनमें बहेंगे हम।
करी चुगली दिवारों ने बना ये खेल बिगड़ा है,
लगे अब तो यही होना यूं ही हंसते रहेंगे हम।
न मिलता हमनवा कोई शिकायत है यही मेरी,
मगर उसको नही चिन्ता कहे तो क्या कहेंगे हम।
मुझे रोना नही आता कमी बस है यही मेरी,
हंसेगे लोग उस दिन भी यहां से जब चलेंगे हम। रैना"

Tuesday, December 1, 2015


जय जय जय माँ वैष्णो जी
वैष्णो माँ मेरी सुन सदा कर्म कर,
तेरे दर का भिखारी परेशान है,
मेरे बारे कभी क्यों नही सोचती,
तेरा बच्चा यही सोच हैरान है।
तेरी रहमत हुई रात काली कटी,
ये उजाला हुआ जो मिला ज्ञान है।
जिन्दगी चल रही कुछ कमी है नही,
दीद तेरे बिना मन ये बेचैन है।
मेरी हसरत यही दूर कर दे कमी,
तू मिले गुल खिले "रैन" अरमान है।
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ

आप की आंख में ये नमी किसलिए बर्फ दिल में बता ये जमी किसलिए।
उसने बख्शा तुझे आम सबकुछ दिया,
फिर रखे तू भला वो कमी किसलिए।

दोस्तों ध्यान से पढ़ना  कमेंट्स भी करना
यदि अच्छी लगे तो

घटती घटनायें विचलित ध्यान कर देती,
दिल पे लगी चोट ता उम्र परेशान कर देती।
इस बस्ती के लोगों का रहन सहन है कैसा,
घरों में उठी दीवारें सबकुछ ब्यान कर देती।
प्यार की बारिश तो गुलशन को महका दे,
भाइयों की लड़ाई गुलशन वीरान कर देती।
सिर्फ परवाना ही न जल जल कर है मरता,
शमा भी तो अपना सबकुछ कुर्बान कर देती।
भारतीय नारी की ये बड़ी खासियत तो देखो,
कैसा भी हो अपने पति को भगवान कर देती।
दौलत जरूरी मगर दौलत के लिये गिरना नही,
दौलत इन्सान को अक्सर शैतान कर देती।
बारूद की दुर्गन्द न हो गोलियों की आवाजें,
काश बदली ऋतु इन्सान को इन्सान कर देती। रैना"@@copy
 दिनांक -30/11/2015 94160 76914
खुद को निराश कर लिया है,
झूठों पे विश्वास कर लिया है।
दिल पे लगे दाग छूटते नही,
मैंने अथक प्रयास कर लिया है।
खैर उससे दिल लगा कर मैंने,
अपने लिये ये खास कर लिया।
ग़म में भी मुझे गम नही है,
मैंने इम्ताहं पास कर लिया है।
वो रहता हरपल साथ में मेरे,
मैंने ऐसा एहसास कर लिया है।
वाह क्या खूब अदा इंसान की,
खुद ने खुद का उपहास कर लिया है।
रैना"तूने क्या लेना इस दुनिया से,
उसने दिल में वास कर लिया है। रैना"





चिरागां जब जले मन में तभी होता उजाला है,
बिना रोशन हुये मन के अंधेरा स्याह काला है।
अभी तो खूब फुरसत है चढ़ी मस्ती दिवाना मन,
ढ़ले जब शाम मुश्किल हो पड़े गैरों से पाला है।
नही तुझको खबर कोई गुमां करता बता किसका,
जरा तू खोल ले उसको लगा जो मन पे ताला है।
रहे है साथ में हरपल लिखे करनी तेरी कथनी,
नही की मेहनत तूने नसीबों को उछाला है।
चढ़े रंग नाम का मन पे तभी महके चमन तेरा,
मिले रैना" नसीबों से हसीं जामे नाम प्याला है।


काले अंग्रेज फिर मशग़ल अपने भजन में,
फिर कोई भगत सिंह फेंके गा बम सदन में।
बेटी बचाने का संकल्प कैसे कोई निभायेगा,
लड़के वालों ने मांगी लेग्जरिरि कार शगुन में।
सिर उठाने की हिम्मत भी नही बाकी है बची,
फिर भी हर कोई सोचे छेद करने को गगन में।
आज का इन्सान सेल्फ़ी अपने बारे सोचता,
फर्क बहुत आ गया अब देश भक्ति लगन में।
ऊँचे दरवाजों से अब तो बौने लोग गुजरते,
देश के मसीहा अब लगे देश को ठगन में।
माँ भारती की यही पुकार काश कोई सुना करे,
हर कोई है लगा हुआ इज्जत की खनन में। रैना"@@@
94160 76914



Monday, November 30, 2015

दोस्तों आप की खिदमत में

उजड़ी हमने बस्ती देखी
मिटती हर इक हस्ती देखी।
हर शै अब तो मंहगी होती,
लेकिन जां तो सस्ती देखी।
उसके आशिक जो दीवाने,
उनमें हमने मस्ती देखी।
महंगाई से बचना मुश्किल,
नागिन बन के डसती देखी।
रैना"पानी के खातिर तो,
सागर की माँ भटकी देखी। रैना"


Sunday, November 29, 2015

वैष्णो माता की जय जय जय 
माँ तेरा ही सहारा,कहीं दूर है किनारा,
इस जग से मैं हारा,मन ने तुझको पुकारा,
तू दाता माँ जगत विधाता कर सकती है,
मेरा दुखड़ा पल में मईया हर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता  ------------
वैष्णो महारानी की जब कृपा हो जाये,
अंधा देखे बहरा सुने गूंगा भजन है गाये,
बिगड़ी हुई जिन्दगी मेरी संवर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता --------
भक्त पुकारे तेरा जलवा दिखा दे मईया 
दुःख चिन्ता जो भारी है मिटा दे मईया,
खुशियों से माँ मेरी झोली भर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता ------------रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ 
कटे पर परिन्दें क्या कभी उड़ पायेंगे,
सियासत में खोटे सिक्कें चल जायेंगे।
भिखारन को भेड़ियों ने नोच के मारा,
उसके भूखे बच्चें बेमौत मर जायेंगे।
बलात्कारी को होनी मौत की सजा,
लेकिन न संभव मसीहा उसे बचायेंगे।
गंगा सफाई की मुहीम फिर अधूरी है,
साफ हो कैसे कचरा गंगा में बहायेंगे।
अरबों खर्च के बाद भी अनपढ़ तमाम,
सरकार का दावा हर बच्चे को पढ़ायेंगे।
चंद दिनों में ही सड़क खस्ता हाल हुई,
सड़क अच्छी बने कमीशन कैसे खायेंगे।
देश भक्तों की कमी नही भारत देश में,
आये कोई खतरा हम सब एक हो जायेंगे। रैना"

