Monday, December 23, 2013

अहसास उसको ही होता है,
जिसने जिंदगी को देखा है।
मां बाप का दुःख क्या जाने,
वो लाड़ला बिगड़ा बेटा है।
गर आदमी खफा फिर क्या,
देने वाला तो सुख ही देता है।
सबकुछ दिया मगर सब्र नही,
रैना" फिर भी अक्सर रोता है। रैना" 

Wednesday, December 11, 2013

sach ki goli hjm nhi

सच की गोली हजम नही होती,
झूठ का चिंगम चबा रहे हैं लोग,
गूंगे बहरे कुछ बोलते ही नही,
सिर्फ गर्दन ही हिला रहे हैं लोग।
महंगाई में जीने की बात बेमानी,
बेबसी में वक्त बिता रहे हैं लोग।
नेता की सोच बदलेगी सवेरा होगा,
फिर वोट डालने जा रहे हैं लोग। "रैना"

पत्नी --सुनते हो,
पति --चीखता हुआ क्या है,
पत्नी ---पहले तो झाड़ू से तुम ही डरते थे,
पति ----फिर ?????
पत्नी ----अब झाड़ू को देख नेता थर थर कांपते हैं।
है न कमाल। रैना"

Tuesday, December 10, 2013

aam aadmi ne

आओ हंस ले

आम आदमी ने नेताओं को झाड़ू की अहमियत बता दी है,
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर तो पूरी ही झाड़ू लगा दी है,
अब तो ऐसा लगता है शीला दीक्षित झाड़ू देख रोती होगी,
सोनिया गांधी को नही झाड़ू को प्रणाम कर के सोती होगी।
सुप्रभात जी  -----------------------------जय जय मां


Monday, December 9, 2013

aap ne jhadu lga diya

आप ने झाड़ू लगा दिया,
सोते नेताओं को जगा दिया,
शीला को आइना दिखा दिया,
हर्षवर्धन का सपना मिटा दिया।
केजरीवाल की मेहनत रंग लाई,
अन्ना ने जादू चला दिया।
आप ने झाड़ू। .......... रैना   

nek krm kro krmo ka fl milta hai

नेक कर्म करो,
कर्मों का फल मिलता है,
देर से सही पर,
किस्मत का फूल खिलता है।
सुप्रभात जी ------जय जय मां  

Sunday, December 8, 2013

sochta kuchh aur to

सोचता कुछ और तो हो रहा कुछ और है,
अब घड़ी मुश्किल बड़ी आदमी कमजोर है।
बाप बेटे से दुखी हाल से बेहाल मां,
प्यार मन में ही नही बेवजह का शौर है।
इश्क में मुश्किल बड़ी अब वफ़ा मिलती नही,
क्यों गिला शिकवा करे बेवफा ये दौर है।
रात होनी है अभी सोच ले रैना कभी,
उठ मुसाफिर चल दिये क्यों न करता गौर है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, December 7, 2013

brfa

इन्सां मैं से जुदा हो जाये,
बेशक तब वो खुदा हो जाये,
तब रहती कब होश अपनी,
जब ये दिल फ़िदा हो जाये। "रैना"

Friday, December 6, 2013

tere didar

तेरे दीदार को अक्सर मेरा मन भटकता है,
तेरा पास हो के दूर रहना मुझे खटकता है।रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय मां 

apni apni kismat hai

अपनी अपनी किस्मत है,
कुछ कुत्ते बन के भी मौजे उड़ाते हैं,
और कुछ ??????
इन्सान बन के भी धक्के खाते हैं।
अपनी अपनी किस्मत है। रैना"

निखरे निखरे तुम रहते हो ये मशवरा किसका है,
लगता तुम जान गए जो दिखता है वो बिकता है। रैना "

Thursday, December 5, 2013

bujkte sholo ko

बुझते शोलों को हवा दे गया कोई,
मैं बीमार को दवा दे गया कोई। रैना"

मैं क्या मेरी मस्ती है,
तुझ से रोशन बस्ती है
मैं मैं केवल मैं मैं है,
तू तू की ही हस्ती है। रैना

Tuesday, December 3, 2013

baj bhi bujhdil ho gye

बाज भी बुझदिल हो गये कबूतरों के शहर में,
खैर सोहबत का असर तो हर किसी पे पड़ता है। रैना"


Thursday, November 28, 2013

nari pe jis ue

नारी पे जिसने भी बुरी नजर डाली है,
उसने खुद अपने घर को आग लगा ली है,
रावण हो दुर्योधन आसा राम हो तेजपाल,
सब ने जीते जी अपनी अर्थी निकाली है।

नारी पूज्नीय ये आदि शक्ति का अंश है,
नारी के दम से तो आगे बढ़ता वंश है,
मां बहन बेटी बन बांटती ममता प्यार,
दुखी हो चंडी बन कभी करती विध्वंश है।

"रैना" नारी का जिसने भी मान बढ़ाया है,
उसने हर क्षेत्र में रुतबा अव्वल ही पाया है,
पुरुष प्रधान समाज इतना समझता नही है,
ये विश्व आदि शक्ति मां नारी की काया माया है राजेन्द्र शर्मा रैना"
सुप्रभात जी। .......... जय जय मां   

Saturday, November 23, 2013

brhte kadmo ko

बढ़ते कदमों को रोका जाये,
अरमानों को भी टोका जाये,
अपने बारे में सोचा करते हैं,
कुछ देश के बारे सोचा जाये। रैना"
सुप्रभात जी  ……जय जय मां 
बिखरते हुये इन ख्यालों का क्या करू,
 देते नही जवाब सवालों का क्या करू,
मन में काली रात गुप अन्धेरा ही रहा,
"रैना"इस हाल में उजालो का क्या करू।"रैना"

गर वो राँझा नही तो अब वो हीर भी नही है,
खैर आशिकों की अब ऐसी तक़दीर भी नही है,
जब से लोगों ने वक्ताओं को भगवान बना दिया,
तब से इस शहर में बचा कोई फ़क़ीर ही नही है।"रैना"  

khyal me jab

ख्याल में जब तू आई,
हर तरफ से खुश्बू आई,
यूं लगा अहसास हुआ,
जान मेरी रू-ब-रू आई।  रैना"

ख्वाबों के महल बनाते रहते है,
उस में इक तस्वीर सजाते रहते है,
हैं बड़े पत्थर दिल ये जहान वाले,
ख्वाब में भी तस्वीर हटाते रहते है। रैना"

हम घर में बूढ़े मां को पानी नही पिलाते,
मगर मंदिर में वाटर कूलर दान दिया है,
"रैना"अपना मन पूरी तरह शांत अब तो,
हमने पैसे के दम से भगवान पटा लिया है। रैना"




Friday, November 22, 2013

hal mera ab puchhte nhi

दोस्तों ये ग़ज़ल आप के नाम

हाल मेरा पूछते ही नही,
नैन मेरे सूखते ही नही।
धो लिया हमने कई बार दिल,
दाग ऐसे छूटते ही नही।
यूं जमीं दिल की बंजर हो गई,
अब अंकुर भी फूटते ही नही।
हुस्न वाले जान ले छोड़ते,
वो सिरफ़ इक लूटते ही नही।
यूं लगे वो लौट आये अभी,
भ्रम दिल के टूटते ही नही।
जी रहे इत्तफाक है क्या करे,
सांस "रैना" रूठते ही नही। राजेन्द्र शर्मा "रैना"





   

Wednesday, November 20, 2013

jnmo ka ye fera hai

जन्मों का ये फेरा है,
चार दिन का डेरा है,
आगे की फ़िक्र करले,
वहां घोर अन्धेरा है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय मां   

vo mujgse

साथ तो दिया नही पर इतना किया है,
बेवफा ने मुझको शायर बना दिया है।

अब हम ये काम खास करते है,
जो मिलता नही उसकी तलाश करते है। 

लगता चुनाव आ गये हैं, 
सफेद कौवें बोलने लगे हैं।   ,"रैना"

तेरे बगैर भी क्या जीना,
जिंदगी काट रहे सजा जैसे। "रैना" 

जिंदगी चल रही है लेकिन,
मौत भी मौके की तलाश में है।" रैना"

बता ख़ुशी कहां मिले है,
मुझे नही मिली यहां वो। रैना"

हास्य व्यंग्य 
इसलिये मजे चल रही ही गृहस्थ की गाड़ी है,
सलामत है पुर्जा पुर्जा सुन्दर टिकाऊ बाडी है। 
क्योकि मां की नसीहत पर ही अमल किया है,
घर में कभी न अन्य नारी का नाम लिया है।  
मां ने बताया कम खाना पर खूब गम खाना,
इधर उधर का खा ले तो उसको खूब पचाना। 
चाहे तिनका न तोड़ना पर मुंहू मत खोलना,
बोले तो बीवी का मायका कुछ भारी तोलना। 
जिसने एक चुप सो सुख की महिमा जानी है,
गृहस्थ जीवन में सुखी वो पति नामक प्राणी है। रैना"

Tuesday, November 19, 2013

janta hu mai

तुझको सबकुछ तो हासिल है,
क्यों भटके जैसे पागल है।
उसकी मरजी से सब होना, 
वो सब करने के काबिल है। 
मैं गुस्ताखी करता रहता,
तू फिर भी मुझ में शामिल है।
खुद का दुश्मन खुद को लूटे,
दौलत के खातिर पागल है।
कैसे किसको दोषी कह दे,
रैना"ही जाहिल कातिल है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
सुप्रभात जी। ..........  जय जय मां   

bewfa aap ko khe

बेवफा आप को हम कहे कैसे,
बेवफाई करे यार से हम भी। "रैना"

यार मेरा वफ़ादार है,बेवफा मैं दगेबाज हूं,
भूलता जा रहा हूं फर्ज,दोस्तों ख्याल करता नही। "रैना" 



उसने पत्थर उछाला नही,
हमने खुद को संभाला नही,
पीड़ा जब तलक होती नही,
हमने कांटा निकाला नही।रैना"

दर्द दिल का नही देखता कोई,
चमकते चेहरे पे नजर सबकी। "रैना"

उससे से वफ़ा की उम्मीद करते है,
मगर खुद चौबारे पे मुंहू मरते फिरते। रैना" 

Monday, November 18, 2013

teri aankho ko

तेरी आंखों को मयखाना कैसे कह दू,
मैं तो मय पीता ही नही, राजेन्द्र शर्मा "रैना"
आज फिर जिन्दगी से मुलाकात हो गई,
नजर की नजर से वो हसीं बात हो गई।
दर्द दिल में उठा सांस थमने लगी जैसे,
बे समय आंखों से मेरि बरसात हो गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना"



