Sunday, August 21, 2016

जो सोचा वो हो नही पाया,जो नही सोचा वो होता है,
हाथ में तेरे कुछ भी नही है,पागल दिल क्यों रोता है। 
खेल है किस्मत का सारा,मेहनत भी कम रास आती,
कोई टूटे सितारे गिनता है,और कोई चैन से सोता है। रैना"

Saturday, August 20, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
करो किरपा माँ वैष्णो रानी,
तेरे चरणों में जिंदगी बितानी।
मेरे मन की वीणा बोले,
 माँ तेरी जय जयकार। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
देख लीजिए इक और ताजा उदाहरण आज,
ओलम्पिक में बेटियों ने रखी भारत की लाज। रैना" 

Friday, August 19, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
जो जय जय माँ वैष्णो बोलेगा,
वो मन के बन्द दरवाजें खोलेगा।
बोलो सच्चे दरबार की जय। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

Thursday, August 18, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कण कण बोले जन जन बोले,
तू भी प्यार से बोल,
वैष्णो माँ की जय जय जय। रैना"

Wednesday, August 17, 2016



रक्षाबन्धन  विशेष
बेअसर हो हर इक बददुआ,
भाई के लिये बहन मांगे दुआ।
महके गुलशन बहना तेरा,
भाई के मन की भी यही सदा।
बहन भाई का पवित्र रिश्ता,
मतलब न आये बीच में खुदा।
कायम रहे रिश्तों की गरिमा,
इक दूजे से हो न दिल से जुदा।
राखी के धागें प्यार का बंधन,
बहन भाई से बस मांगते वफ़ा।
बहन मेरी तू खुशियों में खेले,
करे "रैना"अपना फर्ज अदा।रैना"""
  
वैष्णो माँ की जय जय जय
जो माँ का प्यारा होता है,
उसका मस्त गुजारा होता है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

दोस्तों देखना कुछ इस कदर इबादत की है

बहुत कम है देश का दर्द समझने वाले,
बहुत ज्यादा गिरगट रंग बदलने वाले।
सदन में बैठ किस कद्र फरेब करे नेता,
दिखाने को एक दूसरे पर भड़कने वाले।
इस शहर में सीरत की कोई कद्र नही है,
ज्यादातर सूरत पे जान छिड़कने वाले।
तू इन्सानी बूतों से फरियाद मत करना,
पत्थर दिल हरगिज नही पिघलने वाले।
आजकल उनके बच्चें मोहताज़ हो जाते,
जो ईमानदार सच की राह पे चलने वाले।
कैद पिंजरे में परिन्दा तड़फे भूखा प्यासा,
रैना"उसे क्या खिलायेगे ये भटकने वाले। रैना"
सम्पर्क ---94160 76914 

Tuesday, August 16, 2016

जीवन रहे अच्छा ऐसा कम ही होता है,
चैन की नींद तो किस्मत वाला सोता है,
ये तो इन्सान की अपनी फितरत होती,
कोई सरेआम कोई छुप छुप के रोता है। रैना "



दोस्तों आप के लिए खास

किस्मत का सारा खेल है कोई छोटा बड़ा नही,
वो चाहे तो सम्भव वरना कोई ऊंचा चढ़ा नही।
अपने साथ ले आता अपना सारा सामान भी,
वो बन जाये बड़ा विद्वान जिसने कुछ पढ़ा नही। 
मर्दों की ही चलती है ये सिर्फ कहने की बात है,
यूं ऐसा कोई शूरवीर नही जो बीवी से डरा नही।
इन्सान की हालत देख कर गिरगट परेशान है,
बात का धनी पक्का आजकल कोई खरा नही।
नफरत के झाड़ झंखाड़ अब यहां उगे तमाम है,
इस गुलशन में उल्फत का पौधा कोई हरा नही।
लूट कर खा गये सोने की चिड़िया भारत देश को,.
काले अंग्रेजों का कुआं पेट तो फिर भी भरा नही।
भारत माँ जब भी बुलायेगी हम दौड़ कर जायेगे,
देश के लिये मर मिटने को तैयार रैना"डरा नही। रैना"

Saturday, August 13, 2016


क्या इसे  आजादी कहते है ?
लोग भूखे मरे,
अनाज गोदामों में सड़े। रैना"

Friday, August 12, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
आदि शक्ति सरस्वती लक्ष्मी काली माँ तेरी जय जय कार।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

Thursday, August 11, 2016

हम इक सूची है बनाने वाले,
कितने लोग हमें चाहने वाले। 
सोच मत इसको तो भरना जरूर है,
इस मकां को खाली करना जरूर है।
इसलिये मेरे मन को भी सकून है,
चार कन्धों पे जो चढ़ना जरूर है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
आओ मिल;के लगाए जयकारा
जय माँ वैष्णो रानी जय माँ ---
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 

है नही अफ़सोस मैं बरबाद हो गया,
हर जुबां पे आजकल आबाद हो गया।
सिसकते अरमान आंसू बन के बह गये,
हादसा कुछ ही दिनों के बाद हो गया।
सोचता हूं बैठ कर आराम से कभी,
बेवफा पे क्यों भला दिलशाद हो गया।
हाल मेरा पूछते अनजान से बने,
जख्म जब है सूख कर बेराद हो गया।
दौर पैसे का चला बदहाल है शहर,
बज़्म में हर इक भला बेदाद हो गया।
 दिल परेशां रैन का इक ही सवाल है,
बेसुरा सा क्यों भला ये नाद हो गया। रैना"

जिंदगी का सफर न आसान दोस्तों,
हर तरफ है लड़ाई घमासान दोस्तों।
अपने बेगाने का कोई जिक्र ही नही,
बीच चौराहे पे बिकता ईमान दोस्तों।
शराफत खा गई बदले दौर की बिल्ली,
जो फिर भी शरीफ  बड़े नादान दोस्तों।
दीवारे कांच की दरवाजें न खिड़कियां,
बड़े लोगो के कुछ ऐसे मकान दोस्तों।
आज  के इंसान की हालत देख  रैना"
परेशान सा हो रहा है भगवान दोस्तों।  रैना"

Wednesday, August 10, 2016

 कभी उसके बारे में सोच तो सही,
जीवन में बहार आ जायेगी। रैना"

Sunday, August 7, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
हमें है बहार की हसरत,
माँ तेरे प्यार की हसरत,
महके वीरान मेरा गुलशन,
माँ तेरे दीदार की हसरत। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 
बुरा न माने जी सच्चाई स्वीकार करे

मंगल हरत अमंगलकारी,
अधिकतर नेता भ्र्ष्टाचारी,
देश धर्म से दूर बहुत है,
कुर्सी की लगी महामारी।रैना"


याद उसको भी किया जाये 

Saturday, August 6, 2016

कोई घड़ी पल में कैसे संवर जायेगा,
जल्दी में हर हाल वो बिखर जायेगा। 
रात भर रोते रहे अरमान तेरा नाम ले ले कर,
वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो रानी जी करो उद्धार,बेड़ा पार,
 भक्तजन मुश्किल में,
अब करो न माँ तकरार,करो उपकार,
भक्तजन मुश्किल में। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

Friday, August 5, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
सुबह का नजारा ये शाम का नजारा,
माँ वैष्णो रानी ये सब कर्म है तुम्हारा।
रहमत की वर्षा करती भक्तों पे माता,
दौड़ी चली आती भक्तों ने जब भी पुकारा।
मुद्दत से अपना है वीरान सा गुलशन,
हमें भी तू माँ मेरी अब दे दे सहारा।
गम ने अपने घर में लगा रखा है डेरा,
परेशान जिंदगी हुआ मुश्किल गुजारा।
रैन"की विनती स्वीकार कर ले माता,
तेरा सिवा वैष्णो माता कोई न हमारा। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ

Thursday, August 4, 2016


दोस्तों आप के लिए

अब भला कैसे वफ़ादारी सिखाये उनको,
तोड़ देगे आइना गर जो दिखाये उनको।
दौड़ती नफरत रगों में ही रिवायत ऐसी,
पाठ उल्फत का भला कैसे पढ़ाये उनको।
जो समझ सकते नही बातें मुहब्बत वाली,
लात घूसें ही बराबर से जमाये उनको।
जब लगे मौक़ा गिरा परदा उठाये झट से,
चेहरा कैसा लगे उनका दिखाये उनको।
जो खुदा की भी हिदायत को नही माने तो,
रास्ता तो नरक का ही फिर दिखाये उनको।
शाम जल्दी ही ढलेगी तू जरा सम्भल जा,
रैन" होने को हुई कोई बताये उनको। रैना"  

Wednesday, August 3, 2016


वैष्णो माँ की जय 
माँ के दर आने वाले मन चाही मुरादें पाते हैं,
वो खाली हाथ जाते है झोली भर कर लाते हैं। रैना"
सुप्रभात जी ------- ----------जय जय माँ 

वैष्णो माता की जय
जिस पे हो माँ कर्म तेरा सहारा मिलता है,
उसको सुख चैन सदा किनारा मिलता है,
जिस पे तेरी किरपा नही भटके वीराने में,
माँ का भक़्त खुशहाल उसे नजारा मिलता है।रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ  

Tuesday, August 2, 2016

वफ़ा उनको रास नही आई,
ख़ुशी अपने पास नही आई।
यहां ऐसे लोग रहे जिनके,
कभी लब पे प्यास नही आई।
यही तो अफ़सोस रहा हम को, 
सजी संवरी आस नही आई।
परेशानी दुःख के सिवा यारों,
कमी कोई ख़ास नही आई।
यकीं हम पे कौन करेगा क्यों,
अदा हम को खास नही आई।
हमें रैना"बोझ लगे जीवन,
भली जिंदगी रास नही आई। रैना"

कुछ ख़ास मेरे और आप के लिये

बेताब दिल की कली खिलने के लिये,
ये मौज भटके बहुत मिलने के लिये। 
चाहत शमा की यही संग कोई जले,
अफ़सोस कोई न संग जलने के लिये।
अब शाम ढलने लगी यूं बेहाल सी,
तैयार हम ही नही चलने के लिये। 
अरमान होंगे जवां इतना है यकीं,
कुछ वक़्त तो लग सके पलने के लिये। 
क्यों लौट कर फिर चले खाली बिन मिले,
आये यहां हम उसे मिलने के लिये।
कब रास आते उसे चौबारे महल,
काफी उसे साफ़ मन रहने के लिये।
हम खूब रोये लगा सीने से उसे,
इक बार आये कभी मिलने के लिये।
रैना" गिला तो कभी करता ही नही,
तैयार वो जख्म को सिलने के लिये। रैना"


फिर तुझे मिल नही पाया,
जख्म को सिल नही पाया,
गुल खिजा का रहा हूं गा,
मैं कभी खिल नही पाया। रैना"

Sunday, July 31, 2016

वैष्णो रानी की जय जय जय जय 
अम्बे रानी की बोलो जय जय माँ,
वैष्णो रानी की बोलो जय जय माँ,
खुले मन के द्ववारे,मिट जाए दुःख सारे,
टूटी जीवन की नैया लग जाएगी किनारे। 
बोलो मिल के सारे जय जय माँ माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ 
मिला खाना हमें कम सा बहाना ये बनाते ना,
रजा में यार की रहना कभी अपनी चलाते ना,
वफ़ा आबाद मन में है जहां खाना वही रहना,
भले इन्सान से कुत्ते कभी आंखें दिखाते ना। रैना"


