Friday, July 31, 2015



मेरी मईया तेरे दर पे लोग भिखारी आये हैं,
टूटा दिल बिखरे अरमां आँखों में आंसू लाये है।
दर पे आये भक्तों पे दया अपनी उपकार करो,
प्यार करो माँ प्यार करो हम दुखियों से प्यार करो।
प्यार करो माँ प्यार -------------
बीच गुफा में माँ बैठी है,
चरणों में गंगा बहती है,
खुशियों की वर्षा करती,
भक्तों के दुखड़े सहती है,
हमारी बारी मुख न फेरो विनती अर्ज स्वीकार करो।
प्यार करो माँ प्यार ----------------
किस्मत खेले खेल बड़ा,
रैना"रोये है तन्हा खड़ा,
खुशियां जा कर दूर बसी ,
घर पे गमों का पहरा कड़ा,
हमको लगा लो चरणों से, बच्चों को न इन्कार करो।
प्यार करो माँ प्यार -----------------
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ   

Thursday, July 30, 2015

देखो भक्तों आ गया माँ का दवारा,
माँ का दवारा दिलकश है नजारा,
प्रेम से इक बार बोलो जयकारा,
बोलो जयकारा दुःख मिट जाये सारा।
देखो भक्तो आ गया ------------
प्यारा दरबार माँ वैष्णो रानी का,
वैष्णो रानी माँ जग कल्याणी का,
जग कल्याणी माँ मेहरो वाली का,
मेहरो वाली माँ कष्ट निदानी का,
माँ के भक्तों को यहां मिलता सहारा।
मिलता सहारा फिर बोलो जयकारा।
देखो भक्तों आ गया ---------------
माँ वैष्णो को टेर ध्यानु ने लगाई थी,
दुःख हरणी माँ दौड़ी दौड़ी आई थी,
दौड़ी दौड़ी आई आ के पीड़ा मिटाई थी,
पीड़ा मिटाई प्रीत की रीत निभाई थी,
रैना"माँ वैष्णो का ये अन्दाज न्यारा।
अंदाज न्यारा प्यार से बोलो जयकारा।
बोलो जयकारा माँ का मिलेगा सहारा।
देखो भक्तो आ गया ---------रैना"


दोस्तों मुझे भी आप कवि सम्मेलन,मुशायरे में बुलवा सकते हैं। रैना"
मैं अपनी मां का प्यारा बच्चा,
मैं जग से एकदम न्यारा बच्चा।

माँ की आंखो का तारा बच्चा। 
वो मरा मुझे ये गम हो गया है,
मेरे मरने के बाद???
एक रोने वाला कम हो गया है।"रैना"

अपनी माँ को समर्पित

 छोटा था तब मां का हाथ पकड़ता था दौड़ दौड़ कर,
अब मैं बड़ा हूं दौड़ता हूं माँ का हाथ छोड़ छोड़ कर,
ममता की मारी के माथे पर फिर भी नही शिकन,
मालिक से मांगती मेरी खैर हाथ जोड़ जोड़ कर। रैना"


पास हो कर भी रहते हो दूर बहुत,
तुम मिलते नही हम मजबूर बहुत।
वादें तोड़े कसमें रस्में सब भूल गये,
नादानी में खता हो गये कसूर बहुत।
हर अदा कमाल तारीफ़ के काबिल,
हुस्न के जलवें छलके है नूर बहुत।
तेरे आशिक रिन्द दीवाने दावा करे,
 जामे नाम में होता है सरूर बहुत।
तेरा मेरा मेल होना बड़ा मुश्किल,
रैना"गुमनाम तुम हो मशहूर बहुत।  रैना"

Wednesday, July 29, 2015

हम तेरे दरबार में आये है माँ,
बिगड़ी बनाने के लिये,
हम बच्चों को, माँ वैष्णो तेरा सहारा दे दे,
तेरे दीद को तड़फ रही अखियां,
तड़फती आँखों को, मस्त नजारा दे दे।
हम तेरे दरबार में ---------------
न हमें राह का पता,न हमें मंजिल का पता,
मझदार में भटक रहे, हैं न साहिल का पता,
पार लग जाये सफीना, मेरी माँ इशारा दे दे।
हम तेरे दरबार में----------------
माँ रैना"परेशान बहुत, परेशां दुखी हैरान बहुत,
गम का शहर दुनिया,दुनिया से अनजान बहुत,
वरना भटक जायेगा वैष्णो माँ उसे किनारा दे दे।
हम तेरे दरबार पे ---------------रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ


हमें अपने दिल से मत जुदा करना,
फ़क़त दोस्ती का फर्ज अदा करना।
हम दिन रात हरपल मांगे खैर तेरी,
हो फुरसत हमारे लिये दुआ करना। 
तपती लू ने जलाया तन मन मेरा,
तू कभी मेरी तरफ ठंडी हवा करना।
हम फकीरों का क्या जंगल में मंगल,
हमारी बज्म में आ खूब मजा करना।
इश्क मिजाजी में गम ही गम मिलते,
इश्क हकीकी कर उससे मिला करना।
यहां वहां आराम ही आराम मिलेगा,
तू भूल कर न किसी से दग़ा करना।
बनते काम भी बिगड़ जाया करते है,
भाग्य का खेल उसे न गिला करना।
रैना"मत छोड़ना धर्म के रास्ते को,
तेरा फर्ज है हर हाल में भला करना। रैना"


तुम शज़र थे हम तेरी छाया को तरसेंगे,
तेरी कमी का एहसास होगा नैना बरसेंगे,
तेरी दिखाई राह पे चल रहे हजारो लाखों,
पथपर्दशक नही होगा पथिक तो भटकेंगे।रैना" 
प्रयास का स्लोगन
प्रयास के प्रयास में हो आप का सहयोग,
निःसंदेह तभी बनेगा सफलता का योग।रैना"
मैं तुझ पे फ़िदा हो गया,
खुद ही खुद में खो गया।
तेरी बाहों में आ के लगा,
मां की गोद में सो गया।
सावन में बरसा बादल,
सारा ही गम को धो गया।
मन उसके गीत गाने लगा,
मैं तो मैं से जुदा हो गया।
रैना जिंदगी क्या जान ले,
क्यों राहों में कांटें बो गया।रैना"
अच्छा नही लगा यूं तेरा जाना,
अफ़सोस ये दस्तूर है निभाना,


दोस्तों आप की नज़र
तेरे इंतजार में बाकी बितायेंगे,
तुझको मिले बगैर नही जायेंगे।
इक बार नजर का इशारा कर दे,
छोड़ कर दुनिया तेरे हो जायेंगे।
बेशक इतनी तो खबर हैं मुझको,
तू मिले मुरझाये फूल महकायेगें।
मां ने ये कह कर सुला दिये बच्चें,
सुबह तुम्हारे पापा खाना लायेंगे।
नेता फिर से करने लगे हैं वादें,
बेरोजगारों को रोजगार दिलायेंगे।
उनके दिन तो पूरी तरह से बदले,
हमारे वो अच्छे दिन कब आयेंगे।
जब तक तू नही सुनेगा पुकार मेरी,
रैना"दिन रात कलम चलाते जायेंगे। रैना" 

Tuesday, July 28, 2015

तेरे इश्क में अब जलना चाहता है,
ये फूल दिल का खिलना चाहता है,
पर्दानशीं बाहर आओ चिलमन से,
रैना"इक बार तुझे मिलना चाहता है। रैना"


दुनिया से बहुत दूर घोंसला बनाना चाहता है,
इस पिंजरे को छोड़ कर पंछी जाना चाहता है। रैना"

मुझे तेरी तलाश है तुझे मेरी खबर नही,
मैं अब क्या करू दिल को होता सबर नही। रैना"

आइना देख कर मुस्करा हूं मैं,
क्यों इतना भूल गया ये उसका का घर है। रैना"


तेरी नजरों का क्या इशारा हुआ है, हम से गया दिल तुम्हारा हुआ है, इल्तजा है इसे सम्भाल के रखना, दिल पहले ही गम का मारा हुआ है। रैना"