भूले हुये वो यार फिर क्यों याद आते है,
वो याद आ कर दिल जलाते क्यों सताते है,
मेरे खुदा तू ही बता क्या दे सजा उनको,
जो दोस्तों की जिन्दगी दोजख बनाते है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
दोजख --नरक

सामने था यार पर नजरें मिलाई न गई,
होठ थे खुले मगर जुबान हिलाई न गई।
कट रहा है कैसे मेरी जिन्दगी का सफर,
बात दिल की दर्द कहानी सुनाई न गई।
आंखे अकसर पी लेती गर्म पानी मगर, 
अफ़सोस चेहरे से जरदी छुपाई न गई।
टूटे हुये अरमान मैंने रखे हैं सम्भल कर,
"रैना" अरमानों की चिता जलाई न गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

Sunday, November 17, 2013

ਚਮਤਕਾਰ ਸਾਈ ਚਮਤਕਾਰ  ਤੇਰਾ ਚਮਤਕਾਰ ਸਾਈ ਚਮਤਕਾਰ 
ਤੇਰਾ ਹਰ ਕ੍ਮ੍ਮ ਮਸਤ ਅਵੱਲਾ ਹ੍ਦੋ ਹਦ ਤੋ ਪਾਰ। 
ਚਮਤਕਾਰ ਤੇਰਾ ਚਮਤਕਾਰ ------------------------------
ਦਿਨ ਚਰ੍ਹਦਾ ਤੇ ਸ਼ਾਮ ਅਏ ਢਲਦੀ,
ਕਾਯਦੇ ਨਾਲ ਹਰ ਸ਼ੈ ਹੈ ਚਲਦੀ,
ਭੋਰਾ ਦੇਰ ਨ ਹੋਵੇ ਜਲ੍ਦੀ,
ਹਰ ਗੱਲ ਹੋਵੇ ਤੇਰੇ ਹੀ ਵੱਲ ਦੀ,
ਤੂ ਹੀ ਇਕ ਮੁਕਮ੍ਮਲ ਸਾਈ,
ਅਜਰ ਅਮਰ ਨਿਰੰਕਾਰ। 
ਚਮਤਕਾਰ ਤੇਰਾ ਚਮਤਕਾਰ -------------------------------
ਸੂਰਜ ਪਾਣੀ ਕ੍ਠਠਾ ਕਰਦਾ,
ਬਦਲ ਔਣੁ ਸਾਮ ਕੇ ਧਰਦਾ,
ਜਦੋ ਤੂ ਚਾਹਵੇ ਓਦੋ ਹੀ ਵਰਦਾ,
    

Saturday, November 16, 2013

mar jaye ge

मर जाये गे तेरी आँखों में डूब कर,
मगर मौत का जिम्मेदार तुझे ठहरा न पायेगे। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
मुझे इस कद्र तड़फने वाले,
लगता तू भूल गया कर्मों का फल भी मिलता है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
तेरे अंदाज गिरगट से होते तो चलता,
अफ़सोस तेरे मिजाज नेता से तू हर बात पे राजनीति करता। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

jiwan ik afsana

दोस्तों की नज़र इक ग़ज़ल

जीवन फसाना सा लगे है,
गम का तराना सा लगे है,
हर पल डरे हैं मौत से मन,
बनता बहाना सा लगे है।
तेरी नजर के तीर चलते,
दिल पर निशाना सा लगे है।
बिछुड़े हुये है चार पल ही,
गुजरा जमाना सा लगे है।
चर्चा शहर में हो रही अब,
"रैना"दिवाना सा लगे है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

ik dard

इक दर्द सीने में दबा जिसकी दवा मिलती नही,
दिल की कली मुरझा गई अब क्या करे खिलती नही,
हम जल रहे उस आग में "रैना"नजर आती नही,
अफ़सोस है इस बात का अब शाम भी ढलती नही। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
वो सामने मेरे खड़े हम कुछ कहे कैसे भला,
ये होठ तो खुलते नही चुप है जुबां हिलती नही। 

Friday, November 15, 2013

mai wfa nhi karta

हम वफ़ा गर नही करते,तो जफ़ा भी नही करते,
हक़ अदा जो नही करते,फिर दगा भी नही करते,
लोग अब भूल बैठे हैं कर्ज अपना फर्ज यारों,
तोड़ते दिल कहे हम तो यूं खता ही नही करते।राजेन्द्र शर्मा "रैना"



mausam pal pal





हवाओं से टकराने का शौक अपना,
इसलिये तो तूफां घबराने लगे हमसे। राजेन्द्र शर्मा "रैना ""

Thursday, November 14, 2013

is bar pyaj

सूना है इस बार चुनावों में ????
प्याज फिर अपना गुस्सा दिखायेगा,  
सब्जी से दूर करने वालों को सबक सिखायेगा। 
बात साफ है इसमें क्या दिमाग लगाना है, 
अरे किसी को महबूबा से जुदा करोगे,
तो उसे गुस्सा तो आना है। 
यदि आप पर कोई ऐसा जुल्म ढायेगा,
आप को क्या गुस्सा नही आयेगा।राजेन्द्र शर्मा रैना"
    

Wednesday, November 13, 2013

tujhe se mera

तुझसे मिरा ये गिला है,
मिल कर भी तू न मिला है,
तेरी बेरुखी का ये असर है,
मुरझाया जो फूल खिला है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
सुप्रभात जी  ……… जय जय मां 

बेशक करने वाला रब है,
जो सोचा वो होता कब है,
परवाना जल के मिट जाता,
उससे मिलना होता तब है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

बदल सकता है तभी देश का मिजाज,
सोच समझ कर अपना वोट डालिये। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

अमेरिका के नेता तभी कमाल करते हैं,
क्योकि वहाँ के लोग????
सोच समझ के अपने वोट का इस्तमाल करते हैं।राजेन्द्र शर्मा रैना" 

Tuesday, November 12, 2013

um do kdm chlo

दोस्तों आप के लिए देखिये तो

तुम दो कदम मेरी तरफ आओ,मैं चार कदम आऊगा,
तुम शमा बन के जलो तो सही,मैं परवाना बन जाऊगा।
तेरे साथ जीने मरने का वादा,तेरे दम से मेरा दम बराबर,
शाहजहां के जैसे दिखाने को,ताजमहल न बनवा पाऊगा।
कसम खुदा की तेरे हवाले कर दे,जिन्दगी का हर लम्हा,  
गर तू महकायेगी गुलशन मेरा,फिर मैं माली बन जाऊगा।             
मैंने अब से सजाने शुरू कर दिये,हसीन लम्हों के हसीं सपने,
दिन"रैन"सोचता रहता फिर मैं तुझे किस नाम से बुलाऊगा। राजेन्द्र शर्मा रैना" 

kaise manu

कैसे मानू तू हमदर्द मेरा,
समझता जो नही दर्द मेरा।
तू खुश खिलता तेरा चेहरा,
गम में डूबा मुखड़ा जर्द मेरा।राजेन्द्र शर्मा "रैना"  

Monday, November 11, 2013

rd kabhi

दर्द दिल में छुपाये नही छुपता,चेहरे पे उबर आये,
दर्द बेदर्द करता वफ़ा छोड़े जिन्दगी जब गुजर जाये। राजेन्द्र शर्मा "रैना" 


आये दिल में रहने के लिये,
ठहरे मेहमां कहने के लिये,
उनका कुछ बिगड़ा ही नही,
हम जिंदा गम सहने के लिये। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

दिल मिरा बेकरार सा लगे है,
यूं किसी का इंतजार सा लगे है,
दास्ता ये मिरी कथा कहानी 
हो गया सनम प्यार सा लगे है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
  

kya majburi hai jo

क्या मज़बूरी मुलाकात करता नही,
सामने आ के क्यों बात करता नही।
दिल का गुलशन वीराना हो गया है,
प्यासी धरती तू बरसात करता नही।
दिन में बरसे धूप रात अंगारें बरसे,
प्यार बरसे वो शुभ रात करता नही।
इन्सान ने खुद के लिये कांटें बोये हैं,
खैर तू तो धर्म जात पात करता नही।
तू क्यों खफा हमसे ये बता दे मुझको,
"रैना"तुझसे और सवालात करता नही
सुप्रभात जी.………… जय जय मां  



मेरा दोस्त पूछ रहा है???
आप को कवि सम्मेलन में क्यों नही बुलाया जाता,
मेरा जवाब है जी ?????
हमसे सिर ज्यादा नही झुकाया जाता,
पूंछ को बेवजह ही नही हिलाया जाता।
मां सरस्वती के सेवक रचना पढ़ सकते हैं,
हम पैसे के लिए जी हजूरी न कर सकते हैं।
हमसे किसी बॉस को मख्खन लगाया जाता नही,
खुद को किसी गिरोह का सदस्य बनाया जाता नही।  
इसलिए हमने दोस्तों को श्रोता बना लिया है,
फेसबुक पर ही कवि मंच सजा लिया है। 
निसंदेह दोस्तों ने पूरा अरमान कर दिया है,
इक अदना से इंसान को महान कर दिया है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"    
  

dil me bsne wale

दोस्तों मेरी इस रचना को कितने नंबर दोगे

ये दिल में बसने वाले,
नाग भी है डसने वाले।
अक्सर रोते देखे जाते,
जो ज्यादा हंसने वाले।
इश्क के चुंगल में यारों,
फस जाते बचने वाले।
अक्सर दिल पे लगते हैं,
जख्मे इश्क रिसने वाले।
लाइलाज रोग का शिकार,
जायका इश्क चखने वाले।
अब इस बस्ती में रहते,
दिल में नफरत रखने वाले।
ये जरूरी नही उस्ताद होगे,
अख़बारों में छपने वाले।
"रैना"मालिक के कहर से,
दुष्ट हरगिज न बचने वाले। राजेन्द्र शर्मा रैना"    

  

Sunday, November 10, 2013

usse yaari kar le

अब तू उससे यारी कर ले,
आगे की तैयारी कर ले।
ऐसा बाजार न मिलेगा,
नाम की खरीददारी कर ले।
ये दुःख के सिवा कुछ न दे,
उसकी खिदमतदारी कर ले।
हरपल उखड़ा सा रहता है,
तू बात कभी प्यारी कर ले।
उसकी मर्जी से निशाना लगे,
यूं क्या ख़ाक शिकारी कर ले।
 लुट रहा है नाम का खजाना,
रैना"तू भी मारा मारी कर ले। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
 सुप्रभात जी........... जय जय मां 
   

rat bhar

तूने कब माना है,
दुःख मेरा जाना है,
कांटों की चलती है,
गुलशन वीराना है। 
दुःख तो होता अक्सर,
अपना बेगाना है। 
जीवन क्या जीवन है,
विष पीना खाना है।
इस महफ़िल में हमने,   
 आना ओ जाना है।
उससे तो मिलना है,
रैना "ने ठाना है।  राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, November 9, 2013

rifaid tel

"रैना"रिफाईंड तेल का कुछ ऐसा असर देखते है,
लोग रास्ते से नही चलते शर्ट कट सफ़र देखते है राजेन्द्र शर्मा रैना" 