खुली आंखें लगे बंद सी हुआ खाली मकां सारा,
नही फुरसत किसी को भी शहर लगता रवां सारा,
बहुत बेताब उड़ने को पंछी अब तोड़ कर पिंजरा,
सभी इस दौर से गुजरे दुःखी सा है जहाँ सारा। रैना"
सुप्रभात जी --------- ------------जय जय माँ 
चाँद ने रात भर ही सोने न दिया,
दर्द होता रहा पर रोने न दिया।
चांदनी से गिला इस बावात रहा,
दाग दिल का हमें क्यों धोने न दिया।
वक़्त की है खता गम आबाद हुये,
चाह रोती रही खुश होने न दिया।
पार लगता सफ़ीना हर हाल सही,
जोश में होश जिसने खोने न दिया।
तोड़ लेते सितारें है सोच यही,
पर उसी ने उंचा सा होने न दिया। 
इश्क के बाग़ में हो तैयार वफ़ा,
बीज रैना" किसी ने बोने न दिया। रैना"

Saturday, July 30, 2016

वैष्णो माँ की जय
मन के वीरां गुलशन को महका मेरी माँ,
तरसे आंखें जलवा कोई दिखला मेरी माँ,
मतलब की दुनिया में दिल लगता नही,
दिल का शीशा टूटा मत तड़फा मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ 
दिल नही लगता अब यहां तेरा शहर सियासत का अड्डा,
और तो सब कुछ ठीक रहा बुरा बना है नफरत का अड्डा।
यार हैं मतलब के सारे गिरगट के जैसे ही रंग बदल जाते,
इस बस्ती में भेड़िये रहते यूं कहने को शराफत का अड्डा। रैना"   

Friday, July 29, 2016

अब तो बच्चें माँ बाप से दूरी बनाते है,
जीते जी दो घूंट पानी भी न पिलाते है,
बुजुर्गों के मरने के बाद आंसू बहाते हैं,
उनकी याद में वाटर कूलर लगवाते है। रैना"

Thursday, July 28, 2016

कभी तन्हा बैठ कर गुजरे पलों का हिसाब लगाते है,
खुद को उदास ही पाते है.
दूर तक रेत के जंगल के सिवा कुछ नजर नही आता,
उदास मन प्यासी आँखें लिए चले जा रहे है,
पीछे मुड़ कर देखो नजर आते केवल पैरों के निशान। 
गौर से देखना खो जाना अतीत में,
बाबुल का घर प्यार का अहसास,
कुछ ख़ास।
मिट्टी का चूल्हा,पेड़ पे झूला,
सहेलियों को टोली,मस्ती ठिठोली,
माँ ने बुलाना बना के बहाना असमर्था जताना।
पिता ने बुलाना झट दौड़ आना।
उन यादों को दिल के शो केश में सजा के रखा है। फिलहाल जिंदगी की भाग दौड़,आगे दौड़ पीछे चौड़।  
सुबह की शाम शाम की रात,कुछ भी बदलता नही,
कहने को चल रहा वैसे जीवन चलता नही,
सुबह की अंगड़ाई से रात की जमाई तक सब एक जैसा। 
जीवन का रहस्य क्या जान न पाना,
पिंजरे में कैद पंछी का फड़फड़ाना।  
क्या याद रखु क्या भूल जाऊ,
वैसे अब याद रखने को कुछ भी नही। रीनू"
वैष्णो माँ की जय
विनती मेरी स्वीकार करो,
मन का चमन गुलजार करो,
हम भटके हुए मुसाफिर है,
उद्धार माँ भव से पार करो। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ

कौन हूं मैं जान पाया नही,
ये किसी ने भी बताया नही।
पैर मेरे भटकते ही रहे,
राह मुरसिद ने दिखाया नही।
ये गरीबी रास आई मुझे,
यार को हमने भुलाया नही।
गैर किसको हम कहेगे भला,
अब लगे कोई पराया नही।
सोचते है हम कभी क्या हुआ,
क्यों शमा ने भी जलाया नही।
भीड़ में रैना" न शामिल हुआ,
सिरे कभी हम,ने झुकाया नही। रैना"

Wednesday, July 27, 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी मईया जी हम पे कर्म करदो,
मेरे सिर पे माँ अपना हाथ धर दो,
तेरे दर के भिखारी है हम मेरी माता,
तेरी भक्ति का माँ हमें तुम वर दो। रैना"

मिलते बहुत हैं हाथ मिलाने वाले,
कम ही मिले हैं साथ निभाने वाले।
अब तो भरोसा ही न रहा खुद पे भी,
है मतलबी से यार जमाने वाले।
अब जो नजर आये न दिखे है वैसा,
हैं दांत गज के और चबाने वाले।
मिलती वफ़ा बाज़ार लगे दिल का भी,
होते सफल अब दाम चुकाने वाले।
अन्दाज दिल का क्या न पता लगता,
होते फरेबी अश्क बहाने वाले।
रैना"हुआ बेहाल भला क्यों इतना,
रोशन करेगा मन सांस चलाने वाला। रैना" 

दोस्तों पढ़ कर देखना
मेरे दिल की कली मुरझाई है,
तेरी दुनिया रास न आई है।
इश्क की राह पे जब भी चले,
हमने गहरी सी चोट खाई है।
हमसे ये फैसला नही होता,
हम बेवफ़ा या वो हरजाई है।
किस पे मैं गुमां कर लू तौबा,
अपना कुछ न हर शै पराई है।
हर हाल नेक राह पे चलना,
माँ ने ये बात मुझे समझाई है।
हमने दिल पर पत्थर रख लिया,
तेरी याद जब भी महकाई है।
खुशबू सी महकी आलम में,
रैना"किसीने ज़ुल्फ़ लहराई है। रैना" 

Tuesday, July 26, 2016

तेरी हर अदा कमाल दिलबर,
तू है अनबुझा सवाल दिलबर।
तेरे नैन जाम के पयाले,
तेरा चेहरा जमाल दिलबर।
हर कोई फ़िदा हुआ दिवाना, 
 मतलबी झूठे फरेबी पे कभी एतबार मत करना,
बेदर्दी हवसी इन्सां से कभी तुम प्यार मत करना,
करो मेहनत लगन से तुम चमन निखरे महकाये,
कागज के फूलों से जीवन गुले गुलजार मत करना। रैना"
शब्द चुनौती - आयोजन 11/ मंगलवार, 26 जुलाई, 2016
शब्द -- सैनिक, फ़ौजी, योद्धा या समानार्थी

बेशक अब तो खून हमारा होने लगा है पानी,
तभी तो हम सब भूल रहे है शहीदों की कुर्बानी।
याद करो याद करो भूलो न उनको,
याद करो,
कारगिल के दीवानों को,
जान गवाने वालो को,
याद करो याद करो शहीदों को याद करो।
ऊँची ऊंचाई मुश्किल चढाई फिर भी न थे घबराये,
देश प्रेम की लगन थी लागी अपना फर्ज निभाये,
दुश्मन मोर्चे से ललकारे फिर हिम्मत नही थे हारे,
अपनी जान की लगा के बाजी चोटी पे तिरंगा फहराये।
याद करो याद करो भूलो न उनको याद करो। रैना"



देखना दोस्तों

करना था क्या हम करते है,
जीने को पल पल मरते है।
मन की खाली तस्वीरों में,
नफरत का ही रंग भरते है। 
अन्दर से हम गिरते रहते,
कहने को ऊंचा चढ़ते है।
हर हद को तोड़े रंग बदले,
इन्सां अब कितना गिरते है।
पतियों की हालत ऐसी है,
बीवी से सब ही डरते है।
बच्चों को कम मत कह देना,
मौके पे चौका झड़ते है।
जीते जी रैना"को चिन्ता,
मर के भी दुःख ही जरते है। रैना"



Monday, July 25, 2016


करना था क्या हम करते है,
जीने को पल पल मरते है।
हर हद को तोड़े रंग बदले,
इन्सां अब कितना गिरते है।
पतियों की हालत ऐसी है,
बीवी से सब ही डरते है।
बच्चों को कम मत कह देना,
मौके पे चौका झड़ते है।



Sunday, July 24, 2016


वैष्णो माँ की जय
बड़ी मुश्किल जीवन की डगर माता,
कर रहमत की अब तो नजर माता,
बहुत सह लिया हमने दर्द ओ गम,
अब तो टूट रहा है मेरा सबर माता। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ माँ 

थका सा तू लगे दिलबर हमें भी काम रहता है,
बड़ा मुश्किल हुआ जीना ये चर्चा आम रहता है।
ये सारा खेल किस्मत का तमाशा रोज होता है,
चले सिक्का उसी का ही
तभी बेहाल है रैना"यहां गुमनाम रहता है 

इक कड़वा सच
आजादी के लिए जान दी जिन्होंने दुखड़े झेले,
उनके बच्चे दुःख सह रहे,ठेलों पर बेचते केले,
जो थे अंग्रेजों के हमदर्द फोल्डिंग चममचें चेले,
उनको मिली कुर्सियां वो सदा नोटों में हैं खेले। रैना" 

Saturday, July 23, 2016

दोस्तों  काफी दिनों बाद आया हूँ
आप का आशीर्वाद की दरकार है।

नसीबा ही रहा ऐसा सहारा मिल नही पाया,
बहुत भटके परेशां से किनारा मिल नही पाया। 
तलाशा है शहर लेकिन मिला अपना नही कोई,
फ़िदा दिल जान कर देते पियारा मिला नहीं पाया।
शिकायत ये रही उससे जला दिन रात दिल का घर,
चमन वीरान क्यों मेरा नजारा मिल नहीं पाया।
भली ये रीत उसकी है खिले जो फूल मुरझाये,
जहाँ जो छोड़ कर जाता दुबारा मिल नहीं पाया।
मेरी हसरत करे शिकवा भला अरमान क्यों टूटे,
खफ़ा दिलदार हमसे है इशारा मिल नहीं पाया।
चले हम छोड़ कर दुनिया यही अरमान ले रैना"
जिसे हम कह सके अपना हमारा मिल नही पाया। रैना"


Thursday, July 14, 2016

वैष्णो  माता की जय
सुनो माता मेरी पुकार,
परेशां दिल रहता बेजार।
भटक रहे हम राहों में,
तेरे दर्शन की दरकार।
हम हैं तेरे दर के भिखारी,
हमें बख्शो अपना प्यार।
और न कुछ मांगे तुझ से,
दर्शन दे दे माँ इक बार।
देख लिया घूम के हमने,
दुःखों का घर ये संसार।
रैना"की है यही गुजारिश,
कर देना माँ भव से पार। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 



खुली आंखे चले सांसे अभी तो जान बाकी है,
तेरी किरपा मेरे मौला बची पहचान बाकी है,
नहीं चाहत मेरी कोई रजा तेरी रजा मेरी,
तेरा दीदार हो जाये यहीं अरमान बाकी है। रैना"


कामयाब होने के लिए ये आसान सा मंत्र है,
जिससे मतलब हो उसके पैरों में लिपट जाओ, 
दोस्तों की शान  में पेश है,