पल पल हर पल बदल रहा,पर मौसम सर्द आज भी है,
जख्म नासूर बने नही,पर दिल में दर्द आज भी है।
चोटें दिल पे इतनी लगी,चाहा कर भी उबर न पाये,
ये लब मजबूरी में हंसे,यूं मुखड़ा जर्द आज भी है।
बसता घर तोड़ कर मेरा,लोगों से हाल पूछते ये,
जिससे धोखा किया रहा,क्या जिन्दा मर्द आज भी है।
उससे रिश्ता मेरा रहा,हरगिज अब गैर का न होगा,
वो अपना सिर्फ मेरा,कायम वो फर्द आज भी है।
रैना"कोई करे गिला,ऐसी औकात तो न मेरी,
आ देखो तो जमी हुई,पुस्तक पर गर्द आज भी है।  रैना"

Saturday, November 28, 2015

रात भर बुजुर्ग पानी पानी रहा पुकारता,
बेटे बहु को फुर्सत न मिली कुत्ता बीमार था। रैना"
 वैष्णो माँ की जय जय जय जय
वैष्णो माँ मेरी तरफ तेरी नजर करदे,
आसान मेरी जिन्दगी की डगर करदे,
हर तरफ तेरे जलवे नजारें है मेरी माँ,
खुशियों की कुछ बरसात मेरे घर कर दे। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय जय माँ


मिटाये भी नही मिटते लगे दिल पे निशान है,
हुआ हमको यकीं उल्फ़त तो घाटे की दूकान है।
मसीहा जो बने उसकी बदल जाते मिजाज हैं,
यकीं किस पे करे कोई जमाना बे जुबान है। 
बुजुर्गों के कथन सच्चे होने लगे हैं,
माँ बाप से बड़े  बच्चे होने लगे है।
कोरे भाषण हैं भरोसा मत करना,
मसीहा के वादें कच्चे होने लगे है।
बेशर्म समझता डंडे की भाषा को,
हालात कुछ तो अच्छे होने लगे है।
वृद्धाश्रम में देखो लगी हुई कतार,
बुजुर्गों के साथ धक्के होने लगे है।
आजकल दफ्तर में आते है देर से,
सुनो वो कर्मचारी पक्के होने लगे है।
खेत को अब कैसे बचायेंगे बाड़ से,
पहरेदार अब चोर उच्चके होने लगे है।  रैना"

आज तक मैंने संभाल कर रखी है वो डिग्रियां,
किसी नेता को उसकी औकात दिखाने के लिये। रैना"

इक बार जो गिरा तो पैरों में कुचला जायेगा,
न पीछे मुड़ कर देखना हैं उबड़ खाबड़ रास्तें। रैना"

गिड़गिड़ाने से न होगी सुखी रोटी भी नसीब,
रोबदार आवाज होगी लोग देशी घी ले आयेंगे। रैना"

कर रहा है खंडर अपनी कहानी खुद बयां,
देखने आते है लोग रानी के उजड़े चमन को। रैना"

सिर्फ ऊँची आवाज से देश भक्ति का दम भर रहे,
चौकस पहरेदार खड़े ताला लगा कर सोते है। रैना"

अब खिड़कियों से झांकने की जरूरत नही,
दरवाजें खुले हैं बे रोक टोक आ जा सकते हो। रैना"





Friday, November 27, 2015



2 2  1  1 2  1  2   2   2  1  1  2 1 2
वो मुझसे अलग नही,मैं उसके करीब हूं,
मैं उसको न देख पाया बड़ा बदनसीब हूं।
दुश्मन न मिरा यहां सबका अजीज हूं,
अफ़सोस यही है खुद का रकीब हूं।
कोई न कमी यूं सबकुछ ही दिया किया,
लेकिन ये कमी मिरी मैं दिल का ग़रीब हूं।
अपने से दगा करे ये कैसा मिजाज है,
खुद का तो नही पता मैं इन्सां अज़ीब हूं।
तू रैन" नही  हिसाब है,
तू मत सोच ये कभी मैं माहिर तबीब हूं।  रैना"

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय
माँ वैष्णों तेरे संसार में ये क्या हो रहा है,
झूठा मौज करे सच्चा रो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------------
मतलब को अब दोस्ती यारी,
शर्म उतार के बेच दी सारी,
चिंता कोई फ़िक्र न गहरी नींद सो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------------
बेटा फर्ज से दूर भाई ने तोडा नाता,
पैसे से सब को प्यार ये क्या हो रहा माता,
रैना"चिंतित असुअन से आंखें भिगो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------"रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ

मेरे बारे में यूं सोचा न करो,
रात दिन तुम ख़्वाब देखा न करो।
मैं बेकाबू बहकी महकी सी हवा,
बेज़ा मेरी राह रोका न करो।
जानते सब हो मगर क्यों हैं भले,
खुद से तो ऐसे ही धोखा न करो।
चुप रहे गम भी सहे सब की अदा,
मन की करते इन को टोका न करो।
है मजे से कट रही चैन बहुत,
हाल मेरा मुझसे पूछा न करो।
तू कमी अपनी छुपाये क्यों बता,
दूसरों के राज ढूंढा न करो।
रैन"को आराम मिलता न कभी,
देख हिम्मत उसकी चौंका न करो।


हम प्यार का करते व्यापार है,
खुदरा एवं थोक के दुकानदार है,
ये इसलिये हो पाया है मुनासिव,
क्योकिं हम इश्क रोग के बीमार है। रैना"
सुबह ओ शाम की चिन्ता न कोई भी फ़िकर है,
सनम अब तो 
तुझे देखने की तमन्ना बड़ी है,
बता दे तेरा घर रहे तू किधर है।
तलाशा बहुत पर न मिलता कही घर,



दोस्तों मेरे दिल की बात आप के सामने है

खफ़ा हम से हुआ ऐसा हबीब मेरा,
जमाना बन गया सारा रक़ीब मेरा।
सफ़ीना डूबता अक्सर पहुँच किनारे,
करे धोखा सदा मुझसे नसीब मेरा।
चले हम इश्क के रस्ते खता हमारी,
कभी का देखती रस्ता सलीब मेरा।
कसक है बेकरारी दिल रहे परेशां,
कहे क्या हाल है अब अजीब मेरा।
यही अब सोचते रहते मिले उसे हम,
समय अब आखिरी आया करीब मेरा।
चलो रैना"वहां चलते जहां मिलेंगे,
करे इंतजार जहां बैठा तबीब मेरा। रैना"