Friday, November 8, 2013

ye to tune hi btana hai

मेरे मालिक तूने ही बताना है,
तुझसे मिलने का क्या बहाना है।
बेशक ये जानता मुझको खबर है,
मैं तन्हा नही तेरे पीछे जमाना है।
तूने बख्शी है हर नयामत मुझको,
तेरा अपना तो याराना पुराना है।  
समझता हूं मैं तेरी मजबूरी को,
तूने सारी दुनिया को चलाना है।
खोल रखे हैं मैंने दिल के दरवाजे,
इनता बता मेरे घर कब आना है।
मुझ पे हुआ तेरा नजरे कर्म यारा,
लोग कहने लगे रैना"बड़ा सयाना है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
सुप्रभात जी  ……जय जय मां   

Thursday, November 7, 2013

main murid tu mursd mera

लड़ गई तुझसे मेरी अखियां,
कर गई जादू तेरी अखियां।
उस वक्त दम मेरा निकला,
अखियों ने जब छेड़ी अखियां। 
सब तिरे हवाले ही रख छोड़ा,
फिर क्यों तूने फेरी अखियां।
दिल पे बिजली टूट के गिरती,
अखियों ने जब घेरी अखियां।
आजकल कुछ दौर ही ऐसा,
यूं कर देती हेराफेरी अखियां।  
"रैन"भर अब तो जागते रहना,
उलझी रहे तेरी मिरी अखियां। राजेन्द्र शर्मा "रैना"    
दोस्तों ये रचना पढ़ कर आप भाग भाग हो जायेगे 

मुश्किलें देख कर कुछ हैरान सा लगता है,
मुसाफिर आजकल परेशान सा लगता है।
दूर से देखो तो बड़े शौ रूम के जैसा लगे है,
पास बैठ के खोलो बंद दुकान सा लगता है।
देश के लिये कुछ खास करे ऐसा सोचना नही,
अब नेता शातिर लोमड़ी शैतान सा लगता है।
दिलों में भरा लावा किसी वक्त फूट सकता है,
भारत देश में आने वाला तूफ़ान सा लगता है। 
"रैना"तेरा आशिक इक तुझ पे ही फ़िदा यारा,
सच कहता दोस्त तू मेरी जान सा लगता है।राजेन्द्र शर्मा रैना"    
 

isliye pichhe rha

दोस्तों आप के लिए

इसलिये हम रहे पीछे सिर झुकाना नही आया।
दुःख सहे दिल किसी का यूं जुल्म ढाना नही आया,
आदमी काम के हम भी ये खबर तो हमें रहती,
दोष अपना यही मख्खन ही लगाना नही आया।राजेन्द्र शर्मा "रैना"

     

खुद से लड़ने की हिम्मत न हुई,
उससे हमको मोहब्बत न हुई,
कैसे बदले दुनिया ये सोच लगी ,
बदली अपनी ही आदत न हुई। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Wednesday, November 6, 2013

hatho ki lkiro



व्यंग्य कविता प्याज

शीला जी ने इतना जरूर किया है,
प्याज को सब्जियों से दूर किया है,
दिग्गविजय का कहना????
हम भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ायेगे,
नर मादा में कुछ अंतर लायेगे,
इसी कड़ी में टमाटर को भी,
सब्जियों से दूर भगायेगे।
इससे गंदगी की होगी सफाई,
जनता की घर बैठे होगी कमाई।
जनता जो पैसा टमाटर प्याज से बचायेगी,
कम से कम बढ़ी कीमत दे गैस सिलेंडर ले आये गी।
दिग्गी कहते इसे कहते है दिमाग,
देखो आम के आम गुठलियों के दाम।
बिना टमाटर प्याज के सब्जी खाओ,
कहो प्यार से जय श्री राम। राजेन्द्र शर्मा रैना"    

desh ke khatir

देश की तस्वीर तक़दीर बदलने का दावा करने वाले,
अपनी ही तस्वीर तक़दीर बदलते रहे,
घर भरने के बाद विदेशी बैंक भरते रहे,
मतलब फ़रोसो ने देश को खूब निचौड़ा है,
इन जोकों ने चूस लिया खून इक बूंद न छोड़ा है।राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

Tuesday, November 5, 2013

a bewfa ja

ये शेर आप के लिए तोहफा

जा बेवफा जा और मत सता,
हां माफ़ कर दी तेरी हर खता,
मुश्किल परेशानी यही है मुझे,
दिल में बसे क्या दे तुझे सजा। रैना"
   

bahn ko mila nhi

भाईदूज विशेष

प्यार दिल में न नेक इरादा है,
भाई ने बहाना खूब तराशा ?????
बहन मैं आ न पाया काम ज्यादा है।
बेबस बहन भाई का इंतजार करती रही,
तिलक लगाने की चाह में भूखी मरती रही।
भाई कि याद में बहन बेचारी फूट फूट रोती,
मगर भाईदूज के दिन भी?????
पत्थर दिल भाई की मजबूरी कम नही होती।
भौतिकवाद के इस दौर ने इतना असर तो किया है,
रिश्तों के मामले में इंसान को संवेदनशील बना दिया है।
मतलब से बंधा अब हर रिश्ता नाता है,
कोई मतलब हो तभी भाई राखी बंधवाने,
अथवा तिलक लगवाने आता है।
वरना मज़बूरी ही बताता है। राजेन्द्र शर्मा रैना"   

magar tu kbhi

दूसरी तरफ जाते कदम मत रोकना,
पर कभी तू मिरे बारे में भी सोचना।
हमदर्द हम तिरे इसलिये शिकवा करे'
मैं तिरा क्या मुझे क्यों तुझे है टोकना।राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Monday, November 4, 2013

maa baap


रुखा सुखा जो मिले सब स्वीकार है,
मां बाप की हसरत बच्चों का प्यार है,
गर बच्चे सुखी तो मां बाप की ख़ुशी,
बच्चों के लिए ही रब से दुआ पुकार है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

gddaro ka pkshdhr ban gya

गद्दारों का पक्षदर बन गया सारथी,
फूट फुट कर रो रही मेरी मां भारती।
कहने को पवित्र मगर गंदगी ढो रही,
गंगा दुखी जो देश का भाग्य सवांरती।
आजाद हो कर भी हम कोरे गुलाम हैं,
दिलों पे राज करते है अब भी फ़ारसी।
नैतिकता का पतन इस कद्र हो गया, 
देश के मसीहा भी बन गये हैं आढ़ती।
बीच चौराहे में अब चीर हरण हो रहा,
सुनने वाला कोई नही अबला पुकारती।
धर्म जात के नाम पे सारा देश है बटा, 
देश के रहनुमा अब तो बनते शरारती।
"रैना"जो देश के खातिर कुर्बान होगे,
ऐसे बेटों की भारत माता उतारे आरती। राजेन्द्र शर्मा रैना"
सुप्रभात जी। ....... जय जय मां  

hmne tujhe dil

हमने उसे दिल में बसा लिया है,
बुत को खुदा अपना बना लिया है।
जिस दर्द के अहसास में मजा है,
उस दर्द को दिल में जगा लिया है।
अब खबर ये होने लगी यकायक,
इक रोग खुद को क्यों लगा लिया है।
इस बात का सरेआम क्यों जिकर है,
हमने किसी से दिल लगा लिया है।
किससे शिकायत हम करे बताओ,
उसने हमें हम से चुरा लिया है। राजेन्द्र शर्मा रैना"

dil jla ke


दोस्तों प्यार से सुनो ग़ज़ल

जुल्म ढाती रही रात काली,
दिल जला के मनाई दिवाली।
चांद से शिकवा करे है चकोरा,
रैन आती नही मिलन वाली।  
कसर हम भी नही छोड़ते पर,
क्या करे आजकल जेब खाली।
याद उसकी रहे पास हरदम,
बेवफा ने कसम तोड़ डाली।
ये समझ से परे क्या करे हम,
किसलिये क्यों खफा बाग़ माली।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
 

।  

kagaj pe chhap ke

कागज पे छप के दीवारो पे चढ़ के,
फिर आये भिखारी कारों पे चढ़ के,
मेरे देश का दुर्भाग्य नही तो क्या है,
हम करते है मतदान नारों पे चढ़ के। राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

roshan shahar

कुर्सी पे काबिज गिरगट देश का ढंग बदलना चाहते है,
भला उनकी क्या गलती जो वो अपना रंग बदल जाते है। 
बातों के शेर बातों की रेत से गिरगट बस्ती बसा रहे है,
क्या बुरा जो गन्दी बस्तियां हटा अपना महल बना रहे है।
लोग नेताओं पर विदेशों में पैसा जमा का आरोप लगते हैं,
अरे भाई ऐसे नेता तो विदेशों में भारत का मान बढ़ाते हैं। 
नेताओं पर ये भी आरोप नेता परिवारवाद को बढ़ावा देते है,
ऐसा कुछ नही नेता सिर्फ अपने दामाद के दोष छुपा लेते है।
वैसे भी भारतीय संस्कृति में दामाद के नाम लिखी लूट होती है,
वो कुछ भी करे दामाद को मनमर्जी करने की पूरी छूट होती है।
वैसे नेताओं के कारनामें देख ऐसा लगता है वो जल्दी आयेगे,
जब काले अंग्रेज चम्मचें देश को गिरवी धर कर हाथ हिलायेंगे। राजेन्द्र शर्मा "रैना"  
  

Sunday, November 3, 2013

kanto ne

कांटों ने सिखाया मुझे चलने का ढंग,
वर्ना हम फिर भटक गये होते,

तेरी यादें दिल से हो के गुजरी,
दीवाली की शब भी रो के गुजरी,
दोस्त की फितरत से वाकिफ है हम,
तेरी दीवाली तो सो के गुजरी। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
सुप्रभात जी  ……… जय जय मां  

diwaro pe siln nmi lge hai,

आखों में सीलन नमी लगे है,
जिंदगी में कोई कमी लगे है।
पत्थर सीने पे रखे हुये है,
जीते जी सांसे थमी लगे है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"


khud ko kuchh aese


दोस्तों के लिए खास ग़ज़ल

खुद को मरने से यूं बचा लेते,
हम हवा से सांसे चुरा लेते।
रास हमको आता नही रोना,
दर्द से रिश्ता हम बना लेते।
दिल जला करके फिर दुआ मांगे,
यूं दिवाली आशिक मना लेते।
इश्क में तो होता दगा फिर भी,
दिलजले जोखिम ये उठा लेते।
काश"रैना"को इतनी समझ आती,
बावफा से ये दिल लगा लेते। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, November 2, 2013

aayodhya me

हर घर में रौशनी आबाद हो दोस्तों,
प्रेम का पाठ सब को याद हो दोस्तों,
"रैना"हरदम दोस्तों की खैर मांगता,
सब को दिवाली मुबारखबाद हो दोस्तों। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
     


tere ghar me

घर तिरा रोशन दिवाली है,
रैन" अपनी फ़क़त काली है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