नाम तेरा जुबां पे रहे हरदम,
याद में नैन मेरे बहे हरदम।
तुम न सुनते गुजारिश मेरी हमदम,
क्या कहे दर्द कितने सहे हरदम।
मैं से नाता अगर टूट जाये तो,
ये जुबां फिर तू ही तू कहे हरदम।
मान जाओ मेरी बात तुम वरना,
दुःख मिले सितम जां पे ढहे हरदम।
है यही सच वही पार लगते हैं,
धार के संग चले जो बहे हरदम।
रूठ जाना तेरा जान ले लेगा,
काश रैना"संग मेरे खुश रहे हरदम। रैना"


Tuesday, July 12, 2016


एक कटू सत्य

बेशक़ नेता वाक युद्ध बहुत ही तेज करते,
लगी आग में घी डाले पानी से गुरेज़ करते।
झूठ के ठेकेदार हवाई महल बना देते है,
होता कड़वा सच से अक्सर परहेज़ करते।
जनता की तकलीफ से कोई न मतलब है,
गम हो या ख़ुशी क़ायम अपनी इमेज करते।
माया के दीवाने हर हद से गुजर जाते है,
अफ़सोस नोटों से गर्म अपनी सेज करते।
फूट डालो राज करो यही है मूल मंत्र,
ठीक वैसा ही करते जैसा थे अंग्रेज करते।
 जीतने के बाद भूल जाते हैं कसमें वादें,
फिर तो सिर्फ मालदारों को ही अंगेज करते। रैना"

Sunday, July 10, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ क्यों खफा सी रहती हो,
मेरी सुनती न अपनी कहती हो,
इतनी तो खबर माँ है मझको,
मेरे दुखड़े तो तुम ही सहती हो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 


Wednesday, July 6, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी विनती करो स्वीकार,
करो मुझ पे ये उपकार,
हम माँ तेरे दर के भिखारी,
तेरे चरणों का बख्शो प्यार।रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

वैष्णो रानी की जय जय जय
वैष्णो रानी माँ मेरी माँ वैष्णो रानी माँ,
नाम तेरे मेरी जिन्दगानी माँ 

Tuesday, July 5, 2016


वैष्णो माता की जय जय जय
करो किरपा मेरी माता तेरे दीदार की हसरत,
बहुत तरसे भला कर दे हमें है प्यार की हसरत,
परेशां सा दुखी हूं मैं मेरा दिल टूट जायेगा,
चमन वीरान है अपना करो गुलजार की हसरत। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ



सलामत हम रहे चाहे दुआ मत करना,
वफ़ा के नाम पे दोस्त दगा मत करना।
तुझे हम तो बसा लेंगे यही दिल में,
हमें तू भूल जाने की खता मत करना।
ज़हर देना शिकायत हम नहीं करते,
कभी किरदार दुश्मन का अदा मत करना।
बुरा जब देश से करते
  
मेरी आंखों की प्यास बुझा दे,
जलवा तेरा इक बार दिखा दे,
शब भर रहता इन्तजार तेरा ही,
मेरे मन का वो फूल खिला दे।
सहना मुश्किल है शाम सवेरे,
मेरे दिल का तू दरद मिटा दे।
तेरा मेरा अब मेल नहीं है,
तू बुझते शोलों को न हवा दे।
आशिक मरते बेमौत सदा ही,
अब जीने की हरगिज न दुआ दे।
छेड़े दुनिया अब नाम तेरा ले,
अपने संग मेरा नाम लगा दे।
रैना"तरसे पर दिन न चढ़े है,
सुन ले कोई तरकीब बना दे।रैना'"

Monday, July 4, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे दिल का दर्द मिटा माता,
मिले फुरसत घर मेरे आ माता,
हम भटक रहा माँ पागल जैसे,
मेरी जन्मों की प्यास बुझा माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

Sunday, July 3, 2016

बदला दौर ये कैसे रंग दिखाता है,
अब दिल किराये पे मिल जाता है,
जो रंग बदलने माहिर होता यारों,
वो मन चाहा मूल्य अक्सर पाता है। रैना"




Thursday, June 30, 2016

तेरी प्यारी सी सूरत दिखा दे,

ये मत कहना की वो कवि काबिल नहीं है,
सच ये किसी कवि गिरोह में शामिल नहीं है।रैना'

आजकल बड़े बड़े शायर कवि फेल हैं,
जिन्हे मस्का लगाना आये उनकी सेल है। रैना' 
बेशक ये शैतानों का दौर है लेकिन,
इन्सानों को ढूंढ रहे लोग दीया लेकर।रैना" 

Wednesday, June 29, 2016

अब चमन में नजारें नहीं मिलते,
रात चमके सितारें नहीं मिलते।
ये गिला है मुझे तू बता मौला,
क्यों हमें वो हमारे नहीं मिलते।
दोस्ती मतलबी सी हुई अब तो,
हाथ मिलते सहारे नहीं मिलते।
वक़्त बदले सभी रंग बदल जाते,
दूर रहते किनारे नहीं मिलते।
कौन देगा गवाही तेरी रैना"
सच के साथी प्यारें नहीं मिलते। रैना"

Tuesday, June 28, 2016

है गुजारिश मेरी माँ सुन ले जरा,
मुझको तेरे चरणों की भक्ति दे,
हरपल हर घड़ी तेरा ध्यान करू,
मेरी माँ मुझको ऐसी शक्ति दे। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय जय माँ 
दोस्तों के लिए कुछ ख़ास

तुझे मिलने की हसरत जवां है,
बता हमदम तू रहता कहां है।
हमें कुछ भी समझ में न आये,
कहे कोई यहां वो वहां है।
तेरे जलवें हसीं खूब लगते,
खिले फूलों में ख़ुश्बू रवां है।
मुझे एहसास होता यही अब,
मेरे दिल में तू रहता यहां है।
मजे शैतान करता यहां अब,
दुखी बेहाल अब तो इंसां है।
कटे जैसी कटो जिन्दगी अब,
बता रैना"दुखी क्यों हैरां है। रैना"

Monday, June 27, 2016

तुझे मिलने को दिल बेताब रहे,
तुम ऐसे सनम मिलते ही नहीं,
मेरे मन का चमन वीरान हुआ,
गुल उल्फ़त के अब खिलते नहीं। रैना"
इस मुश्किल से बाहर निकालो मेरी माँ,
टूट जाऊगा मुझको सम्भालो मेरी माँ,
माँ तेरे सिवा मेरा कोई और न सहारा है,
रैना"भक्त की लाज अब बचा लो मेरी माँ। रैना"  
सुन हमनवां दिल से जुदा करना नहीं,
है ये गुजारिश तू दगा करना नहीं।
तेरे बिना जीना बड़ा मुश्किल सनम,
हरगिज मुसाफिर को विदा करना नहीं।रैना"




Thursday, June 16, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
विनती करो स्वीकार एक बार एक बार,
तेरा करना दीदार एक बार एक बार।
बाहर आओ माँ मेरी पर्दे से,
करो सपना साकार एक बार एक बार।
मुद्द्त से नैना मेरे प्यासे हैं,
खत्म करो इन्तजार एक बार एक बार।
तेरे भक्त दीवानें मुश्किल में,
सुन ले करुणा पुकार एक बार एक बार।
वीरां गुलशन में बहार आये,
गर माँ मिले तेरा प्यार एक बार एक बार।
राहगीर जन्मों से भटक रहे,
कर दो माँ भव से पार एक बार एक बार।
रैना"को रहती है दिन तलब,
नैना कर लो माँ चार एक बार एक बार। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ


Tuesday, June 14, 2016

आंसू हुये मोती बहाया न करो,
हर बात को दिल पे लगाया न करो।
फ़ितरत हुई ऐसी नमक डाल सभी,
ये जख्म दिल के यूं दिखाया न करो।
गर ठान ले मन्जिल मिले शक न करें,
अपने मनोबल को गिराया न करो।
कर कर्म अपना है नसीबा भी यही,
यूं देख उसको दिल जलाया न करो।
हैं प्यार के भूखे कभी कुछ न कहे,
माँ बाप से नजरें चुराया न करो।
सब कुछ उसी का
रैना"

Monday, June 6, 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ मेरी मुश्किल दूर करो,
अब और न मजबूर करो,
मुझे दे दो भक्ति चरणों की,
मेरी विनती माँ मंजूर करो। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 
दोस्तों देखना
तेरा शहर कुछ खास लगने लगा है,
जो दूर था वो पास लगने लगा है।
अब हो रहा एहसास कुछ बेहतर ही,
खुद पे हुआ विश्वास लगने लगा है।
अरमान दीवानें सजे कुछ अलग ही,
दिल में तेरा प्रवास लगने लगा है।
इन्सान की हालत हुई आज बदतर,
खुद का उड़ा उपहास लगने लगा है।
फिर दुष्ट बढ़ते जा रहे संत दुखी हैं,
हो राम को बनवास लगने लगा है।
रैना"मंजिल ऐसे न मिलती कभी भी,
करना पड़े प्रयास लगने लगा है। रैना"

Sunday, June 5, 2016

प्रेम से पढ़े
कहने को बेघर नहीं है,
वैसे उसका घर नहीं है।
बेशक सब वो ही करें है,
दिखता कोई कर नहीं है।
इन्सां ऐसा है न कोई,
जिसको उसका डर नहीं है।
भूखा रहता प्यार का ही,
 उसकी चाहत जर नहीं है।
वो ही उसको भूल जाता,
जिसको कल का डर नहीं है। रैना"

Saturday, June 4, 2016

वैष्णो माँ की जय
सफर जिंदगी का कटे माँ सहारे तेरे,
दास बने हम चरणों के माँ प्यारे तेरे,
मन में नाम की ज्योति जल जाये,
रैना"पे बरसे हरपल माँ नजारें तेरे। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ   
वैष्णो माँ की जय जय जय 
मेरी माँ ये करिश्मा तेरा है,
ये जो बदला नसीबा मेरा है,
हर ख़ुशी हुई हासिल मुझको,
रैना"के मन में तेरा ही डेरा है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 

Thursday, June 2, 2016


1
सारा शहर क्यों अब परेशां सा लगे,
देखो जिसे बेताब हैरां सा लगे।
गमगीन है इन्सां डरा सहमा हुआ,
जख्मी मुसाफिर आज बेजां सा लगे।
मत छेड़ आंसू आंख से बहने लगे,
दिल में दबा ये दर्द तूफां सा लगे।
है ये अजब तेरी अदा क्या खूब सी,
जिसको नहीं देखा कभी जां सा लगे।
देगा गवाही कौन अब सच पूछता,
अब झूठ रैना" बोलना आसां सा लगे। रैना"


हमने तुझे दिल में बसाया है,
तूने मगर हमको भुलाया है।
है सादगी तेरी कहर ढाये,
मुस्कान ने दिल को जलाया है।
दिन रात है इंतज़ार तेरा ही,
क्यों ख्वाब में आ के सताया है।
आबाद गुलशन हम करें लेकिन,
उस बागवां को ये सब न भाया है।
क्यों हंस रहे हैं लोग अब इतना,
उसने मुसाफिर को गिराया है।
फुरसत मिले तो सोचना ढंग से,
रैना"यहां किस काम आया है। रैना"