Thursday, November 26, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय जय
दुखिया की सुन ले पुकार माँ,
हम आये तेरे दवार माँ,
खाली न लौटाना हमको,
दर्शन दे इक बार माँ।
हम आये तेरे ------------
तेरी भक्ति का माँ वर दे,
सिर पे मेरे हाथ माँ धर दे,
मेरी विनती करो स्वीकार माँ।
हम आये तेरे -----------
टूटी कश्ती बड़ी दूर किनारा,
रैना"को माँ जी तेरा सहारा,
मोहे बख्शो अपना प्यार माँ।
हम आये तेरे ----------रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


2 1  2   2    2  1 2  2   2  2
इक हसीं बुत की इबादत की है,
बस तुझे दिल से मुहब्बत की है। 
दिल मेरा कुछ भी नही बोला है,
तेरी नज़रों ने शरारत की है। 
कर्म तेरा ये हुआ मुझ पर भी,
उस खुदा ने तब इनायत की है। 
है मिला मुझको बिना मांगे सब,
ये लगे मैंने शराफ़त की है। 
वो खफ़ा हरगिज नही होता पर,
ये किसी ने तो सियासत की है। 
सोच इस बारे कभी तो रैना"
क्या कभी अपनी शिनाख्त की है।








कटु व्यंग्य
देखो देश में ये शर्मसार घड़ी है,
देश 26 /11 के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है,
राजीव शुक्ल को पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने की पड़ी है।
मोदी जी यदि आप ने पाकिस्तान से क्रिकेट खिलाया तो,
देशवासियों को बहुत गुस्सा आयेगा,
आप का 56 इंच का सीना 26 इंच का रह जायेगा। रैना"

मेरा अपना बना नही कोई,
फिर भी उससे गिला नही कोई।
फूल खिलते चमन महक जाते,
फूल मन का खिला नही कोई।
आप कहते हमें यकीं होता,
वैसे मेरी ख़ता नही कोई।
लोग गैरों की बात कर लेते,
मेरा अपना पता नही कोई।
जान आफ़त में है अभी रैना"
दे दे राहत फ़िज़ा नही कोई। रैना"

शहीदों की क़ुरबानी को भुलाया जा नही सकता,
26 /11 के दाग को तो मिटाया जा नही सकता,
राजीव शुक्ला बेशर्मी की हद है कुछ तो शर्म करो,
दुश्मन से क्रिकेट का रिश्ता बनाया जा नही सकता। रैना"

Wednesday, November 25, 2015

मुझे आबाद होना है यही सपना सजाया है,जमाने को हटा पीछे तुझी से दिल लगाया है,
मुझे लगता खफ़ा हो तुम तभी तो बेरुखी इतनी,
बुलाया तो नही बोले न मुखड़ा ही दिखाया है। रैना"

वैष्णो माता की जय जय जय जय
हो रही जय जय कार,
वैष्णो मईया के दरबार।
बोलो जय जय माँ बोलो जय जय माँ।
बोलो जय जय ---------------------
खोल ले अपने मन के दवारे,
वैष्णो रानी आये घर में तुम्हारे,
घर महके मस्त बहार।
बोलो जय जय माँ ---------------
आंखों में माँ की मूरत बसा से,
खुद को भिक्षा लेने के काबिल बना ले,
तभी होगा तेरा उद्धार।
बोलो जय जय माँ --------रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 


दोस्तों ये मेरी ग़ज़ल आप के लिये

गम में भी खिल खिल के हंसने वाले,
 वो हैं मेरे दिल में बसने वाले।
उनकी बातें वो कम भाते हमको,
दिल की बातें दिल में रखने वाले।
सुन लेते चुप रह जाते हैं अक्सर,
दीवाने हम पर्दा ढकने वाले।
दुःख होता जब सोचे उनके बारे,
दोस्त बनते फनियर डसने वाले।
कुछ ऐसे भी जो बहकाते मुझको, 
इतनी जल्दी हम कब पटने वाले।
रैना"की मानो तुम्हारी मरजी,
लेकिन हम मय नाही चखने वाले। रैना"





हम नशे में चूर हो रहे है,
खुद ही खुद से दूर हो रहे है।
गर ख़ता नज़रों
दिल कभी मजबूर होता नही।          94160 76914
जिस्म में जान बाकी है,
मेरी पहचान बाकी है।
देख लू मैं बसी दुनिया,
दिल का अरमान बाकी है।
जिस्म ढल ही गया लेकिन,
दिल में तूफ़ान बाकी है।
 ये जहाँ ग़र्क़ हो जाता,
फ़क़त इन्सान बाकी है।
हर किसी को मिली उल्फ़त,
हम परेशान बाकी है। रैना"


Tuesday, November 24, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय
जब कभी टूटते सपने माँ तेरी फिर याद आती है,
दर्द जब दिल में होता लबों पे फरियाद आती है,
हो अगर तेरी किरपा तो मंजर बदल जाये सारा,
याद आये तेरी हरपल जो बड़ी देर बाद आती है। रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय जय जय माँ 
बुझ जा शमा या जला दे मुझको,
मेरी वफ़ा का सिला दे मुझको।
मैं भटकता ही रहा हूं अक्सर,
मेरी मंजिल का पता दे मुझको।
मैंने कही बात अपने दिल की,
दिल में तेरे क्या बता दे मुझको।
कटती नही अब तंहा ये रातें,
अब हम जुबां तो मिला दे मुझको।
आबाद गुलशन करो तुम मेरा,
मैं सो रहा अब जगा दे मुझको।
कर दे अदा फ़र्ज़ अपना रैना"
काबिल इसी के बना दे मुझको। रैना"


Monday, November 23, 2015

तुम सामने इक बार आ जाओ,
मुद्दत से है इंतजार आ जाओ।
कुछ और तो हसरत नही मेरी,
करने तेरे दीदार आ जाओ।
भड़की हुई है आग दिल के घर,
जीना हुआ दुश्वार आ जाओ।
अब तिश्नगी दिल की नही बुझती,
हम पे करो उपकार आ जाओ।
वरना सफर जारी रहे वैसे,
होगा तभी भव पार आ जाओ।
है शाम ढलने को हुई रैना"
दूल्हा हुआ तैयार आ जाओ। 
वैष्णो माता की जय जय जय 
मेरी माँ वैष्णो माता दर्शन की अभिलाषा है,नैना तरसते मेरे दीवाना दिल ये प्यासा है,
तेरे सिवा भला मेरा कोई कर नही सकता,
सभी यहां लूटने वाले न देता कोई दिलाशा है।
सुप्रभात जी-----------------जय जय माँ 
मेरे बारे में कभी सोचता होगा,
रास्ता कोई मेरा देखता होगा।
दीद के ख़ातिर तंहा बैठ कर वो,
झील में पत्थर उठा फैंकता होगा। 
मैं परेशां चैन उसको मिले कैसे,
खैर मेरी कर दुआ मांगता होगा।
ख़्याल मेरा जब परेशान करता हो,
नींद में उठ कर तभी भागता होगा।
दाना ले माँ लौट आये अभी जल्दी,
भूखा बच्चा तो यही सोचता होगा।
कौन करता है यहां बात अब दिल की,
राज दिल का वो कही बेचता होगा।
आज रैना"फिर लगे है परेशां सा,
वो किसी को अब कही खोजता होगा।रैना"