हादसे ये अजीब होने लगे हैं,
दूर हैं जो करीब होने लगे हैं। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

pyaj ne diwali

महंगाई ने आम आदमी जीते जी मारा है,
देखो प्याज ने दिवाली का स्वाद बिगाड़ा है,
बीवी कर रही शौहर से प्याज की शिकायत,
सुनते हो पतीला चूल्हे पे न चढ़ा हमारा है। 
शौहर बोला??????
तू क्या शीला भी प्याज के आंसू रो रही है,
चुनाव सिर पे??? 
पतीले में प्याज नही बड़ी चिंता हो रही है। 
नेताओं का डर प्याज कहीं इतिहास न दोहराये,
पहले कि तरह नीचे से कुर्सी न खींच ले जाये।  राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

Friday, November 1, 2013

aao mnaye

रोशन हो मन की रात काली,
अब मनाये कुछ ऐसे दीवाली।
टूटी कड़ियों को मिलाते जाये,
हम दीप से दीप जलाते जाये।
नफरत कि दीवारें हटाते जाये,
बिछुड़ों को गले से लगाते जाये।
सब धर्मों का यही सार है प्यारे,
हम खुद को इन्सान बनाते जाये।     
उन चक्करों का कुछ ख्याल करे,
सिर पे चढ़ा कर्ज चुकाते जाये।
याद करे तुझे फिर जहान वाले,
रैना"कुछ ऐसा कर दिखाते जाये। राजेन्द्र शर्मा रैना" 

Thursday, October 31, 2013

ghar me

घर में बच्चों ने मचाया शोर दीवाली है,
बाप चिंतित परेशान जेब तो खाली है।
महंगाई ने ऐसी भड़ास निकली है,
दीवाली कर दी बिलकुल काली है।
प्याज सौ टमाटर अस्सी गोबी पचास पच्चीस रूपये आलू है,
नीचे आने का कोई नाम नही ले रहा सब का मीटर चालू है।
बेटी बोली पापा दीवाली के दिन क्या बनाये खिलायेगे,
बाप खीज कर बोला लालू जेल में है थोड़ा चारा ले आये गे।
पप्पू बोला पापा हम तो दीवाली के दिन बम चलायेगे,
मुरझाये पापा बोले??????
बम फोड़ने की बात मत कर पुलिस वाले पकड़ ले जायेगे।
क्योकि पटना में बम फोड़ने वालो की तलाश है।
फ़िलहाल पकड़ने का वारंट पुलिस के पास है।
अब पुलिस वाले अपनी डयूटी तो निभाये गे,
बम फोड़ने वाले तो सीमा पार चले गये अब तो निर्दोष पकड़े जायेगे।
तब रोते हुए बच्चे बोले पापा ये कैसी दीवाली है,
बच्चों का पापा भी आगे से रोता हुआ बोला ये दीवाली नही दीवाला है,
मुझे तो चिंता इस बात की है गैस सिलेंडर का रेट फिर बढ़ने वाला है।
जेब में अब रहती न दोअन्नी है,
खर्चा रुपया कमाई अठन्नी है।
इसलिए सीधी साधी दीवाली मनाओ,
मनमोहन का नाम जपो पेट पे हाथ रख सो जाओ।
             इसी में भलाई है
राहुल ने गरीबों को यही बात समझाई है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

   
 

Tuesday, October 29, 2013

maa ke pnkho

मां के पंखों में छुपाता रहा,
खुद को बचाता रहा,
पर निकले तो उड़ने की तैयारी कर ली,
मां बाप से कर बगावत यारी कर ली।
मारी है अपने ही पैरों पे कुल्हाड़ी उसने,
मगर वो सोचता बड़ी होशियारी कर ली।
याद रखना दोस्तों उसे सुख नही मिलता,
अपने मां बाप से जिसने गद्दारी कर ली। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

kita n khyal hor chkkra ch pai

punjabi sufi kalam

mai kita n khyal hor chakkra ch pai gai,
diti hoi nishani "raina" khore kithe rai gai. rajinder shrma "raina"
good morning ji ..........jai jai maaa


प्याज के दाग धोने से भी न धुलेगे शीला जी,
वोट तो थोक में मुश्किल ही मिलेगे शीला जी। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

apne par mat

दोस्तों के नाम इक ग़ज़ल चलते चलते 

दाग दिल के कब मिटे हैं,
दर्द मिलते जो लिखे हैं।
खेल किस्मत का करे क्या, 
टूट कर तारे गिरे हैं। 
फर्क दिल में वो रखे हैं,
यार मुझको जो मिले हैं।
देख कर अच्छा लगे है,
फूल गुलशन में खिले हैं।
दोस्तों कैसे कहे कुछ,
होठ तो अपने सिले हैं। 
"रैन"को दिन से सदा ही,
 क्यों भला रहते गिले हैं। राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

kash hamne bhi

काश हमने भी ?????
किसी को थोड़ा सा चंदा थमा दिया होता,
तो खुद को मंच का कवि बना लिया होता,
अफ़सोस हमने किसी को चंदा नही पकड़ाया,
मुफ्त में हमें किसी ने मंच पर नही चढ़ाया,
रैना'को ये माजरा बड़ी देर बाद समझ आया,
भोग खाने के लिए भोग भी लगाना पड़ता है,
मुहु खोलने से पहले हाथों को हिलाना पड़ता है।  राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

husn ki charcha

दिल के दरीचे खोल के रखना,
ठण्डी हवा कम ही चले देखो,
इस जिन्दगी की ये कमी रैना"
बिन आग के अक्सर जले देखो। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

dusro ki rchnaye

स्टेजों पे कूल्हे मटकाने वाले,
दूसरो की रचनायें चुराने वाले,
कुछ शायर कवि बने मेरे शहर में,
चालबाजी नाटक दिखाने वाले। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
  

Monday, October 28, 2013

kumari sailja ke liye

आगामी लोक सभा चुनावों में केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के लिए मुश्किल मगर बीजेपी के सम्भावित उम्मीदवार रतन  लाल कटारिया कि राहें भी नही आसान। अधिकतर ग्रामीणों का मानना कोई पसंद नही का बटन दबायेगे।
बराड़ा क्षेत्र के लोगों के मन में मलाल है कि कांग्रेस कि केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा उनकी अपेक्षाओं पर खरी नही उतरी है। पिछले लगभग 9 वर्षों से केंद्रीय मंत्री पद पर आसीन कुमारी सैलजा जनता को अपनी और आकर्षित करने के लिए कोई ऐसा करनामा नही कर पाई है जिसे की विकास कि दृष्टि से याद किया जा सके। गलियों नालियों चौपालों इत्यादि के निर्माण एवं धार्मिक स्थानों को थोड़ी बहुत राशी उपलब्ध करवाने के अलावा केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा का कोई खास योगदान नही रहा है। जबकि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चौ.फूल चंद मुलाना भी इस क्षेत्र से सम्बंधित है। केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा एवं चौ.फूल चंद मुलाना की खींचतान भी जग जाहिर है। इस स्थिति में वोट बैंक का खिसकना स्भाविक ही है। क्षेत्र में कोई बड़ा कार्य न करवाना अथवा स्थानीय नेता से मनमुटाव के चलते अधिकतर कांग्रेसी कोई पसंद नही का बटन दबाने की बात कह रहे हैं। एस एम एस लबाना खालसा गर्ल्ज कालेज कि प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जोगा सिंह का कुछ ऐसा ही कहना है कि वो उनकी बिरादरी केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा द्वारा कि गई अनदेखी से दुखी है। किसी दूसरी पार्टी को वोट नही देगे मगर कोई पसंद नही का बटन जरुर दबायेगे। कुछ ऐसा ही कहना सतपाल सिंह का है। केंद्रीय मंत्री कि कार्य प्रणाली से लोग जहां सन्तुष्ट नही है वही भाजपा के सम्भावित उम्मीदवार रतन लाल कटारिया ने भी इस क्षेत्र की जनता से बराबर दूरी बनाये रखी। पिछले लगभग 9 वर्षों में 9 बार भी क्षेत्र में जनता का हाल जानने के लिए नही आये हैं। जबकि इन चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार रतन लाल कटारिया इस क्षेत्र मुलाना से लगभग साढ़े चार हजार वोटों से जीते थे। इसके बावजूद उन्होंने लोगों के दुःख सुख में शामिल होने का जोखिम नही उठाया। जिसके कारण जनता के मन में खटास है। भाजपा के लोगों का कहना है नरेंद्र मोदी का जादू लोगो के सिर चढ़ कर बोल रहा है वैसे हमारे नेता का कोई खास योगदान नही। भाजपा मोदी के जादू का दावा जरुर कर रही मगर जनता का कहना है कि कोई पसंद नही का बटन दबाने कि सोच रहे है। क्योकि इन नेताओं ने हमें बेवकूफ बना रखा है।         

dil ke gulshan

ग़ज़ल दोस्तों के लिए

महका गुलशन वीराना है,
दोस्त ने दुश्मन माना है। 
अब रिश्ता कहने को बाकी,
दिल का टुकड़ा बेगाना है।
जीना भी मर मर के जीना,
अपने हाथों विष खाना है।
हम भूले तो कैसे उनको,
यादों का आना जाना है।
रैना"तड़फा जिसके खातिर,
वो माया का दीवाना है। राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

लिख तो रहे हैं बहुत लिखने वाले,
अख़बारों में भी छपते छपने वाले,
मंचों पे पढ़ते हैं कविता पढ़ने वाले,
अफ़सोस है तो इस बात का दोस्तों,
हम फुस पटाखे कही न चलने वाले। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

निसंदेह इस दौर में कवि की मुश्किल ये मज़बूरी है,
कविता पाठ के लिए गिरोह में शामिल होना जरूरी है।
वरना वो तड़फता ही इस दुनिया से जाये गा,
किसी सरगना को बॉस नही बनाया तो,
अपनी कविता फिर यमराज को ही सुनाये गा   राजेन्द्र शर्मा "रैना"

   

Sunday, October 27, 2013

dosto ki

दोस्तों की दुआ का असर है,
बज्म



अपनी किस्मत के मिजाज ठंडे है,
इसलिए अपने लिए हर दिन संडे है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