भावपूर्ण श्रद्धांजलि 

कलाम तो कुदरत द्वारा अलग से लिखा गया कलाम है,
जिसका असर आम जान के दिलो दिमाग पर है।
ये ऐसा कलाम है,
जिसे दुनिया सदियों तक???
पढ़ेगी,पढ़ायेगी, सुनेगी ,सुनायेंगी,
गायेगी, गुनगुनायेगी,फिर भी तरोताजा ही रहेगा।
क्योंकि ये कलाम तो??????
कुदरत द्वारा अलग से लिखा गया कलाम है। रैना"

दर्शन को तरसे प्यासी आखियां,
छम छम बरसे प्यासी आखियां,
मेरे दुःख ओ दर्द मिटाती क्यों नही,
दर्शन देने के लिये आती क्यों नही।
मेरी माँ ---वैष्णो माँ ----मेरी माँ ---
जिंदगी का क्या ये गमों की पिटारी है,
ख़ुशी की तलाश में फिरे मारी मारी है,
वैष्णो माँ तू जलवा दिखाती क्यों नही,
दुःख दर्दों को दूर परे हटाती क्यों नही।
मेरी माँ ----वैष्णो माँ -------मेरी माँ
रैना"को तो सिर्फ है तेरा ही विश्वास माँ,
दर्शन दे के मिटा दे जन्मों की प्यास माँ,
तेरी राहों में पड़े हैं माँ उठती क्यों नही,
माँ तू अपने गले से लगाती क्यों नही।
मेरी माँ ------वैष्णो माँ ------मेरी माँ
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ  

सामने आकर बैठो हाले दिल सुनाना चाहता हूं,
मैं तुझे इक बार अपने गले से लगाना चाहता हूं,
इक मुद्दत से तलाश तेरी इधर उधर भटक रहा,
रैना"तुझसे मिलने का सिर्फ़ इक बहाना चाहता हूं। रैना"
पहले झूठ बोलने वाले के हाथ काटे जाते थे,
अब सच बोलने वाले के पर कतरे जाते हैं। रैना"

Monday, July 27, 2015

तेरे चरणों की भक्ति दे दे माँ,
तू मोहे इतनी शक्ति दे दे माँ,
गुणगान करू तेरा ध्यान करू,
कर भव पार मुक्ति दे दे माँ।
वैष्णो रानी माँ,कल्याणी माँ,
बैठी गुफा में महारानी माँ।
वैष्णो रानी माँ ----------
करती हो माँ तुम पूर्ण आशा,
पूर्ण आशा कोई न रहे निराशा,
खोल देती हो मन के दरवाजे,
शांत कर देती समस्त जिज्ञासा,
भक्तों पे करती हो मेहरबानी माँ।
मेहरबानी माँ जग कल्याणी माँ।
वैष्णो रानी माँ कल्याणी --------
रैना" की भी समझो मजबूरी माँ
उससे न रखो तुम इतनी दूरी माँ,
तेरी भक्ति की तमन्ना अभिलाषा
छूट न जाये ये काम जरूरी माँ
 अब तक तो करी है नादानी माँ।
वैष्णो रानी जग कल्याणी ------रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

हर किसी से पूछते हो तेरा ख्याल क्या है,
तूने कभी खुद से पूछा है तेरा हाल क्या है। रैना"

हम तो लफ्जों के दरिया में बहते है,
लिखते नही अपने दिल की कहते है। रैना"

टूट कर बिखर रहे उन धागों को जोड़ कर,
भारत माँ सपूत चला गया दुनिया छोड़ कर,
मालिक अब्दुल कलाम जी को लेना शरण में,
रैना"तुझसे विनती करता है हाथ जोड़ कर। रैना"

जिंदगी का गीत गर गाना आ गया,
कदमों में फिर तो जमाना आ गया।
उस पर तो हर कोई होगा ही फ़िदा,
काम कर जिसको  दिखाना आ गया।
मायूस वो तो कभी होगा न उदास
जिसे खुद औरों को हंसाना आ गया।
 इस दौर में उसे मिलती कामयाबी,
जिसको शिकार फसाना आ गया।
रैना की जिन्दगी तो फटा सा ढोल है,
मजबूरी में उसे भी बजाना आ गया।  रैना"

Saturday, July 25, 2015

फेल कर दिये डाक्टरों के तमाम दावे,
रैना"हम तो दिल के बिना भी जी रहे है। रैना"
मेरी अर्ज विनती स्वीकार करो,
मुझे प्यार करो, प्यार करो, प्यार करो माँ,
तेरा भक्त माँ वैष्णो परेशान बहुत,
मेरा उद्धार करो,उद्धार करो,उद्धार करो माँ।
मुझे प्यार करो,प्यार करो --------------
मुझे आ के गमों ने घेर लिया,
मेरी माँ तूने है मुख फेर लिया,
मेरा ओर कोई साथ सहारा नही,
नसीबों ने भी प्याला जहर दिया,
तुम चाहो जहर अमृत बन सकता,
माँ नजरें इनायत इक बार करो।
मुझे प्यार करो,मुझे प्यार करो ---------
रैना"रो रो कर दुखड़ा सुना रहा,
हाल अपना माँ तुझको बता रहा,
माँ वैष्णो तू कुछ न बोल रही,
मेरा मनवा बहुत ही घबरा रहा,
शाम ढलने वाली न माँ मेरी देर करो,
मेरे टूटे दिल का माँ उपचार करो।
मुझे प्यार करो,प्यार करो -----------
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ


आशिक हूं तेरा ,मेरे सिर पे इल्जाम है,
तेेरे हुस्न के चर्चे बस,यही मेरा काम है।
इस कदर हो गया, मैं तो दीवाना तेरा,
दिल के हर पेज पे ,लिखा तेरा नाम है।
बहके  हैं कदम मेरे, मस्ती का आलम,
मेरे लिये काफी तेरी, आंखों का जाम है।
तेरे संग लगा के दिल, रही न कोई चिंता,
तेरी बज़्म में बैठेगे, होने वाली शाम है।
बेखौफ करते सौदा वो धर्म के ठेकेदार,
बेचते रहीम कहीं बेचा जाता राम है।
ये मरजी है तेरी तू ठुकरा या अपना ले,
रैना का क्या वो तो तेरा ही बदनाम है।रैना"

Friday, July 24, 2015

जमाने ने ठुकराया,माँ तूने भी सताया है,
आज शिकायत ले कर तेरा भक्त द्वारे आया है।
हर बार मेरी माँ तूने मुझे मायूस ,उदास किया,
फेल हुआ हर इम्तहान में माँ मुझे न पास किया।
करने शिकवा माँ वैष्णो रानी तेरे दर पर आया हूं,
मेरे हिस्से में दुःख बहुत मैं जमाने का ठुकराया हूं।
आया हूं मैं आया हूं माँ दर तेरे मैं आया हूं।
आया हूं मैं आया ------------------------
जिसका भी हम भला करे वो बुरा ही करता है,
दिल चीर कर दिखा देते फिर भी हमसे लड़ता है,
देख जमाने की हालत माँ मैं बहुत घबराया हूं।
आया हूं मैं आया -------------------------
माँ तेरी मज़बूरी है तभी दुःख न मेरे मिटा सकती,
लम्बी नींद सुला दे माँ इतना करके दिखा सकती,
मन की बस्ती उजड़ गई इक पल भी न चैन पाया हूं।
आया हूं मैं आया ----------------------रैना"
                    ग़ज़ल

भला क्यों तिरा घर नही मिल रहा है,
शमा की तरह दिल मिरा जल रहा है।
नही  इश्क की राह आसां समझ ले,
बिना देख कर  तू किधर चल रहा है।
मुहब्बत निकम्मा करे जान ले तू,
बना जख्म नासूर दिल जल रहा है।
न अफसोस कोई कमी है हमारी,
खिज़ा में पला गुल नही खिल रहा है,
सुनाये किसे दर्द दिल की कहानी,
लगा जख्म रैना नही सिल रहा है। रैना