Wednesday, June 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी मुश्किल मइया हल कर दे,
तेरे चरणों के तो काबिल कर दे,
तन उजला मन मेरा काला माँ,
मुझे पाक पावित्र गंगाजल कर दे। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ

टूटे पत्ते को गौर से देखना,
नजर आ जायेगी औकात अपनी। रैना"

आइना तब कुछ गिला सा करता,
जब हमने कुछ बुरा किया होता। रैना"

इंसान अंधेरे में उजाला ढूंढ़ता,
लेकिन मन के अंदर झांकता नहीं। रैना"

Tuesday, May 31, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हम पे बरस रही है माँ मुहब्बत तेरी,
हम भूल नहीं सकते माँ इनायत तेरी,
यही हसरत तमन्ना अरमान बाकी है,
रूबरू आ जा माँ देखनी है सूरत तेरी।रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ   

Monday, May 30, 2016

वैष्णो माँ  की जय
वैष्णो महारानी करो उपकार,
अटकी किश्ती बीच मझदार,
हमको मइया तेरा ही सहारा,
कर दो माँ भवसागर से पार। रैना"
सुप्रभात -जी ---जय जय माँ 
हादसा सा इक होने के बाद,
हम बहुत रोये तुझे खोने के बाद। 

Sunday, May 29, 2016

हम तो कुछ ऐसे इबादत किया करते है,
उसके बन्दों से मुहब्बत किया करते है। रैना"

वैष्णो माँ तेरी जय जय जयकार
मेरे बिगड़े सवारों काज विनती माँ सुनो मेरी,
रहे चिन्ता नहीं कोई इनायत हो अगर तेरी,
अभी तो दो धड़ी बाकी नहीं फिर ये मिले फुरसत,
करो उपकार मेरी माँ बड़ी ही हो गई देरी। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ 
अपने बारे में सोचा नहीं है,
क्या ये खुद से ही धोखा नहीं है।
दिल का क्या कब चल दे  रैना"

Wednesday, May 25, 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ वैष्णो रानी तेरी लागी लगन,
मस्त हो गया मेरा मनवा मगन,
मेरी और कोई भी चाहत नहीं है,
लगी रहे ऐसी ही मन में अगिन। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ  
तुझे हम भूलना तो चाहते पर याद तडफाये,
मुझे यू याद करना छोड़ वर्ना दम निकल जाये।

मेरा रिश्ता तेरे दिल से तुझे ये कौन समझाये।

याद को अब कौन समझाये।
जान  

Tuesday, May 24, 2016

वैष्णो माता तेरी जय जयकार
वैष्णो रानी की जय जय बोलो,
मन के बंद सारे दरवाजे खोलो,
माँ को पाने का इक आसां मंत्र,
अपनी तराजू में झूठ मत तोलो। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
कितना तड़फता इन्सान पानी के खातिर,
लेकिन बेवजह बहाने से बाज नहीं आता। रैना"
बहु आई कीर्तन से थक के चूर हुई लगती,
ससुर लगा रहा झाड़ू सास बर्तन साफ कर रही। रैना"
मुहब्बत बिक रही अब तो सरे बाजार में यारों,
रखे जो जेब में पैसे उसी के नैन मिलते हैं। रैना"

दाम करने को अदा गर पास तेरे,
मुख्य सुर्खी अख़बार की तू होगा। रैना"

सियासत की चमक तो पड़ गई काली,
सफेद कपड़ों पे हो सकते खून के छीटे। रैना"

Monday, May 23, 2016

वैष्णो माता की जय
नहीं चिन्ता यहां कोई दिया सबकुछ मेरी माता,
इनायत है तेरी इतनी किया सबकुछ मेरी माता।
करो कुछ खास मेरी माँ न भटके चैन मिल जाये,
लगी हो नाम की बारिस कली ये मन की खिल जाये।
तमन्ना है यही मेरी न रैना"दूर जायेगा,
दिवाना हो गया तेरा तेरे ही भजन गायेगा। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ

Sunday, May 22, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
तलब तेरी लगी मुझको तेरा जलवा दिखा माता,
रहे कोई न मुश्किल में सभी के घर चला माता,
नहीं कुछ मांगता रैना" करो किरपा यही हम पे,
मुझे है दीद की हसरत तेरे दर्शन दिखा माता। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ

बात के धनी लेकिन हकीकत से दूर रहते है,
आजकल ऐसे लोगों को राजनेता कहते है। रैना"

मत पूछो क्या क्या सनम देते,
दिल के टुकड़े भी जख्म देते। रैना"

Saturday, May 21, 2016

वैष्णो माँ की जय
जामे नाम का प्याला पिला दे इक बार,
मन पे नाम की मस्ती चढ़ा दे इक बार,
बेबस रैना"कब से भटक रहा है मईया,
तेरा जलवा हसीं वो दिखा दे इक बार। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ 
वक़्त के हाथों पिटे हर बार यारों,
हार फिर भी की नहीं स्वीकार यारों।
है तमन्ना कुछ अलग अन्दाज सा हो,
मौत से कब है हमें इन्कार यारों।
है शहर दुश्मन मेरा चिन्ता नहीं है,
यार हमने भी बनाये चार यारों।
बेखुदी में दूर सा खुद से रहा मैं,
बेवजह करता रहा तकरार यारों।
आंख लगती ही नहीं है रात सारी,
आज भी पी का रहा इंतजार यारों।
फिर कभी हो नहीं शिकवा गिला भी,
गर गिरा दो बीच की दीवार यारों। 
चैन पल भर भी यहां मिलता नहीं है,
अब चलो चुप से चले उस पार यारों।
देर रैना"किसलिये इंतजार किसका,
सोचते हम आज है इतवार यारों। रैना"


Wednesday, May 18, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मुझे तेरा सहारा दे दे माँ,
डूबते को किनारा दे दे माँ।
मुझे लगता मंजिल दूर है,
एहसास प्यारा दे दे माँ।
खुशियां माँ मेरी बांट रही,
हमें हक़ हमारा दे दे माँ।
मेरी महलों की चाहत नहीं,
चैन से बस गुजारा दे दे माँ।
तेरे दीद को आंखें तरस रही,
वो अदभुत नजारा दे दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

दोस्तों कुछ कड़वी मगर सच

इस दौर में हर शै बिकाऊ है,
रुतबा उसी का जो कमाऊ है।
अब प्यार का तो लव कहे सारे,
शै चाइना तो कम टिकाऊ है।
क्यों कौन कर ले देश की सेवा,
जब ये मसीहा माल खाऊ है।
भड़के दंगे ये साफ़ लगता है,
ये आग नेता ही लगाऊ है।
अब तो भरत सिर पर नहीं रखता,
श्री राम जी की जो खड़ाऊ है।
रैना"नसीहत मत किसी को दे,
हर इक यहां अब घाघ ताऊ है।

Tuesday, May 17, 2016

गर्म मौसम में सर्द का एहसास होना,
हादसा है फ़िलहाल लगता ख़ास होना।
ये अदा क्या कम है हसीं दिलबर बता तो,
पास हो कर तेरा न मेरे पास होना।


 जय जय माँ वैष्णो जी
माँ चरणों से लगाये रखना,
दास अपना बनाये रखना,
जिन्दगी  की अन्धेरी राहें,
दीप मन में जलाये रखना। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
ख्वाब कोई सजाये रखना,
टूटने से बचाये रखना।
जिन्दगी को गिला रहेगा,
दिल उसीसे लगाये रखना।
दूर तक राह दे दिखाई,
दीप मन का जलाये रखना।
भौंकते हैं कुत्ते गली के,
कर में पत्थर उठाये रखना।
गर मंजिल की तलब लगी है,
फ़क़त सिर को झुकाये रखना।
लोग हंसते रहेगे अक्सर,
राज दिल में छुपाये रखना।
तब मिले है हबीब रैना"
मन को मन्दिर बनाये रखना। रैना"



Monday, May 16, 2016

जय माँ वैष्णो जी 
माँ अपने चरणों से लगा ले यही फरियाद करते हैं,
हमें कभी भूलना मत माँ तुझे हरदम याद करते है। 
हम दुखी परेशान रहते है हमें ठिकाना नहीं मिलता,
तेरे मूरत माँ सदा अपने मन में हम आबाद करते है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ 
दर्द देते दवा नहीं करते,
यार फिर भी गिला नहीं करते।
हाथ मिलते रहे यही काफी,
आजकल दिल मिला नहीं करते।
ख़ास उसने कमी नहीं छोड़ी,
लोग दिल से दुआ नहीं करते।
बात कोई वजह रही होती,
हादसें यूं हुआ नहीं करते।
राज दिल में दफन करें रैना"
हर किसी से कहा नहीं करते। रैना"
दूर मन से जमी गन्दगी न हुई,
छोड़ मस्ती घड़ी बन्दगी न हुई।
जी रहे घूट हम पी रहे कड़वा,
अब भली सी हसीं जिन्दगी न हुई।
दौर फैशन का तू अब जरा सा संभल,
अब अदा ख़ास सी सादगी न हुई।
रात भर चांदनी भी गिला सा करें,
हैं खिले फूल पर ताजग़ी न हुई।
है शहर सो गया ख्वाब सज से रहे,
बात रैना" अभी राज़ की न हुई। रैना"


बेवजह का रोना छोड़ दे,
होश अपना खोना छोड़ दे,
मेहनत से सबकुछ है मिले,
 तान कर तू सोना छोड़ दे। "रैना"

Sunday, May 15, 2016

वैष्णो माता जी की जय जय जय
जगजननी वैष्णो रानी माँ मुझ पे कृपा ख़ास करो,
हम दूर परेशान से बैठे हैं अपने चरणों के पास करो,
तेरे सहारे के बिना माँ कुछ भी होना असम्भव है,
अपने दर्शन दिखला दो माँ दूर आँखों की प्यास करो। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ

आग में जलते रहे जो उम्र भर,
उनसे पूछो सर्द मौसम का मिजाज। रैना"

शहर की दीवारें कुछ जवां सी दिखती है,
क्या फिर किसी फरेबी का चुनाव होना है। रैना"

बेटी बचाओ अभियान क्या खूब चल रहा है,
मास्टर जी कर रहे अश्लील हरकतें। रैना"
इन्सान तो ढंग से रो नहीं सकता,
ये बुत हरगिज खुदा हो नहीं सकता। रैना"

तलब अपनी भी गुमनाम रहने की है,
क्योकि शहर के लोग बदनाम बहुत है। रैना"

दोस्तों इस ग़ज़ल को पढ़ना गौर करना

मुड़ के घर की तरफ फर्ज से देखने वाले,
कम हुये हाल माँ बाप का पूछने वाले।
इश्क में जो लगे जख्म नासूर ही बनते,
दाग दिल के न होते कभी छूटने वाले।
हुस्न से ये गिला इश्क करता रहे अक्सर,
वो भला बेवजह क्यों हुये रूठने वाले।
सर्द रहना हुआ खास अन्दाज सा जिसका,
तेज सी धूप में भी नहीं सूखने वाले।
गम सहे चुप रहे है न कोई गिला रैना"
हम सितारें नहीं उस क़दर टूटने वाले। रैना"