गर नसीबों में जुदाई वो न लिखता,
फिर जमाना भी जुदा हरगिज न करता। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

लकीरें हाथ की मैं देखता अक्सर,
नही बदली यही अरमान बाकी है,
भरोसा अब तलक टूटा नही मेरा,
उठी दिल में तड़फ तूफ़ान बाकी है। राजेंद्र शर्मा "रैना" 

दिल की लगी मैं क्या बताऊ यारों,
मैं रात आँखों में बिताऊ यारों,
हाँ याद उनकी जान की दुश्मन है,
मैं जिन्दगी कैसे बचाऊ यारों।
हंसते सभी ही हाल पे क्यों मेरे,
मैं दर्द अपना जब सुनाऊ यारों।
वाकिफ नही वो हाल से दिलबर जो, 
मैं चीर कर दिल क्यों दिखाऊ यारों।
है गर नही मेरी उसे चिन्ता कोई,
ये बेहतर उसको भुलाऊ यारों।
अब दिन सुधर जाये भरोसा कम है , 
मैं क्यों न उस से दिल लगाऊ यारों। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, October 26, 2013

yad teri


न तुम याद करना,
न फरियाद करना,
गुजारिश यही है,
न बरबाद करना। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

जान की दुश्मन बनी है याद तेरी,,
यार क्यों सुनता नही फरियाद मेरी,
चेहरे से अब हटा चिलमन अभी तू,
मान"रैना"की गुजारिश  कर न देरी। राजेन्द्र शर्मा "रैना"


मग्न मस्ती में खेलता रहा बच्चा,
टूटा खिलौना तो मां की याद आई। राजेन्द्र शर्मा "रैना"


Friday, October 25, 2013

chahe bde shauk

चाहे बड़े शौक से बीवी की बाँहों में झूलना,
मगर भूले से भी मां बाप का त्याग न भूलना। राजेन्द्र शर्मा रैना" 

baad kha gai

बाड़ खा गई खेत को रखा नही ख्याल,
फिर भी नेता आये वोट की फसल काटने। राजेन्द्र शर्मा रैना"

naraj biwi

दोस्तों के लिए खास

जिनके लिये तड़फे कभी फरियाद करके,
वो आज रोये खूब हमको याद करके,
उससे गिला मुझको इसी इक बात का है,
उसने उजाड़ा है हमें आबाद करके। राजेन्द्र शर्मा रैना"

chup rhne wale

चुप रहने वाले सूरज भी बेनूर हो गये,
शोर करते टूटे तारे मशहूर हो गये। राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

Thursday, October 24, 2013

chlti hwato dil jle

इक तू मेरा दुनिया बेगानी है,
तू सच्चा बाकी झूठी कहानी है। 
ये तो  तेरी मरजी तू रखे जैसे,
नाम तेरे कर दी जिन्दगानी है। 
और किसी को क्या छोड़े गा,
इन्सां खुद से करे बेईमानी है।
ऐसा बिछुड़ा फिर मिलता नही,
याद में आँखों से टपके पानी है।
बैठ कर कभी तेरे क़दमों में,
अपनी कहानी तुझे सुनानी है। 
मुफलिस "रैना"पे रहम करदे,
तेरी इक झलक मैंने पानी है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
  

Monday, October 21, 2013

tum mere

तुम ने मेरे दिल में जबरदस्ती घुसपैठ कर ली ऐसे,
चीन के सैनिक भारत की सीमा में घुसे आये हो जैसे,
मुझे इतनी खबर तुम वादा हरगिज न निभा पाओगे,
पकिस्तानी सैनिकों जैसे धोखे से दिल लूट ले जाओगे। राजेन्द्र शर्मा "रैना' 

Sunday, October 13, 2013

face

फेसबुक के दोस्त दोस्ती का ये सिला देते हैं,
दोस्त की अच्छी रचना झट चोरी कर लेते हैं। राजिन्द्र शर्मा रैना
मेरे इक जिगरी दोस्त का ये कहना दोस्तों,
रचना चुराने वाले किसी चोर के बेटी या बेटे है।


दोस्तों के लिये खास तोहफा

मरने के बाद भी तन्हा न दीवाना होगा,
साथ मेरे तेरी यादों का खजाना होगा।
उस दिन मेरे दिल में दर्द उठे गा बहुत,
जब तेरा मेरी कब्र,मजार पे आना होगा।
सोच समझ ले तू भी हवा में उड़ने वाले,
इक दिन तो तेरा खून भी बेगाना होगा।
ऐसे बिछुड़े गे दोबारा मिलना मुश्किल,
मिलेगे कैसे मिलने का न बहाना होगा।
भटके यहाँ गर वहां तुझे चैन की हसरत,
"रैना"फिर तो उससे दिल लगाना होगा। राजेन्द्र शर्मा रैना"

idddatri

माँ सिद्द दात्री तेरी महिमा न्यारी,
पूजा करे माँ तेरी दुनिया सारी,
मेरे सर पे माता रानी हाथ तू अपना धर दे,
ध्यानु सा मैं भक्त हो जाऊ ऐसी किरपा कर दे,
वर दे वर दे माँ मेरी ऐसा वर दे  ……
वर दे वर दे  ….
मैंने माँ इतना जान लिया,
कौन अपना पहचान लिया,

  

o maa sidd

इस बार ऐसे दशहरे का पर्व मनाये हम,
रावण के पुतले को आग न लगाये हम,
भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाये,
अपने मन में बैठे रावण को जलाये हम। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
  

paas rh ke bhi

पास रह के भी जलवा दिखाता नही,
यार क्यों मुख से चिलमन हटाता नही।
काश मेरी पीड़ा तू समझ ले कभी,
क्यों पता तेरे घर का बताता नही। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

दोस्तों दशहरा विशेष

अबला सीता पे रहम नही खाने वाले,
अब तो रावण को सब है बचाने वाले,
बाप का हुक्म मान हो जाये बनवासी,
ऐसे राम तो नही लौट के आने वाले।
राम भटके बीयाबान जंगलों में देखो,
वो ठहरे राम के नाम पे लड़ाने वाले।
स्कूलों में नफरत की पढ़ाई होने लगी,
कही दूर गये प्यार का पाठ पढ़ाने वाले।
मनन के नाम पे मनोरंजन होने लगा,
कहाँ वो हनुमान सीना चीर दिखाने वाले।
राम की खडाऊ आयोध्या पे राज करती,
अब तो भाई भाई को जेल पहुँचाने वाले।
कलयुग का असर है किसी का दोष नही,
मतलबी हो गये"रैना"अब ये जमाने वाले।राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Saturday, October 12, 2013

chans nikle

चाँद  से चांदनी दूर नही
क्योकि दोनों ही मजबूर नही,
आशिको में तभी ये दूरी होती,
बीच में जब खड़ी मजबूरी होती।राजेन्द्र शर्मा "रैना" 

il lgane ka bhana

देश प्रेमियों के लिए

अपना बुरा भला सोच कर हमें अब सम्भलना चाहिये,
टूटी सड़कें चीख चीख कहती मसीहा बदलना चाहिये।
शमा के साथ गर जल रहा है परवाना ये उसकी मजबूरी,
हमारी तो कोई ऐसी मजबूरी नही हमें न जलना चाहिये।
भारत देश अब असहाय बेहिम्मत मजबूर सा लगता है,
बेहतर ये हर दिल में हिम्मत का बच्चा पलना चाहिये।
भ्रष्टाचारी गद्दार दगेबाज नेताओं ने देश गिरवी धर दिया,
अब जनता को ऐसे गद्दारों का इंतजाम करना चाहिये।
अंग्रेजो के पीठू अपनी गन्दी आदत बदल नही सकते,
रैना"काले अंग्रेजों के खिलाफ सड़कों पे उतरना चाहिये। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

mhagaori maa

महागौरी माँ रहमत तेरी,
महक रही है बगिया मेरी,
मुझ पे तेरा उपकार,
बरस रहा है प्यार,
मैया बरस रहा तेरा प्यार।
बरस रहा  ……
कंचन काया तन दिया,
साफ़ शुद्द मोहे मन दिया,
कोई कमी न छोड़ी मेरी माता,
मान सम्मान और धन दिया,
बच्चो पे असीम तेरी किरपा,
फूला फला संसार।
बरस रहा  …. 
तूने घर मेरा खूब सजाया,
जैसा कर्म मेरा वैसा पाया,
तेरा दोष खता नही मैया,
मुझे ही इतना ध्यान न आया,
"रैना"ने जाना तेरे बिन माता,
जीवन है बेकार।
बरस रहा   …… राजेन्द्र शर्मा "रैना"

Friday, October 11, 2013

दोस्तों की नजर इक ग़ज़ल 

है खबर ये तो ठिकाना ही नही,
आदमी बेपीर माना ही नही।
चेहरा करता ब्यां दिल की तड़फ, 
दाग दिल का तो दिखाना ही नही।
ये शहर तेरा मिरे काबिल नही, 
जीने का कोई बहाना ही नही।
हम हुये बरबाद है शिकवा यही,
यार उसने सबब जाना ही नही।
जिन्दगी का राग यूँ गाते रहे,
मौज मस्ती वो तराना ही नही।
अब चलो चलते पुराने घर वही,
लौट के फिर "रैन"आना ही नही। राजेन्द्र रैना"

lajwab hai teri har

 तेरी हर अदा लाजवाब है,
क्या कहर डाने का ठेका ले रखा है। रैना"

jante hai

है खबर ये तो ठिकाना ही नही,
आदमी लाचार माना ही नही।
सीखता रहता उठाने की कला,
यूँ कभी गिरता उठाना ही नही।
लोग जीने का बहाना खोजते ,

facebbok

वैसे फेसबुक के दोस्त दोस्ती निभाते नही,
मण्डली में शामिल करते मगर बतियाते नही।
ऐसे बहुत से जो झूठ ही परोसते हैं अक्सर,
अपने बारे में कुछ भी स्पष्ट कभी बताते नही।
कहने को तो पैरोकार उनसे बड़ा कोई नही है,
मगर कंजूस कभी दरियादिली दिखाते नही।
दोस्त को बदनाम करने पर अक्सर तुले रहते,
अपने दोस्त का ऐब तो वो कभी छुपाते नही।
हम भी ऊपर के दिल से बात करते है अक्सर,
"रैना"ऐसे दोस्तों से दिल हम तो लगाते नही। राजेन्द्र "रैना"