Thursday, November 19, 2015

एक ग़ज़ल दोस्तों के नाम
दीवारें हिलती छत टपकती सी है,
ऐसी ही कुछ अपनी जिंदगी सी है।
हम ने रोती अक़्सर ख़ुशी देखी,
यूं गम से तो अपनी दोस्ती सी है।
बेशक़ है क़ाबिले तारीफ़ हर अदा,
मेरी जां की दुश्मन सादगी सी है। 
हंसना भूले रोना रास है हमें,
अपने हिस्से आई बेबसी सी है।
बैठे रहते हम इंतजार में सदा,
अपने घर आने वाली ख़ुशी सी है।
दर दर बेजा क्यों रैना"भटक रहे
माँ पे की सेवा भी बन्दगी सी है। रैना"

            मैं कौन
मैं कौन मेरी औकात क्या है,
धर्म मेरा मेरी जात क्या है।
अक्सर सोचता हूं तन्हा बैठ कर
लेकिन ??????????
मेरे सवाल का जवाब मुझे अधूरा सा मिलता है,
जिससे हम खुद को सन्तुष्ट नही कर पाते हैं,
अक्सर इस सवाल में उलझ रह जाते है,
मैं सोचता यदि मेरी जात धर्म ये है,
फिर उसकी जात घर्म वो क्यों है।
जब हम दोनों का जिस्म एक ही मिट्टी से बना है,
पांच तत्व नभ जल थल अग्नि हवा जब अस्तित्व हमारा,
फिर कैसे हुआ मैं उससे अलग न्यारा।
फिर हमें किसने उलझाया है,
क्या उसने ही चक्कर चलाया है।
फिर मैं सोचता वो ऐसा चक्कर क्यों चलायेगा,
अपने बच्चों को  आपस में क्यों लड़ायेगा।
 ये सब इंसान के  खुरापाती दिमाग की पैदाइश है,
जिससे वो अक्सर करता रहता जोर आजमाइश है।
मेरी इस हरकत देख कर वो भी मौन है,
वो मुझ से कहता है जान तू कौन है।
फिर वही सवाल मैं कौन हूं।


माँ ही करेगी उद्धार बेडा पार,
सुने गी पुकार,करेगी उपकार,
तू सच्चे मन से बोल इक बार।
जय जय माँ,जय जय वैष्णो माँ -----
दुःख हरती माँ,सुख करती है,
भक्तों की खाली,झोली भरती है,
मईया अर्ज करेगी स्वीकार।
तू सच्चे मन से बोल इक बार।
जय जय माँ,जय जय वैष्णो माँ -----
आदिशक्ति माँ के सारे रंग है,
रंग बदरंग सारे उसके ही ढंग है,
रैना"जोड़ ले मन के तार।
तू सच्चे मन से बोल इक बार,
जय जय माँ जय जय वैष्णो माँ --रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ



Wednesday, November 18, 2015

तेरे दिल में ठिकाना हो गया है,
दिल में तू ही आबाद है,
तू ही दुआ फरियाद है,
महबूब के जलवें हसीं,
रैना"हुआ दिलशाद है। रैना"

वैष्णो महारानी की जय जय जय
माँ वैष्णो जी बख्शो प्यार,
मोहे करने है तोरे दीदार,
माँ मोरी न करो इन्कार,
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----
बेशक तेरी सारी दुनिया दिवानी माँ,
हमने तो अक्सर करी है नादानी माँ,
हम करते रहे तकरार,
अब जीना हुआ है दुश्वार,
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----
ध्यानु का जैसे तूने किया कल्याण माँ,
ऐसे ही मेरा कुछ कर लो ध्यान माँ,
मैं जग से गया हूं माँ हार,
सुन लो मोरी पुकार।
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय जय माँ

तेरी बंसी की मीठी मीठी तान,
काना मोहे प्यारी लागे,
जाऊ वारी वारी मैं तो कुर्बान,
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की --------------
तेरी बंसी की धुन जब है बाजे,
नाचे मोरा अंग अंग रूह मोरी नाचे,
हुई भांवरी मैं जग ये हैरान।
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की --------------
सांवरो रंग तोरो प्यारी प्यारी बतियां,
नींद न आवे मोहे सारी सारी रतियां,
आई मुश्किल में मोरी जान।
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की -------"रैना"

जिन्दगी को नही मिले करीब से,
बात करते सदा मिले हबीब से।
आदमी की यही अदा कमाल है,
यार करता रहे गिला नसीब से।
खूब अन्दाज है हसीं जनाब के,
प्यार है बेशुमार जां रकीब से।
 फूल ख़ुश्बू बदल सके यकीं करो,
आजकल हादसें घटे अजीब से।
इश्क की आग में जले मरे नही,
डर नही अब लगे हमें सलीब से।
सोच ले हम सदा वफ़ा अदा करें,
बेहतर है यही बचे रहे फरेब से।

Tuesday, November 17, 2015


मस्त सी ठण्डी हवा कुछ ताजगी मिल जायेगी,
गांव में तो आज भी वो सादगी मिल जायेगी। 
छोड़ कर गर वो शहर को गांव में आ जायेगे,
कैद परिंदों को घड़ी पल जिन्दगी मिल जायेगी।
बांटते हैं जो ख़ुशी मुफ़्लिस गरीबों में कभी,
कर्म उन पे वो करेगा हर ख़ुशी मिल जायेगी। 
है सदा माँ बाप की ख़िदमत करे जो प्यार से,
फिर उसे तो गम नही है बन्दगी मिल जायेगी। 
मान ले तू बात रैना"शाम अब है ढल रही,
बैठ सागर के किनारे तिश्नगी मिल जायेगी। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय  जय
माँ भी आखिर कब तक साथ देगी,
तुम तो हाथों पे हाथ धरे बैठे रैना। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

दोस्तों की नजर कुछ खास
तब इक बहाना था बहुत दिल में बसाने के लिये,
अब सौ बहाने कम तुझे दिल से हटाने के लिये।
हम से खता वो क्या हुई जो रूठ कर बैठे सनम,
लाखों जतन काफ़ी नही उनको मनाने के लिये।
जिनको कभी हमने सिखाया क्या करे कैसे करे,
अफ़सोस वो तैयार अब हम को मिटाने के लिये।
आबाद गुलशन हो अगर उसकी नजर सीधी पड़े,
कैसे कहे करता सितम हमको सताने के लिये।
आबाद महंगाई हुई आराम मन का छिन गया,
हर शख्स गम से है परेशां घर चलाने के लिये।
रैना"परेशां चल दिया तेरा शहर ये छोड़ कर,
अब भूल कर कहना नही तू लौट आने के लिये। रैना"