Saturday, May 14, 2016

वैष्णो माँ की जय
जब माँ तेरा इशारा मिलता है,
तब ये जीवन प्यारा मिलता है।
वर्ना भटकते रहते बदकिस्मत,
तेरी रहमत से नजारा मिलता है।
माँ शुभ होते उनके कर्म अच्छे,
जिनको तेरा सहारा मिलता है।
तेरी शरण में जो भी आ जाते,
माँ उनको ही किनारा मिलता है।
माँ रैना"से भला क्यों रूठ गई,
क्यों हमें टूटा सितारा मिलता है। रैना"
दोस्तों देखना
तब देश के हाल होगे बेहतर,
जब सियासतदान सोचे बेहतर।
तब चैन से सौ रहे हो लोग भी,
कुत्ते गली के जो भौँके बेहतर।
खुद लूटने में लगे जो बाग़ को,
वो क्यों लुटेरों को रोके बेहतर
उजले से कपड़े गवाही दे रहे,
है झूठ को आज कहते बेहतर।
है वोट की ही चिंता बेजार दिल,
बरबाद घर खूब लगते बेहतर।
यूं हर तरफ ही मचा है शोर सा,
रैना"भले मौन रहते बेहतर। रैना"





श्याम तेरा नाम दिल पे लिखा है,
मोहिनी दासी तुझी पे फ़िदा है।
तू नहीं मिलता गिला है न शिकवा,
दूर आंखों से तू दिल में बसा है
फूल का खिलना महक बिखरती है,
खूब हसीं कातिल तेरी हर अदा है।
मैं तेरी मुझ में बसा तू ही काना,
क्यों खफा मुझसे हुआ तू जुदा है।
ढूंढते रहते तुझे मेरे ये नैना, 
मैं दिवानी क्या तुझे ये पता है।
मोहिनी"की चाह हम से मिलो तुम,
माफ़ कर दो गर हुई जो खता हैं। मोहिनी"
इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
जो भरोसा भूल कर है करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते नेता कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये। 
रास आये ही न तुझको वफ़ा,
हम नहीं करते खता देखिये।
काश रैना को मिले वो कभी,   
पर उसी की है रजा देखिये। रैना"
संडे स्पेशल दोस्तों पढ़ना गौर से

अब तलक जो बात न बनी है,
मेहनत की ख़ास ही कमी है।
गर गिला किस्मत से ही करेंगे,
बर्फ़ हटती फिर न जो जमी है।
हो रहा कुछ ख़ास ये लगे है,
इसलिये तो सांस न थमी है।
इश्क का अन्जाम ये रहा है,
दर्द दिल में आंख में नमी है।
हम किसे इल्जाम दे बता तो,
है गिला सा खुद से ही ठनी है,
कर सके वो अमल न कही पे,
सिरफ़ रैना"बात का धनी है। रैना"

Thursday, May 12, 2016

इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
है भरोसा भूल कर जो करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते फिरते कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये। 
रास आये ही न तुझको वफ़ा,
इसलिये की है खता देखिये।   
तू जब मेरे पास नहीं होता,
जीवन में रंग ख़ास नहीं होता। 
जय जय माँ वैष्णो जी
प्यारा तेरा दरबार मेरी माँ वैष्णो,
हमें बुला इक बार मेरी माँ वैष्णो,
हसरत नहीं कोई मेरी तमन्ना,
अब करने है दीदार मेरी माँ वैष्णो। रैना"
इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
है भरोसा भूल कर जो करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते फिरते कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये।  
बेवफा मैं वफ़ा की तलाश है,
ये अदा अब बड़ी आम ख़ास है।
हैं किनारे खड़े समुन्दर के हम,
क्यों लगी जोर से यूं प्यास है।
हादसा क्या हुआ साथ में भला,
चेहरा यूं लगे कुछ उदास है।
चीर कर दिल दिखा दे मगर बता,
क्यों हुआ तू खफ़ा सा निराश है।
तू नजर क्यों नहीं आ रहा मुझे,
यूं बसेरा तेरा दिल के पास है ,
नैन चुप से हुये जल बचा नहीं,
पी मिलेंगे यही आज आस है। रैना"

Wednesday, May 11, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी रहमत से ही माँ मेरी जीवन का चक्कर चलता है,
गम की तेज आंधियां माँ फिर भी ये दीपक जलता है।
तू आदिशक्ति माँ शेरोवाली अंत भी तू विस्तार भी तू,
तेरे हुक्म से दिन निकले तेरे हुक्म से सूरज ढलता है।रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ
  


पास रह कर भी दूर बहुत,
इसलिये हम मजबूर बहुत।
तूं कभी मैं मैं ही न करें,
मैं हुआ जो मगरूर बहुत।
बैठ तन्हा सच सोच रहा,
झूठ है क्यों मशहूर बहुत।
है धुआं उठता देख शमा,
इश्क में दिल है चूर बहुत।
खूब उसके अन्दाज रैना"
चेहरे से टपके नूर बहुत।रैना"


Tuesday, May 10, 2016

जय जय माँ वैष्णो
तू इतनी सी किरपा कर माता,
कटे मजे से बाकी सफर माता।
मैं दर दर क्यों तुझे ढूंढा करू,
मेरे मन में कर ले घर माता।
यहां तो जैसे तैसे काट ली है,
मुझे आगे का बहुत डर माता।
तेरे नाम की भक्त्ति दे मुझको,
मेरी चाह न दौलत जर माता।
तेरे दीद करू दिल मेरा झूम उठे,
झोली रैना"की ख़ुशी से भर माता। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


Monday, May 9, 2016

पत्नी सतसंग में मस्त नाच नाच कर भजन गा रही,
पति दुखी घर में झूठे बर्तनों की ढोलकी बजा रहा। रैना"
दोस्तों देखना

तू चाहे मुझ से प्यार न कर,
इस कदर दिल पे वार न कर।
है बड़ा नाज़ुक ताव न दे,
टूटता दिल तकरार न कर।
अब हमें सहने दर्द तेरे,
बख़्श हिम्मत इन्कार न कर।
आज फिर मन को चैन नहीं,
तू बेसबरी से इंतजार न कर।
हम करें है हर हाल यकीं,
तू चाहे तो एतबार न कर।
काश रैना ये ध्यान करें,
चल संभल के हद पार न कर।रैना"

ढूंढता फिरता उसे तू यहां वहां,
वो तेरे मन में तेरे इन्तजार में। रैना"
बुरे कर्मों से गुरेज कर ले,
नर्क में जगह की कमी नहीं। रैना"

Sunday, May 8, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हरपल माँ मन ये मेरा तेरी जय जयकार करें,
तेरी जय जयकार करें तेरे चरणों से प्यार करें,
रहे उलझन न कोई भी परेशानी माँ शेरावाली,
कबूल विनती करें मेरी माता रैना"दीदार करें। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 
मैं मुसाफिर भटकना नसीब मेरा,
है खफ़ा जो हमनवा हबीब मेरा।
जो कभी रहता रहा हसीन सपना,
आज वो हमदम बना रकीब मेरा।
पास मन्जिल के करें गिला हमेशा,
है नसीबा भी भला अजीब मेरा।
यार मेरे है नहीं यकीन काबिल,
मौत दे देगा मुझे तबीब मेरा।
इक ख़ता ने दी अजल सजा है,
रास्ता अब देखती सलीब मेरा।
अब गिला शिकवा नहीं अजीज रैना"
क्या करें जब प्यार बदनसीब मेरा। रैना"

Saturday, May 7, 2016

माँ को समर्पित
है गुनगुनी सी धूप महकी सी हवा जैसी,
माँ तो इबादत है इनायत सी दुआ जैसी,
बेशक खुदा को तो कभी मैंने नहीं देखा,
मुझको लगे ये माँ मेरी रैना"खुदा जैसी। रैना"
वैष्णो माँ की जय
वैष्णो माँ की लगन लग जायेगी,
जीवन में बहार तब ही आयेगी,
गर माँ पे भरोसा कर लेगा रैना'
मुरझाई कली फिर महकायेगी। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

दोस्तों के लिए कुछ खास

याद तेरी है सताये मुझे,
इश्क की आतिश जलाये मुझे।
किसलिये हम हैं जुदा हुये,
दर्द अपना वो सुनाये मुझे।
पैर छाती पे रखे हैं सभी,
कौन अपना क्यों उठाये मुझे।
क्यों किसी को हम बुरा ही कहे,
रंग नसीबा ही दिखाये मुझे।
काश समझे दर्द मेरा कभी,
हमनवा अपना बनाये मुझे।
है यही अरमान रैना"भला,
वो गले से तो लगाये मुझे। रैना"
आतिश =आग


Friday, May 6, 2016

वैष्णो माँ की जय
नाम का जाम पीना यही हसरत,
छोड़ दुनिया तुझी से करी उल्फ़त,
माँ मुझे तू लगा ले गले अपने,
कर इनायत बदल दे मेरी किस्मत।रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ   

Thursday, May 5, 2016


मेरे दिल की बात  दोस्तों की महफ़िल में

मेरा हंसता हुआ चेहरा उसे रास नहीं आया,
वो मेरा अपना रहा फिर भी पास नहीं आया।
काट ली है अब तो जैसे तैसे खिंच कर हमने,
यूं जिंदगी में मजा तो कुछ ख़ास नहीं आया।
है यही काफ़ी तेरे कदमों में ही गुजरी अपनी,
ये ख़ुशी लौट कर घर अपने उदास नहीं आया।
तू रहा खाली कुछ भी हासिल नहीं कर पाया,
क्योंकि तुझको खुद पे ही विश्वास नहीं आया।
शिकायत तुझसे यही रही मेरे हमदम नसीब,
रैना"की जिंदगी में बहार का मास नहीं आया। रैना"


वैष्णो माँ की जय
मेरी मईया जरा उपकार करो,
तेरे भक्तों का माँ उद्धार करो,
दर से न खाली लौटाओ माता,
विनती मेरी माँ स्वीकार करो। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
दोस्तों के लिये
तूने यूं ही सताना है,
हमने तो मुस्कराना है।
हम जाने है तेरे घर को,
मेरे मन में ठिकाना है।
बदले तेवर घड़ी पल में,
कुछ ऐसा ही जमाना है।
कब बेजा है अजल आती,
बनता कोई बहाना है।
उल्फ़त की राह मुश्किल है,
खुद अपना घर जलाना है। 
रैना"क्या ख़ाक बदले हम,
गम में डूबा तराना है। रैना"

Wednesday, May 4, 2016


हास्य व्यंग्य टोपी
हम ने भी अब पहननी टोपी पहनाने के लिये,
क्योकि यही हुनर बचा खुद को बचाने के लिये।
देखो न महात्मा गांधी ने नेहरू को टोपी पहनाई,
नेहरू ने जनता के सिर पे टिकाई और कुर्सी पाई।
इसी तरह अन्ना ने केजरीवाल को टोपी थमाई,
केजरीवाल ने दिल्ली में टोपी घुमाई कुर्सी हथयाई।
कवि भाइयों मेरा तो शत प्रतिशत यही ख्याल है,
हर क्षेत्र में बस टोपी का ही असल में कमाल है।
देखो जब से श्री वास्तव ने टोपी को हाथ लगाया,
उसने तब से हर मंच से मुंहू मांगा दाम पाया।
देखो न अब विश्वास पहले जैसा ही  लिखता है,
पर टोपी के कारण अब पांच सात लाख में बिकता है। 
इसलिये कवि भाइयों रैना"कहता है देर न लगाओ,
धड़ल्ले से टोपी पहनो और दूसरों को टोपी पहनाओ।
वर्ना मुश्किल में ही रहनी ये अति कीमती जान है,
यदि टोपी पहनाना सीख लोगे हो जाना कल्याण है। रैना"
 