Thursday, October 10, 2013

aap ka jana

तेरा आना अच्छा पर जाना अच्छा न लगा है,
मेरे दिल के एक कोने में इक दर्द सा जगा है,
आँखों में आंसुओं का ज्वार भाटा सा आया है,
जब अपना कोई वादा करके दे गया दगा है। राजेन्द्र "रैना"
माँ कालरात्रि करो दूर अँधेरा,
तू मेरी माता मैं दास हूँ तेरा,
कर किरपा मैं मन के अंदर मैया तुझे बैठाऊ,
हरपल साँझ सवेरे माता तेरा ही गुण गाऊ।
जय जय माँ जय जय माँ  …….
कर्म नेक मैं करता जाऊ इतनी फुरसत मिल जाये, 
हर जीव में हो दर्शन तेरे मन मुरझाया खिल जाये,
हसरत मात पिता बुजुर्गों की सेवा ये प्रसाद मैं पाऊ।
हर पल साँझ सवेरे………
जय जय माँ जय जय माँ ………
"रैना" के घर में वास माँ तेरा ज्योत जले दिन रात,
  कोई फिकर चिंता रहे न हो खुशियों की बरसात,
 लाख चौरासी कट जाये मेरी और न कुछ भी चाहू।
हर पल साँझ सवेरे  … ….
जय जय माँ जय जय माँ   ……… राजेन्द्र रैना"

   

dard dil ka

दर्द इतना कैसे सहेगे,
बिन तेरे हम कैसे रहेगे,
टूट कर दिल बिखर जाये,
आँख से फिर दरिया बहेगे।राजेन्द्र "रैना" 
दोस्तों के लिए खास

हम तन्हा बैठे हाथों की लकीरें देखते है,
ख्वाबो के महल बनाते तेरे बारे सोचते है।
नादान  दिल न जाने क्यों बहक जाता है,
वैसे हम इस दिल को बहुत ही रोकते है।
तुझको खबर नही हम भला क्या कर ले,
लोग तेरा नाम लेकर अब मुझे टोकते है।
दुनिया वाले तो इश्क से नफरत करते,
आशिकों पे गली के कुत्ते अक्सर भौंकते है।
"रैना" की फितरत सच को सच कहना,
हाथ पकड़ के फिर न हम कभी छोड़ते है। राजेन्द्र "रैना" 

Wednesday, October 9, 2013

katyani

माँ कात्यायनी जग कल्याणी,
जन जन की यही पुकार,
दुष्टों का अब राज हुआ,
तुम आ जाओ इक बार,
तुम आ जाओ इक बार,
माँ हो के शेर सवार।
तुम आ जाओ  ……
चारों तरफ है घना अँधेरा,
हर कोई करता मेरा मेरा,
सब हैं मतलबी ढोंगी फरेबी,
सब को मोह माया ने घेरा,
तेरे भक्तो का मात कत्यानी,
जीना हुआ दुशवार।
तुम आ जाओ इक बार ,
माँ आ जाओ  … …
रैना" दर्शन का अभिलाषी,
तरसे मन मोरा अखियाँ प्यासी,
सुन ले मेरी अर्ज माँ विनती,
दूर माँ कर दे मेरी उदासी,
बच्चे तेरे भटक रहे माँ,
माँ बिगड़ी मेरी संवार।
माँ आ जाओ इक बार ,
माँ आ जाओ। …. राजेन्द्र रैना"
सुप्रभात जी  … जय जय माँ  
स्कन्ध माता,जग विख्याता,
तेरी महिमा अपरम्पार है,
भगवन को गोदी में बैठा के,
करती मैया प्यार है।
मेरी माँ मेरी   …………
मैया जी करती शेर सवारी,
मोहनी सूरत लगती प्यारी,
देव देवता दरबान खड़े माँ,
सेवक तेरी है दुनिया सारी,
जो भी तेरे दर माँ आवे,
तू करती भव से पार है,
मेरी माँ मेरी  … …
भक्त मैं प्रवीन हो जाऊ,
तेरी भक्ति में लीन हो जाऊ,
हरपल रात दिन शाम सवेरे,
मैया तेरे गुण मैं गाऊ।
मुझे खबर माँ तेरे चरणों में,
होना मेरा उद्धार है,
मेरी माँ मेरी   …… ….राजेन्द्र रैना"
  

knd mata

स्कन्ध माता,जग विख्याता,
तेरी महिमा अपरम्पार है,
भगवन को गोदी में बैठा के,
करती मैया प्यार है।
मेरी माँ मेरी   …………
मैया जी करती शेर सवारी,
मोहनी सूरत लगती प्यारी,
देव देवता दरबान खड़े माँ,
सेवक तेरी है दुनिया सारी,
जो भी तेरे दर माँ आवे,
तू करती भव से पार है,
मेरी माँ मेरी  … …
भक्त मैं प्रवीन हो जाऊ,
तेरी भक्ति में लीं हो जाऊ,
हरपल रात दिन शाम सवेरे,
मैया तेरे गुण मैं गाऊ।
मुझे खबर माँ तेरे चरणों में,
होना मेरा उद्धार है,
मेरी माँ मेरी   …… ….राजेन्द्र रैना"
  

apni wfa ka

अपनी वफा का इजहार करते करते,
थक से गये हम तो प्यार करते करते।
हम खोलते अक्सर रास्ते बंद लेकिन,
थकते नही वो दीवार करते करते। राजेन्द्र रैना"


   

rawn lila

रावण लीला  कड़वा सच

दूर खड़े श्री राम मंद मंद मुस्का रहे हैं,
देखो अब रावण को रावण जला रहे हैं,
अफसोस सिरफ इस बात का राम को,
उसका नाम ले रावण ठहके लगा रहे है।
घर में बैठी माँ फूट फूट कर रो रही है,
हर रोज घर में रावण लीला हो रही है।
घर में बैठा बाप सुबक सुबक के रोता है,
कुम्बकरण बेटा दस बजे तक सोता है।
जान बुझ कर देखो नादानी करती है,
बहन सरुपनखा तो मनमानी करती है।
विभीषण अब रावण को राज बता रहा है,
रावण अपनी लंका खुद ही ढहा रहा है।
धर्म के नाम पर अब तो मेले से लगते है,
पढ़े लिखे भी वक्ताओं के चेले से लगते है।
खून का रंग भी अब तो सफेद पीला है,
अब राम लीला नही हर घर में रावण लीला है। राजेन्द्र रैना  

Tuesday, October 8, 2013

भले हो हादसा लेकिन भला ये काम हो जाये,
तमन्ना है यही मेरी शहर में नाम हो जाये,
नही डर मौत का मुझको करे कुछ सोचता अक्सर,
भला गुमनाम से "रैना"अभी बदनाम हो जाये। राजेन्द्र रैना"  
अरमां ये मेरी हसरत है,
करनी तुझसे मोहब्बत है,
दोस्त पे जां छिडके "रैना"
अपनी ऐसी ही आदत है। राजेन्द्र रैना"




Monday, October 7, 2013

ard dil ka

दर्द दिल का जानते ही नही,
क्या करे वो मानते ही नही,
बात कल की साथ मेरे रहे,
यार अब पहचानते ही नही। राजेन्द्र "रैना"गुमनाम 

indgi ke bare

जिन्दगी के बारे में ज्यादा सोचा न कीजिये,
किसी को मौका मिला,
किसी को धोखा मिला,
कही दिन तो कही रात है,
ये सब किस्मत की बात है।  राजेन्द्र रैना 

kushmada maa

कूष्मांडा माँ किरपा तेरी,
कटे ख़ुशी से जिन्दगी मेरी,
अब हसरत तेरे दीदार की,
सूखी धरती पड़ी दरारें,
कर बारिस तेरे प्यार की।
माँ कर बारिस तेरे प्यार की.
कर बारिस  …. कर बारिस
गम की आग से जला तन मन,
निरंतर बढ़ती जाये है उलझन,
सारी दुनिया बनी अब दुश्मन,
तू भी खफा माँ न देती दर्शन,
खता मेरी माँ माफ़ करो,
हद हो गई है इन्तजार की।
कर बारिस  ……
मैं मतलबी मेरी मजबूरी,
कम कर दे माँ बीच की दूरी,
अपनी अब तो दे दे मंजूरी,
माँ बेटे का मिलन है जरूरी,
रहमत की माँ नजर तू कर दे,
ऋतू आ जाये फिर बहार कि.
कर बारिस  ……. राजेन्द्र रैना" 
सुप्रभात जी    …… जय जय माँ   
 

uniya ka mijaj kuchh

दुनिया का मिजाज सोचने का अंदाज अच्छा नही लगता,
घर में हवा से परदे हिलते लोग सोचते कोई शरारत हो रही। राजेन्द्र रैना गुमनाम


ab lgti purani

अब लगती पुरानी सी है,
जिन्दगी इक कहानी सी है।
हम कैसे कहे वो बातें, 
दुनिया कुछ सयानी सी है। राजेन्द्र रैना गुमनाम 

kismt ke staye

दोस्तों के लिए खास पेशकश

हम किस्मत के सताये हैं ,
गम सीने से लगाये हैं।
जो कल तक थे मिरे अपने,
अब बेगाने पराये हैं।
जो लखते जिगर थे मेरे, 
वो फिर वापिस न आये हैं।
उसको तो फल मिले अक्सर,
पौधे जिसने लगाये हैं। 
कांटे से क्यों गिला शिकवा,
गुल से जब जख्म खाये हैं।
क्यों उनकी याद फिर आई,
कल ही तो खत जलाये हैं।
रैना"कब के फना होते,
हिम्मत ने ही बचाये हैं। राजेन्द्र रैना गुमनाम     
ये अंदाज देखे बहर में 

तू ही जुस्तजू,
तू ही आरजू,
मैं मैं मैं नही,
तू है चारसू।
हम देखे तुझे,
बैठो रूबरू
क्या कहते भला,
मेरी जान तू।
मेरी मान ले,
वरना मैं मरू।
मेरी जीत है,
मेरी हार तू।
"रैना"क्या करे,
कैसे अब लडू। राजेन्द्र रैना गुमनाम

teri justju

ये अंदाज देखे बहर में

तू ही जुस्तजू,
तू ही आरजू,
मैं मैं मैं नही,
तू है चारसू।
हम देखे तुझे,
बैठो रूबरू
हम अब क्या कहे,
मेरा सनम तू।
मेरी मान ले,
वरना मैं मरू।
मेरी जीत है,
मेरी हार तू।
"रैना"क्या करे,
 अब कैसे लडू।  राजेन्द्र रैना गुमनाम   
    

Sunday, October 6, 2013

chanderghanta maa

चंदरघंटा माँ शेरोंवाली,
करो किरपा माँ मेहरोवाली,
बख्शो चरणों का प्यार माँ,
मोहे दर्शन दो इक बार माँ।
मोहे दर्शन दो  ……
हीरे मोती न मांगे खजाने,
हम तो तेरे भक्त दीवाने,
मेरे जन्म का करो सुधार माँ।
मोहे दर्शन दो …….
तुम माँ इतना कर सकती हो,
मेरे सर पे हाथ धर सकती हो,
मुझ पे कर इतना उपकार माँ।
मोहे दर्शन दो ……. राजेन्द्र रैना"गुमनाम"
जय जय माँ जय जय माँ 