Monday, November 16, 2015

आंखों की आंखों से जब तकरार हो जाये,
जंग जीते है फिर भी दिल की हार हो जाये,
ढूंढे तो लेकिन मिलती उसकी न दवा कोई,
इश्के रोग से पीड़ित दिल बीमार हो जाये। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मुख मोड़ ले माता सहारा मिल नही सकता,
गुलशन खिला लेकिन नजारा मिल नही सकता,
ये कर्म माता का बदल दे है मंजर सारा,
किरपा बिना  माँ के किनारा मिल नही सकता। रैना"
अब कुछ ऐसे इंकलाब होने चाहिये,
देश के दुश्मन बेनकाब होने चाहिये,
जो बेगुनाहो पे करते है अक्सर जुल्म,
उन पे तो हमले बेहिसाब होने चाहिये। रैना"
 न पीछे मुड़ के देखे वो दौड़ती जा रही है,भली महंगाई सब रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है ,
मची हाहाकार हर शख्स बेजार लाचार है,
निशां बरबादी के रैना"छोड़ती जा रही है। रैना"

Sunday, November 15, 2015

इतना मुंह न खोलो दोस्तों,
डेंगू मच्छर बेघर घूमते है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
इबादत में कमी कोई लगे है रह गई माता,
तभी तो आंख मेरी नम ऐसे बह गई माता,
नही मन्जूर ये दूरी बड़ी मुश्किल हुई हमको,
कहे क्या जान मेरी ये बड़े दुःख सह रही माता। रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ

सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
रखा है हुस्न का ये खजाना,
गंगा ऐ नूर तुझ से बही है।
करे हम जो सही गल्त होता,
करे तू जो वही तो सही है।
असर जिस पे सनम हो न तेरा,
यही सच है  न शै वो बनी है
करे तारीफ कैसे सनम की,
मेरा हमदम वही तो नबी है।
करे रैना"गुजारिश सुने तू,
लगन तेरी सजन अब लगी है।

कली मुरझा गई सूखी कभी भी खिल नही सकती,
नसीबों में न मशहूरी चुनाचे मिल नही सकती।
बहुत कम लोग हैं ऐसे हवा जो मोड़ देते है,
कही जो बात हो पक्की जुबां फिर हिल नही सकती। रैना"

Saturday, November 14, 2015

तमन्ना अब यही मेरी तेरे दीदार करने है,
बने हैं राह में जो बांध सारे पार करने है,

मिले पानी समुन्द्र में न कोई रोक सकता है,
मिली फुरसत सनम नैना तुझी से चार करने है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
सुनो फरियाद मेरी माँ मिटा दो दुःख परेशानी,
खता क्या हो गई हम से खफ़ा है माँ महारानी,
भिखारी तेरे दर के है नही कोई ठिकाना माँ,
तेरी किरपा कटे मुश्किल करो माँ माफ़ नादानी। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ  

मेरी चरचा रहे तेरे रकीबों में,
करो शामिल मुझे अपने हबीबो में,
यही अरमान है दीदार कर ले हम,
करो बदलाव तुम मेरे नसीबों में। रैना"


Friday, November 13, 2015

वैष्णो माता की जय जय जय
वैष्णो रानी का सुंदर दरबार,
यहां बरसे है निरन्तर प्यार,
आ भक्ता बोल दे इक बार,
क्या ????????
जय माता की जय माता की।
जय माता की है बीज मन्त्र,
इससे बड़ा न कोई भी जन्त्र,
हर रोग का करे उपचार।
क्या ????????
जय माता की जय माता की। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
तू बावफा तेरी नही कोई खता,
मुझको खबर तुझको पता मैं बेवफा।
वादे किये तोड़े सनम मस्ती रही,
सोचा नही खुद से किया मैंने दगा।
तू तू परे मैं मैं करे मन का पंछी,
दे दे उसे तू नाम की उसकी ग़िज़ा।
दूरी बढ़ी अपनी पड़ी दिल है जले,
मेरी तरफ़ कर दे कभी ठण्डी हवा।
रैना कहे कैसे रहे तेरे बिना,
पर्दा हटा मुखड़ा दिखा दिल की सदा।

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Thursday, November 12, 2015

भटकते है सब बेमतलब जाना कहां ये जाने न ,
उसकी करे पहचान कैसे जब खुद को पहचाने न।

मेरे मन में तेरा मन्दिर मुझे एहसास होता है,
नही रहता कभी तू दूर मेरे ही पास होता है।
समझ आती नही मुझको कहां ढूंढे तुझे कैसे,
बसे तू कौन सी नगरी कहां प्रवास होता है।
चले आओ कहे मीरा हुआ मुश्किल गुजारा है,
छुपे बैठे कहां काना बड़ा उपहास होता है।
मजा आता सताने में करे क्यों तंग दिवानों को,
उसे करता परेशां क्यों तेरा जो भी खास होता है।
कभी आ सामने बैठो करेगे गुफ्तगू तुझसे,
सुनेगा बात तू मेरी मुझे विश्वास होता है।
तुझे हम ढूंढते रहते मगर मिलते नही रहबर,
समझ आती नही तेरा कहां घर वास होता है।
कभी माँ से नही पूछा सहे है दर्द कितने माँ,
करे है त्याग फिर भी क्यों उसे बनवास होता है।

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
करो मत देर मेरी माँ नही दुःख अब सहा जाता,
बड़ी मुश्किल परेशानी नही चुप भी रहा जाता,
नज़र आता नही कोई सभी ने साथ छोड़ा है,
दुखी मन क्या करे माँ नीर आंखों से बहा जाता। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ


इन्सान दगाबाज़ मुहब्बत न करे,
है कौन भला सा जो सियासत न करे,
लाचार हुआ रोग लगा फिर भी वही,
मतलब के बिना आज इनायत न करे। रैना"

ढलते जा रहे हो नये रिवाज में,
अच्छे लग रहे हो इस अंदाज में,
तुम तारीफ खुद हो हम कहे तो क्या,
आया है नया लुक अब मिजाज में। रैना"