रहे खामोश हम लेकिन,
यही अब ठान ली हमने,
हवा में शब्द उछलेंगे,
किसी को क्या फर्क पड़ना,
मन का गुब्बार निकालेंगे। रैना" 
वैष्णो माता की जय
हुई हमसे खता जो भी उसे तू माफ़ करदे माँ,
नहीं होता सबर अब तो जरा इन्साफ करदे माँ,
नहीं करनी हमें मस्ती बना दे मस्त दीवाना,
कमी मुझ में बहुत होगी मेरे मन साफ करदे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ

मिलेगा मेहनत का फल कही प्रश्नचिन्ह लगता है,
हवा ने क्यों घरोंदा तोड़ डाला मेहनतकश चिड़िया का। रैना"

Tuesday, May 3, 2016

जब भी ये मौसम सर्द होता है,
दिल के कोने में दर्द होता है।


दोस्तों के लिये

नैन मेरे नम बहुत हैं,
क्या करें अब गम बहुत हैं।
अब बचे कैसे बता दे,
एक नहीं ये यम बहुत हैं।
हैं डरे से लोग सारे,
बिन फ़टे तो बम बहुत है।
छोड़ कर तन्हा चले हैं,
यूं मेरे हमदम बहुत है।
ब्याह बेटी का न होता,
दान को पैसे कम बहुत है।
काश रैना"की सुने वो,
राह भूले हम बहुत है। रैना"

Monday, May 2, 2016


हसीं दिलकश अदाओं ने हमें मारा हमें मारा,
नसीबों की जफ़ाओं ने हमें मारा हमें मारा।
करें शिकवा भला कैसे मेरा दिल रूठ जाता है,
सनम तेरी खताओं ने हमें मारा हमें मारा।
जमाना है बड़ा संगदिल हंसे कोई रुलाता है,
मिली बेजा सजाओं ने हमें मारा हमें मारा।
तमन्ना थी मेरी हसरत करें आबाद गुलशन को,
मेरे ही रहनुमाओं ने हमें मारा हमें मारा।
संभल कर हम चले हमने नहीं कोई कसर छोड़ी,
अभी बदली हवाओं ने हमें मारा हमें मारा।
खता रैना"हुई हम से भला हम भूलते कैसे,
तेरी ही बददुआओं ने हमें मारा हमें मारा। रैना"


वैष्णो माँ की जय जय
हे माँ बुझा दे प्यास मेरी,
पूरी करो माँ आस मेरी,
दीदार की हसरत जवां है,
चाहत यही है ख़ास मेरी। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
आप के लिए कुछ ख़ास ग़ज़ल

गर लगी हो लगन संभलता जरूर है,
वक़्त एक दिन कभी बदलता जरूर है।
ये अलग बात इज़हार हो नहीं कभी,
दिल किसी के लिये मचलता जरूर है।
पी रहे लोग मय को दवा किये हुये,
जाम हो बद तभी छलकता जरूर है।
मेहनत जो करें दिल लगा नहीं थके,
वो सितारा बने चमकता जरूर है।
चाह कर भी कभी भूलता नहीं हसीं,
याद में दिल कभी पिघलता जरूर है।
तू बता हम इसे किस तरह जुदा करें,
दिल उसी के लिये धड़कता जरूर है। रैना"

Sunday, May 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
अब तेरा ही सहारा जय जय माँ,
है बहुत दूर किनारा जय जय माँ,
माँ मेरी तू भला क्यों रूठ गई,
अब न होता गुजारा जय जय माँ। रैना"
दर्द को हमने छुपा कर देखा,
आंख से दरिया बहा कर देखा। 
जागते कैसे नसीबा मेरे,
वक़्त ने नजरें चुरा कर देखा। 
वक़्त बदला तो सभी हैं बदले,
आंख सब ने ही बचा कर देखा।
चैन दिल को है मिला आराम सा,
जब गिरे को है उठा कर देखा। 
चांद निकला बात सी होने लगी,
चांदनी ने भी नहा कर देखा। 
काश परवाना करें ये शिकवा,
क्यों शमा को ही जला कर देखा। 
जाम रैना"नाम का ही पीना,
है मजा गर दिल लगा कर देखा। रैना"


 
फ़र्ज है अदा करती,
दर्द की दवा करती,

याद तो भली अच्छी
जो सदा वफ़ा करती। रैना"

सफ़र जिन्दगी का खत्म हो ही जायेगा,
यही सोचते हम छोड़ के क्या जायेंगे। रैना"

बेचारें कुछ लोग ढंग से खा न पाते है,
अंडे खाने को मिलते मुर्गी काट खाते है,
बाद में खूब पछताते रोते चिल्लाते है,
जब हिस्से में छिलकें भी न आते है। रैना"

Saturday, April 30, 2016


खरी खरी -------
खूब मौज लगी है चोरों की,
कौन पकड़े सारे चोर यहां,
झूठ की वकालत होती है,
सच का न चलता जोर यहां।रैना"

जय जय वैष्णो माता,
मेरी माँ भी खफ़ा सी रहती है,
क्यों सुनती न कुछ कहती है,
अब छोड़ दे सारे शिकवे गिले,
मेरी आंख माँ झर झर बहती है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
माया एकत्रित करनी इसलिये छोड़ दी मैंने,
कफ़न में जेब होती तो मैं कुछ सोचता देखो।रैना" 
सूफी कहना आसां है सूफी होना बड़ा मुश्किल,
जग की अग्नि में तप के सुर्खरू होना पड़ता है। रैना"
तड़फ रहे हम दुआ क्यों नहीं करते,
तबीबों तुम दवा क्यों नहीं करते,
बनी जा पे तुझे खबर नहीं लगता,
फ़र्ज़ अपना अदा क्यों नहीं करते। रैना"


दोस्तों गौर करना
तप के जो भी सुर्खरू होगा,
वो ही उसके रु ब रू होगा,
जो जैसा करेगा बिलकुल,
संग उसके भी हु ब हू होगा।  रैना"

Thursday, April 28, 2016




फकीरों का शहर लेकिन फकीरी कर रहे कितने,
जरा गिनती करो बेमौत हैं मर रहे कितने।
हकीकत से सदा हमने रखी दूरी यही सच है,
मगर हम झूठ के दम से खजाने भर रहे कितने।
नसीबों से शिकायत है नहीं बदले कभी रस्ता,
नहीं है चैन पलभर भी दिवाने लड़ रहे कितने।
खता करते मगर फिर भी सफ़ाई दे रहे अपनी,
कभी देखो वफ़ा के नाम पे दुःख जर रहे कितने।
सदा रैना"भला करना यही कहती मेरी माता,
जमाना हो गया बदली भलाई कर रहे कितने। रैना" 
वैष्णो माँ की जय
छोड़ के दुनियादारी को तेरा ध्यान करना माँ,
बज्म में मैं जहां बैठू तेरा गुणगान करना माँ,
खोल दे मन के द्वारे यही विनती गुजारिश माँ,
मैं भटका मुसाफिर हूँ मेरा कल्याण करना माँ। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ

Wednesday, April 27, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ हमने तेरा दीदार करना है,
अब टूट कर तुझको प्यार करना है,
आकर सामने बैठो कहे दिल की बातें,
मोहब्बतें पाक का अब इज़हार करना है। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 
लगा लो तुम गले मुझको नहीं कोई सहारा है,
अजल तेरे बिना मेरा न होना अब गुजारा है,
नहीं कोई दवा देता निरन्तर दर्द बढ़ता है,
कहे रैना"चली आओ दुःखी दिल ने पुकारा है।रैना"
अजल=मौत  

Tuesday, April 26, 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
जब नजर न आये सहारा कोई बोलो जय जय माँ,
जब नजर न आये किनारा कोई बोलो जय जय माँ,
माँ आ कर हाथ पकड़ लेगी दुःख सारे हर लेगी रैना"
जब नजर न आये प्यारा कोई बोलो जय जय माँ। रैना"
वो फूल तेरी उल्फ़त के तो मुरझा गये कब के,
लेकिन दिल के आंगन में पत्ते अब तक बिखरे हैं। रैना"

मेहनत पर भरोसा है मगर ये कड़वी सच्चाई है,
देख कर हाथों में छालें किस्मत खिल खिल हंसती है। रैना"

हमें फुरसत नहीं गम से नसीबो से शिकायत है,
नसीबा हंस के कहते हैं कर्म तेरे हुये ऐसे। रैना"



Monday, April 25, 2016

हम तो कांटों से बच कर पत्ते तोड़ते,
फूल जिनकी किस्मत में वो ले गये। रैना"
काम में जब भी मसरुफ़ होते,
याद तेरी खलल डाल देती। रैना"

वही रंग ढंग फिर भी खुद को जुदा समझे,
यहां ऐसे लोग भी जो खुद को खुदा समझे।
गिला उनसे भला कोई करें भी किसलिये,
वफ़ा को जो लोग बेवजह ही खता समझे।रैना"  

Sunday, April 24, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ क्यों खफ़ा सी रहती हो,
चुपचाप भला क्यों सामने बैठी हो,
कुछ अपना हुक्म फरमा माता,
ऊँगली पकड़ के मुझे चला माता।
मेरी आंखों प्यास बुझा माता,
मुझे अपने दर्श दिखा माता।
तेरी भक्ति में जीवन बितायेंगे,
जय माँ जय माँ हरपल ध्यायेगे। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ

गर मिलता मेहनत के हिसाब से,
तो मजदूर ताउम्र गढ्ढे न खोदता। रैना"

ये सच किस्मत के बिना अकेली मेहनत अधूरी है,
मेहनत के साथ किस्मत का तड़का अति जरूरी है। रैना" 
उल्फ़त की चिता जले तो मुद्दत हो गई,
ये क्या राख़ से अब भी धुआं उठ रहा। रैना"


Saturday, April 23, 2016

तस्वीर मैंने तो अपनी कई बार है  बदली,
तकदीर पत्थर दिल को जरा तरस नहीं आया।रैना" 
नहीं आता नजर लेकिन यही एहसास होता है,
हसीं दिलबर सनम मेरा खड़ा वो पास होता है। रैना"
नये अन्दाज में हम ने जाना बज्म में उसकी,
रुतबा देख कर अपना सवाल वो भूल जायेगा।रैना"

सियासत की नज़र में तो बड़ा ही फर्क होता है,
करें है वोट की गिनती उसी अन्दाज में देखे है।रैना"
क़लम को है नसीबों से शिकायत सी,
क्यों हैं लफ्ज़ मेरे बेजुबां अब तक। रैना"

खफ़ा क़िस्मत हुई हम से जिधर देखो परेशानी,
बने क्यों काम बिगड़े मेहनत करती शिकायत है। रैना"

कहने को गाड़ियों का शोर है,
दिन रात बागी इंसान दौड़ते हैं। रैना"