भटके मुसाफिर अटक ही जाते हैं
मंजिल न मिलती दुःख सदा पाते हैं।
  

bato ka

हास्य कविता 

एक चैनल का सर्वेक्षण आया,
देश में बहुत कम लोग हैं अन्धें,
मगर पैंसठ प्रतिशत लोग है गंजे ,
वैसे अपने भी अधिकतर झड़ गये बाल,
हम भी पूर्णत गंजा होने की कगार पर है,
इसलिए आया अपने मन में एक ख्याल। 
क्यों न गंजा दल बनाया जाये,
बेचारे गंजो की आवाज को उठाया जाये,
क्योकि सब को पता बाल तब झड़ते है,
जब पीठ पे डंडे और सर पर जूते पड़ते है। 
और जब बीवी सर पर सैंडल बजाती है,
तब तो बालों की चमड़ी भी उखड़ जाती है। 
इसलिय दुखियां गंजों की
नेताओं की तरह हम भी आवाज उठायेगे,
गंजों के सहारे अपनी नैया पार लगायेगे।
क्योकि गंजों की संख्या ज्यादा चुनाव जीत जायेगे।   
यही सोच कर हमने फैसला कर लिया,  
अपने राजनितिक दल नाम गंजा रख दिया।
दल का निशान सर की तस्वीर बिलकुल नंगी,
और गंजे के हाथ में छोटी सी कंघी। 
गंजा दल का घोषणा पत्र,
गंजों से पूरी हमदर्दी की जाये गी,
तेल की शीशी के साथ कंघी फ्री दी जाए गी। 
घोषणा पत्र में महिलाओ के लिए खास,
जो बीवी अपने पति को जल्दी गंजा बनाएगी,
वो साल में चार ऊँची एडी के सैंडल मुफ्त पाएगी। 
गंजा दल का घोषणा पत्र जारी होते ही,
देश में भूचाल सा आया,
पहले ही दिन दल में एक लाख गंजो ने नाम लिखवाया,
महिलाओं ने सैंडल घुमाना शुरू कर दिया ,
अपने पति का सर चमकाना शुरू कर दिया। 
ये सब मैंने सपने में ही घसीटा है, 
लोकसभा का चुनाव भी जीता है।  
वैसे गंजों की संख्या देख ये लगता वो दिन जरुर आएगा ,
जब कोई गंजा गंजों के कल्याण के लिए गंजा दल बनाएगा। 
मेरा दावा है वो चुनाव जीत ही जाये गा।  ……राजेन्द्र रैना गुमनाम        
जय जय माँ

शेरोवाली इतना कर दे,
मुझको माँ तू ऐसा वर दे,
मात पिता की करू मैं सेवा,
अपना फर्ज निभाऊ,
हर जीव में तेरे दर्शन,
जीवन सफल बनाऊ।
जीवन सफल  ……
अजर अमर तू माँ अविनाशी,
तेरे दर्श को आखियाँ प्यासी,
नाम तेरे का माँ जाम पिला दे,
दूर हो जाये जन्मों की उदासी,
रहे न चिंता फ़िक्र भी कोई,
कट जाए मेरी लाख चौरासी,
रंग जाऊ मैं माँ के रंग में,
हरपल ही गुण गाऊ।
जीवन सफल  ……  
                          राजेन्द्र रैना गुमनाम   
     



   

Saturday, October 5, 2013

माँ ब्रह्मचारनी,
माँ भवतारनी,
मेरा भी उद्धार करो,
प्यार करो माँ प्यार करो,
भव पार करो माँ पार करो।
प्यार करो माँ ……
आ मुश्किल ने घेरा है,
बस एक सहारा तेरा है,
मतलब की ये दुनिया,
कोई न अपना मेरा है,
सुन लो मुझे न ठुकराओ,
विनती मेरी स्वीकार करो।
प्यार करो माँ  …….
मैं आंसून नीर बहाऊ माँ,
रो रो अपना दर्द सुनाऊ माँ,
गर तेरा सहारा नही मिलता,
फिर तो बेहतर है मर जाऊ माँ,
मैं हंस के जी लू चार घड़ी,
अब इतना तो उपकार करो।
प्यार करो माँ  … ….  राजेन्द्र रैना गुमनाम
जय जय माँ जय जय माँ 
आओ अब हम सो जाये माँ का नाम लेकर,
सुबह उठे सब को जगाये माँ का नाम लेकर।
उसकी मेहरबानी सबको बख्शे माँ नयामतें,
मिल बाँट के सब ही खाये माँ का नाम लेकर। राजेन्द्र रैना गुमनाम   
जय जय माँ

असुरो का राज हुआ मची हा हाकार है,
हर किसी को मैया अब तेरा इंतजार है,
दुष्टों के नाम के अब बज रहे हैं डन्कें माँ,
तेरे भक्तों का मैया जीना ही दुशवार है।
कोन उपदेश दे अब सही राह पे चलने का,
पथ प्रदर्शक खुद लकवा ग्रस्त बीमार है।
तेरे बिन देश को कोई बचा नही सकता, 
राक्षसों का अंत कर माँ इक तेरा एतबार है।
भक्तों के दुखड़े तू ही हरने वाली माता,
शेरावाली माँ"रैना"को तेरा करना दीदार है। राजेन्द्र रैना गुमनाम

  

nsvratron me jrur jana maa ke mandir

नवरात्रों में जरुर ही जाना माँ के मन्दिर,
पर पहले पूज लेना जो बैठी घर के अन्दर।
घर बैठी माँ को खुश कर ले,
शेरो वाली माँ खुद मान जायेगी,
कुछ बोल न तू मुहु खोल न तू,
तेरे मन की बात वो जान जायेगी,
घर बैठी माँ को  ……
आदिशक्ति है महारानी आदिशक्ति का अंश है माँ तेरी,
जन्म देने वाली की सेवा कर छोड़ दिखावा मत कर देरी,
कैसी नीयत तेरी नीति है,
माँ रानी सब पहचान जायेगी।
घर बैठी माँ को  …
माँ प्रसाद कब खाती है,श्रदा का भोग लगाती है,
जो प्रेम से माँ के  दर आता माँ उसकी हो जाती है,
कर मनन मत कर मनोरंजन,
वरना पछतायेगा जब जान जायेगी।
घर बैठी माँ को  ……                     राजेन्द्र रैना गुमनाम  





      

Friday, October 4, 2013

हादसे भी अजीब होते,
दूर हो जो करीब होते,
दर्द आंसू जफा सुनामी,
आशिकों के नसीब होते। राजेन्द्र रैना गुमनाम 
आये शुभ नवरात्रे माता तेरा ही ध्यान लगाऊ मां
श्रदा भक्ति प्रेम से शेरोवाली तेरा ही गुण गाऊ मां,
नवम रूप तेरे जगदम्ब भवानी नौ तेरे नवरात्रे मां,
इतनी मुझ पे मेहर माँ करदे दर्शन दे तू  आके माँ।
प्रथम शैल पुत्री मेरी माता इतनी किरपा कीजिये
ध्यान रहे तेरे चरणों में मां भक्ति का वर दीजिये।
मेरी मां मेरी माँ मेरी माँ  ………………… 
तू ही माँ कल्याण करे,बुद्दिमान गुणवान करे,
मैया उसकी झोली भरती जो माँ का गुणगान करे,
शारदा सुमन मैं ले के आया माँ स्वीकार कर लीजिये।
मेरी मां मेरी माँ मेरी माँ  …………………
तुझ बिन कोई सहारा नही माँ कोई भी हमारा नही माँ,
माँ बिन दुखिया बच्चों का होने वाला गुजारा नही माँ ,
रैना"माँ कुछ और न मांगे मेरे सर पे हाथ धर दीजिये।
मां मेरी माँ मेरी माँ  ………………… राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी। …. जय जय माँ शुभ नवरात्रे
दोस्तों देखना

खुद पे इतना इतराया न करो,
झटक जुल्फे लहराया न करो।
दिल जख्मी हम तो मरने वाले,
देख हमको मुस्कराया न करो। 
राज अक्सर दो में कायम रहता,
तीसरे को कुछ बताया न करो।
चाइनीज फ़ूड सिर्फ मोटापा है,
पीजा बर्गर रोज खाया न करो।
हुस्न की खुशबू कम नही होती,
बेजा इतर तुम लगाया न करो।
गर चाह है तो दिन में मिल लो,
सपनों में आकर सताया न करो।
गुमनाम मुसाफिर को भटकने दो,
आवाज पीछे से लगाया न करो। राजेन्द्र रैना गुमनाम

tujhe bhul jane

दोस्तों के लिए

तुझको भूल जाने का बहाना न मिला,
टूटा दिल बहलाने का बहाना न मिला।
रोम रोम मेरा हरपल रागे दरद गाये है,
दुःख हंसने हंसाने का बहाना न मिला।
हाल पे मेरे अपने हंसते है ताली मार के,
कुछ कर के दिखाने का बहाना न मिला।
देखो मेरी मस्ती मैं सोया लम्बी ताने के,
खुद को ही जगाने का बहाना न मिला।
आशिक वो मेरा मैं जान अनजान बना,
"रैना"उससे दिल लगाने का बहाना न मिला। राजेन्द्र रैना गुमनाम   

Thursday, October 3, 2013




बात तेरी मेरी सरेआम न कर,
तू मुझे इस कद्र बदनाम न कर,
बेरुखी तेरी"रैना हंस के सह लेगा,
मेरी मौत का तू इंतजाम न कर। "रैना"गुमनाम 

ये भी क्या अदा है,
किसी का दम निकल जाये।रैना   

Wednesday, October 2, 2013

देखना क्या सही है 

किस्मत ही ऐसी बिगड़ जाते हैं लोग,
अपना बन के दुश्मनी निभाते हैं लोग।
ऐसा लगता सब कुछ कह डाला मगर,
दिल की बातें तो अक्सर छुपाते हैं लोग।
दोस्त का घर लुटता फिर भी रंज नही,
दूर खड़े खूब अंदाज से मुस्कराते हैं लोग। 
कम रह गये किसी का मातम मनाने वाले,
यार मतलबी जनाजे में भी न जाते हैं लोग। 
झूठ बोलने में माहिर अब मेरी बस्ती वाले, 
सच लगते कुछ ऐसे बहाने बनाते है लोग। 
गुमनाम मुसाफिर आते ऐसे ही चले जाते है,
रैना"कुछ अपनी निशानी छोड़ जाते है लोग।राजेन्द्र रैना गुमनाम  