Thursday, July 23, 2015

सुनो मेरी मां वैष्णो रानी,तेरी कृपा न होती है,
मां मन चाहे तेरे दर्शन,हां बरबस आंखें रोती है।
सुनो मेरी मां ---------------
तुम दिन में रात कर देती,मां जलवें अजब दिखाती हो,
अपने प्यारे भक्तों को मां,चरणों से तुम लगाती हो,
मेरे बारे मां तू न सोचे,तभी मेरी आंख भर आती है।
सुनो मेरी मां ----------------
रैना" तेरा भक्त दीवाना मां,रहमत की वर्षा कर दे मां,
कटी अब तक वीराने में,खुशियों से झोली भर दे मां,
माफ कर दो मेरी गल्ती,मां बच्चों से गल्ती तो होती है।
सुनो मेरी मां-----------------रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 
तेरी नजरों का इशारा हुआ है, तब से ये दिल तुम्हारा हुआ है। तुम हो मेरी हर अदा में शामिल, बिन देखे मुश्किल गुज़ारा हुआ है। आसान हुई हैं मंजिल की राहें, तेरी सूरत को ज़हेन में उतारा हुआ। 
, सहमी सहमी सी लगे है चांदनी, ये कहर किसने गुजारा हुआ है। , तुम हो मेरी जिन्दगी में शामिल, रीनू" खूबसूरत नजारा हुआ है। रीनू"
तेरी कमी नही है,पर बदनसीब हम हैं,
छेड़े मुझे जमाना,इन्सां अजीब हम हैं।
तुझसे गिला यही है,हमसे खफा खफा हो,
मिलते कभी नही हो,रहते करीब हम हैं।
हर दिल फ़िदा तुझी पे,जलवें हसीन तेरे,
धनवान तुम बड़े हो,लेकिन गरीब हम हैं।
तेरी अदा कयामत,छोड़े असर गज़ब का,
एहसास हम करे ये,तेरे हबीब हम हैं।
अफसोस है यही तो,खुद को नही तलाशा,
दुश्मन नही हमारा,अपने रकीब हम हैं।
रैना जरा संभल के,है बेइलाज उल्फत,
पूछो यहां किसी से,कहते तबीब हम हैं। रैना

अपने वतन से हरगिज न धोखा कीजिये,
ये मिट्टी माँ तुम्हारी जरा सोचा कीजिये,
बलिदान वीरों ने दे कर तोड़ी हैं वो बेड़ियां,
जो गद्दारी माँ से करते उनको रोका कीजिये।
रहती सदा शिकायत क्या देश ने दिया है,
है तेरी क्या कुर्बानी इसका मौका कीजिये।
आज के माडर्न बच्चें हो लिये बड़े सयाने,
इसमें भलाई अपनी बेजा न टोका कीजिये।
रैना"रोना छोड़ो गर पा नी तुझको मंजिल,
मेहनत की आग में खुद को झौंका कीजिये। रैना"


बेवफा इस जमाने से दिल लगाना नही,
यार को बिन मिले बस्ती छोड़ जाना नही,
लोग जीते परेशानी दुःख तंगी में यहां,
फिर वहां भी मिलेगा रैना"ठिकाना नही। रैना"

Wednesday, July 22, 2015

तुम हो सब के पालन हारे, 
हम हैं पापी गम के मारे। 
मेरी विनती सुन लो साईं,
काटो मेरे बन्धन सारे। 

तूने मेरा दुःख है जाना,
मैंने तुझको रब है माना,
मेरा है अब इक ही मकसद,
हर शै में तुझको ही पाना।
मुझको है अब तुझसे उल्फ़त,
मन मेरा तेरा दीवाना।
तेरे रंग में रंग ली चुनरी,
पी तेरा कब होगा आना।
अपनी सुध बुध खो बैठे हैं,
भूले अब हम पीना खाना।
रैना"जीवन गुलशन कर ले,
फिर मुश्किल है वापिस आना। रैना"

तुम हो सब के पालन हारे, 
हम हैं पापी गम के मारे। 
मेरी विनती सुन लो साईं,

नही कोई भी दर वैष्णो माँ के दरबार जैसा,
जहां में प्यार नही मिलता माँ के प्यार जैसा।
भक्तों जल्दी चले आओ माँ खोल खजाने बैठी है,
कोई चिंता मत करना माँ बिगड़ी बनाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ ---------------------
माँ को बच्चों का रहे इंतजार बहुत,
वैष्णो बच्चों से करती प्यार बहुत,
माँ को प्यार बहुत एतबार बहुत,
तभी कर दिये भव से पार बहुत,
तेरी भी झोली भर देगी माँ भाग्य जगाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ --------------------
रैना"दुखी रहता क्यों परेशान है तू,
माँ की रहमत से क्यों अनजान है तू,
अनजान है तू परेशान है तू,
माँ से दूर बैठ बड़ा ही नादान है तू,
श्रदा से माँ से कर विनती वैष्णो दुखड़े मिटाने बैठी है।
भक्तों जल्दी चले आओ -----------------रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ 


बेवफा इस जमाने से दिल लगाना नही,
यार को बिन मिले बस्ती छोड़ जाना नही,
लोग जीते परेशानी दुःख तंगी में यहां,
हैं दुखी 
तुझसे अलग अपना घर बनाना
महंगा पड़ा तुझको भूल जाना।।
बेशक हसीं दुनिया कैद खाना।
छोड़ा नही तूने दिल दुखाना।



धरती की शान हैं पौधें,
जीवों की जान हैं पौधें,
दुःख सहते सुख देते हैं,
बड़े ही दयावान हैं पौधें। रैना"

जमीं पे जब तलक हरियाली है,
चेहरे पे तब तलक ही लाली है।
गर धरती से हरियाली मिट जाये,
फिर कोई जिंदगी नजर न आये।
गर जमीं में जीवन बचा के रखना,
हरियाली से जमीं सजा के रखना।
रैना"सावन का मजा खूब उठाना है,
बशर्ते इक पौधा जरूर लगाना है। रैना"

अन्धेरी रात में रोते रहना,
चांदनी रात में जलते रहना,
दिन भर फिर हंसते रहना।
यही मेरे हिस्से में आया है। रैना"
दिल के करीब लगते हो।
मेरे नसीब लगते हो।
तुम हो हसीन सब कहते,
दिलकश हबीब लगते हो।
अपने लिये कभी सोचो,
खुद के रक़ीब लगते हो।
दिल का इलाज तू कर दे,
तुम तो तबीब लगते हो।
रैना"तुझे कहे क्या हम, 
इन्सां अजीब लगते हो।रैना"


रात सपनों में आते हो मेरे,
दिन में भी कभी मिला करो,
तुम फूल हो सब ये कहते,
कभी देख के हम को खिला करो। रैना"
दिल के करीब लगते हो।
मेरे नसीब लगते हो।
तुम हो हसीन सब कहते,
दिलकश हबीब लगते हो।
अपने लिये कभी सोचो,
खुद के रक़ीब लगते हो।
दिल क इलाज तू कर दे,
तुम तो तबीब लगते हो।
रैना"तुझे कहे क्या हम,
इन्सां अजीब लगते हो।

Tuesday, July 21, 2015

वैष्णो माँ तेरा सहारा है,
तेरा सहारा है,
भक्त ने तुझे पुकारा है,
तुझे पुकारा है,
हम तो तेरे दीवाने माँ,
फिर भी गम ने मारा है ,
माँ मेरी तेरा ---------
परेशानी ने माँ आ के घेरा,
टूट गया है दिल ये मेरा,
दूर दूर तक घना अँधेरा
नजर न आये मुझे सवेरा ,
मईया तुम भी गौर न करती,
परेशां भक्त तुम्हारा है।
मेरी माँ तेरा -----------
अपने रंग में माँ मुझे रंग दो,
जीने का माँ नया ही ढंग दो,
हरपल तेरे भजन मैं गाऊ,
मन को ऐसी उमंग तरंग दो,
छोड़ के दर तेरा दूर न जाना,
माँ यही करना गुजारा है।
माँ मेरी तेरा -------------रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ




        ग़ज़ल
इसलिये तो आंख नम है,
बेवफा मेरा सनम है,
भूल बैठा वो मुझे भी,
जिन्दगी को खास गम है।
सोच सकते ये नही हम,
क्यों इनायत प्यार कम है।
टूट कर दिल चूर बिखरा,
क्यों नही निकला ये दम है।
याद तेरी बावफा है,
बेवफा रैना"यही गम है। रैना"


चम्मचे बटोर ले जायेगे?????
सारे ईनाम,
मेहनतकश रह जायेगे??????
अपने हाथ देखते। रैना"

इस दौर में लोग कामयाब होने के लिये इतना करते है,
अपने साथ वाले की छाती पे नही गले पे पैर धरते है
फिर बांस रहता न बन्सुरी,
फिर मजे से देखते जंतरी। रैना"
टूटे पत्ते को तू इस काबिल न कर,
तेरी दुआ में मुझे शामिल न कर।
भटकी लहर भटकना किस्मत मेरी,
हिस्से में मेरे तेरा साहिल न कर।
हम इश्क की राह पे कैसे चले,
जादू चला के मुझे पागल न कर।
होती हवा जिधर की हम चल देते,
मदमस्त हम तू मगर ग़ाफ़िल न कर।
अब लोग तो बेच दे अपना इमां,
खुद को कभी इस कदर जाहिल न कर।
रैना करे गौर जो अच्छा रहे,
यूं जो नसीबों में नही हासिल न कर। रैना"



Monday, July 20, 2015

टूटे पत्ते को तू इस काबिल न कर,
तेरी दुआ में मुझे शामिल न कर।
भटकी लहर भटकना नसीब मेरा,
हिस्से में मेरे तू साहिल न कर।
 होती हवा जिधर की उधर हो लेते,
तू हाल से मेरे यूं ग़ाफ़िल न कर।

इक बार सुन लो मेरी पुकार वैष्णो माँ ,
इक तेरा ही भरोसा एतबार वैष्णो माँ,
वक्त की मार पड़ी है आन खड़ी मुश्किल,
मुश्किल घड़ी में करो उपकार वैष्णो माँ।
दिल में तलब लगी है करने तेरे दर्शन,
मेरी विनती कर लो स्वीकार वैष्णो माँ।
हसरत यही तमन्ना तेरी भक्ति में गुजरे,
बाकी बचे हैं जो भी दिन चार वैष्णो माँ।
रैना"नादान बच्चा करता फिरे नादानी,
उसे बख्शो अपने चरणों का प्यार वैष्णो माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 
टूटे पत्ते को तू इस काबिल न कर,
तेरी दुआ में मुझे शामिल न कर।
भटकी लहर भटकना नसीब मेरा,
इस हाल में रहने दे साहिल न कर। 

Sunday, July 19, 2015

आज फिर महफ़िल में तेरी चर्चा होने लगी है,
माँ मेरी वैष्णो रानी के, अन्दाज अलग न्यारे है,
चाँद सूरज सजिदा करते, दर देव देवा खड़े सारे है,
माँ मेरी मेहर करती अपने भक्तों के भाग्य संवारे है,
माँ वैष्णो दौड़ी दौड़ी चली आती भक्त जब पुकारे है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ





तुम दिल में उतर के देखो जरा,
आईने को संवर के देखो जरा,
जिंदगी क्या समझ जाओगे,
इस कूचे से गुजर के देखो जरा।रैना"


महंगा पड़ा तुझको छोड़ जाना,
दुनिया लगे जैसे कैद खाना,
मैं भूल जाता तुझको कभी का,
छोड़ा नही तूने याद आना।
कब जिन्दगी कर दे बेवफाई,
ये राज मुश्किल है बताना।
हम सह लिये हैं गम बिछुडऩे का,
अब इल्तजा करते लौट आना।
हम खुद चले आयेगे तिरे घर,
हम को जरा रस्ता तो दिखाना।
मुश्किल नही राहें जिन्दगी की,
तू दीप मन मन्दिर में जलाना।
जीवन मिला तो क्यों किसलिये है,
रैना बड़ा मुश्किल जान पाना। रैना"

Saturday, July 18, 2015

तेरी नजर का जब से इशारा हुआ है,
तब से हमारा ये दिल तुम्हारा हुआ है।

इश्क का हुस्न बिन कब गुजारा हुआ है। 

Friday, July 17, 2015

कश्मीर में बैठी भारत माता रोती है,
दिल्ली चैन की नींद मस्ती में सोती है,
रैना"गद्दारों को दरबार में रुतबा हासिल,
भारत में देश भक्तों की दुर्गति होती है। रैना"
माँ वैष्णो बुला ले इक बार, दर्शन करने हैं,
मेरी विनती कर स्वीकार माँ, दर्शन करने हैं।
माँ वैष्णो बुला ले -----------------------
औरों के वास्ते माँ  खोले भण्डारें है,
मेरी बारी आई सारे गुल नजारे है,
द्वारे खोल माँ न कर इन्कार,दर्शन करने हैं।
माँ वैष्णो बुला ले -------------------
रैना"ने तो नाम का जाम ही पीना है,
बाकी का जीवन तेरे कदमों में जीना है,
प्यासी आंखियों को तेरा इंतजार,दर्शन करने हैं।
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

विडंबना

हम प्यार की खैरात ही बांटते हैं,
फिर भी पड़ोसी हमें ही डांटते हैं,
हम बुझदिली इसको कहे या दलेरी,
गाली सुने फिर भी तलवें चाटते है। रैना"


मातृ भूमि का कर्ज जो भूल जाया करते है,
जीवन भर वो खुद से मुंह छुपाया करते है,
भारत माँ के दीवाने तो गीत गाया करते है,
देख फांसी को मस्ताने मुस्कराया करते है। रैना"


मजबूरी है मैं विदेश चला जाऊगा,
लेकिन भारत माँ तुझे न भुलाऊगा,
मेरी आंखों में तो सजा रहेगा तिरंगा,
माँ तेरे गीत वन्दे मातरम गाऊगा। रैना"

Wednesday, July 15, 2015

मेरी माँ वैष्णो रानी जी ये फरियाद हमारी है,
हम पे क्यों नही होती माँ जी कृपा तुम्हारी है।
हम भटकते रहते है माँ तुम गौर नही करती,
तेरी नजरें इनायत क्यों हमारी ओर नही करती।
हम जन्मों के प्यासे तुम प्यार का सागर माँ,
रैना"पे कर दो रहमत तेरी आओ मेरे घर माँ।
माँ इतना कर्म कर दो हम दुनिया को भुला देंगे,
तेरी ये प्यारी सी मूर्त आँखों दिल में बसा लेगे।
मन मंदिर सजाया है अब माँ देर नही करना,
इक तेरा सहारा है माँ मेरी अंधेर नही करना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ



मत पूछो मेरा हाले दिल,
कितने जख्म हैं, मैं गिन नही सकता। रैना"

हम चमकते सितारें हैं,
लेकिन कभी भी टूट सकते है। रैना"

भरोसा मिरा कम नही है,
जिसे हम भी कहे अपना नही कोई जमाने में,
बड़ा मुश्किल हुआ जीना परिन्दा कैद खाने में,
शमा तो रात भर जलती न कोई दर्द को समझे,
मजा उसको भी आये है लगे हमको सताने में।