Friday, April 22, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
नहीं कोई सहारा माँ बहुत ही दूर मन्जिल है,
तेरा ये भक़्त मुश्किल में मेरी फरियाद सुन ले माँ।
किसे अब हम कहे अपना सभी है यार मतलब के,
अगर माँ तुम करो किरपा बनेगी बात तब मेरी। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ 
चाहत को किसी की नज़र है लगी,
जिसे हम चाहते वो मिलता ही नहीं। रैना"


Thursday, April 21, 2016

वैष्णो माँ की जय
दुःख दूर कर माता सारे,
परेशान भक्त तेरे प्यारे,
तुम सब कुछ जाने माँ,
भक्त तेरे गम के हैं मारे। रैना"

गिरगिट हैं अब लुप्त होने की कगार पर,
आदमी ने ये रूप धारण कर लिया। रैना"



याद आये वो जमाना दोस्तों,
बाग़ से अमियां चुराना दोस्तों,
डांटना माँ का नहीं है भूलता,
छुप के जोहड़ में नहाना दोस्तों। रैना"
लोग बेहिसाब दिन भर भटकते,
अपनी तो सुबह ही शाम हो गई। रैना"
इक हसीं ने देख कर सिर झुका दिया,
घन्टियां मन के मंदिर में बजी बहुत। रैना"

Tuesday, April 19, 2016

जिंदगी कलम के नाम हो जायेगी,
यूं लिखते लिखते शाम हो जायेगी।रैना" 
वैष्णो माता की जय
जो माँ तेरा प्यार नहीं मिलता,
फिर मन को करार नहीं मिलता,
बंद हो किस्मत के दरवाजें,
खुशियों का संसार नहीं मिलता।
मेरा भी माँ दिल ये टूटा हैं,
अफ़सोस बहारों ने लूटा है।
मुझ पे उपकार कर दे माँ,
जीवन में सुधार कर दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


ये कैसी विडंबना ?????//
बेचारे कुत्ते जिसका खाते उसी के हो जाते,
चाहे मारो जूते डण्डे फिर भी पुंछ हिलाते,
लेकिन इंसान जिसका खाते उसको गुर्राते,
मौका लगते ही जोर से बोटी काट खाते।
फिर भी खुद को अव्वल दर्जे का जीव बताते। रैना"

Monday, April 18, 2016

वैष्णो माता की जय
जय जय माँ  बोलो जय जय माँ,
खुल जायेगे मन के द्वारे,
मिट जायेंगे दुःख ये सारे,
हो जायेगी माँ की किरपा,
रैना"मन न रहेगा परेशां।
जय जय माँ  बोलो जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
जिसे दिन को रात कहने का फन आता है,
निसंदेह वो तो बड़ा आदमी बन जाता है। रैना"

Sunday, April 17, 2016

मिलता सब नसीबों से नहीं शक की गुंजाइश है,
किसी मजदूर के हिस्से कभी हीरा नहीं आता। रैना"

वैष्णो माँ तेरी जय जयकार
अगर होती तेरी किरपा तेरा दीदार कर लेते,
न रहते हम परेशां से जो तुझ से प्यार कर लेते,
लगी रहती यही चिन्ता किसे अपना कहे रैना"
मेरी माता करम करदो सफ़ीना पार कर लेते। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ 

Saturday, April 16, 2016

जय जय जय माँ वैष्णो माता
भरोसा है मुझे तेरा नहीं चिन्ता फ़िकर कोई,
चढ़ी है नाम की मस्ती न आता गम इधर कोई,
दिवाने हम हुये तेरे मजा अब आ रहा माता,
तेरे कदमों में दुनिया नहीं ऊँचा शिखर कोई। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ

Wednesday, April 13, 2016

जला के घर मेरा देखो खड़ा वो मुस्कराता है,
बुरा कैसे कहे उसको मेरा दिल रूठ जाता है,
खबर उसको रहे इतनी नहीं हम आज के साथी,
बसा वो रूह में मेरी पुराना उस से नाता है। रैना"
   
किस्मत को बदलने की हिम्मत रखते है,
पानी पीने के खातिर कुआं खोद लेते है। रैना"
धुंआ दिल में उठा होगा तभी तो आंख छलकी है,
लगे जब आग जोरो से तो पानी सूख जाता है। रैना"
बुराई कर के बीवी की मर्द मंद मंद से हंसते हैं,
मगर ये भूल जाते हैं की घर को कौन सम्भाले। रैना"
कभी तू सोचना भी मत तुझे हम भूल पायेंगे,
ख़बर इतनी बिना तेरे घड़ी पल रह न पायेंगे,
बड़ी बेदर्द यादों ने नहीं छोड़ा कहीं का भी,
यही अन्जाम होगा अब जहर हम चाट जायेंगे। रैना"

किसी से मांग ले कैसे यहां सब ही भिखारी हैं,
फ़रेबी हैं बड़े जालिम फकत धन के पुजारी हैं,
खता करते यहां अपने शिकायत क्या करें कोई,
लगेगी दाव पर द्रोपदी यहां सब ही जुआरी हैं। रैना"

Tuesday, April 12, 2016

अब तो रो कर भी मन हल्का नाही होता,
गम की गठरी निरंतर भारी होती जाये। रैना"
होश कर खुद को छला न कर,
देख दूजे को जला न कर।
तू सुबह महकी किरण जैसा,
शाम के मांनिद ढला न कर। रैना"



जय जय वैष्णो माता जी
मेरी माता तेरी किरपा भक्तों पे बनाये रख,
भक्त तेरे परेशां से तू चरणों से लगाये रख।
बुरा करती नहीं माता बुरे होते सदा बच्चें,
चले हम नेक रस्ते पर बुराई से बचाये रख।
मेरी माँ तू बड़ी भोली सुना दुःख दूर कर देती,
हमें भी बख़्श देना माँ करम हम पे कमाये रख।
शुरू नवरात्रे तेरे करें गुणगान तेरी भक्ती,
चढ़ी हो नाम की मस्ती लगन मन में बढ़ाये रख।
इबादत हम करें तेरी रहे मतलब न कोई माँ,
भुलाना हैं हमें खुद को मेरे मन को जगाये रख।
दिखा सूरत तेरी माता यही अरमान रैना" का,
न हो दीदार जब तक जोत तब तक माँ जलाये रख। रैना"

Thursday, April 7, 2016

वैष्णो माता की जय
प्रथम शैलपुत्री मेरी माता,
तुम हो जगत आधार विधाता,
तेरी जय जय कार, माता तेरी जय जयकार।
दुःख हरती माँ मंगल करती,
भक्तों की खाली झोली भरती,
सब पे करती उपकार।
तेरी जय जय कार, माता तेरी जय जयकार।
हाथ त्रिशूल कमल विराजे,
भोली भाली माँ प्यारी लागे,
तेरी पूजा करें संसार।
तेरी जय जय कार, माता तेरी जय जयकार।
रैना"पे इतनी मेहर माँ कर दे,
तेरी भक्ती का मेरी माँ वर दे,
यही विनती करो स्वीकार।
तेरी जय जय कार, माता तेरी जय जयकार।रैना"
सुप्रभात जी,नवरात्रों की शुभकामनायें जी
जय जय माँ जय जय माँ


टूटे हुये दिल से सदा निकले,
तुम बावफ़ा क्यों बेवफ़ा निकले।
तब याद अंगड़ाई लेती तौबा,
जब पास से महकी हवा निकले।
बरबाद हम होते रहे फिर भी,
तेरे लिये दिल से दुआ निकले।
सुन अर्ज मेरी तू हटा चिलमन,
तब ही मिलन का रास्ता निकले।
जिनसे रहा मुझको गिला अक्सर,
वो यार तो मेरे खुदा निकले।
माँ की दुआ है साथ में हरदम,
रैना"तभी हम बा 

Wednesday, April 6, 2016

तुम गर कान के न कच्चे होते,
फिर साथी तेरे हम अच्छे होते।
आबाद होता फिर हसीं गुलशन,
अपने भी दो चार तो बच्चें होते। 
पीज़ा बर्गर नशे न खुले बिकते,
फिर तो बच्चें हट्टे कट्टे होते।
अधिकतर झूठ का ले लेते ठेका,
राजनेता हरगिज न सच्चे होते।
जो भारत माँ की जय न बोलते,
वो धोखेबाज गद्दार पक्के होते।
किसी एक का नाम मत लेना,
राजनीति में बहुत से छक्के होते।
बेईमान तो चलाता खूब अपनी,
ईमानदार के साथ ही धक्के होते।
रैना"गर पहले ही सम्भल जाते,
फिर इस कदर न हक्के बक्के होते। रैना"
 
मुहं की बार बार खाई,
फिर महबूबा याद आई,
कुर्सी मोह त्यागे नहीं,
तभी भाजपा ने मिल कर फिर सरकार बनाई,
 मन करता है गीत गाऊ घर में बैठ कर,
अफ़सोस बीवी को देख आवाज़ गुम हो जाती। रैना"

Tuesday, April 5, 2016

दोस्तों  के लिये
कुछ लोग बेजा फितूर करते हैं,
रंग रूप का यूं गरूर करते है।
जग का न कुछ भी बिगाड़ पाते हैं,
नुकसान अपना जरूर करते हैं।
बद को कभी राह ही नहीं मिलती,
खुद को मंजिल से दूर करते है।
शब भर नैन जागते रहे अक़्सर,
जो इश्क में दिल को चूर करते हैं।
सब है उसी का वजूद उसका ही,
रैना"भला क्यों फितूर करते हैं। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ मुझे चरणों की भक्ति दे,
मैं करू भक्ति माँ इतनी शक्ति दे,
कट जाये मेरे जन्मों के बंधन,
खैर मांगे माँ हमको मुक्ति दे। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 

Monday, April 4, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
दीवानें आ बैठे तेरे दर माता,
तेरे चरणों में अपना घर माता,
हम तुझ से और कुछ न मांगे,
कर रहम की इक नजर माता।
इस दुनिया के बहुत रंग हुये,
बड़ी मुश्किल लगता डर माता।
तू भी सुनती न फरियाद मेरी,
हम कैसे कर ले सबर माता।
किस दौर से हम हैं गुजर रहे,
ये तुझको भी है ख़बर माता।
रैना"के मन में अपना घर कर ले,
कटे मजे से बाकी सफ़र माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ

Sunday, April 3, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
ले के श्रदा जो मन में आये कोई,
गर प्रीत की रीत निभाये कोई,
उसे मुहु मांगा वर मिल जाता,
माँ के दर से न खाली जाये कोई। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ





गुस्ताखी माफ़
माँ बाप से तो तकरार करें,
कुत्ते से टूट के प्यार करें।
इंसान की सूरत बदल गई,
रंग बदली बार बार करें।
मेहनत से कन्नी काट रहा,
माल मुफ्त का स्वीकार करें।
हुस्न के जलवें कम से हुये,
सुर्खी से लब गुलजार करें।
इश्क आदी नशे का हो रहा,
जीना अपना ही दुश्वार करें।
युवा ढूंढे जवानी डिब्बों में,
कसरत से तो इन्कार करें।
सोच हमने अपनी न बदली,
क्या ख़ाक फिर सरकार करें।
जाने वाले लौट के न आते,
रैना"किसका तू इंतजार करें। रैना"