जो मैया तेरा सहारा मिल जाये,
फिर डूबते को किनारा मिल जाये,
कट जायेगे सारे रंजो गम,
हर हसीं वो नजारा मिल जाये।
जो मैया तेरा  …….
कोई संगी है न साथी है,
इक तेरा सहारा बाकी है,
अब लाज मेरी भी रख लेना ,
तूने दीनों की लाज तो राखी है,
जो मैया तेरा  …… राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी दोस्तों  …. जय जय मां 

teri haan

तेरी हां का इंतजार है,
तेरी ना भी स्वीकार है,
तेरी ख़ुशी मेरी ख़ुशी है,
क्योकि तू मेरा प्यार है। राजेन्द्र रैना गुमनाम 
रैना के तीर 

मम्मी खुश पप्पू ने कुछ बोला,
उल्टा सीधा कुछ मुहु तो खोला। 
चम्मचों ने अपना फर्ज निभाया,
पप्पू की बात को सही ठहराया। 
लोगों को अब समझ में है आया,
मम्मी ने पप्पू को ऐसे चमकाया।
वैसे जनता की समझ में ये आया है,
बेचारा पप्पू बोला नही बुलवाया है। 
अपने जन्म दिन पे गांधी रो गये है,
कहते मेरे चेले चम्मचे हो गये है। 
सिर्फ कुर्सी की ताक में ही रहते है,
गलत को गलत बिलकुल न कहते है। 
गांधी जी कहते अब मुझे विश्वास है,
हमारी पार्टी का होने वाला नाश है। 
कर्णधारों को कुर्सी के सिवा काम न दूजा है,
अब पार्टी की नही व्यक्ति विशेष की पूजा है। राजेन्द्र रैना"
  

Tuesday, October 1, 2013

मेरी मां के रूप हैं नौ,
नौ रूपों से बने कई सौ,
हर रूप में माँ मेरी बसती है,
ये तो दुनिया चलाने वाली हस्ती है।
मेरी माँ के रूप  ……
शैल पुत्री ब्रहमचारनी,
चन्द्र घंटा माँ भवतारनी,
कुष्मांडा माँ स्कन्द माता,
कत्यानी माँ विख्याता,
कालरात्रि भद्रकाली,
महागौरी सुख करने वाली,
सिद्द्दात्री भक्त प्यारी,
पूजा तेरी करे नारी,
कही पताल में डेरा जमाया,
कही पहाड़ों पे बैठी हंसती है।
ये तो दुनिया चलाने  …राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी    जय जय माँ         
देखो चारा खाई ललुआ हमार,
पशुधन
सोनिया के मस्का खूब लगाई,
रामा सब कछु ही गेइल बेकार 

tu us had se

तू हद से गुजर जा,
मेरे दिल में उतर जा।
वो दोस्त तो सुधरे गे,
पहले तू खुद सुधर जा।

दीवाने हरगिज नही होते रेल से कूद कर मरने वाले,
दीवानें वो रैना"जो मतरी भूमि के लिए कुर्बान होते। राजेन्द्र रैना गुमनाम 

Monday, September 30, 2013

mujhe rang bdlna

हमें रंग बदलना नही आता इसलिए पीछे रह गये हैं,
हवा के संग चलना नही आता इसलिए पीछे रह गये हैं। राजेन्द्र रैना गुमनाम 
धरती ओ आसमान है,
मां ही मेरा भगवान है। 
मैं अनपढ़ हूँ अज्ञानी,
इतना ही मुझे ज्ञान है। 
मां ही मेरा  …… 
दिखलाया उजाला मुझको,
प्रेम प्यार से पाला मुझको,
खिलाया निवाला मुझको, 
गिरने से सम्भाला मुझको,
कदम कदम पे रखा ध्यान है। 
मां ही मेरा  ……
भोली सी प्यारी सूरत है, 
मेरी मां देवी की मूरत है,
साथ मेरे मेरी बीवी बच्चे,
पर मां ही मेरी जरूरत है,
मां की बदौलत बनी पहचान है। 
मां ही मेरा  ……राजेन्द्र रैना गुमनाम"
सुप्रभात जी   …… जय जय मां  

रैना के तीर

जुबानी जंग शुरू हो गई हवाई किले बनाने लगे हैं,
वोट के ठेकेदार जनता को फिर से बहकाने लगे हैं।
जो चट कर गये देश का मान सम्मान इज्जत आबरू,
देखो अब तो वो भी खुद को पाक साफ बताने लगे हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमन्त्री की हालत बिगाड़ के रख दी,
फिर भी चिपू चम्मचे राहुल गांधी को चमकाने लगे हैं।
राजनीती का खेल देखिये सोनिया भक्त लालू जेल में,
क्योकि अब कांग्रेसी नितीश के साथ नैना लड़ाने लगे हैं।
राजनीती में कोई स्थाई दोस्त दुश्मन होता ही नही है,
अडवानी को अब मोदी कुछ कुछ पसंद आने लगे हैं।  राजेन्द्र रैना 
प्यार से पढ़ना दोस्तों

मेरे जैसे तुम तड़फ़ोगे,
बादल से छम छम बरसोगे,
तरसे मोरे नैना प्यासे,
तुम भी मिलने को तरसोगे। राजेन्द्र रैना"

मेरे दिल से गर खेलो गे,
फिर तो दुःख तुम भी झेलो गे,
 मेरे खातिर बंद दरवाजे,
"रैना"फिर तुम क्या ले लो गे। राजेन्द्र 'रैना"
  

Sunday, September 29, 2013

युवा दोस्तों की फरमाइश पर

मत पूछ तुझसे बिछुड़ के हम क्या करते है,
शिकवा न कोई भी गिला खुद से लड़ते है।
साथ तेरे ख़ुश थे हम अब मर मर के जीते है,
तब आखों की पीते थे अब बोतल की पीते है। राजेन्द्र रैना गुमनाम

मां एक ऐसा पेड़ है,
जो अपने बच्चों में ???
ताउम्र फल और छाया बांटता है,
चाहे  बच्चा कांटता छांट्ता है।    
आंधी तूफान को हंस के सहता,
चुप ही रहता कुछ न कहता,
अपने फर्ज में निरंतर लगा रहता।
मां के त्याग तपस्या पर ग्रन्थ लिखा जा सकता है,
अपना फर्ज कैसे अदा करते मां से सीखा जा सकता है। राजेन्द्र रैना गुमनाम" 
सुप्रभात जी दोस्तों  ……. जय जय मां। 

hansna aata hai

दोस्तों के नाम प्यार भरा पैगाम

हंसना आता है रोने के बाद ही,
हासिल होता कुछ खोने के बाद ही।
ऐसी आदत फितरत कोई क्या कहे,
जागे हम इन्सां सोने के बाद ही।
यादों की मेहरबानी गम में तड़फते, 
गम कम हो आँखें धोने के बाद ही।
सरकारी बाबू तो कहते शान से,
हम तो जागें कुछ होने के बाद ही।  
काली लम्बी "रैना" तन्हा काट ले,
पीया तो मिलना गौने के बाद ही।राजेन्द्र रैना गुमनाम"

Saturday, September 28, 2013

ab andhe hai najar


शहीदे आजम भगत सिंह के शान में 

भगत सिंह चैन से तू कब सो रहा होगा,
देश की हालत देख फूट फूट रो रहा होगा। 
तू देखता हर कोई खुद को ही करता तृप्त है,
देश का मसीहा ही अब भ्रष्टाचार में लिप्त है। 
देश भक्ति का तो बेवजह मचा हुआ शोर है,
अब यहाँ हर किसी की कुर्सी तक ही दौड़ है। 
अफ़सोस देश का हर तीसरा मसीहा दागी है,
अब काले अंग्रेजों के हाथ में देश की चाबी है।
भगत सिंह जी साथियों सहित लौट के आओ,
भारत माँ को काले अंग्रेजों से मुक्त करवाओ।राजेन्द्र रैना गुमनाम" 

Friday, September 27, 2013

सुबह का गीत अभी सुबह नही मिलेगे 

दीवारे गिरा दो,ये पहरे हटा दो,
अब दूरी न होगी,ये दूरी मिटा दो। 

दीप जलाओ,अंधकार मिटाओ,  
बिछुड़ हुए सब को मिला दो। 
यही है इबादत ……. 
ये बंधन मिटा दो,ये पिंजरे उठा दो,
कैद पंछियों को खुले में उड़ा दो। 
यही है इबादत ---------
ढोंग ये छोडो,दिल दिल से जोड़ो,
मन अपने को मंदिर बना दो। 
यही है इबादत-------
रोते को हंसयो,गिरते को उठाओ,
प्रेम मोहब्बत की गंगा बहा दो। 
यही है इबादत--------
रैना"करता देरी,गिर जाये गी ढेरी,
मन उसके चरणों में लगा दो। 
यही है इबादत …      राजेन्द्र रैना"
सुप्रभात जी   जय जय मां 

rahul baba hai bda bhola

राहुल बाबा है बड़ा भोला,
दूसरे कहते तो छोड़े गोला।गुमनाम 




काश कोई बहाना बन जाये, 
प्यार का इक फसाना बन जाये,
देखते रात दिन हम इक सपना,
जिन्दगी इक तराना बन जाये।  
इक तेरे मुस्कराने से यारा,
खूब मौसम सुहाना बन जाये।
इक यही तो तमन्ना है अपनी,
दिल नजर का निशाना बन जाये।
अर्ज सुन ले कर्म कर दे मौला, 
रहम कर दे ठिकाना बन जाये।
समझ बख्शे वही मेहर करता,   
रैन" कैसे सयाना बन जाये।  राजेन्द्र रैना"गुमनाम" 

Thursday, September 26, 2013

tute dil se friyad

टूटे दिल से फरियाद करके,
हम रोते तुझको याद करके।
दर्दो गम पीड़ा बहुत होती,
उसने लूटा आबाद करके।
शिकवा माली से ये हमें है,
गुलशन छोड़ा बरबाद करके।
यूँ गम से मरते लोग अब तो,
"रैना"रखना दिलशाद करके। "राजेन्द्र रैना"
इक ग़ज़ल 

प्यार से मांगी दुआ जैसे,
यार तो होते खुदा जैसे,
यार के अन्दाज कुछ ऐसे,  
मस्त बहकी सी फिजा जैसे.
बेवफा भी कुछ निकलते है,
यार वो है बददुआ जैसे.
रैन को शिकवा न कोई भी,
यार अपने तो दवा जैसे.............राजेन्द्र "रैना"गुमनाम 
सुप्रभात जी। …। जय जय मां