Wednesday, November 11, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय 
वैष्णो मेरी माँ तेरे दम से जहाँ,
तू यहां तू वहां ढूंढते हम कहां। 
अर्श हो या धरा नूर तेरा चढ़ा,
दिन चढ़े रात हो हुक्म तेरा चला। 
है हवा जो चली तेरी रहमत भली,
है इशारा तेरा जो कली है खिली। 
टूट कर जो गिरा ये सितारा भला,
माँ खफा है हुई जान ले तू जरा। 
काम ऐसा करो याद दुनिया करे,
हो जिक्र तेरा शाम जब वो ढ़ले। रैना"
सुप्रभात जी---- ----जय जय माँ 

Tuesday, November 10, 2015

हां तेरे नाल प्यार होया,
ऐ दिल बेकरार होया,
अठ्ठो पहर हर वेले,
तेरा ही इन्तजार होया।
हां तेरे नाल ---------
ख्याल ते ख्वाब तेरे,
सवाल ते जवाब तेरे
अस्सा ते मर ही जाना,
जे तेरा इन्कार होया। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मन का अंधकार मिटाये,आओ दीप जलाये,
खुद को उस राह चलाये,आओ दीप जलाये।
कैसे होगा दूर अंधेरा,इस का ध्यान करे हम,
उल्फ़त के फूल खिलाये,आओ दीप जलाये।
कर ले हम ख्याल दिवाली का पैगाम ये है,
नफ़रत की आग बुझाये,आओ दीप जलाये।
एक सा है खून सभी का कोई न अलग है,
हम सबसे हाथ मिलाये आओ दीप जलाये।
रैना"तू सोच कभी तो क्यों आये यहां हम,
फिर खाली हाथ न जाये आओ दीप जलाये। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ हैप्पी दिवाली
 

दिवाली की चली जब बात तेरी याद आ पहुंची,

खूब किस्मत हुई नसीब मुझे
छोड़ कर चल दिये हबीब मुझे,
 इस शहर में वफ़ा उदास लगे,
गैर अपनों  से भी क़रीब मुझे। रैना"
पुरानी फर्द संभाले रखते हैं,
यूं दिल का दर्द संभाले रखते हैं,
कभी दिल चीर दिखाना पड़ सकता,
तभी हम कर्द संभाले रखते हैं। रैना"

समझदार हैं महबूब के कूचे के कुत्ते,
मुझे देखकर अब भोंकते नही है।
आप की तस्वीर को देख लिखा है
हुये मायूस क्यों इतने हुई वो क्या परेशानी है,
तुझे इस हाल में देखा हुई हम को  हैरानी है,
समझ में कुछ नही आता हुआ है हाल क्यों ऐसा,
किसी गम ने घेरा है या हुई मीरा दिवानी है। रैना"
जलेंगे दीप जब घर में अंधेरा मिट ही जायेगा,
मगर मन का अंधेरा तो न कोई भी मिटायेगा,
करेगा जो जतन मन के अंधेरे को मिटाने का,
नही कोई कमी उसको मिलन के गीत गायेगा। रैना"

Monday, November 9, 2015

लक्ष्मी माँ से विनम्र निवेदन

चली आओ मेरी माता आई फिर से दिवाली है,
बिना तेरे तो लक्ष्मी माँ दिवाली होत काली है।
बड़ी उलझन करे हम क्या न कोई बात बनती है,
किया जिसने कर्म हम पे चवन्नी ही उछाली है।
दिया हमने दिलाशा भी मगर बच्चें नही माने,
खड़ी घेरे मुझे पलटन मेरी तो जां निकाली है।
लड़ाई की है बीवी ने अंगूठी लेन के खातिर,
करू मैं क्या कहां जाऊ सभी की जेब खाली है।
सुनो रैना"की विनती माँ गरीबों के यहां आओ,
अमीरों के यहां हर रोज ही होती दिवाली है। रैना"



आखो पर चश्मा
भुने चने बिना छिलके वाले आधा किलो,
बादाम 100 ग्राम ,
काजू 100ग्राम 
छोटी इलायची 50 ग्राम ,
मगज 100 ग्राम ।(Magaz kehte h tarbooz ya kharbooje ki giri ko )
2 कूजा मिसरी या धागे वाली मिसरी 200 ग्राम
इन सब को पीस कर चूरण बना ले।
10 गराम सुबह लेकर दूध पी ले।
आखो पर लगा चश्मा उतर जायेगा।
विश्वास के साथ प्रयोग करे
बच्चो के लिए बहुत फायदे मन्द हें

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय जय

मेरे सोते नसीबों को माँ बोलो कब जगाओगी,
छाई है गम की बदली माँ बताओ कब ह्टाओगी,
छाया है गुप अन्धेरा माँ लोग दीपक जलाते है,
मेरे मन नाम की ज्योति मेरी माँ कब जलाओगी। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ 

Saturday, November 7, 2015

 मेरे मन में तेरा मन्दिर मुझे एहसास होता है,
खबर इतनी नही तू दूर मेरे ही पास होता है।
समझ आती नही मुझको कहां ढूंढे तुझे कैसे,
बसे तू कौन सी नगरी कहां प्रवास होता है।
चले आओ कहे मीरा हुआ मुश्किल गुजारा है,
छुपे बैठे कहां काना बड़ा उपहास होता है।
मजा आता सताने में करे क्यों तंग दिवानों को,
उसे करता परेशां क्यों तेरा जो भी खास होता है।
कभी आ सामने बैठो करेगे गुफ्तगू तुझसे,
सुनेगा बात तू मेरी मुझे विश्वास होता है।
तुझे हम ढूंढते रहते मगर मिलते नही रहबर,
समझ आती नही तेरा कहां घर वास होता है।
कभी माँ से नही पूछा सहे है दर्द कितने माँ,
करे है त्याग फिर भी क्यों उसे बनवास होता है।


वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
ठिकाना ये नही पक्का सभी को है खबर इतनी,
कदम हर पे परेशानी मिले मुश्किल जबर इतनी,
न कोई साथ है चलता अकेले ही हमें लड़ना,
कभी हम झांक ले मन में रखे पैनी नजर इतनी। रैना"
सुप्रभात जी---------------- ----जय जय माँ






वैष्णो माता जी की जय जय जय जय
बहुत ही दूर दर तेरा नही आसान आना माँ,
इशारा हो अगर तेरा बने तब ही बहाना माँ,
यही है इल्तजा अपनी करो मन्जूर विनती माँ,
मिले अब तेरे कदमों में दिवाने को ठिकाना माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------ -----------------जय जय माँ

वक़्त जब होता बुरा मुश्किल में आये जान है,
हैं बेगाना कौन अपना हो तभी पहचान है।
जिन्दगी का फ़ल्सफ़ा है समझना मुश्किल बड़ा,
है समझ आये उसे जिसको अंतर का ज्ञान है।
बुजुर्गों का मान ओ सम्मान जिस घर में नही,
है सही उस घर कभी आता नही भगवान है।
तोड़ता रहता सदा ही जोड़ता तो है नही,
है फ़िकर अपनी न कोई आदमी नादान है।
खौफ खाता है उजाला अब अंधेरा मौज में,
हादसों से है डरा सा आज का इन्सान है।
अब यहां महफूज गुन्चा है नही इस बाग़ में,
हाथ में चाबुक लिये अब घूमता शैतान है।
रात दिन है दौड़ता फिर भी कमी रहती बनी,
सोच कर रैना"यही तो हो रहा हैरान है।