मेरे भाइयों का दर्द
सियासतदान हमदर्द नहीं झूठ बकते हैं,
उजड़े घर आज भी हमारी राह तकते हैं।
हमारी सुनने वाला कोई नहीं सब फरेबी,
कहे क्या अखबारों में लेख बहुत छपते हैं।
मुहाजिर हो गये अपने देश में बदनसीब,
सभी चुप हमारी बरबादी के लड्डू बटते हैं।
क्या नहीं किया हमने देश धर्म के खातिर,
अफ़सोस फिर भी हम अपमान चखते हैं। 
घटी एक घटना कलमकार दुखी होने लगे,
नहीं हम इंसान इसलिये सब पीछे हटते हैं।
क्या न हुआ हमारे साथ मौत का नंगा नाच,
याद कर उन लम्हों को हमारे सीने फटते हैं। 
काश कोई सुने हमारी पुकार यही सदा रैना"
दिल पे लगे जख्म नासूर बने न भरते हैं। रैना"

Saturday, April 2, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कोई हम से ख़ता हो गई,
मेरी माँ क्यों खफ़ा हो गई,
जीने का अब सहारा नहीं,
जीते जी ही कजा हो गई।
अब रोना है हमें ता उम्र,
ऐसी माँ की रजा हो गई।
मेरी माँ काश पीड़ा सुने,
कुछ ज्यादा ही सज़ा हो गई।
जिसको माँ का सहारा मिला,
रैना" जिंदगी मज़ा हो गई। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

Friday, April 1, 2016

वो खफ़ा क्यों हुये हम नहीं जानते,
की गुजारिश मगर वो नहीं मानते,
दर्द सा अब उठा जान जाने लगी,
काश वो हाथ मेरा पकड़ थामते।
अब मेरी जिन्दगी है तमाशा बनी,
ख़ाक गलियों की हम अब फिरे छानते।
है शिकायत गिला तो यही दिलरुबा,
तीर मेरी तरफ़ क्यों रहे तानते।
भूल जाना तुझे याद आना नहीं,
कर दिखाते अगर दिल में हम ठानते।
अर्ज मेरी यही तू कभी सुन मेरी,
दीद की है तलब हम यही मांगते। रैना" 
वैष्णो माँ की जय
तेरी नजरे इनायत माँ खिले हैं फूल गुलशन में,
मिली इज्जत मुहब्बत माँ कोई मुश्किल न जीवन में,
तमन्ना इक बची बाकी करो उसको अभी पूरी,
मुझे आबाद कर माता बना लो घर मेरे मन में। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ 
गुम हो गये वो ढूंढते हम फिरे,
अब ख़ाक सी यूं छानते हम फिरे।
है पास फिर भी दूर वो क्यों रहे,
उसका पता अब पूछते हम फिरे।
हां इश्क में अब तो यही हो रहा,
बेहाल से यूं भागते हम फिरे।
अब सोचते है बैठ तन्हा कभी,
क्यों भीख़ सी यूं मांगते हम फिरे।रैना"

Thursday, March 31, 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरे भक्तों की सुन ले पुकार मेरी माँ,
हाथ जोड़े खड़े हम तेरे द्वार मेरी माँ,
हैं हसरत तमन्ना कोई और नहीं,
हम मांगे फ़क़त तेरा प्यार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी---- ------जय जय माँ 

Wednesday, March 30, 2016

शहर के लोग मतलब के बिना मतलब न बोले हैं,
करेंगे जांच 
फर्क जब वो नहीं करता फर्क फिर हम क्यों करते है,
नूर इक से ही उपजे सब भला फिर हम क्यों लड़ते हैं।
मैदा कमज़ोर है इन्सान का हजम न होती कामयाबी,
फूल कर कुप्पा हो जाते गर जरा सा जो ऊंचा चढ़ते हैं।
दावा उसको मिलाने का नसीहत  दे रहे उपदेशक जी,
मुहब्बत का दिखावा है पाठ अब नफ़रत का पढ़ते हैं।
अब मौसम न शरीफों का बदमाशों पे आई जवानी है,
जिनके हाथ में लाठी रैना"वही तो अब आगे बढ़ते हैं। रैना"

Tuesday, March 29, 2016

सियासतदानों के वादें "?????
और गोलगप्पे एक जैसे है,
ज्यादा देर टिकते नहीं हैं। रैना"

बुरे तो हम बहुत देखो किसी को क्या बुरा कहना,
यहां जो लोग रहते हैं लगे भगवान के जैसे।रैना"


नहीं है डोलता देखो कभी इमान कुत्ते का,
भला इंसान है देखो अक्सर रंग बदलता है। रैना"

ख़ुशी का थाम लो दामन मिले सब का सहारा है,
यही अन्दाज जीने का नहीं रो कर गुजारा है।"रैना"

वैष्णो महारानी  जय जय जय
वैष्णो अम्बे रानी का कभी उपकार न भूले,
बच्चें अपनी माता का सच्चा प्यार न भूले।
हैं उलझनें बहुत हम अक़्सर भूल ही जाते,
जो आते वक़्त किया हमने वो करार न भूले। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ


तलब दिल में बढ़ाये रख नया कुछ कर दिखाने की,
जरूरत है सिर्फ इक बार सोया मन जगाने की। रैना"

बहुत ज्यादा नहीं हैं यार चलते साथ जो अक्सर,
अदा जब फ़र्ज करना हो हाथ पकड़ा छोड़ देते है। रैना"

भरोसा मत करो यारों यहां हैं लोग मतलब के,
वफ़ा तुझ से करें वो क्यों दगा माँ बाप से करते। रैना"

Monday, March 28, 2016

वैष्णो माँ की जय
भक्तों पे किरपा कर माता,
हम आ बैठे तेरे दर माता,
अब रख ले अपने चरणों में,
मेरे मन में कर ले घर माता।
जब सोच लगे अपने घर की,
मोहे लगता बहुत डर माता।
पूरा हो जीवन का मकसद,
मेरे सिर पर हाथ धर माता।
रैना"को चाह तेरे दर्शन की,
हम मांगे न भूमि जर माता। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


 पास हो कर दूर हो तुम,
किसलिये मजबूर हो तुम।
खैर तुझ सा मैं नहीं हूं,
मैं अंधेरा नूर हो तुम।
दे गरीबों को सहारा,
कर भला मशहूर हो तुम।
मन तेरा है पुष्प कोमल,
यूं जिंदादिल शूर हो तुम।
चश्म से है अश्क बहते,
सब के गम में चूर हो तुम।
काश रैना"जान लेता,
हो गये मगरूर हो तुम। रैना"






है कहां घर तेरा हम फिरे ढूंढते,
ख़ाक हम छानते हर गली घूमते।
तू न मिलता कहीं क्या करें ये बता,
जान अनजान हम बेवजह झूमते। रैना"

Sunday, March 27, 2016

वैष्णो माँ  जय जय
मेरी माँ लाज रख लेना तेरे हम भक़्त प्यारे है,
नहीं कोई यहां अपना दिवाने गम के मारे है,
उठे तूफ़ान दिल में माँ करो अब शांत मन मेरा,
किसी ने कुछ नहीं करना फ़क़त तेरा सहारा है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

दोस्तों देखना ग़ज़ल का रंग
बावफ़ा भी आजकल तो बेवफ़ा होने लगे,
बदनसीबों पे बनी बेवक़्त हैं सोने लगे।
राह कांटों से भरी है पांव छलनी हो रहे,
वक़्त के मारे मुसाफ़िर बैठ के  रोने लगे।
भीड़ बढ़ती जा रही है दौड़ता इन्सान है,
हादसें अब इस शहर में रात दिन होने लगे।
दिल नहीं माने मगर अक्सर दिलाशा दे रहे,
याद करती बावफाई दाग हम धोने लगे।
देख बदली ढंग तेरे हमने किया ये फैसला,
है करी तैयार धरती प्यार हम बोने लगे।
छोड़ रैना"जिद्द तेरी जिन्दगी आबाद कर,
किसलिये हैरान हो तुम होश क्यों खोने लगे। रैना"


Saturday, March 26, 2016


वैष्णो माता की जय
मेरा मन तड़फ रहा माता तेरे दीदार के खातिर,
वैष्णो माँ अम्बे रानी फ़क़त तेरे प्यार के खातिर,
करो किरपा मेरी माता खत्म हो जायेगी उलझन,
लगाये आस बैठे हैं इसी शुभ समाचार के खातिर। रैना"
सुप्रभात जी----------------- -------जय जय माँ






Friday, March 25, 2016

वैष्णो माँ की जय
वैष्णो मईया कर्म ये तेरा है,
मेरे जीवन रोशन सवेरा है।
जब तेरा नाम लिया,
माँ तूने थाम लिया,
टूटा गमों का घेरा है।
वैष्णो मईया ---------रैना।

Thursday, March 24, 2016

दोस्तों सही है क्या
देश में घटती देख घटनायें बुद्धिजीवी हो रहे हैरान बहुत,
अफ़जल के चेले मौज करें सुभाष के फौजी परेशान बहुत।
गद्दारों का साथ देने आगे आ गये नेता खांसी वाल जी,
तभी तो गद्दार कर रहे हैं भारत माता का अपमान बहुत।
देशवासियों को लड़ाने का कुछ नेताओं ने ठेका ले रखा,
तभी तो उनकी खूब चल रही राजनीति की दूकान बहुत।
भारत माँ की जय नहीं बोले कुछ नमक हराम ऐसा कहते,
हिंदुस्तान का खाते लेकिन उनको प्यारा पाकिस्तान बहुत।
जाग उठे हैं देशवासी रैना" मिल के अपना फर्ज निभायेंगे,
खबरदार हो जाओ गद्दारों अब मचला हुआ है तूफ़ान बहुत। रैना"


दोस्तों पढ़ के देखना
बेवजह सब जी रहे जिन्दगी कुछ ख़ास हो,
दर्द दिल में हो जगा पी मिलन की आस हो।
रास्ते की बात क्या ठान कर मन में चले,
खोद ले हम तब कुआ जब लगी जो प्यास हो।
कौन कहता है कभी जागती किस्मत नहीं,
जागती किस्मत मगर आस हिम्मत पास हो।
देश के गद्दार को मान मिलता है नहीं,
देर है अन्धेर नाही सही में नाश हो।
दीद उसके हो सके गर सच्ची हो लगन,
हो भरोसा जान पर खुद पे जो विश्वास हो।  रैना"
वैष्णो माता की जय
आये दर ते भिखारी अम्बे रानिये, भक्ता ते मेहर कर दे,मेरी माँ,
तेरे दीद दी तलब बेकरारी, माँ भक्ता दी झोली भर दे, मेरी माँ।
भक्ता दी झोली भर ----------------------
दर्शन करने दे पुरे इरादे माँ,
तू बैठी बंद कर के दरवाजे माँ,
कानू रुस गई वैष्णो महारानी, द्वारे हुन खोल घर दे मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------------जय जय माँ 


Wednesday, March 23, 2016


होली  शुभकामनाये जी
वैष्णो माता की जय
सुनो वैष्णो माता,
माँ जगत विधाता,
उद्धार करो,उद्धार करो,
आये भक्त्त द्वारे,
 हर लो दुःख सारे,
 उपकार करो,उपकार करो।
दुखो का घर ये दुनियादारी,
सुख मिले जब हो कृपा तुम्हारी,
माँ अर्ज हमारी स्वीकार करो।
उपकार करो -----------रैना"
 सुप्रभात जी --जय जय माँ