अपनी किस्मत के तो बंद है सारे ही दरवाजें,
खोलता न कोई उनको मैं देता रहता आवाजें,
बेशक उसकी भी खता है मेरा भी कसूर हुआ,
उसने दिल मेरा तोड़ दिया मैंने तोड़ दिये वादें।
आज के इंसानों में तो मैं भी शामिल हो गया,
सिर पैर रख कर हम भी फिरते हैं भागे भागे।
सोने को अब रात में नींद की गोली लेनी पड़ती,
वरना रात भर रहते हम आधे सोये आधे जागे।
मतलब के इस दौर में मोहब्बत है नीलाम हुई,
दो खुड जमीन के खातिर टूटते प्यार के धागे।
मेहनत करने वाले तो मकसद में कामयाब हुये,
किस्मत को कोसते रह गये रैना"जैसे अभागे। रैना"

  

बुधवार15 जुलाई का विषय

देख बच्चों की हरकत हैरान न हो,
कर्म हो ऐसे भारत मां परेशान न हो।
सैनिकों का त्याग हम सोते चैन से,
देश खतरे में जो सीमा पे जवान न हो।
माँ बाप के त्याग को जो है भूलते,
विनती उनकी कबूल आजान न हो।
राहे जिन्दगी पे चलना सम्भल कर,
जीवन का सफर इतना आसान न हो।
करले उसकी इबादत कहीं भी बैठ कर,
रैना"कमरों में कैद तो भगवान न हो।  रैना"

 ये तो सब हैं मानते नारी अति महान है,
फिर भी यहां नारी का हो रहा अपमान है।
नारी की तपस्या त्याग किसी से न छिपी,
घर की ख़ुशी के खातिर हो जाती कुर्बान है।
कुदरत का कसूर है या जमाने की खता,
तंगहाली में जी रही लक्ष्मी भाग्यवान है।
आज़ादी से जीने वाली गिनती की दो चार,
हो रहे अत्याचार से नारी बहुत परेशान है।
घर की चारदीवारी में बेचारी अब भी कैद है,
कहा तो जाता नारी घर की इज्जत शान है।
आधी आबादी मजबूर है फिर भी आगे बढ़ी,
आसमान छूने का रीनू" कायम अरमान है। रीनू "

Tuesday, July 14, 2015

कभी हमारी तरफ वैष्णो कर्म की नजर कर दो,
भिखरी हैं तेरे दर के खाली हमारी झोली भर दो।
मांगते हम नही तुझसे माँ सोना चांदी हीरे मोती,
जले मेरे मन में वैष्णो माँ तेरे नाम की ज्योति।
अंधेरा न रहे कही खोल दो माँ मन के दरवाजें,
करू हरपल तेरी भक्ति माँ मेरे नेक हैं  इराधे।
न ठुकराओ अर्ज मेरी वैष्णो माँ स्वीकार कर लो,
हम तेरे ही बच्चें हैं माँ अपने बच्चों से प्यार कर लो।
 देख माँ रैना"की हालत टूट कर बिखरने ही वाला है,
हम से तुम खफा हो माँ बंद मेरी किस्मत का ताला है।
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ

बॉस के चेहते किसी कार्यालय में नवाबी के लिये,
चम्मचागिरी का गुर सिख लो कामयाबी के लिये।
बॉस के सामने जरा नये ढंग से गर पुंछ हिलाओगे,
बिन मांगे छुट्टी समय से पहले प्रमोशन पाओगे।
यदि तुम बॉस की बीवी के मुंह लगे प्यारे हो जाओगे,
फिर तो बिना मांगे ही आप चम्मचे न्यारे हो जाओगे।
रैना"रात को ही शुरू हो जा तू पल भर भी देर न कर,
कोई और नंबर काट जायेगा शुरू हो जा सवेर न कर। रैना" 


असूल ही बन गए अपने दुश्मन,
वर्ना हम भी किसी मंत्री के पी ए होते। रैना"


नींद आती ही नही,सोचता हूं जागता ही रहूं,
हाथ में कलम लेकर लफ्जों के पीछे भागता रहूं। रैना"

आराम करना मेरी किस्मत में नही,
फिर परेशान होना तो आम बात हो गई। रैना"






नसीबों से गिला मुझको,कभी राहें कभी मंजिल नही मिलती,
परेशानी यही अफ़सोस मुरझाई कली दिल की नही खिलती।
बताये क्या कभी दिन भी कभी रातें करें शिकवा गिला मुझसे,
बड़ी मुश्किल जले तन मन करे तो क्या न गम की शाम है ढलती। रैना"


चाहे हम पढ़ लिख कर भी बेरोजगार बैठे है,
पर भारत माँ तेरे लिए मरने को तैयार बैठे है,
किसी की क्या मजाल जो तुम्हारी तरफ देखे,
माँ तेरे दीवाने दो दो हाथ करने को बेकरार बैठे है। रैना"
काश हम भी हंस लेते,
तेरे दिल में बस लेते,
हम ख़ुशी से मर जाते,
नागे इश्क जो डस लेते। रैना"



 तू मेरी आंख का तारा है,
मुझको जान से प्यारा है।
तेरे दम से ही रवां सांसे,
मस्त महकता नजारा है।
ये हो रहा आबाद गुलशन,
मेहरबानी तेरा इशारा है।
मैं किसको कह दूं अपना,
तेरे सिवा न कोई हमारा है।
तुझसे बिछुड़ के दिलबर,
मुश्किल से वक़्त गुजारा है।
बेमिसाल हैं हुस्न के जलवें,
तेरा हर अन्दाज न्यारा है।
तू  इधर भी इनायत कर दे,
रैना"ने दिल से तुझे पुकारा है। रैना"
 


मुझको खबर है ये पर्दानशीं,तुझको मिलना आसान नही,
तेरे घर का रास्ता भूल गई,तुम रहते किधर मुझे ध्यान नही।


Monday, July 13, 2015

बढ़ती महंगाई,
बढ़ती जिम्मेदारियां देख कर,
लगता है ????????
खुद को बेचना ही पड़ेगा। रैना"
वैष्णो माँ का दर प्यारा,
सारे जग से न्यारा,
यहां भक्तों को माँ का सहारा मिलता,
जो भटके हैं उनको किनारा मिलता।
जो भटके हैं ---------------------
बीच गुफा में है बैठी,
चरणों में गंगा बहती,
भक्तों की माँ दीवानी,
देख हंसती ही रहती,
करो दर्शन मस्त नजारा मिलता।
जो भटके हैं --------------------
रैना"क्या है मजबूरी,
रखी माँ से है दूरी,
फिर अंधेरे में भटके ,
रह जाये जिंदगी अधूरी,
 ये जन्म न फिर से दोबारा मिलता।
जो भटके है ------------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

लोग तेरे शहर के,अब बड़े सयाने हो गये,
पैर जमीं पे न रखे,खाने को दाने हो गये।
वादे कसमें भूल के,प्यार मतलब से हुआ,
हाल से बेहाल हुये,खुद से बेगाने हो गये।
बेवफा इस दौर में,रिश्ते बिखरे टूट कर,
साथ चलते भाई भाई,देखे जमाने हो गये।
दहेज लोभियों से डरे,अजंमी की दे बली,
साध कौन चोर है,यहां सारे काने हो गये।
आम चाहे खास है रुतबा कम हो गया,
साकी भी है दुखी  घर घर मैखाने हो गये।
रैना क्यों परेशान है चल अपने घर चले,
शहर छोडऩे के अब कई बहाने हो गये। रैना

Sunday, July 12, 2015

तुम कौन हो मुझे नसीहत देने वाले,
मेरी मर्जी जहां भी रखूं। रैना"
देश के खातिर मिल झुल कर हमें आगे बढ़ना चाहिये,
देश के हित में हम सब को कुछ तो करना चाहिये।
बेशक हमको अपने खातिर कुछ कर दिखाना चाहिये,
पर मातृ भूमि का कर्ज है हम पर कर्ज चुकाना चाहिये।
देश को तोड़ने वाली ताकतों को यहां से मार भगाना है,
देश को जोड़ने वाली ताकतों को हंस के गले लगाना है।
मिल झूल कर करेंगे कोशिश,कोशिश हल हो जायेगी,
खुश हो कर मेरी भारत माता मंगल गीत फिर गायेगी। रैना"
जय जय माँ बोलो जय जय माँ,
मन को मिलेगा चैनो करार,
वैष्णो रानी का बरसे प्यार,
श्रदा से बोलो इक बार,जय जय माँ 
इस बड़ा न कोई मंत्र,
न तावीज न कोई यंत्र,
भव से कर दे पार।
बोलो जय जय माँ जय जय माँ
वैष्णो माँ की मेहरबानी,
दर आये की पीड़ा जानी,
खशियों का  दे उपहार।
बोलो जय जय माँ बोलो जय जय माँ
रैना"अब तू कर न देरी,
वैष्णो माँ राह देखे तेरी,
जीवन कर ले बहार।
बोलो जय जय माँ बोलो जय जय माँ
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ

बात आगे बढ़ाया करो,
ख़्वाब तो टूटते मत दिखाया करो,
ख्याल लगड़े कभी मत सजाया करो।

रेत के घर कभी मत बनाया करो।

तुम मिरे हाल पे

बात को तुम सिरे 
बेहतर है यही बात आगे बढ़ाया करो।
 छोड़ मझदार में यूं न जाया करो,

मैं कैसे कह दूं ????
मैं तेरा हूं।
मैं तो खुद का भी नही हो पाया। रैना"




काश जीने का  बने कोई बहाना दोस्तोंं,
ये तमन्ना यार से है दिल लगाना दोस्तों।
मय अंगूरी छोड़ कर मैं नाम की मय पी रहा,
इश्क में है चूर दिल ढूंढे ठिकाना दोस्तों।
लाख कोशिश कर लिये पर बात बनती ही नही
लौट कर आयेे न फिर गुजरा जमाना दोस्तों।
रास आती ही नही इस शहर की आबो हवा,
जिन्दगी का है बड़ा मुश्किल तराना दोस्तों।
हम किसे कह दे बुरा सारा जमाना है भला,
हैं शिकारी सब बड़े ठोंकें निशाना दोस्तों।
टूट कर गिरते सितारे की कहानी अब सुने,
है उसी की चाल रैना क्या सुनाना दोस्तों। रैना"

Saturday, July 11, 2015

बीच गुफा में आसन है,बैठी वैष्णो महारानी है,
अखंड ज्योति निरंतर जलती,बहता चरणों में पानी है।
अखंड ज्योति निरंतर जलती ------------
लिख भेज के चिठ्ठियां माँ, भक्तों को बुलाती है,
दर भक्तों को देख माता, मद मद मुस्काती है,
जग कल्याणी माँ वैष्णो, भक्तों की दीवानी है।
अखंड ज्योति निरंतर जलती -------------
रहा कामों में उलझा रैना,तूने कर दी क्यों देरी है,
बुला रही माँ वैष्णो रानी,दर्श की बारी जो तेरी है ,
हो जाये कल्याण तेरा,क्यों करता नादानी है।
अखंड ज्योति निरंतर जलती ---------रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ


फिर जला है दिल का मेरे आशियाना दोस्तो****
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मापनी है------ 2122 2122 2122 212


काश जीने का बने कोई बहाना दोस्तों,
आज दिल पर फिर लगा कोई निशाना दोस्तों। 
हम किसे कह ले बुरा सारा जमाना है भला,
जिन्दगी का है बड़ा मुश्किल तराना दोस्तों। 
दूर से जब देखते चमके दिखे सब चेहरे,
पास जा कर खोजते 
फिर जला है दिल का मेरे आशियाना दोस्तो****
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
मापनी है------ 2122 2122 2122 212


काश मिलने का बने कोई बहाना दोस्तों,
गुनगुना सके 

सावन का महीना है, रिमझिम बारिस होती है,
जैसे रो रही बदली ऐसे ही कोई आंख रोती है,
बड़ा तंगदिल है मौसम, तन्हाई का आलम है,
रात भर कटती आंखों में जिंदगी पल न सोती है। रैना"


हमें मिलना तुझे जल्दी बता तेरा पता क्या है,
खफा क्यों कुछ न बोले हैं भला तेरी रजा क्या है।
चले हैं जोर सांसों का यही जीवन की सच्चाई,
कभी जब सांस रुके जाये पता चलता हवा क्या है।
नही मां बाप का सानी जरे जो दर्द इतना भी,
पड़े मुश्किल तभी समझे बुजुर्गों की दुआ क्या है।
मची भगदड़ लगे ऐसे सभी लाचार दिल से है,
समझ आती नही कोई जमाने को हुआ क्या है।
जमी ये बर्फ तो पिघले पड़े जब धूप तेजी से,
यहां मौसम नही अच्छा बुरा रैना भला क्या है।रैना"


हमें मिलना तुझे इक दिन पता तेरा बता क्या है,
कभी मिलते नही

नही कोई यहां अपना करे किस पर भरोसा हम,

जो देश की रक्षा के खातिर अपने प्राण लुटाते हैं,
निसंदेह ऐसे वीर जवान जन्नत में पूजे जाते है।
रैना तू भी मां के आगे अपना समर्पण कर दे,
जो भी करता काम भारत मां के अर्पण कर दे। रैना"

दिन दिहाड़े अत्यचार होते देखा है,
मसीहा को गहरी नींद सोते देखा है।
हाल से बेहाल परेशान दुखी लाचार,
मैंने भारत माता को रोते देखा है। रैना"


तुझे हमने कभी देखा नही 
वीरान गुलशन को गुलजार कर ले,
जिंदगी अपनी है इसे प्यार कर ले।
जन्मों से मझदार में अटका हुआ,
मिली मोहलत सफीना पार कर ले।
वो दिलो जान से फ़िदा है तुझ पे,
तू भी मोहब्बत का इज़हार कर ले।
छोड़ दे तू बेवजह हवा में उड़ना,
जान हकीकत खता स्वीकार कर ले।
रैना"फिर न रहे दुःख कोई परेशानी,
फ़क़त साजन से आंखें चार कर ले। रैना"






Friday, July 10, 2015

ਨੇੜੇ ਬੈਠ ਕੇ ਗੱਲ ਕੋਈ ਕਰ ਸਜਣਾ,
ਦੂਰ ਬੈਠੇਯਾ ਗੱਲ ਕੋਈ ਨਹੀ ਬੰਦੀ। ਰੈਣਾ "
nede baithh ke gll koi kar sjna,
door baithheya gll koi nhi bndi.raina"

कुछ काम अलग करने वाले,लोग निराले होते है,
ऊँची उंच्चाइया चढ़ने वाले,लोग निराले होते है,
आखिर सब ने मरना,दुर्घटना में लोग मर जाते
देश के खातिर मरने वाले,लोग निराले होते है। रैना"
बार बार मेरा इक ही सवाल है,
मेरे बारे में तेरा क्या ख्याल है।
तेरे हुस्न के जलवें मैं क्या कहूं,
तेरी हर इक अदा बाकमाल है।
तेरे बुत से बात करते रहते हम,
तू हम से न मिले यही मलाल है।
वक़्त से पहले ही बिखर गये हम,
समझ न आई जमाने की चाल है।
दिल लगाने की मिली है ये सजा,
रैना"इक मुद्दत से हो रहा हलाल है। रैना"
ये दर है वैष्णो रानी का,
महारानी जग कल्याणी का,
यहां मुंह मांगी मुराद मिलती है,
मन की मुरझाई कली खिलती है।
माँ भेद भाव न करती है,
दर आये की झोली भरती है।
माँ के दर पे रहमत बरसे है,
कोई मन न प्यासा तरसे है।
माँ बच्चों से है प्यार करे,
उद्धार करे माँ उपकार करे।
जो बन के भिखारी दर आता है,
उसका जीवन सफल हो जाता है।
फिर रैना"क्यों परेशान है तू,
परेशान है तू क्यों हैरान है तू।
तन मन अर्पण कर दे तू,
माँ के चरणों में समर्पण कर दे तू।
फिर देखना कैसी बहार आये,
चारों दिशाओं से माँ का प्यार आये। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ

कांटो की जिद्द थी मेरे राह  बिछने की,
मैंने फूल समझ गले से लगा लिये। रैना"

आंखों से शरारत होने लगी है,
दिल के घर बगावत होने लगी है।

इतना ज्यादा सोचा न करो,
तुम दिल से यूं धोखा न करो।
फैसला जरा सम्भल के करो,
बढ़ते कदमों को रोका न करो।रैना"



तेरी इस अदा ने भी कसम से कहर ढाया है,
उदास तुम लगते हो दिल मेरा घबराया है।
डूबे किन सोचों में हुई किस बात की चिंता,
ये हम नही कहते तेरी तस्वीर ने बताया है।
हम न गम से खाली उदासी साथ में हरदम,
तेरी तस्वीर को देखा अपना गम याद आया है।
ये कारागारी उसकी ख़ुशी के साथ गम भी है,
है खेल नसीबों का ख़ुशी गम कितना पाया है।
गम को भूल जा रीनू"ख़ुशी के संग निभा ले तू,
दुःख न मानती शमा हंस हंस खुद को जलाया है। रीनू"  
       दोस्तों आप के लिए खास ग़ज़ल
चले आओ सनम मेरे तुझे मिलने की हसरत है,
सुहागन हूं तिरी दिलबर कुंआरी मेरी उल्फ़त है।
जमाने से लगे डर है किसे अपना कहे मुश्किल,
भले दिखते खिले मुखड़े सभी ने बदली फितरत है।
किनारे पे खड़ी कश्ती बिना माझी चले कैसे,
मुझे इंतजार हरपल की तुझे मिलती न फुरसत है।
यहां जो भी मजे करता न सुनता बात उसकी है,
मिले पीड़ा परेशानी वहां फिर आती शामत है।
फ़िकर कर रैन काली का लगन उससे लगी अपनी,
मिलेगी कामयाबी अब बदल दी अपनी आदत है।  रैना"


Thursday, July 9, 2015

वैष्णो माँ के दर्शन से, चैन मिलता करार मिलता,
वो किस्मत वाले है जिन्हें, महारानी का प्यार मिलता।
मेरी माँ के दर्शन से --------------------------
दूर हो जाये उलझन, मिट जाता अन्धेरा है,
महकने लगे वीरान बगिया, हो जाये सवेरा है,
सफल हो जाये जीवन, सफीना भव से पार मिलता।
मेरी माँ के दर्शन से --------------------------
वैष्णो रानी की रहमत से,ये सांसे चलती है,
माँ के दम से ख्वाब सजे,उमंग तरंग मचलती है,
रैना"पवित्र आँखों को, मेरी माँ का दीदार मिलता।
मेरी माँ के दर्शन से -----------------रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ
दिल के रिश्ते अजीब से लगते हैं,
गैर भी दिल के करीब से लगते है।
जिनको पहले कभी देखा ही नही,
खास अपने वो हबीब से लगते है।
जो कल थे लखते जिगर अपने,
आज देखो वो रकीब से लगते है।
तेल बेचने वाले अब बेच रहे हीरे,
बदले उनके नसीब से लगते है।
तुम खुश हो ये तुम्हारी किस्मत,
रैना"हम तो बदनसीब से लगते है। रैना"

                        ग़ज़ल
नही कोई मिरा साथी मिला गम का सहारा है,
किसे दिलबर कहे अपना न कोई भी हमारा है।
कटेगी जिंदगी कैसे यही चिंता फ़िकर मुझको,
अभी तो चार दिन गुजरे बड़ी मुश्किल गुजारा है।
हमें वो याद करते हैं खबर इतनी रहे हमको,
तभी है दर्द दिल में अब किसी ने फिर पुकारा है।
तिरी राहें मिरी राहें चली है साथ में अक्सर,
नसीबों का असर देखो हुआ तुझ से किनारा है।
कभी सोचा नही उसने मिरे बारे अकेले में,
यही हैं दर्द रैना"का फ़क़त टूटा सितारा है। रैना"




बदनसीबों के हिस्से में बहार नही आती,
गम में जलते सावन की फुहार नही आती। रैना"



Wednesday, July 8, 2015

तेरी अदाओं ने कहर ढा रखा है,
सारे शहर को दीवाना बना रखा है,
हम कई दिन से चारपाई पे पड़े हैं,
तेरी नजरों ने तीर चला रखा है। रैना"


तुम्हे समझ कब आयेगी,
इनता हंसा न करो,
किसी दिलजले की नज़र लग जायेगी। रैना"
विनती सुन माँ वैष्णो रानी,
तेरे दर पे भिखारी आ गये,
मुद्दत से हम भटका किये,
अब हम भी रस्ता पा गये।
तेरे दर पे भिखारी --------
सिर्फ करना है दीदार तेरा,
अखियों को इन्तजार तेरा, 
हम आस लगाये बैठे हैं माँ,
कब बरसेगा माँ प्यार तेरा,
तेरे दर पे तेरी कृपा से माँ,
देखो मस्त नजारे छा गये।
तेरे दर पे भिखारी -------
ये घर न अपना घर लगता,
बड़ा मुश्किल सफर लगता,
तेरी कृपा से तो यहां कट रही,
सोच आगे की बड़ा डर लगता,
करो रहमत तेरी वैष्णो रानी,
रैना"तेरे संग प्रीत लगा गये।
तेरे दर पे भिखारी -----रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ





गुलशन वीरान तड़फे जैसे बहार को,
ऐसे तड़फे मेरी अखियां माँ तेरे दीदार को।
गुलशन वीरान तड़फे ----------------
मेरे मन की ये कली माँ खिलती ही नही,
तुम को भी मईया फुरसत मिलती ही नही,

मेरे मरने की खबर जब शहर में फैली,
मेरे कई दोस्त बेनकाब हो गये। रैना"

मत चौंक देख कर कारों के कफिलें,
इनमें बैठे लोग रात भर सोते नही हैं। रैना"

जो फेसबुक के आदि हो जाते हैं,
 उन्हें अक्सर डांट खानी पड़ती है। रैना"

दिल को कब का निकाल के फैंक दिया होता,
अफ़सोस इस पर तेरा नाम लिखा है।रैना"

माँ बाप को रहने के लिये जो तूने दी है कोठरी,
गौर कर ले इक दिन इस में तूने भी रहना है। रैना"
दर्द दिल के कोने में छुपा के रखा,
हंसी को है होठों पे सजा के रखा।
ख्वाब देखने तो छोड़ दिये हमने,
ख्वाबों ने हम को सता के रखा।
दिल टूटते ही लोग बनते शराबी,
हमने मय से खुद को बचा के रखा।
हिम्मत से ही मिलती है मंजिल,
मैंने आस का दीप जला के रखा।
मेरे साथ लोगों ने धोखा किया है,
फिर भी सबको अपना बना के रखा ,
रैना"ने उस यार को पाने के खातिर,
दिल इश्क की आग में जला के रखा।  रैना"

मेरे हिस्से में हसीं वो जमाना नही आया,
आईना देख कर हमें मुस्काना नही आया।
आंख खुलने से पहले ही टूटे हसीन सपनें,
इल्ज़ाम हम पे सपने सजाना नही आया।
मेहनत में कमी न किस्मत धोखा दे गई,
नजारों को अपने घर बुलाना नही आया।
बागवां से गिला शिकवा करे भी तो कैसे,
अपना दर्द किसी को सुनाना नही आया।
रीनू" हम जिन्दगी की बाजी हार गये है,
तड़फते रहे खुद को हंसाना नही आया। रीनू"