बाद मेरे तू हमें तो याद मत करना,
तेरे आंसू तू कभी बरबाद मत करना,
हम नही तेरे रहम ओ प्यार के काबिल,
रैन" तुझसे फिर मिले फरियाद मत करना। रैना"

टूटा हुआ चिराग हूं मैं जल नही सकता,
अफ़सोस







Friday, November 6, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय
हमें रहमत की दरकार माता जी,
करो अब हम पे उपकार माता जी,
जरूरत है नही हमको खजाने की,
हमें करने है फ़क़त दीदार माता जी।
गिला शिकवा नही विनती हमारी है,
करो अब अर्ज ये स्वीकार माता जी।
कमी छोड़ी नही बरसात ख़ुशी की है,
हुआ गुलशन मेरा गुलजार माता जी।
करे किरपा जिसे चरणों से लगाये है,
तंगी उसको नही उस पार माता जी।
सजा दरबार अब पूजा की तैयारी,
चली आओ यहां इक बार माता जी।
गुजारिश कर रहा रैना करो किरपा,
हमें बख्शो सदा ही प्यार माता जी। रैना"
सुप्रभात जी------- ----जय जय माँ 


Thursday, November 5, 2015

दोस्तों के नाम चार लाइन
नही मिलता तेरे जैसा,जिसे अपना कहू दिलबर,
नही जब घर मेरा कोई कहां फिर मैं रहू दिलबर,
तुझे चिन्ता नही मेरी परेशां इसलिये रहता,
जुदाई की घनी पीड़ा भला कैसे सहू दिलबर। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय 
यहां देखू वहां देखू,असर तेरा जहां देखू।
करो किरपा ठिकाना दो,
कटे अच्छी बहाना दो।
हमें तेरा सहारा माँ,
न बिन तेरे गुजारा माँ।
तेरा जलवा दिखा दो माँ,
करा दो चुप हंसा दो माँ।
मेरी विनती दुआ माता,
चले ठण्डी हवा माता।
मेरी माँ सुख अता करदो,
सभी का माँ भला कर दो। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ



उठा जो दर्द है दिल में,नही कोई दवा उसकी,
बसाया था जिसे दिल में कहे कैसे खता उसकी।
धुंआ उठता चिरागों से बुझे तो हो गई मुद्दत,
खता की दिल लगाने की मिली है ये सजा उसकी।
करे शिकवा गिला खुद से नही उससे शिकायत है,
तसल्ली दे रहे खुद को यही तो है रजा उसकी।
लगी है भीड़ ये देखो सभी को है पड़ी अपनी,
करे धोखा बड़े बेदर्द भूले है वफ़ा उसकी।
परेशां हो गये हम तो कहां उसका ठिकाना है,
करे पर्दा हसीं दिलबर बुरी है ये अदा उसकी।
करे खुद से किनारा तो मिले रैना"तुझे दिलबर,
यही अन्दाज उसका है चुनांचे ये अदा उसकी।


Wednesday, November 4, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
हुआ आबाद ये गुलशन ये जो महकी क्यारी है,
कर्म तेरा वैष्णो माता महक सबसे ही न्यारी है,
हमें दो दान भक्ति का यही अरमान है हसरत,
नही कुछ और मांगे माँ यही विनती हमारी है। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

Tuesday, November 3, 2015



छोड़ जाओ मगर याद रखना,
अश्क मोती हैं बिखरने न दे,
राग गम के तू छिड़ने न दे
रिश्ते होते कच्चे सुत्त के जैसे,
रख संभाले इनको टूटने न दे। रैना"

आप ने हमे ग्रुप में शामिल कर लिया,
हम तो बिमारी है,
ढेड किवंटल से भारी है,
फ़टे पुरानों के व्यापारी है।
माल हड़पने की लगी रहती,
हम तो बाबू सरकारी है।
माँ बेचारी कुछ न बोले,
बीवी कहती हम मदारी है।
फिर भी आप ने ग्रुप में रखना तो रखो,
सहमति पूरी हमारी है। रैना"

 तुझ पे फ़िदा दिल जान से आशिक तेरे ही दिवाने हैं
 दिल में मेरे रहता है तू फिर क्या वजह हम बेगाने हैं।
 दुनिया मेरे कदमों में तुझसे जीतना है बड़ा मुश्किल,
बेशक शमा की आग ने परवाने अक्सर मिटाने हैं।
गर तुम समझ सकते हो समझो लफ्ज मोती पिरोये हैं,
हारे सिपाही की कहानी दर्द के बंध सुनाने है।
सब वक्त गुजरा भूल जाते याद रखते फ़क़त  मतलब को,
अपने जहंन में तो अभी जिन्दा वो गुजरे जमाने हैं।
है चेहरा अब चेहरे के पीछे इन्सान रंग बदले,
करना गुजारा क्या करे मजबूर ने रंग दिखाने हैं।
सोचे तबीबो है परेशां किसलिये क्यों दवा करदे,
अब तो फरेबी लोग सारे हो गये अति सयाने है।
कहते नही कुछ चुप रहें आदत ऐसी ही हुई अपनी,
हम भूल कर भी तो न भूले याद किस्से पुराने हैं।
दोस्त यकीं काबिल नही दिल तोड़ के हंसते है,
मन्जूर कर ली है रजा उसकी  फर्ज तो निभाने हैं।
गिल ये समझ में कुछ नही आता कहां जा रहे सारे,
है दूर कितनी नाही पता उस किस नगर में ठिकाने हैं। गिल




देख के अपनी हालत हमें तो खूब रोना आया,
मैं अकेला खुद को इक मंडी में खड़ा था पाया,
हम बिके गे हमने तो मन कुछ ऐसा बनाया,
हम बिकते अफ़सोस किसी ने मोल न लगाया। रैना"


वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
वैष्णो माता प्यारी,तू जगत महतारी,
तुझे पूजे दुनिया सारी,विनती सुन ले हमारी।
हम आये हैं तेरे दरबार,
ले के श्रदा सुमन आपार,
भव से पार कर दे,
मेरी अर्ज करो स्वीकार।
भव से पार कर दे,

