दोस्तों कई रंग लेती रचना आप की महफ़िल में
आज के इन्सान का किरदार देखिये,
मतलब हुआ फितरत में शुमार देखिये।
बेटे का कर्म मां नौकरानी बाप चौकीदार,
क्या खूब फर्ज निभाते बरखुरदार देखिये।
कहने को ही हसीन चेहरे हैं चमकते,
यूं हर कोई दुःखी दिल का बीमार देखिये।
गर वफ़ा के बारे में कोई दलील दी जाये,
तो कुत्ता है इन्सान से होशियार देखिये।
चाय बेचने वाले को भीअजमा लिया जाये,
देश में बन जाये मोदी की सरकार देखिये।
रैना"सीमा पर चीन पाकिस्तान तंग कर रहा,
देश वासी चाहते इस बार हो आर पार देखिये। रैना"
उनका रूठ जाना
बना मौत का बहाना,
वो महफ़िल में बैठे जश्न मना रहे है,
हम चार कंधों पे सवार हो के जा रहे है। रैना"
बंजर जमीन पर टपक रहे गर्म पानी के कतरे,
इस हाल में गुलशन आबाद करने की सोचे कैसे। रैना"
मस्त हो गए मतदाता वोट डाल कर,
बुरा हाल उनका जिनकी किस्मत मशीन में बंद है।
ऐसे ही न कोई बात चलती है,
धुआ उठता जब आग जलती है,
जवानी में इंसान गल्ती करता,
पछताता बहुत जब उम्र ढलती है। रैना"
उन नासमझों को भला क्या कहेगे,
जो जान छिड़क देते तस्वीर देख कर। रैना"
वैसे मुझे तो जानता नही कोई,
सारे शहर में चर्चे हैं तेरे नाम के।रैना"