Tuesday, July 7, 2015

वैष्णो माँ तेरे चरणों में,हमारा उद्धार होना है,
करो मंजूर माँ अर्जी,हमें भव पार होना है।
करो मंजूर माँ -----------------------
कहने को उजाला है, वैसे तो गुप अन्धेरा है,
करो नजरे इनायत माँ,तभी होना सवेरा है,
मिलेगा तब किनारा जब,तेरा उपकार होना है।
करो मंजूर माँ -------------------------
चार दिन की जिंदगी, दो दिन की ही बाकी है,
पिला दे नाम का अमृत,मेरी माँ तू ही साकी है,
 इस वीरान गुलशन को,गुले गुलजार होना है।
करो मंजूर माँ --------------------------रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ

1222     1222    1222  1222
नही दिल की दवा कोई लिखा रोना नसीबों में,
यही अफ़सोस हम को है मिला दोस्त रकीबों में। raina"

Monday, July 6, 2015



ढूंढा बहुत तेरा घर नही मिलता,
सजिदा करे कहां दर नही मिलता।
मिलते बहुत हाथ मिलाने वाले,
अफ़सोस हमसफ़र नही मिलता।
बेशक यही सच्चाई हो सकती है,
ऐसा मज़ा तो उधर नही मिलता।
बैठे जिसकी घनी छाया में हम,
अब ऐसा कोई शज़र नही मिलता।
मिल जाते गिरगट से बदलने वाले,
वो बात का धनी नर नही मिलता।
रैना"वो खोल दे किस्मत के दरवाजें,
फ़क़त मेहनत से जर नही मिलता। रैना"
ये वैष्णो माँ का दर है,मिले यहां खुशियों ओर प्यार,
बदल जायेगा सारा मंजर,दर्शन तो कर लो इक बार।
ये वैष्णो माँ का --------------------------
 हो जाये जो माँ की कृपा चक्कर कटे चौरासी का,
मनोवांछित फल मिल जाये हो जाये अंत उदासी का,
वैष्णो रानी माँ कल्याणी  कर देती है भव से पार।
ये वैष्णो माँ का --------------------------
भटके हुए सफ़ीने को भी रैना"किनारा मिल जाये,
दर पे आने वालो को मेरी माँ का सहारा मिल जाये,
दयावान माँ वैष्णो रानी भक्तों पे करती है उपकार।
ये वैष्णो माँ का --------------------------रैना"
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ


Sunday, July 5, 2015

चलो  माँ के द्वार चलो,
हो के सब तैयार चलो,
माँ  बांटती है प्यार चलो,
हो जायेगा उद्धार चलो।
चलो माँ के -----------
आवाजें लगाती है,माँ बाहें फैलाये हुए,
गुफा में बैठी है माँ,आसन सजाये हुए,
चार दिन की जिंदगी,जिंदगी संवार चलो।
चलो माँ के --------------------------
रैना"तू बता इतना किस बात की देरी है,
वैष्णो महारानी बैठी राह देखती तेरी है,
विनती तेरी वैष्णो माँ कर ले स्वीकार चलो।
चलो माँ के ---------------------रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ

देखा नही मैंने तुझे फिर भी मुझे अच्छे लगे,

dekha nhi maine tujhe fir bhi lge achchhe mujhe,
teri ada lgti duaa lgne lge schche mujhe.
 





“तेरे-मेरे मन की भाषा, रचे प्रेम की नव-परिभाषा”


Saturday, July 4, 2015

बार बार यही पुकार,
माँ दर्शन दो इक बार,
इक तेरे दर्शन से माता,
जन्मों का होना सुधार।
बार बार -------------
समझ न आये क्या मजबूरी,
माँ मेरी ने रख ली दूरी,
जीवन का यही है मकसद,
होना है भव पार जरूरी,
वैष्णो माता शिद्दत से करे,
हम तेरा इंतजार।
बार बार ---------------
राह के कांटें चुन ले माता,
रैना माँ अपना दर्द सुनाता,
बाकी तेरी शरण में गुजरे,
ध्यानु जैसा हो मेरा नाता ,
ओर न  माँ हम तुझसे मांगे,
विनती करो स्वीकार।
बार बार ------------रैना"



कवि दूसरों पर लिखते है आज कवियों के बारे में सुनो
पत्रकार -जनाब आप बहुत अच्छे कवि है??
 फिर आप अपने नाम के साथ कवि क्यों नही लगाते।
कवि -बात ऐसी है  आजकल फर्जी डिग्री के जैसे ,
अधिकतर कवि फर्जी तिगड़म बाज चालू होते है,
कहने को ही इंसान ????????
वो लोमड़ी के जैसे शातिर चालाक,
खूंखार भेड़िये काले काले भालू होते है। 
नेता को पटाने में माहिर लिखते कम ज्यादा छपवाते है,
पुरस्कार पाने में सब से आगे खड़े नज़र आते है।
वैसे वो स्टेज पर तो बोल न पाते है,
लेकिन अपनी कविता नेता को जरूर सुनाते है।
पुरस्कार की लिस्ट में वही से अपना नाम डलवाते है।
ऐसे स्वंभू कवि खुद को कवियों का सरदार बताते है,
उभरते कवियों को पैसे लेकर ही स्टेज पर चढ़ाते है।
बोलिये कवि सरदार की जय। रैना"
नीली नीली आंखों से जाम छलकता है,
खोले जुल्फें तो सूरज रंग बदलता है।
कामनी जो तुम्हें देखे तो शरमा जाये,
देख कर चांदनी का दम निकलता है।
तेरे हुस्न की नर्म किरणें जहां पड़ती,
देखो तो कहीं पत्थर भी पिगलता है।
घर से जब तुम बन ठन के निकले हो,
धीरे धीरे आशिक का दिल जलता है।
राधा रानी तो कृष्ण की दीवानी हुई,
जलता रहे जो भी बेवजह जलता है। राधा

आजकल खालिस न मोहब्बत होती,
मोहब्बत में भी अब सियासत होती।
फ़क़त आंखें ही न जोर मजबूर करती
इसमें तो कुछ दिल की शरारत होती।
किसी का दिल तोड़ के खूब हंसना,
इश्क में इसकी तो न इजाजत होती।
सियासतदां हैं बहुत कमजोर आशिक,
वर्ना देश की ऐसी तो न हालत होती।
मेहनत तो अपना रंग दिखा देती है,
लेकिन फिर भी जरूरी किस्मत होती।
वक़्त  के हिसाब से बदल लेता कपड़े,
काश रैना"की भी ऐसी आदत होती। रैना"


Friday, July 3, 2015

मेरी माँ इक भरोसा तेरा है,
इस दुनिया में कोई न मेरा है।
मेरी माँ भरोसा तेरा --------
अपनों से भी मोहब्बत नही मिलती,
उलझे हैं गम से फुरसत नही मिलती,
हर तरफ ख़ौफ़ घना अन्धेरा है।
मेरी माँ भरोसा --------------
हर कोई मतलब के लिए सहारा देता है,
जिसको हाथ पकड़ाओ वो गला पकड़ लेता है,
बेवजह की परेशानी ने आ घेरा है।
मेरी माँ भरोसा ---------------
माँ रैना"को ओर मजबूर न कर,
रहने दे तेरे चरणों से दूर न कर,
माँ तेरे चरणों में करना बसेरा है।
मेरी माँ इक भरोसा ------------रैना"

तहरीर हो न बदली ऐसा करार करना,
इल्तज़ा है मेरी दिल से प्यार करना।
तेरी आंखों में भी यूं चमकेंगे जुगनूं,
शिद्दत से किसी का इंतजार करना।
चार दिन जीना हंसते रहे तो अच्छा,
उसकी तलब में दिल बेकरार करना।
दूर तलक है दिखता रेत का ही दरिया,
है दलदल गहरा संभल के पार करना। 
बस्ती के लोग डरते बंद रखे दरवाजें,
बुझदिलों में खुद को न शुमार करना।
रैना"ओरों से लड़े न हो कुछ भी हासिल,
कर दे समर्पण खुद को तू तैयार करना। रैना"

  

Wednesday, July 1, 2015



याद तेरी जफ़ा नही करती,
पास रहती खता नही करती,
काश तुझको मिरी फ़िक्र होती,
क्यों तबीबो दवा नही करती। रैना""