हम आये हैं ------------------------
ध्यानु को तारा तूने तारा को तारा है,
देव देवताओं को भी दिया सहारा है,
माँ सब पे करे उपकार।
भव से पार कर दे,
हम आये हैं ------------------------
रैना"लेने भिक्षा तेरे दर आया है,
मत ठुकरा माता तेरा ही जाया है,
मोहे बख्शो अपना प्यार।
भव से पार कर दे,
हम आये हैं -----------------"रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ


Monday, November 2, 2015

दीवारों के कान होत्ते है,ये तो सच है,
लेकिन अब दीवारें देख भी लेती है। रैना"
आंख बंद कर ख्वाब मत देखना तुम,
आंख खुलती ख्वाब तो टूट जाते,
है खुली आंखो से सपने जो देखे,
है मंजिल वो खास ही लोग पाते। रैना"
आजकल वो तो हमारी तरफ न देखते है,
फूल की चाहत हमारी वो पत्थर फैंकते है,
अफ़सोस दूर खड़े ठंड से ठिठुरते रहते हैं,
वो पास खड़े हो कर आग भी न सेकते है।  रैना"
 आज बेमौसम ही घर बरसात हुई है,
आप की रहमत रहनुमा से बात हुई है। रैना"

Sunday, November 1, 2015

यहां फुरसत नही किसी को ,
वक्त तो निकालना पड़ता है।

जब तलक दम रहे जोर सब लगाते है,
मेहनत तब शुरू होती जब थक जाते है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
गुफ़ा में बैठ मेरी माँ जहाँ पे राज करती है,
न करती भेंद माँ वैष्णो सभी के काज करती है,
जमीं अर्श सागर पर मेरी माँ की हकूमत है,
लगन जिसको लगी उसके हवाले ताज करती है। रैना"
सुपरबहत जी ------------------जय जय माँ



आजकल मैं कुछ अलग खास कर रहा हूं,
बात उसका साथ प्रयास कर रहा हूं। 
मेरा चेहरा क्यों जर्द समझे,
काश कोई मेरा दर्द समझे। रैना"

इस हवा में मेरी माँ की दुआ का असर है,
वरना हरगिज ये हवा महकी न होती। रैना"



Saturday, October 31, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय
वैष्णो महारानी तेरी महिमा अपरम्पार है,
बीच गुफा में माँ तूने लगा रखा दरबार है,
दर पे आने वालों की किस्मत बदल जाती,
अपने सच्चे भक्तों पे माँ करती उपकार है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 
जैसे पकिस्तान ने कश्मीर के कुछ हिस्से पर कब्जा जमाया है,
ऐसे ही तूने मेरे दिल के इक कोने को जबरदस्ती कब्जाया है,
जैसे पाक कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिग दे रहा है,
ऐसे ही तूने याद रूपी आंतंकियों को मुझे बरबाद करने को कहा है।
बेशक भारत की सीमा पर आतंकियों को रोकने का प्रबंध बेजोड़ है,
अफ़सोस मेरे पास याद रूपी आतंकियों का न कोई भी तोड़ है। रैना"
इतनी अच्छी अपनी तकदीर नही है,
मेरे हाथों में तेरी लक़ीर नही है,
फिर भी हल होने के आसार नजर आते,
अपना मसला मसला ए कश्मीर नही है। रैना"

इश्क हद से पार हो जाये,
बस तुझे एतबार हो जाये,
चाह मेरी प्यार तेरा ही,
हर शै में दीदार हो जाये। रैना"

आजकल लोग अंदाज बदल लेते,
सुविधा अनुसार रिवाज़ बदल लेते।
आज कुछ तो कल कुछ नज़र आते,
चेहरा तो बदले मिजाज बदल लेते। रैना"
काश अपने यहां भी सजी महफ़िल होती,
जिन्दगी के चमन में तो कुछ हलचल होती,
है नसीबा धनी जो अगर फल मिलता है,
बदनसीबों  की तो मेहनत निष्फल होती। रैना"

Friday, October 30, 2015

वैष्णो माँ की अदा न्यारी,
खुश हो के ये दुनिया सारी,
जय जय कार करती -----
दुनिया जय जयकार करती ----
वैष्णो मईया ने खोले खजाने है,
झोलियां भर रहे भक्त दिवानें है,
भोली भाली माँ वैष्णो प्यारी,
सब पे उपकार करती।
दुनिया जय जयकार करती ----
रैना"तू तो माँ का भक्त ख़ास है,
फिर भला तू क्यों बैठा उदास है,
माँ सुन लेगी विनती तुम्हारी,
माँ भक्तों से प्यार करती।
दुनिया जय जयकार करती ----
सुप्रभात जी --जय जय माँ

खुद के लिये तो यूं लड़ना चाहिये,
कर मेहनत आगे बढ़ना चाहिये,
हम जिस शज़र की छाया में बैठे है,
उसके लिये तो कुछ करना चाहिये। रैना"

तेरी इन अदाओं को क्या नाम दे,
तूने सारा शहर सिर पर उठा रखा है। रैना"
मत पूछो मैं क्या कर रहा हूं,
हर दिन थोड़ा थोड़ा मर रहा हूं,
दिल की हालत तो ऐसी बुरी है,
फिर भी मरने से मैं डर रहा हूं। रैना"
करवाचौथ पे खास
चाँद को चाँद का इन्तजार है,
देख ले दिल हुआ बेकरार है,
काश वो चाँद होता करीब में,
चाँद जो जिन्दगी में शुमार है। रैना"

Thursday, October 29, 2015

वैष्णो महारानी की --जय जय जय जय 
तुझे फुरसत नही माता मुझे तो गम ने घेरा है,
तेरे दर्शन की अभिलाषा करे क्या दूर डेरा है,
कर्म करती नही माता यही मुझको परेशानी,
 बुझे दीपक न जलते दूर हमसे वो सवेरा है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ

इश्क की आग लगी दिल है जला लेकिन,
खूब ही दर्द हुआ आया मजा लेकिन,
याद अब कौन करे गुजरे हुये लम्हें,
गौर कर यार भले देगे कजा लेकिन। रैना"
दर्द को दिल में बसा के रखा है,

रात को अपना बना के रखा है।
तंगदस्त है इसलिये कोई नही अपना,
मुफ़्लिस का होता नही अरमान ओ सपना ,
महंगाई ने तो कमर को तोड़ डाला है,
मुश्किल हुआ पेट भरना रैन"तन ढपना। रैना"@@@

तंगदस्त =खाली हाथ,गरीब
मुफ़्लिस =गरीब  

Wednesday, October 28, 2015

कभी तो बता हाल तेरा,
मेरे बार क्या ख्याल तेरा,
कभी हल नही हो सकेगा,

कभी तो इधर भी कमाल कर दे,
है वीरान गुलशन धमाल कर दे,
न हल हो रहा है बड़े परेशां,
तू हल जिन्दगी का सवाल कर दे। रैना"